For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ajay Tiwari
Share

Ajay Tiwari's Friends

  • Prakash P
  • Mahendra Kumar
  • Naveen Mani Tripathi
  • Samar kabeer
  • दिनेश कुमार
  • Nilesh Shevgaonkar
  • नादिर ख़ान
  • rajesh kumari
  • Ram Awadh VIshwakarma
 

Ajay Tiwari's Page

Latest Activity

Ajay Tiwari commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post अतुकान्त कविता : अजन्मी कविता
"आदरणीय गणेश जी, व्यवस्था किस तरह से मध्यमवर्ग को भी उत्पीड़ित करती है इसे आपकी कविता संवेदनशील तरीके से पेश करती है. हार्दिक बधाई. "
Apr 14
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post लघुकथा-बेटी बचाओ
"आदरणीय निलेश जी, इस विधा में मेरी बहुत दखल नहीं है इस लिए मैं विधागत बारीकियों में जाऊंगा भी नहीं. लेकिन बात को साहसपूर्ण और प्रभावी ढंग से कहने के लिए हार्दिक बधाई. "
Apr 14
Ajay Tiwari commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- चल दिया लेकर तगारी -बसंत
"आदरणीय बसंत जी, एक और अच्छे नवगीत के लिए हार्दिक बधाई."
Apr 14
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post एक ग़ज़ल -कठुआ की आसिफ़ा में नाम
"आदरणीय निलेश जी, जो कुछ हुआ है उसके लिए 'जघन्य' शब्द भी अपर्याप्त लगता है. आपकी इस ग़ज़ल ने उस हर आदमी की भावनाओं को स्वर दिया है जिस में थोड़ी भी संवेदनशीलता बाकी होगी. सबकी भावनाओं को स्वर देने के लिए हार्दिक आभार.  सादर"
Apr 14
Ajay Tiwari commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(डर लग रहा है तेवरे दिलदार देख कर )
"आदरणीय तस्दीक अहमद साहब, खूबसूरत अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई."
Apr 14
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- ख़ुद को क़िस्सा-गो समझे है हर क़िरदार कहानी में
"आदरणीय निलेश जी, हर शेर खूबसूरत है. एक और बहुत उम्दा ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई"
Apr 9
Ajay Tiwari commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...परेशां रहा हूँ मैं अहल-ए-सितम से-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय बृजेश जी अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई."
Apr 9
Ajay Tiwari commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- तृष्णाओं के भँवर में फँसा बद-हवास था // दिनेश कुमार
"आदरणीय दिनेश जी, तूफ़ाँ में रात जिसका सफ़ीना बचा नहींकहते हैं नाख़ुदा वो समन्दर-शनास था       बहुत खूब ! उम्दा ग़ज़ल हुई..हार्दिक बधाई."
Apr 9
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -पार करने हैं समुन्दर ये दिलो-जाँ वाले
"आदरणीय निलेश जी, उम्दा अशआर हुए है. हार्दिक बधाई."
Apr 9
Ajay Tiwari commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"आदरणीय समर साहब,  उम्दा ग़ज़ल हुई है.हार्दिक बधाई."
Apr 9
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's blog post ओ बी की आठवीं वर्षगाँठ पर कुछ दोहे - लक्ष्मण रामानुज
"आदरणीय लक्ष्मण जी, बहुत अच्छे प्रासंगिक दोहों हुए हैं. हार्दिक बधाई."
Apr 4
Ajay Tiwari commented on Samar kabeer's blog post 'ओबीओ की आठवीं सालगिरह का तुहफ़ा'
"आदरणीय समर साहब,  यह ग़ज़ल भी ओबोओ के प्रति आप के असाधारण समर्पण का आईना है जिसके हम सब प्रशंसक है. इस समर्पण की उम्र अभी कम से कम सौ वर्ष और लम्बी हो. हार्दिक बधाई."
Apr 4
Ajay Tiwari commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post कब पटाखे फूट जाएँ
"आदरणीय वसंत जी, इस बेहतरीन नवगीत के लिए हार्दिक बधाई ."
Apr 4
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- हाँ! सराब का धोखा तिश्नगी में होता है,
"आदरणीय निलेश जी,  बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है. हर शेर खूबसूरत है. पुछल्ले भी बहुत खूब है. हार्दिक बधाई."
Apr 4
Ajay Tiwari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"शुभास्ते सन्तु पन्थानः"
Apr 2
Ajay Tiwari commented on Sushil Sarna's blog post पानी-पानी ...
"आदरणीय सुशील जी,  इस प्रभावशाली काव्य-प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई. इसका सघन नियंत्रित शिल्प बहुत अच्छा लगा. सादर "
Apr 1

Profile Information

Gender
Male
City State
U P
Native Place
Ballia
Profession
IT

Ajay Tiwari's Blog

ग़ज़ल - सब में आग थी, लोहा भी था, नेक बहुत थे सारे हम - अजय तिवारी

फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ा

 22      22      22       22     22      22      22      2

सब में आग थी, लोहा भी था, नेक बहुत थे सारे हम

लेकिन  तन्हा-तन्हा लड़ कर,  तन्हा-तन्हा  हारे हम

 

ज़र्रा-ज़र्रा  बिखरे  है  हम,  चारो ओर खलाओं में

लेकिन जिस दिन होंगे इकठ्ठा, बन जायेंगे सितारे हम

 

कितने दिन वो मूँग दलेंगे, कमजोरों की छाती पर

कितने दिन और चुप  बैठेंगे, बनके यूं बेचारे हम 

 

कबतक और ये…

Continue

Posted on March 26, 2018 at 11:49am — 22 Comments

केदारनाथ सिंह के लिए - अजय तिवारी

केदारनाथ सिंह के लिए

वैसे तो आजकल किसी को क्या फर्क पड़ता है -

एक कवि के न होने से !  

लेकिन जैसे ख़त्म हो गया है धरती का सारा नमक 

और अलोने हो गए हैं  

सारे शब्द...

मौलिक/अप्रकाशित

Posted on March 21, 2018 at 4:40pm — 16 Comments

ग़ज़ल - जरा-सा छुआ था हवाओं ने,  कि नदी की देह सिहर गयी - अजय तिवारी

मुतफाइलुन   मुतफाइलुन    मुतफाइलुन   मुतफाइलुन

11212         11212          11212         11212

जरा-सा छुआ था हवाओं ने,  कि नदी की देह सिहर गयी

तभी धूप सुब्ह की गुनगुनी,   उन्हीं सिहरनों पे उतर गयी

 

खिली सरसों फिर से कछार में, भरे रंग फिर से बहार में

घुली खुश्बू फिर से बयार में, कोई टीस फिर से उभर गयी   

 

उसी एक पल में ही जी लिए, उसी एक पल में ही मर गए

वही एक पल मेरी सांस में,  तेरी सांस जब थी ठहर गयी

 

जमी…

Continue

Posted on March 20, 2018 at 12:28pm — 9 Comments

ग़ज़ल - अक्सर खुद से खुद ही लड़ कर, खुद से खुद ही हारे हम - अजय तिवारी

फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ा

 22      22      22       22     22      22      22      2  

अक्सर खुद से खुद ही लड़ कर, खुद से खुद ही हारे हम

और किसी  से  शिकवा कैसा, अपने हाथ  के मारे हम

 

हम अपनी पर आ जाते तो, दुनिया बदल भी सकते थे

लेकिन थी कोई बात कि जिससे, बन के रहे बेचारे हम

तन्हाई ने कर डाला है,  जिस्म को अब  मिट्टी का ढेर 

साथ तेरे  चाहा था  मिल कर,  छूते  चाँद-सितारे …

Continue

Posted on December 27, 2017 at 2:12pm — 26 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:16pm on November 1, 2017, Prakash P said…
आदरणीय श्री अजय तिवारी जी सदर प्रणाम..माफ़ कीजियेगा ये मेरा
प्रथम प्रयास था अतः बहुत कमियां हैं मेरे लेखन में ..आपका सुझाव हृदय से स्वीकार करता हूँ .ग़ज़ल की कक्षा अावश्य मार्गदर्शक सिद्ध होगी मेरे लिए, धनयवाद !नहीं उपस्थित होने का कारण बैंक का थकाऊ कार्य है ..उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore posted a blog post

मरज़ जुदाई का (अतुकांत)

जुदाई है महरुमी-ए-मरज़ क्या, जुदाई कहे क्याहो ज़िन्दगी में खुशी का मौसम या मातम इन्तिहाकर देती है दिल…See More
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2121 2122 2122 212वह हमें भी हिज़्र का इक सिलसिला दे जाएगा ।आंसुओं के साथ थोड़ी सी जफ़ा दे .जाएगा…See More
1 hour ago
amod shrivastav (bindouri) commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post आज खुद को आज कहकर जानता है ..गजल
"आ महेंद्र सर हौसलाअफजाई का बहुत आभार .. सर मेरा मानना है कि है हूँ मैं ही से यूँ क्यूँ पे के कर ये…"
2 hours ago
vijay nikore commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post चाय पर चर्चा (लघुकथा)
"//काम ही मज़हब है इसके लिए //..... वाह, गज़ब.. ! इतना प्रभावशाली भाव ... आनन्द आ गया, भाई शेख़…"
3 hours ago
vijay nikore commented on मेघा राठी's blog post लघुकथा
"लघु कथा अच्छी लिखी है। हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिकाएं :
"कुछ ही शब्दों में आपने इतनी सच्चाई भर दी... वाह ! हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
vijay nikore commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"इस अच्छी गज़ल के लिए बधाई"
3 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post आपसी सहयोग - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
3 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post आपसी सहयोग - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय महेंद्र कुमार जी।"
3 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post आपसी सहयोग - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय बबिता गुप्ता जी।"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on TEJ VEER SINGH's blog post आपसी सहयोग - लघुकथा –
"आदरणीय तजवीर सिंह जी, आपसी सहयोग के महत्व का संदेश देती अच्छी लघुकथा । प्रस्तुति के लिए हार्दिक…"
3 hours ago
Neelam Upadhyaya commented on Sushil Sarna's blog post नमक सी जलन...
"आदरणीय सुशील सरना जी, अच्छी रचना । प्रस्तुति के लिए बधाई ।"
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service