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पुस्तक समीक्षा

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इस ग्रुप में पुस्तकों की समीक्षा लिखी जा सकती है |

Location: Vishva
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समीक्षा पुस्तक : दोहा-सागर

समीक्षा : दोहा-सागर रचयिता : पंकज शर्मा ‘तरुण’ प्रकाशक : उत्कर्ष प्रकाशन, 142, शाक्य पूरा, कंकर खेडा, मेरठ केंट-२५०००१, (उ.प्र.) प्रथम संस्करण 2019 मूल्य : रुपये 150/-. पंकज शर्मा ‘तरुण’ का दोहा-संग्रह ‘दोहा-सागर’ हाथ में आया तो बहुत प्रसन्नता हुई.…Continue

Started by Ashok Kumar Raktale May 1.

देवभूमि के इतिहास का गौरव-पृष्ठ है –यह उपन्यास ‘चन्द्रवंशी’ ::डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

अतीत से जुड़ना भी एक मानवीय प्रवृत्ति है I जिन साहित्यकारों को अतीत से मोह होता है वे प्रायशः भारतीय इतिहास के किसी गौरवशाली पृष्ठ को टटोलते हैं और उसमे निहित सामग्री या इतिवृत्त के आधार पर कथा या काव्य रचते हैं I रामायण और महाभारत पर आधारित…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव Dec 31, 2019.

समीक्षा पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन) 1 Reply

पुस्तक : टुकड़ा-टुकड़ा धूप (दोहा संकलन)सम्पादक : रेखा लोढ़ा ‘स्मित’सह-सम्पादक : वीरेंद्र कुमार लोढ़ामूल्य : रूपये 150/- मात्रप्रकाशक : बोधि प्रकाशन,सी-46, सुदर्शनपुरा इंडस्ट्रियल एरिया एक्सटेंशन,नाला रोड, 22 गोदाम, जयपुर -302006             दोहा एक ऐसा…Continue

Started by Ashok Kumar Raktale. Last reply by Saurabh Pandey May 7, 2019.

निकष पर -ःकिरण किरण रोशनी’            ::   डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 समीक्ष्य पुस्तक- किरण किरण रोशनी (कहानी संग्रह)लेखिका-रूबी शर्माप्रकाशन वर्ष- 2017 ई0प्रकाशक- नमन प्रकाशन, स्टेशन रोड, लखनऊ                ‘अब आप हैं ओैर ये कहानियाँ हैं’ यह कहकर लेखिका ने बड़ी ही विनम्रता से अपना संग्रह लोकार्पित किया है। इस संकलन…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव Apr 23, 2019.

ककनमठ( उपन्यास) समीक्षा 2 Replies

प्रथम प्रयास पुस्तक : ककनमठलेखक: पं. छोटेलाल भरद्वाजप्रकाशक: प.दिनेश भरद्वाजमूल्य: ५००/- रूपयेप्रथम संस्करण: १९८८द्वितीय संस्करण: २०१७ ऐतिहासिक पुरातत्विक पृष्ठभूमि पर आधारित इस उपन्यास में भारत के अंधकार-पूर्ण काल-खण्ड को कथांकित किया गया है|…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़'). Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Feb 25, 2019.

पटना वाला प्यार (कहानी संग्रह) पुस्तक समीक्षा

पुस्तक : पटना वाला प्यारविधा- कहानी संग्रहलेखक- अभिलाष दत्तप्रकाशक-समदर्शी प्रकाशनसंस्करण- अक्टूबर,2018मूल्य - ₹150/-अभिलाष दत्त द्वारा लिखी हुई इस पुस्तक में कुल 11 कहानियाँ हैं। इस संग्रह को पढ़ते हुए यह मेहसूस ही नही हुआ कि मैं कोई कहानी पढ़ रही…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़') Feb 23, 2019.

मेघदूत का छायानुवाद है ‘यक्ष का संदेश’- डॉ. पाण्डेय रामेन्द्र                                   प्रस्तुति – गोपाल नारायण श्रीवास्तव    7

यक्ष का संदेश – डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तवअंजुमन प्रकाशन, 942, मुट्ठीगंज, इलाहाबाद-3,प्रथम संस्करण 2018, कुल पृ0-92, मूल्य- रू. 150/-भारतीय वाड्मय जगत प्रसिद्ध है, सर्वमान्य है। संस्कृत भाषा के प्रख्यात कवि और नाटककार महाकवि कालिदास उँगलियों पर…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव Nov 30, 2018.

पुस्तक समीक्षा : “दर्पण .... एक उड़ान कविता की”

संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाता काव्य संग्रहवर्तमान अंकुर के संयोजन में, एकल पुस्तक संग्रह की श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित काव्यसंग्रह, “दर्पण... एक उड़ान कविता की” रत्ना पांडे जी का एक वैचारिक काव्य संग्रह है। वड़ोदरा गुजरात की रहने वाली रत्ना…Continue

Started by Vikas Sharma 'Daksh' Sep 20, 2018.

पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के”

सभी कहानियां भावनाओं से परिपूर्ण: पुस्तक समीक्षा – “दायरे...रिश्तों के”‘दायरे.... रिश्तों के’  25 लाजवाब कहानियों का यह कहानी संग्रह रोहिणी दिल्ली की लेखिका नीलू सिन्हा की भाव-प्रधान कृति है । इस संग्रह की सभी कहानियां मुख्य रुप से समाज का खोखलापन,…Continue

Started by Vikas Sharma 'Daksh' Sep 20, 2018.

 
 
 

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"'हलचल भी नहीं है' तो रदीफ़ है, क़वाफ़ी मतले में 'वो' और 'तो' हैं, बाक़ी…"
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"आदरणीय  Samar kabeer जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार।"
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"आदरणीय  Samar kabeer जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार।"
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" मोहतरम जनाब, समर कबीर साहब, आदाब, आपने लघुकथा " दौड़ अपनी अपनी" तक पहुँचने की…"
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Chetan Prakash commented on Chetan Prakash's blog post ग़ज़ल
"आदाब आदरणीय, समर कबीर साहब ,  उक्त ग़ज़ल के मतले के दोनों मिसरों में चूँकि एक ही काफिया ( हलचल…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सब्र दशकों से किये है -लक्ष्मण धामी'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई विजय शंकर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए धन्यवाद ।"
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Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post केवल ऐसी चाह
"आ0 समर कबीर साहेब, आदाब हार्दिक धन्यवाद,आपका"
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Samar kabeer commented on Dr. Vijai Shanker's blog post कौन हो तुम — डॉo विजय शंकर
"जनाब डॉ.विजय शंकर जी आदाब, उम्मीद है आप ख़ैरियत से होंगे । बहुत उम्द: रचना हुई है,बहुत दिनों बाद…"
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