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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Pratibha Pandey's blog post चाँद सितारे
"आ. प्रतिभा बहन उत्तम रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post बरक़त - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, बेहतरीन कथा हुई है । हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post ज़मी ये हमारी वतन ये हमारा  - सलीम 'रज़ा' रीवा
"आ. भाई सलीम जी, सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नया भारत
"आ. भाई प्रदीप देवीशरण जी, सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेती है इम्तिहान ये उल्फ़त कभी कभी
"आ. भाई नवीन जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

भला करे कश्मीर का, संशोधित सम्विधान - दोहे ( लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर')

दोहे***वो तो बढ़चढ़ बाँटते, नफरत जिसका नामजन्नत में  सद्भावना, शेष  वतन  का  काम।१।****वैसे तो हम सब रहे, विविध रंग के फूलकिन्तु सूख अब हो गये, जैसे तीखे शूल।२।****पड़े जंग आतंक की, निसदिन जिन पर मारउन्हें जिन्दगी फिर लगे, बोलो क्यों ना भार।३।****तन से तो अब देश में, बिलय हुआ कश्मीर मन से भी जब हो  बिलय, बदलेगी तस्वीर।४।****बिस्थापित थे जो हुये, समझो उनकी पीरजा पायें निज  ठाॅ॑व  वो, कश्मीरी कश्मीर।५।****यहाँ अमन के राह अब, बने न कोई शूलनयी चली  बयार  से, हटे  दिलों की धूल।६। ****वो करते  कश्मीर  की, आजादी  की बातनहीं चाहते जो मिटे, सघन तमस की रात।७।****नारा बन कर ना रहे, सबका साथ विकासजिसकी दसकों से करे, हर कश्मीरी आस।८।****केवल कुर्सी के  लिए, जो  नित रहे अधीरउन लोगों की चाह है, सुलगे फिर कश्मीर।९।****शांति,  चैन,  सद्भावना,  बढ़े  देश  से  प्यारकभी न झुलसे फिर यहाँ, केसर,सेब,चिनार।१०।****मन्दिर  की  घन्टी  कहे, बोले  यही  अजानभला करे कश्मीर का, संशोधित सम्विधान।११।****मौलिक/अप्रकाशितलक्ष्मण धामी "मुसाफिर"See More
Wednesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई विजय जी, दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए आभार।"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"आ. प्रतिभा बहन, प्रदत्त विषय पर सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । दोहों पर उपस्थिति से मान बढ़ाने और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक धन्यवाद। इंगित पंक्तियों में सुधार किया है विचार दें। /खुशियों का मौसम नहीं, पाता है हर एकये तो मिलता है उसे, करे कर्म जो नेक।२। /राजपथों के जाल में, फँस…"
Aug 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"आ. प्रतिभा बहन सादर आभार.."
Aug 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"आ. सुनंदा जी, दोहों की प्रशंसा के लिए आभार। चौथे दोहे की प्रथम पंक्ति को यूँ पढ़े राजपथों के जाल में, फँस विकास के पाँव"
Aug 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"आ. सुनंदा जी, प्रदत्त विषय को सार्थक करती अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"आ. कनक जी, प्रदत्त विषय पर सुंदर रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 10
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106
"खुशियों का मौसम ( दोहा छंद ) खुशियों का  मौसम  यहाँ, रहता  है दिन चार करती है फिर जिन्दगी, बस दुख का व्यापार।१। ** खुशियों का मौसम नहीं, पाता है हर एक इसको किस्मत साथ ही, रहें कर्म भी नेक।२। ** खुशियों का मौसम अगर, आ जाये निज द्वार…"
Aug 10
Dr. Vijai Shanker commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी , दोहे बहुत ही सटीक हैं , मोबाइल वाला भी , अब संबंधों का नहीं सिर्फ सूचना का युग है , आदमी आदमी को सूचना देता है , संवेदना- शून्य होकर। बधाई इस प्रस्तुति हेतु , सादर।"
Aug 9
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया से मन आस्वस्थ हुआ । दोहों का मान बढ़ाने के लिए आभार।"
Aug 9
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,गाँव का दर्द समेटे अच्छे दोहे लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 8
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post श्रमेव जयते
"आदरणीय ऊषा जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई।"
Aug 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post अभिव्यक्ति का संत्रास ...
"आ. भाई सुशील जी, अच्छी रचना हुई है हार्दिक बधाई।"
Aug 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ भाई विजय जी, सादर आभार।"
Aug 7

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

भला करे कश्मीर का, संशोधित सम्विधान - दोहे ( लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर')

दोहे

***

वो तो बढ़चढ़ बाँटते, नफरत जिसका नाम

जन्नत में  सद्भावना, शेष  वतन  का  काम।१।

****

वैसे तो हम सब रहे, विविध रंग के फूल

किन्तु सूख अब हो गये, जैसे तीखे शूल।२।

****

पड़े जंग आतंक की, निसदिन जिन पर मार

उन्हें जिन्दगी फिर लगे, बोलो क्यों ना भार।३।

****

तन से तो अब देश में, बिलय हुआ कश्मीर

मन से भी जब हो  बिलय, बदलेगी तस्वीर।४।

****

बिस्थापित थे जो हुये, समझो उनकी पीर

जा पायें निज  ठाॅ॑व  वो, कश्मीरी…

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Posted on August 12, 2019 at 6:55am

गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

गाँव के दोहे

संगत में जब से पड़ा, सभ्य नगर की गाँव

अपना घर वो त्याग कर, चला गैर के ठाँव।१।

***

मिलना जुलना बतकही, पनघट पर थी खूब

सब  अपनापन  मर  गया, मोबाइल  में  डूब।२।

***

बिछी सड़क कंक्रीट की, झुलसे जिसमें पाँव

पीपल कटकर गुम हुये, कौन करे फिर छाँव।३।

**

सेज माल  के  वास्ते, कटे  खेत  खलिहान

जिससे लोगों मिट गयी, गाँवों की पहचान।४।

**

सड़क योजना खा गयी, पगडंडी हर ओर

पहले सी होती  नहीं, अब  गाँवों  की…

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Posted on August 5, 2019 at 8:36am — 10 Comments

दोहे दो जून के - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

कभी किसी को ना करे, भूख यहाँ बेहाल

रोटी सब दो जून की, पाकर हों खुशहाल।१।



मुश्किल  से  दो जून की, रोटी  आती हाथ

खाने को यूँ आज तो, मिल बैठो सब साथ।२।



रोटी को दो जून की, अजब गजब से खेल

इसकी खातिर जग करे, दुश्मन से भी मेल।३।



रोटी को  दो  जून  की, क्या  ना  करते लोग

झूठ ठगी दैहिक व्यसन, सब इसके ही योग।४।



रोटी बिन दो जून की, बिलखाती है भूख

रोटी  पा  दो  जून  की, ढूँढें  लोग  रसूख।५।



सदा भाग्य ने है लिखा,…

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Posted on June 11, 2019 at 4:30pm — 6 Comments

दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

दोहे



तरुवर  देते  फूल फल, नदिया  देती  नीर

मानव मानव को मगर देता नित क्यों पीर।१।



ओछा मन हद तोड़ता, ओछी नदिया कूल

जैसे चन्दन  से  अधिक, माथे चढ़ती धूल।२।



जो बोता  है  पेड़  इक, बाँटे सबको छाँव

काटे जो वट रात दिन, जलते उसके पाँव।३।



अर्थी, पूजा, प्रीत को, मिले न आगन फूल

इस युग बोने सब लगे, कैक्टस कैर बबूल।४।



मरने पर जिसको रही, गंगाजल की चाह

उसने  गंगा  ओर  की, हर  नाले की राह।५।



जहाँ पसीना…

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Posted on May 18, 2019 at 6:03pm — 8 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 10:03pm on May 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आदाब
बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने के लिए!
At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

At 4:26pm on April 2, 2015, gumnaam pithoragarhi said…
लक्ष्मण धामी जी नमस्कार शुक्रिया आपने मुझे ये सम्मान दिया क्या मैं आपसे बात कर सकता हूँ यदि आप चाहें तो ................ मेरा नंबर ये है ,,,,,,,,,,7579 100213.........क्या आप अपना नंबर देंगे ?
At 10:37pm on February 17, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई लक्ष्मण धामीजी, यदि संभव हो तो 18 फरवरी को भी भेंट हो सकती है. मैं 18 फरवरी को भी प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में उपस्थित रहूँगा.
शुभ-शुभ

At 6:34am on July 9, 2014, gumnaam pithoragarhi said…
माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना
sir main pithoragarh se hoon achchha laga ki aap bhi dharchula se hain ............................... ek baar fir badhai ,,,,,,,,,
At 2:53pm on July 8, 2014, Sushil Sarna said…

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना 

At 2:27pm on July 8, 2014, Nilesh Shevgaonkar said…

बधाई 

 
 
 

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