For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Naveen Mani Tripathi
Share

Naveen Mani Tripathi's Friends

  • Ajay Tiwari
 

Naveen Mani Tripathi's Page

Latest Activity

Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी
"आ0 प्रतिभा पांडेय जी ग़ज़ल तक आने के लिए तहेदिल से बहुत बहुत शुक्रिया ।"
Thursday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी
"आ0 लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर साहब तहेदिल से बहुत बहुत शुक्रिया ।"
Thursday
Naveen Mani Tripathi commented on Pratibha Pandey's blog post वियोग
"आ0 प्रतिभा पांडेय जी बहुत सुंदर भावात्मक आवेग । हार्दिक बधाई आपको ।"
Thursday
Pratibha Pandey commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी
"प्रणाम त्रिपाठी जी शानदार ग़ज़ल के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ "
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी
"आ. भाई नवीन जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
Thursday
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी

221 2121 1221 212लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी. कभी ।लगती है राहे इश्क़ में तुहमत कभी कभी ।।आती है उसके दर से हिदायत कभी कभी ।होती खुदा की हम पे है रहमत कभी कभी ।।चहरे को देखना है तो नजरें बनाये रख ।होती है बेनक़ाब सियासत कभी कभी ।।यूँ ही नहीं हुआ है वो बेशर्म दोस्तों ।बिकती है अच्छे दाम पे गैरत कभी कभी ।।मुझ पर सितम से पहले ऐ क़ातिल तू सोच ले ।देती सजा ए मौत है कुदरत कभी कभी ।।इज़हारे इश्क़ मैं ही किये जा रहा हूँ यार ।कुछ तो उठाएं आप भी ज़हमत कभी कभी ।।आसां नहीं है मैक़दे को भूलना सनम ।देती सकून…See More
Wednesday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 समर साहब तहेदिल से आभार ।"
Aug 9
Naveen Mani Tripathi commented on Samar kabeer's blog post 'देखो हिंदौस्तान फूँकता है'
"वाह सर हर एक शेर बहुत कीमती लगा । बेहतरीन ग़ज़ल के लिए तहेदिल से बधाई ।"
Aug 9
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 30
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

212 212 212 212जब से ख़ामोश वो सिसकियां हो गईं ।दूरियां प्यार के दरमियाँ हो गईं ।।कत्ल कर दे न ये भीड़ ही आपका ।अब तो क़ातिल यहाँ बस्तियाँ हो गईं ।।आप ग़मगीन आये नज़र बारहा ।आपके घर में जब बेटियां हो गईं ।।कैसी तक़दीर है इस वतन की सनम । आलिमों से खफ़ा रोटियां हो गईं ।।फूल को चूसकर उड़ गईं शाख से ।कितनी चालाक ये तितलियां हो गईं ।।दर्दो गम पर मेरे मीडिया चुप रही ।उनकी अय्याशियां सुर्खियां हो गईं ।।हर जुबां हर कलम पर हैं ताले पड़े ।कितनी मग़रूर ये हस्तियां हो गईं ।।तब से लूटा गया देश को शान से ।जब से महंगी…See More
Jul 28
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"आ0 समर साहब महत्वपूर्ण इस्लाह हेतु हार्दिक आभार और नमन ।  क़ातिल हुई है भीड़ यहां मुद्दतों के बाद  यहाँ द इजाफ़त का अक्षर है  क़ातिल 22 हुई 11है2 भी2 ड़1 य1 हाँ2 मुद2 द्1 तों1 के 2 बा2   द इजाफ़त में है"
Jul 26
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-109
"221       1221     1221        122 दरिया में उतरिये न फ़क़त जुल्म के डर से । पानी न गुज़र जाए कहीं आपके सर से ।। जुमलों की हक़ीक़त को जरा उनसे पता कर । भटके मिले जो लोग शराफ़त की डगर से ।। कातिल…"
Jul 26
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ालिब की ज़मीन में ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'सारी बस्ती तबाह है तुझसे' इस मिसरे में तनाफ़ुर देखें,मिसरा यूँ कर लें तो ऐब निकल जायेगा:- 'सारी बस्ती तबाह की तूने' 'रुख से चिलमन…"
Jul 20
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"गज़ल का सबसे जानदार शेर नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में ।अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी ।।"
Jul 19
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"फूँक कर छाछ पी रहा है वो ।आदमी दूध का जला क्या है ।। चाँद दिखता नहीं है कुछ दिन से ।घर पे पहरा कोई लगा क्या है ।। गज़ब ख्याल"
Jul 19
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर साहब वेहतरीन इस्लाह हेतु हार्दिक आभार और नमन।"
Jul 16

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur , Uttar Pradesh
Native Place
Basti
Profession
Govt. Service
About me
I am a poet and trained astrologer. Write geet and ghazal.

Naveen Mani Tripathi's Blog

लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी

221 2121 1221 212

लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी. कभी ।

लगती है राहे इश्क़ में तुहमत कभी कभी ।।

आती है उसके दर से हिदायत कभी कभी ।

होती खुदा की हम पे है रहमत कभी कभी ।।

चहरे को देखना है तो नजरें बनाये रख ।

होती है बेनक़ाब सियासत कभी कभी ।।

यूँ ही नहीं हुआ है वो बेशर्म दोस्तों ।

बिकती है अच्छे दाम पे गैरत कभी कभी ।।

मुझ पर सितम से पहले ऐ क़ातिल तू सोच ले ।

देती सजा ए मौत है कुदरत कभी कभी…

Continue

Posted on August 14, 2019 at 6:42pm — 4 Comments

ग़ज़ल

212 212 212 212

जब से ख़ामोश वो सिसकियां हो गईं ।

दूरियां प्यार के दरमियाँ हो गईं ।।

कत्ल कर दे न ये भीड़ ही आपका ।

अब तो क़ातिल यहाँ बस्तियाँ हो गईं ।।

आप ग़मगीन आये नज़र बारहा ।

आपके घर में जब बेटियां हो गईं ।।

कैसी तक़दीर है इस वतन की सनम ।

आलिमों से खफ़ा रोटियां हो गईं ।।

फूल को चूसकर उड़ गईं शाख से ।

कितनी चालाक ये तितलियां हो गईं ।।

दर्दो गम पर…

Continue

Posted on July 28, 2019 at 12:17am — 2 Comments

ग़ज़ल

2122 1212 22

.

पूछिये मत कि हादसा क्या है ।

पूछिये दिल मेरा बचा क्या है।।

दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है।

तेरी उल्फ़त का फ़लसफ़ा क्या है

सारी बस्ती तबाह है तुझसे ।

हुस्न तेरी बता रजा क्या है ।।

आसरा तोड़ शान से लेकिन ।

तू बता दे कि फायदा क्या है ।।

रिन्द के होश उड़ गए कैसे ।

रुख से चिलमन तेरा हटा क्या है।।

बारहा पूछिये न दर्दो गम ।

हाले दिल आपसे छुपा क्या है ।।



फूँक कर…

Continue

Posted on July 16, 2019 at 12:00am — 2 Comments

ग़ज़ल

2122 2122 212

दुश्मनी हमसे  निकाली  जाएगी ।

बेसबब इज्ज़त उछाली जाएगी ।।

नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में ।

अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी ।।

लग रहा है अब रकीबों के लिए ।

आशिकी साँचे में ढाली जाएगी ।।

चाहतें   अब  क्या  सताएंगी   उसे ।

जब कोई ख़्वाहिश न पाली जाएगी ।।…

Continue

Posted on July 11, 2019 at 12:12am — 4 Comments

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:44am on May 8, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी साहब जी।

At 6:32am on August 5, 2018, Kishorekant said…

लाजवाब रचना केलिये आपको बहुत बहुत बधाइयाँ आदरणीय नविनमणी त्रिपाठी जी  ,

At 2:14am on May 8, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Pratibha Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"शहर की गलियों में आज जो मैंने देखा है | वर्षा जल से भरा हुआ गली का हर कोना है ||   यूँ तो…"
4 minutes ago
Pratibha Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आप सभी महान काव्य छंद रचनाकारों को प्रणाम | आप सभी की उत्तम रचना के बीच मेरी अबोध रचना को एक छोटा…"
5 minutes ago
Pratibha Pandey joined Admin's group
Thumbnail

चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
5 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहा छंद बारिश होगी जोर की, किसे रहा अनुमान । डूबीं सड़कें हर तरफ, और हुईं वीरान ।। बरसाती पहने हुआ,…"
51 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अरुण भाईजी आदरणीय अरुण प्रिय भाई । चौपाई में दिये बधाई॥ हर चौपाई है मनभावन। छंदोत्सव में आया…"
1 hour ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सत्यनारायण भाईजी चौपाई छंद की प्रशंसा और अनुमोदन के लिए हृदयतल से धन्यवाद आभार आपका।"
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"बदरा बरसे जोर से, यही रही थी चाह। जल थल अब है एक-सा, हर मुख है आह।। जल आगे कैसा धनी, कौन बताओ…"
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर हार्दिक आभार, नमन आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"गलियों में पानी का रेला, चलता दिखता देखो आज नहर बनी ये इतनी गहरी, नाव बनाएँ तज हर काज अरुण…"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय हो"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"शब्द चित्र ने अच्छे पाए। पढ़-पढ़ जिनको मन हर्षाए।। जय-जय अखिलेश कृष्ण भाई। ले लीजै अब खूब बधाई।।"
2 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post एक ग़ज़ल इस्लाह के लिए मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय प्रदीप देवी शरण भट्ट जी"
3 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service