For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
Share

Nilesh Shevgaonkar's Friends

  • Subodh Bajpai
  • Hemant kumar
  • Gurpreet Singh
  • Anuj
  • Manoj kumar Ahsaas
  • jaan' gorakhpuri
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • harivallabh sharma
  • Amit Kumar "Amit"
  • गिरिराज भंडारी
  • Baidyanath Saarthi
  • Alok Mittal
  • CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • Madan Mohan saxena

Nilesh Shevgaonkar's Groups

 

Nilesh Shevgaonkar's Page

Latest Activity

Afroz 'sahr' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"आदरणीय निलेश जी इस रचना पर बधाई आपको, "ख़्वाहमखाह" की तक्तीअ में उलझ गया हूँ कृपा कर मेंरा मार्ग दर्शन करें सादर,,,,"
Nov 3
Ravi Shukla commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"आदरणीय नीलेश जी उम्दा गजल कही आपने शम्स मुझ सा शराबी है, और मक्का खासतौर से पसंद आया इसके लिए अलग से मुबारकबाद कुबूल कीजिए पूरी ग़ज़ल के लिए दिली मुबारकबाद"
Nov 3
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"शुक्रिया आ. अजय तिवारी जी "
Nov 3
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"शुक्रिया आ. बृजेश जी "
Nov 3
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"शुक्रिया आ. डॉ छोटेलाल जी "
Nov 3
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"शुक्रिया आ. डॉ आशुतोष जी "
Nov 3
Nilesh Shevgaonkar commented on Samar kabeer's blog post "अभी इक आदमी बाक़ी है जो इंकार कर देगा"
"वाह वाह वा वाह ..क्या बात ..क्या ख़ूब  ग़ज़ल कही आपने ..बहुत बहुत बधाई आ. समर सर सादर "
Nov 2
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"आदरणीय निलेश जी, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक शुभकामनाएं.   देख! दुनिया का कुछ नहीं होगा  ख्वाहमखाह इस में सर खपाता है. . इस पे चलता है रब्त का धंधा कौन क्या है औ क्या कमाता है. विशेषत: ये दोनों शेर बहुत अच्छे लगे. सादर "
Oct 31
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की
"बड़ी ही खूबसूरत ग़ज़ल हुई आदरणीय नीलेश जी..सदर"
Oct 29
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"धन्यवाद आ. अफरोज़ जी इस्लाह का शुक्रिया लेकिन मैं पिंजरे के सामने खड़े होकर ग़ज़ल नहीं कह रहा हूँ... अत:  हैं का कोई मतलब नहीं है...भूतकाल की घटना को थे ही  लिखा जाएगा...इसमें मुझे कोई संशय नहीं है सादर "
Oct 28
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"आ. अफरोज़ साहब शुक्रिया...होने वाले को लगता   है कि बरक़त हो रही है.... लेकिन देने वाले को पता होता है कि क्या हो रहा है..और जब कोई देता है तो उसे बाँटना भी कहा जा सकता है भाषा में ...सादर "
Oct 28
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"आ. तस्दीक़ साहब ,शुक्रिया...आपके    द्वारा बताए   गए किसी भी मिसरे  में से कोई भी बेबहर नहीं है ..  यही बहर तरही 78 में भी है...आप रेफर कर लें...//देने वाले हाथों को आप ने लाखों तक मह्दूद कर दिया उसके हाथ तो अनगिनत…"
Oct 28
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"धन्यवाद आ. सुरेन्द्र जी ... आग़ोश यूँ तो उभयलिंगी है लेकिन शाइरी   में मैंने स्त्रीलिंगी रूप में प्रयुक्त होते  हुए देखा है ..कैफ़ भोपाली साहब   का शेर देखें . माँ की आग़ोश में कल मौत की आग़ोश में आज हम को दुनिया में…"
Oct 28
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"जी आदरणीय .ऐसी कुछ चुप सी लगी है जैसेहम तुझे हाल सुनाने आए... अहमद फ़राज़ .सारी उम्र ही दिल से अपना ऐसा कुछ बरताव रहाजैसे खेल में हारने वाले बच्चे को बहलाते हैं.. अमज़द इस्लाम अमज़द .बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहोऐसा कुछ कर के…"
Oct 28
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"शुक्रिया आ. सतविन्द्र भाई "
Oct 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"शुक्रिया आ. डॉ साहब ... हादसा बधाई नहीं समझ पाया ;) :-D "
Oct 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"शुक्रिया आ. कल्पना जी "
Oct 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"शुक्रिया आ. लक्ष्मण जी "
Oct 27
Nilesh Shevgaonkar commented on SALIM RAZA REWA's blog post बातों ही बातों में उनसे प्यार हुआ - सलीम रज़ा रीवा
"आ. सलीम साहब अच्छी ग़ज़ल है ...मत पूंछो की कैसे कब इक़रार हुआ ..यहाँ की नहीं कि आएगा और बहर गड़बड़ हो जायेगी ..की को कि पढ़ा जा सकता है लेकिन कि को की (मात्रा वृद्धि) नहीं पढ़ा जा सकेगा कुछ और सोचिये अखबार वाले शेर के लिए विशेष…"
Oct 27
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-88
"आ. मुनीश जी इक सिरहन सी पैदा होती वो जो आँख मिलाए तो   ..इसे पैदा होती है सिरहन सी जब हो आँख मिलाए तो करने से प्रवाह बढेगा ..ऐसा मुझे लगा ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई सादर "
Oct 27

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

Nilesh Shevgaonkar's Photos

  • Add Photos
  • View All

Nilesh Shevgaonkar's Blog

ख़त हमारे अगर जलाता है ; ग़ज़ल नूर की

२१२२/ १२१२/ २२ (११२)

ख़त हमारे अगर जलाता है

राख दुनिया को क्यूँ दिखाता है.

.

हम को उम्मीद है तो ग़ैरों से,

कौन अपनों के काम आता है?

.

सुन रखी होगी आग जंगल की

क्यूँ शरर को हवा दिखाता है.

.

शम्स मुझ सा शराबी है शायद 

शाम ढलते ही डूब जाता है.

.

ज़र्द चेहरा है बाल बिखरे हैं

इस तरह कौन दिल लगाता है.

.

देख! दुनिया का कुछ नहीं होगा

ख्वाहमखाह इस में सर खपाता है.

.

इस पे चलता है रब्त का धंधा

कौन क्या…

Continue

Posted on October 24, 2017 at 1:00pm — 30 Comments

ग़ज़ल नूर की - किसी साधू के गहरे ध्यान से हम

२१२२, १२१२, २२ (११२) +१ 

.

किसी साधू के गहरे ध्यान से हम

बैठे रहते है इत्मिनान से हम.

.

तुम हो इक टूटती हुई दीवार

एक ढहते हुए मकान से हम.

.

गर ख़ुदा को वहाँ नहीं पाया,   

लौट आयेंगे आसमान से हम.   

.

बात जो कुछ है साफ़ साफ़ कहें

ऊँचा सुनने लगे हैं कान से हम.

.

बुतकदे में जलाने को दीपक

जाग जाते हैं इक अज़ान से हम.   

.

एक एल्बम में तुम हसीं थी बहुत 

साथ में थे बड़े जवान से हम. 

.

वस्ल का पल, ये…

Continue

Posted on October 16, 2017 at 8:18am — 18 Comments

ग़ज़ल- हिंदी तुकांत के साथ एक प्रयोग (..अण ,, क़ाफ़िये पर संभवत: पहली ग़ज़ल है इस मंच पर)

२२/२२/२२/२२/



कर्म अगर साधारण होगा

कैसे नर...नारायण होगा.

.

सच्चाई की राह चुनी है

पग पग दोषारोपण होगा.

.

जिस के भीतर विष का घट है  

उस पर छद्म-आवरण होगा.

.

कठिनाई भी बहुत ढीठ है  

इस से जीवन भर रण होगा.

.

बस्ती बाद में सुलगाएँगे  

पहले प्रेम पे भाषण होगा.   

.

मन में दृढ़ विश्वास न हो फिर  

कैसे कष्ट निवारण होगा.

.

दसों दिशाओं में शासन है

शासक .. शायद रावण होगा.

.

उजड़ेगा…

Continue

Posted on October 11, 2017 at 3:52pm — 29 Comments

ग़ज़ल नूर की-तन्हाइयों के गहरे जंगल में रात काटी

२२१२, १२२; २२१२, १२२ (अरकान का क्रम भिन्न भी हो सकता है)

.

तन्हाइयों के गहरे जंगल में रात काटी

तृष्णाओं से भरे इक मरुथल में रात काटी.

.

जब रौशनी बढ़ा कर चन्दा ने उस को छेड़ा

शरमा के चाँदनी ने बादल में रात काटी. 

. `    

चुगली न कर दे बैरन थी जान कश्मकश में

बाहों में थे पिया और पायल में रात काटी.

.

साजन का नाम जपते अधरों का थरथराना,     

बिरहन के मुख पे फैले काजल में रात काटी.

.

हर कूक ने उठाई है हूक मेरे दिल में …

Continue

Posted on October 5, 2017 at 1:27pm — 19 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

At 1:14pm on November 6, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय नीलेश भाई , सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिये आपको हार्दिक बधाईयाँ  !!!!!!

At 12:32pm on November 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे | कृपया अपना पता और नाम (जिस नाम से ड्राफ्ट/चेक निर्गत होगा), बैंक खता विवरणी एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |

सादर । 


आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mahendra Kumar commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post पार्षद वाली गली (लघुकथा)
"वाह! उम्दा लघुकथा. दिल से बधाई प्रेषित है. सादर."
18 minutes ago
Mahendra Kumar commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post तलाक की मोहर (लघुकथा)
"बढ़िया लघुकथा है आ. कल्पना मैम. शीर्षक विशेष रूप से पसन्द आया. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. 1.…"
20 minutes ago
Mahendra Kumar commented on Sushil Sarna's blog post आग ..
"इस अच्छी कविता हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ. सुशील सरना जी. सादर."
28 minutes ago
Mahendra Kumar commented on santosh khirwadkar's blog post धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष
"//अपनों की ठोकरों ने गिराया था बारहाग़ैरों ने सीधी राह पे चलना सिखा दिया// बहुत ख़ूब! इस बढ़िया ग़ज़ल…"
34 minutes ago
Mahendra Kumar commented on विनय कुमार's blog post पिंजरा--लघुकथा
"बढ़िया लघुकथा है आ. विनय जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. //कूद फांद कर रहे थे// "कूद-फांद रहे…"
43 minutes ago
Afroz 'sahr' replied to मिथिलेश वामनकर's discussion ओबीओ साहित्यिक मासिक संगोष्ठी भोपाल चैप्टर दिसम्बर 2017
"साहित्यिक गोष्ठी में शिरकत करने और बेहतरीन काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध करने वाले सभी…"
1 hour ago
Afroz 'sahr' replied to मिथिलेश वामनकर's discussion ओबीओ साहित्यिक मासिक संगोष्ठी भोपाल चैप्टर दिसम्बर 2017
"साहित्यिक गोॆष्ठी में काव्य पाठ कर गोष्ठी को सफल"
1 hour ago
Manoj kumar shrivastava posted a blog post

सुंदरता का अहंकार

एक अहंकारी पुष्पअपनी प्रसिद्धि पर इतरा रहा है,भॅंवरों का दल भी,उस पर मंडरा रहा है,निश्चित ही…See More
1 hour ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post नकल (लघु कथा)
"आदरणीय समर साहिब,आदाब एवं बहुत बहुत शुक्रिया।"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post कड़वाहट ....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                    …"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " नज़रें ज़माने भर की उस इक गुलाब पर हैं "
"आदरणीय पंकजोम जी आदाब,                      …"
2 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post है बड़ा अच्छा तरीका ज़ुल्म ढाने के लिए
"आ0 कबीर सर नमन । अपने जो शेर भेजा है उसमें यां शब्द न तो हिंदी है न उर्दू है । आज के डेट में यां…"
2 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service