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Tasdiq Ahmed Khan
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vijay nikore commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post गज़ल - अकेले ईद हम कैसे मनाएँ
"गज़ल अच्छी कही है। बधाई, तस्दीक अहमद भाई।"
Jun 15
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post गज़ल - अकेले ईद हम कैसे मनाएँ
"मुहत रम जनाब समर साहिब आ दाब, गज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
Jun 7
Samar kabeer commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post गज़ल - अकेले ईद हम कैसे मनाएँ
"जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,ईद के मौक़े पर अच्छी ग़ज़ल हुई है,मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'यही है ईद का पैग़ाम लोगों' इस मिसरे में 'लोगों' को "लोगो" कर लें ।  'हंसी तस्दीक लब पर कैसे लाएँ' इस मिसरे में…"
Jun 7
Tasdiq Ahmed Khan posted a blog post

गज़ल - अकेले ईद हम कैसे मनाएँ

गज़ल(ईद मनाएं)(मफाईलुन - मफाईलुन - फ ऊलन)न घर आएं न वो हम को बुलाएं अकेले ईद हम कैसे मनाएंयही है ईद का पैग़ाम लोगों दिलों को आज हम दिल से मिलाएँमुबारक बाद मैं दूँ उनको कैसे कभी वो सामने मेरे न आएंमनाई साथ ही थी हम ने होली सिवइयां साथ ही हम आज खाएँगिले शिकवे भुला दें आज के दिन गले मिल कर मुहब्बत को बढ़ाएंवतन से ख़त्म हो फिरका परस्ती ख़ुदा से आज ये माँगें दुआएँफिराके यार उस पर ईद का दिन हंसी तस्दीक लब पर कैसे लाएँ(मौलिक व अप्रकाशितSee More
Jun 6
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा बबीता साहिबा, लघुकथा पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l आपकी हिन्दी टाइप लगता है सही नहीं  मेरा नाम तस्दीक अहमद खान है l"
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा राजेश कुमारी साहिबा, लघुकथा पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया"
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा अर्चना साहिबा, लघुकथा पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा नीता साहिबा, सुंदर लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा कनक साहिबा, अच्छी लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा राजेश कुमारी साहिबा, शानदार लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा भूपेंद्र कौर साहिबा, सुंदर लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"जनाब शहजाद उस्मानी साहिब आ दाब, ज़बरदस्त और सुंदर लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा कल्पना साहिबा, सुंदर लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"जनाब मनन कुमार साहिब, सुन्दर लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"जनाब मोहन बेगोवाल साहिब, अच्छी लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"मुहतरमा अर्चना साहिबा, उम्दा लघुकथा हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "
May 31

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Male
City State
Ajmer
Native Place
qannauj
Profession
Govt. servant
About me
i have interest in writing urdu/hindi gazal &geet etc.

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गज़ल - अकेले ईद हम कैसे मनाएँ

गज़ल(ईद मनाएं)

(मफाईलुन - मफाईलुन - फ ऊलन)

न घर आएं न वो हम को बुलाएं

अकेले ईद हम कैसे मनाएं

यही है ईद का पैग़ाम लोगों

दिलों को आज हम दिल से मिलाएँ

मुबारक बाद मैं दूँ उनको कैसे

कभी वो सामने मेरे न आएं

मनाई साथ ही थी हम ने होली

सिवइयां साथ ही हम आज खाएँ

गिले शिकवे भुला दें आज के दिन

गले मिल कर मुहब्बत को बढ़ाएं

वतन से ख़त्म हो फिरका परस्ती

ख़ुदा से आज ये…

Continue

Posted on June 5, 2019 at 9:00pm — 3 Comments

ग़ज़ल _किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा

ग़ज़ल

( मफाइलुन_फ इ लातुन_मफाइलुन_फेलुन) 

किसी से प्यार किसी से क़रार ख़ैर ख़ुदा

करे वो तीर से दो दो शिकार ख़ैर ख़ुदा

अलम छुपाने की कोशिश तो हँस के की लेकिन

निगाहे नम ने किया आश कार ख़ैर ख़ुदा

नज़र पे पहरा है दीवाना फ़िर भी कूचे में

सनम को अपने रहा है पुकार ख़ैर ख़ुदा

तवक्को उनसे है फैसल की, कर रहे हैं जो

फरेबियों में हमारा शुमार ख़ैर ख़ुदा

लगा ये देख के उनको उदास महफ़िल में

खिज़ा के साथ…

Continue

Posted on May 18, 2019 at 12:34pm — 4 Comments

ग़ज़ल _वो कुछ न इसके सिवा करेंगे

ग़ज़ल _(वो कुछ न इसके सिवा करेंगे)

(मफा इला तुन _मफा इला तुन)

वो कुछ न इसके सिवा करेंगे l

बना के अपना दगा करेंगे l

किसी से हो जाए उनको उलफत

यही ख़ुदा से दुआ करेंगे l

सितम जफ़ा जिनकी ख़ास फितरत

वो कह रहे हैं वफ़ा करेंगे l

कभी हमें आज़मा के देखो

ये दिल है क्या जाँ फिदा करेंगे l

नज़र पे पहरे अगर लगे तो

खयाल में हम मिला करेंगे l

लगा के इलज़ामे बे…

Continue

Posted on April 30, 2019 at 1:14pm — 6 Comments

ग़ज़ल _(रहबरी उनकी मुझको हासिल है)

(फाइ ला तुन _मफा इलुन _फ़ेलुन)

रहबरी उनकी मुझको हासिल है l

अब भला किसको फिकरे मंज़िल है l

दे सफ़ाई न क़त्ल पर वर्ना

लोग समझेंगे तू ही क़ातिल है l

उस हसीं से गिला है सिर्फ यही

वो वफ़ाओं से मेरी गाफिल है l

दोस्तों से वो राय लेते हैं

सिर्फ़ उलफत में ये ही मुश्किल है l

ढूँढ कर लाए तो कोई ऎसा

मेरा महबूब माहे कामिल है l

जो बचाता है बदनज़र से उन्हें

उनके रुखसार का ही वो तिल है…

Continue

Posted on April 15, 2019 at 12:00pm — 11 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 5:33pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब आदाब
मैं बहुत आभारी हूँ कि आपने मेरी ग़ज़ल पढ़ी शुक्रिया
मुझमें अभी बहुत कमी है मैं जानता हूँ लेकिन आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख पाउँगा ऐसी आशा करता हूँ आपका बहुत बहुत आभार और शुक्रिया
At 9:21pm on September 3, 2017, SALIM RAZA REWA said…
जनाब तस्दीक साहब अपना मोबाइल नंबर देने की मेहरबानी करें
At 3:51pm on February 17, 2016, Sushil Sarna said…

आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी,माह के सक्रिय सदस्य के रूप में ओ बी ओ द्वारा चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाई। 

At 11:43pm on February 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तस्दीक अहमद खान जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:11pm on October 22, 2015, Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' said…
आपका इस बज्म में तहेदिल से इस्तक़बाल है......|
At 6:28pm on October 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।
 
 
 

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