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Naveen Mani Tripathi
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बसंत कुमार शर्मा commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"वाह  बहुत खूब , सुंदर "
yesterday
Naveen Mani Tripathi posted blog posts
yesterday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"आ0 मुहम्मद आरिफ साहब सादर आभार ।"
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Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"आ0 रवि शुक्ला सर सादर आभार ।"
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Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"आ0 कबीर सर सादर नमन ।"
yesterday
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,'क़तील शिफ़ाई'की ज़मीन में ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'याद आओगे बहुत नींद चुराने वाले' इस मिसरे में 'आओगे'बहुवचन'और रदीफ़''वाले'एक वचन…"
Tuesday
Mohammed Arif commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"आदरणीय नवीन मणित्रिपाठी जी आदाब, बेहतरीन ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Tuesday
Ravi Shukla commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले
"वाह वाह आदरणीय नवीन मणि जी बहुत ही बढि़या गजल कही है आपने  हर श्‍ोर उम्‍दा  दिली मुबारक बाद कुबूल करें सातवें शेर का सानी मिसरा खो गये लो मेरे नाज उठाने वाले होना चाहिये देख्‍ाियेगा । सादर"
Tuesday
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"आ0 समर कबीर सर सादर नमन और आभार"
Jul 21
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"आ0 गुरुप्रीत सिंह साहब सादर आभार"
Jul 21
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"आ0 गिरिराज भंडारी सर सादर आभार ।"
Jul 21
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"आ0 विजय निकोरे जी सादर आभार"
Jul 21
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"आ0 नीरज कुमार जी सादर आभार"
Jul 21
vijay nikore commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"अच्छी गज़ल के लिए बधाई।"
Jul 21
Niraj Kumar commented on Naveen Mani Tripathi's blog post हौसला फिर कोई बड़ा रखिये
"आदरणीय नवीन जी, सारी ग़ज़ल अच्छी है लेकिन मतला बहुत अच्छा लगा. दाद के साथ मुबारकबाद. दूसरा शेर ग़ज़ल में दो बार आ गया है देख लीजियेगा. सादर"
Jul 20
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 लक्ष्मण धामी साहब शुक्रिया ।"
Jul 20

Profile Information

Gender
Male
City State
Kanpur , Uttar Pradesh
Native Place
Basti
Profession
Govt. Service
About me
I am a poet and trained astrologer. Write geet and ghazal.

Naveen Mani Tripathi's Blog

मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले

2122 1122 1122 22

मेरी आबाद मुहब्बत को मिटाने वाले ।

तू सलामत रहे यूँ छोड़ के जाने वाले ।।



चन्द रातों की मुलाकात न् सोने देगी ।

याद आएंगे बहुत नींद चुराने वाले ।।



कितना बदला है जमाने का चलन देख जरा ।

तोड़ जाते हैं ये दिल ,प्यार निभाने वाले ।।



इस तरह रूठ के जाने की जरूरत क्या थीं।

यूँ किताबों में गुलाबों को छिपाने वाले ।।



खास अशआर लिखे थे जो कभी खत में तुझे ।

क्या मिला तुझ को मेरे ख़त को जलाने वाले ।।



आज निकले वो… Continue

Posted on July 25, 2017 at 2:30am — 7 Comments

हौसला फिर कोई बड़ा रखिये

2122 1212 22



हौसला फिर कोई बड़ा रखिये ।

खुद के होने की इत्तला रखिये ।।



जिंदगी में सुकूँ ज़रूरी है ।

आसमां सर पे मत उठा रखिये ।।



बन्द मत कीजिये दरीचों को ।

इन हवाओं का सिलसिला रखिये ।।



हार जाएं न कोशिशें मेरी ।

मेरे खातिर भी कुछ दुआ रखिये ।।



खो न जाऊं कहीं जमाने में ।

हाल क्या है जरा पता रखिये ।।



दुश्मनी खूब कीजिये लेकिन ।

दिल से जुड़ने का रास्ता रखिये ।।



गर जमाने के साथ है चलना ।मुज़रिमों से… Continue

Posted on July 18, 2017 at 10:11am — 12 Comments

ग़ज़ल

2122 1212 1122 22



है कोई तिश्नगी जरूर तेरी आँखों में |

मीठे एहसास का सरूर तेरी आँखों में ||



जब भी देखा गया ये अक्स किसी दर्पण में ।

बे अदब आ गया , गुरूर तेरी आँखों में ||



ख़ास मुश्किल के बाद ही तेरे दर तक पहुँचा ।

कुछ उमीदें दिखीं हैं दूर तेरी आँखों में ।।



मैं तो हाज़िर था तेरीे एक नज़र पर साकी ।

बेसबब क्यो हुआ फितूर तेरी आँखों में ।।



जाम छलके नहीं है आज तलकभी तुझसे ।

है बड़ा कीमती शऊूर तेरी आँखों में… Continue

Posted on July 16, 2017 at 6:30pm — 12 Comments

कोई हसरत उफ़ान तक आई

2122 1212 22



बात दिल की जुबान तक आई ।

कोई हसरत उफ़ान तक आई ।।



मैं नहीं बन्द कर रहा कोटा ।

यह बहस संविधान तक आई ।।



हौसले फिर जले सवर्णो के ।

रोशनी आसमान तक आई ।।



फायदा क्या मिला हुकूमत से ।

बस नसीहत लगान तक आयी ।।



मिटती हस्ती को देखता हूँ मैं ।

आंख जब भी रुझान तक आई ।।



यह नदी इंतकाम की खातिर ।

आज हद के निशान तक आई ।।



हक जो मांगा है,औरतों ने कभी ।

रोज चर्चा कुरान तक आई ।।



बूंद… Continue

Posted on July 15, 2017 at 2:26pm — 16 Comments

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