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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :
"आ. भाई सुशील जी , तीनों रचनाएं सुन्दर और सार्थक हैं। आज़ादी के बाद भी भूख , ग़रीबी नहीं मिटी है ।देेश के कर्णधार नितांंत स्वार्थी हो गये है ।इस सब को उजागर करती रचना केलिए हार्दिक बधाई।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on नादिर ख़ान's blog post झूम के देखो सावन आया ....
"आ. भाई नादिर जी, सुंदर गीत हुआ है । हार्दिक बधाई ।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बेहतरीन गजल के लिए ढेरों हार्दिक बधाई ..."
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post गजल- कब यहाँ पर प्यार की बातें हुईं
"आ. भाई बसंत जी, उम्दा गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Harihar Jha's blog post झूमता सावन
"आ. हरिहर जी, सुंदर रचना हुयी है । हार्दिक बधाई।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - रफ़्ता रफ़्ता अपनी मंज़िल से जुदा होते गए
"आ. भाई नीलेश जी, बेहतरीन गजल हुयी है , हार्दिक बधाई।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सावन की मस्ती और ऊल्लास को रेखांकित करती उत्तम ग़ज़ल हुयी है। हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
Aug 11
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आ. भाई आरिफ जी, सावन पर बेहतरीन रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 11
babita garg left a comment for लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"शुक्रिया लक्ष्मण जी"
Aug 8
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Kishorekant's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई किशोर जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Arpana Sharma's blog post " टूटन का पुष्पण" - कविता/ अर्पणा शर्मा, भोपाल
"आ. अपर्णा जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post प्राचीन गुरुकुल
"बेहतरीन रचना । हार्दिक बधाई , आदरणीया.."
Aug 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल _ घर की बर्बादी के हालात नज़र आते हैं |0
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on gumnaam pithoragarhi's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई गुमनाम जी, बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 1
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ. भाई शिज्जू जी, गजल की प्रशंसा के लिए आभार ।"
Jul 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ. भाई अफ्रोज जी, इस स्नेह के लिए आभार ।"
Jul 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ. भाई अजय जी, सादर आभार ।"
Jul 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ. भाई गुरप्रीत जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ. वन्दना जी, गजल की प्रशंसा कर उत्साहवर्धन के लिए आभार ।"
Jul 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ. भाई अमित जी, इस स्नेह के लिए आभार ।"
Jul 28

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

होती नहीं  है भोर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१ २१२१ २२२  १२१२



कहते  नहीं  हैं  आपसे  रस्ता  सुझाइये

राहों में  यूँ  न   देश  की  रोड़ा लगाइये।१।



आता है भेड़िया तो कुछ हरकत दिखाइये

कमजोर गर  ये  हाथ  हैं  हल्ला  मचाइये।२।



कहते हो दूसरों की  है  सूरत अगर मगर

खुद को भी रोशनी में ये दर्पण दिखाइये।३।



होती नहीं  है भोर इक सूरज उगे से ही

गर देखनी हो भोर तो खुद को जगाइये।४।



बातों को दिल की रोज  ही ऐ …

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Posted on July 7, 2018 at 12:00pm — 13 Comments

रहमत में हरम मागा- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१ १२२२ २२१ १२२२



जितना भी सनम माँगा यूँ हमने है कम माँगा

मरने की नहीं हिम्मत जीने का ही दम माँगा।१।



होते ही सवेरा  नित  साया  भी डराता है

घबरा के उजाले से यूँ रात का तम माँगा।२।



सुनते हैं सभी कहते कम अक्ल हमें लेकिन

खुशियों में अकेले थे इस बात से गम माँगा।३।



चौपाल से बढ़ शायद महफूज लगा हो कुछ

ऐसे  ही  नहीं  उसने  रहमत  में  हरम माँगा।४।



ऐसे ही  नहीं  शबनम  पड़  जाती है रातों को

धरती का रह इक कोना…

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Posted on July 5, 2018 at 6:30am — 16 Comments

कैसे अजब हैं लोग जो - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१ /२१२१ /२२२  /१२१२

खासों से बढ़ के  खास यूँ होते हैं आम भी

जिसने समझ लिया उसे मिलते हैं राम भी।१।



कैसे अजब हैं लोग जो कहते हैं यार ये

बदनामियों के साथ ही होता है नाम भी।२।



आती है जिसको भोर यूँ झट से अगर कहीं

ढलती है  उसकी  दोस्तो  ऐसे ही शाम भी।३।



अभिषेक हो रहा है अब सुनते शराब से

करने लगी हवस पतित देवों का धाम भी।४।



जब से गमों …

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Posted on July 3, 2018 at 7:35pm — 21 Comments

कैसे करता है ये निर्धन भी गुजारा देखो - तरही गजल ( लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

2122     1122      1122     22



तम की रातों में कहीं दूर उजाला देखो

डूबती नाव को तिनके का सहारा देखो।१।



दिन जो तपता हो तो रोओ न उसे तुम ऐसे

धूप कोमल सी हो जिसमें वो सवेरा देखो।२।



कहने वालों ने कहा है कि ये दुनिया घर है

हो मयस्सर तो कभी घूम के दुनिया देखो।३।



आप हाकिम हो रहो दूर तरफदारी से

न्याय के हक में न अपना न पराया देखो।४।



सिर्फ कुर्सी की सियासत में रहो मत डूबे

कैसे करता है ये…

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Posted on June 8, 2018 at 7:00pm — 18 Comments

Comment Wall (11 comments)

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At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

At 4:26pm on April 2, 2015, gumnaam pithoragarhi said…
लक्ष्मण धामी जी नमस्कार शुक्रिया आपने मुझे ये सम्मान दिया क्या मैं आपसे बात कर सकता हूँ यदि आप चाहें तो ................ मेरा नंबर ये है ,,,,,,,,,,7579 100213.........क्या आप अपना नंबर देंगे ?
At 10:37pm on February 17, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई लक्ष्मण धामीजी, यदि संभव हो तो 18 फरवरी को भी भेंट हो सकती है. मैं 18 फरवरी को भी प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में उपस्थित रहूँगा.
शुभ-शुभ

At 6:34am on July 9, 2014, gumnaam pithoragarhi said…
माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना
sir main pithoragarh se hoon achchha laga ki aap bhi dharchula se hain ............................... ek baar fir badhai ,,,,,,,,,
At 2:53pm on July 8, 2014, Sushil Sarna said…

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना 

At 2:27pm on July 8, 2014, Nilesh Shevgaonkar said…

बधाई 

At 2:21pm on July 8, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन
 
 
 

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