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Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. मोहन जी,प्रति सदस्य एक ही रचना प्रेषित करने   का नियम है  नियम एवं शर्तें:- "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" में प्रति सदस्य अधिकतम एक ग़ज़ल ही प्रस्तुत की जा सकेगी |सादर "
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"सर, एक मज़े की बात बताऊँ?? यहाँ मैं इतना ज्ञान दे रहा हूँ लेकिन अपनी ख़ुद की ग़ज़ल में ये शेर कहा है मैंने ...हम तो ज़ुल्मत को मिटाकर ही ज़रा दम लेंगे  हाथ पर हाथ धरे आप तमाशा देखो...ही ही ही... इसे कहते हैं पर उपदेश कुशल बहुतेरे "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. मोहन जी,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है ..मतले के ऊला का शब्द संयोजन अधूरा सा है ...चेहरा साथ निभाता हैं कहाँ अपना भी .. चेहरा हमेशा २२ पर बँधेगा अत: इस मिसरे की बहर देख लें .आयोजन में सहभागिता हेतु आभार सादर "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"'ख़ुद ब ख़ुद चल के समन्दर मेरे पास आएगा तुम अगर प्यासे हो हरगिज़ न ये सपना देखो'..आ. समर सर.. इस में शुतुर्गुरबा तो नहीं लगता है क्यूँ की शायर किसी    को नसीहत   दे रहा है ...लेकिन फिर भी विवाद से बचने के लिए .. 'ख़ुद…"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"https://www.facebook.com/ranapratapsingh84/posts/2082884545060411आ. भाई राणा प्रताप की FB wall पर इस बबाद कुछ बात चली थी.. गौर कीजियेगा सर "
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. तुम के साथ अगर यही वाक्य कहना हो तो?"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आप कौन हैं?आप कौन हो ?"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"तेरी तू देख तुम्हारी तुम देखो आप की आप देखें ..शायद "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"मैंने देख लिया..अब आप देखें ..ज़ुबान तो ऐसा कहेगी सर सादर "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"मुकम्मल ग़ज़ल के लिए ढेरों दाद आ. दिनेश भाई ..अबतक का मुशायरा आपके नाम..बहुत बहुत बधाई "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. गुरप्रीत कौर जी,समर सर    सब कह चुके हैं ..अच्छी ग़ज़ल हुई है जिसके लिए बधाई ..चौथे शेर में तक़ाबुले रदीफ़ की सूरत बन रही है देखिएगा सादर "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"बहुत बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है आ. अंजलि जी ..बहुत बहुत बधाई  बिनकहे आप समझ लेना फ़साने उनकेफ़ीकी मुस्कान को जिन होठों पे चिपका देखो... देखो रदीफ़  साथ तुम आएगा.. आप आने से  शुतुर्गुरबा हो रहा है ..आप के साथ देखें आएगा ...राणा प्रताप जी और…"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"शुक्रिया आ. मोहन जी "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"धन्यवाद आ. तस्दीक़ अहमद साहब..मुझे तो दो अलग वाले छोड़ अधिक श्रृंगारिक लग रहे हैं सादर "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"धन्यवाद आ. अंजलि जी "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"धन्यवाद आ. रवि जी "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आभार आ. समर सर..आप के सुझाव पर विचार करता हूँ सादर "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. मुनीश जी,अच्छी ग़ज़ल हुई है .. आपको याद करूँ और बहाऊँ आंसू जो  बताया तो कहा आज भी झूठा हमको.. रदीफ़ देख लें यहाँ ..और दिल धड़कता है तो धड़कने दीजिये, रुक जाएगा तो समस्या होगी सादर "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"धन्यवाद आ, समर सर,एक शंका है कि क्या हमारा के साथ इरादा काफ़िया ठीक है?ग़ालिब वाले शेर में पहले सिर्फ़ ही किया था लेकिन न जाने क्यूँ एक कर दिया ..संकलन में उस का को हटाने की गुज़ारिश करता हूँ..जैसा ऊपर भी कहा, ग़ज़ल जैसे तैसे हुई  है... कल रात बाग़ी…"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. तस्दीक़ अहमद साहब अच्छी   ग़ज़ल पेश की है आपने..मतले  के मिसरों में रब्त कम है ..शीशा   को क्या उर्दू लिहाज से अलिफ़ के काफ़िये के साथ लिया जा सकता है यह विवेचना का विषय है..ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई सादर "
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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Nilesh Shevgaonkar's Blog

ग़ज़ल-ग़ालिब की ज़मीन पर

था उन को पता अब है हवाओं की ज़ुबाँ और

उस पर भी रखे अपने चिराग़ों ने गुमाँ और. 

.

रखता हूँ छुपा कर जिसे, होता है अयाँ और 

शोले को बुझाता हूँ तो उठता है धुआँ और

.

ले फिर तेरी चौखट पे रगड़ता हूँ जबीं मैं  

उठकर तेरे दर से मैं भला जाऊँ कहाँ और?

.

इस बात पे फिर इश्क़ को होना ही था नाकाम    

दुनिया थी अलग उन की तो अपना था जहाँ और.

.

आँखों की तलाशी कभी धडकन की गवाही 

होगी तो अयाँ होगा कि क्या क्या है निहाँ और.

.

करते हैं…

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Posted on May 13, 2018 at 9:12am — 13 Comments

ग़ज़ल नूर की -कब है फ़ुर्सत कि तेरी राहनुमाई देखूँ?

कब है फ़ुर्सत कि तेरी राहनुमाई देखूँ?

मुझ को भेजा है जहाँ में कि सचाई देखूँ.

.

ये अजब ख़ब्त है मज़हब की दुकानों में यहाँ

चाहती हैं कि मैं ग़ैरों में बुराई देखूँ.

.

उन की कोशिश है कि मानूँ मैं सभी को दुश्मन

ये मेरी सोच कि दुश्मन को भी भाई देखूँ.

.

इन किताबों पे भरोसा ही नहीं अब मुझ को,   

मुस्कुराहट में फ़क़त उस की लिखाई देखूँ.

.

दर्द ख़ुद के कभी गिनता ही नहीं पीर मेरा  

मुझ पे लाज़िम है फ़क़त पीर-पराई देखूँ.

.

अब कि बरसात में…

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Posted on May 10, 2018 at 8:43pm — 12 Comments

ग़ज़ल नूर की - याद आया है गुज़रा पल कोई

याद आया है गुज़रा पल कोई
लेगी अँगड़ाई फिर ग़ज़ल कोई.
.
कोशिशें और कोई करता है
और हो जाता है सफल कोई.
.
ज़िन्दगी एक ऐसी उलझन है
जिस का चारा नहीं न हल कोई.
.
इश्क़ में हम तो हो चुके रुसवा
वो करें तो करें पहल कोई.
.
हिज्र में आँसुओं का काम नहीं   
ये इबादत में है ख़लल कोई.
.
इक सिकंदर था और इक हिटलर
आज तू है तो होगा कल कोई.
.
निलेश "नूर"
मौलिक/ अप्रकाशित  

Posted on May 9, 2018 at 7:54am — 11 Comments

ग़ज़ल नूर की -तू जहाँ कह रहा है वहीं देखना

तू जहाँ कह रहा है वहीं देखना

शर्त ये है तो फिर.. जा नहीं देखना.

.

जीतना हो अगर जंग तो सीखिये

हो निशाना कहीं औ कहीं देखना.

.

खो दिया गर मुझे तो झटक लेना दिल

धडकनों में मिलूँगा..... वहीँ देखना.

.

देखता ही रहा... इश्क़ भी ढीठ है

हुस्न कहता रहा अब नहीं देखना.

.

कितना आसाँ है कहना किया कुछ नहीं

मुश्किलें हमने क्या क्या सहीं देखना.

.

एक पल जा मिली “नूर” से जब नज़र

मुझ को आया नहीं फिर कहीं देखना.

.

निलेश…

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Posted on May 6, 2018 at 8:30pm — 10 Comments

Comment Wall (8 comments)

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At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

At 1:14pm on November 6, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय नीलेश भाई , सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिये आपको हार्दिक बधाईयाँ  !!!!!!

At 12:32pm on November 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे | कृपया अपना पता और नाम (जिस नाम से ड्राफ्ट/चेक निर्गत होगा), बैंक खता विवरणी एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |

सादर । 


आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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