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Samar kabeer
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Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तितली-पुष्प प्रेम :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बात चीत के अंदाज़ में अच्छे दोहे रचे,बधाई स्वीकार करें । 'हाली सी मुस्कान ले, यूँ बोला फिर पुष्प- ..................सच्चे हो दिल में अगर, प्रीत भरे जज्बात' दोहे के दोनों पदों में तुकांतता होती है,जो इसमें नज़र नहीं…"
Monday
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post अप टू डेट लोग(लघुकथा)
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कठिन बस वासना से पार पाना है-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post दो मुक्तक (मात्रा आधारित )......
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,मात्रा भार क्या लिया है ये भी लिखें,ताकि कुछ कहने में आसानी हो ।"
Monday
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post एक पागल की आत्म गाथा
"जनाब फूल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नक़्श-ए-पा
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on Usha's blog post ऐसी सादगी भरी शोहरत को सलाम। (अतुकांत कविता)
"मुहतरमा ऊषा जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on Manju Saxena's blog post मेरा चेहरा मेरे जज़्बात का आईना है
"मुहतरमा मंजू सक्सेना जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'दिल मे लिक्खे ये सफ़ाहात का आईना है' ये मिसरा बह्र में नहीं है,'सफ़ाहात' ग़लत   शब्द है,सहीह शब्द है "सफ़हात"221 देखियेगा…"
Monday
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सदमे में है बेटियाँ चुप बैठे हैं बाप - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,अच्छे दोहे लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें । 'आदम युग से आज तक, नर बदला क्या खासबुझी  वासना  की  नहीं, जीवन  पीकर  प्यास' आपकी जानकारी के लिए बताना चाहूँगा कि इस दोहे में…"
Monday
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'हर इक सू से सदा ए सिसकियाँ अच्छी नहीं लगतीं ।सुना है इस वतन को बेटियां अच्छी नहीं लगतीं' मतले का भाव स्पष्ट नहीं,और ऊला मिसरे में 'सिसकियाँ' हिन्दी भाषा…"
Monday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएँ : ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिकाएँ लिखीं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post प्रकृति मेरी मित्र
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday
Samar kabeer commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post आक्रोश
"जनाब डॉ. छोटेलाल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें । कृपया रचना के साथ उसकी विधा भी लिखा करें ।"
Sunday
Samar kabeer commented on Usha's blog post ज़िन्दगी - एक मंच । (अतुकांत कविता)
"मुहतरमा ऊषा जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें । 'हर राह, एक नया तज़ुर्बा' इस पंक्ति में 'तज़ुर्बा' शब्द ग़लत है, सहीह शब्द है "तज्रिब:" 'खुद भी मसर्रत हासिल रहे' इस पंक्ति में वाक्य ठीक नहीं,यूँ…"
Sunday
Samar kabeer commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- तू ये कर और वो कर बोलता है.
"जनाब निलेश 'नूर' साहिब आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'जुबां दिल की; मेरे दिल से गुज़रकर' इस मिसरे में 'जुबां' को "ज़बाँ" कर लें । 'मेरे शानों धरा सर बोलता है' इस मिसरे में वाक्य…"
Sunday
Samar kabeer commented on Swastik Sawhney's blog post अब न मिलेगी शह तुझे। (अतुकांत कविता)
"जनाब स्वस्तिक जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday

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Samar kabeer's Blog

'देखो हिंदौस्तान फूँकता है'

2122 1212 112/22

जिस्म में पहले जान फूँकता है

बाद-अज़-जाँ अज़ान फूँकता है

सब्र कर शब गुज़र ही जाएगी

क्यों ये अपना मकान फूँकता है

अपनी नफ़रत की आग से कोई

देखो हिंदौस्तान फूँकता है

पास आकर वो गर्म साँसों से

मेरे दिल का जहान फूँकता है

आग तो सर्द हो चुकी कब की

क्यों अबस राखदान फूँकता है

हुक्म से रब के ल'अल मरयम का

देखो मुर्दे में जान फूँकता है

रोज़ आयात पढ़…

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Posted on August 6, 2019 at 3:00pm — 18 Comments

एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल

अरकान:-12112 12112

न छाँव कहीं,न कोई शजर

बहुत है कठिन,वफ़ा की डगर

अजीब रहा, नसीब मेरा

रुका न कभी,ग़मों का सफ़र

तलाश किया, जहाँ में बहुत

कहीं न मिला, वफ़ा का गुहर

तमाम हुआ, फ़सान: मेरा

अँधेरा छटा, हुई जो सहर

ग़मों के सभी, असीर यहाँ

किसी को नहीं, किसी की ख़बर

बहुत ये हमें, मलाल रहा

न सीख सके, ग़ज़ल का हुनर

हबीब अगर, क़रीब न हो

अज़ाब लगे, हयात…

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Posted on July 4, 2019 at 2:30pm — 34 Comments

ओ.बी.ओ.की 9 वी सालगिरह का तुहफ़ा

है उजागर ये हक़ीक़त ओ बी ओ

मुझको है तुझसे महब्बत ओ बी ओ

तेरे आयोजन सभी हैं बेमिसाल

तू अदब की एक जन्नत ओ बी ओ

कहते हैं अक्सर ,ये भाई योगराज

तू है इक छोटा सा भारत ओ बी ओ

सीखने वाले यही कहते सदा…

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Posted on April 1, 2019 at 11:00am — 42 Comments

एक ग़ज़ल रुबाइ की बह्र में

मफ़ऊल मफ़ाईल मफ़ाईल फ़अल

221     1221   1221    12

पाना जो शिखर हो तो मेरे साथ चलो

ये अज़्म अगर हो तो मेरे साथ चलो

दीवार के उस पार भी जो देख सके

वो तेज़ नज़र हो तो मेरे साथ चलो

होती है ग़रीबों की वहाँ दाद रसी

तुम ख़ाक बसर हो तो मेरे साथ चलो

पत्थर पे खिलाना है वहाँ हमको कँवल

आता ये हुनर हो तो मेरे साथ चलो

हर शख़्स वहाँ कड़वा…

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Posted on March 6, 2019 at 5:55pm — 25 Comments

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At 9:23am on September 8, 2019, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय समर क़बीर साहब को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें। ईश्वर सदैव आपको सुख, शाँति और समृद्धि प्रदान करें।हमेशा स्वस्थ रहें और दीर्घायु बनें।उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर विराजमान हों।

At 12:33am on August 7, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय समर कबीर साहब आदाब जी मैं जरूर ग़ज़ल के शिल्प और व्याकरण पर मेहनत करूँगा यक़ीनन मैं जल्दबाज़ी करने लगा हूँ मुआफ़ी चाहता हूँ
At 8:06pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय समर कबीर साहब आदाब, बहुत शुक्रिया सब आपकी कृपा है कृपा बनी रहे ! आपकी तबीयत ख़राब होने के बावजूद आप समय निकाल कर जो मदद करते है बहुत शुक्रिया!
At 12:24pm on June 27, 2019, Samar kabeer said…

अब एडिट नहीं होगा,संकलन से पहले,वहाँ लिख दें टंकण त्रुटि है ।

At 12:09pm on June 27, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय जनाब समर कबीर साहब आदाब, बहुत शुक्रिया आपका बस आपकी कृपा यूँ ही बनी रहे ! आपने ठीक कहा 'यारो ' का यारों हो गया है जो कि मेरी टाइपिंग भूल है
लेकिन मुझसे एडिट नहीं हो पा रहा
At 9:59pm on May 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय समर कबीर साहब आदाब
हौसला बढ़ाने के लिए बहुत शुक्रिया, सब आपकी कृपा है
कृपा दृस्टि बनाये रखें ! आपका आदेश सर माथे पर
At 10:06pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
जी बहुत शुक्रिया आदरणीय समर कबीर साहब
अपेक्षा है की गलतियों को भी इंगित करें
At 12:20pm on March 22, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय समर कबीर साहब आदाब
बहुत शुक्रिया सब आपका ही आशीर्वाद है
कृपा बनायें रखें
At 3:34pm on March 12, 2019, dandpani nahak said…
जी बहुत शुक्रिया आदरणीय समर कबीर सर आपके मार्गदर्शन का हमेशा आकांक्षी रहूँगा!
At 11:42pm on February 23, 2019, dandpani nahak said…
जी बहुत शुक्रिया आदरणीय
ये तो आपकी कृपा से ही संभव हुआ है
 
 
 

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