For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

राज़ नवादवी
  • Male
  • Bhopal, Madhya Pradesh
  • India
Share

राज़ नवादवी's Friends

  • Ajay Tiwari
  • Samar kabeer
  • Amit Kumar "Amit"
  • dr rakesh kumar sharma
  • Gyanesh Pandey
  • Manoj Bidkar
  • Dibyendu Sarkar
  • Priyanka singh
  • Neeraj Mishra "प्रेम"
  • बसंत नेमा
  • anwar suhail
  • Dibyendu Paul
  • प्रमेन्द्र डाबरे
  • लोकेश सिंह
  • Sadhana Lamgora
 

राज़ नवादवी's Page

Latest Activity

राज़ नवादवी's blog post was featured

राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९३

२२१ २१२१ १२२१ २१२ अपनी गरज़ से आप भी मिलते रहे मुझे ग़म है कि फिर भी आशना कहते रहे मुझे //१ दिल की किताब आपने सच में पढ़ी कहाँ पन्नों की तर्ह सिर्फ़ पलटते रहे मुझे //२ मिस्ले ग़ुबारे दूदे तमन्ना मैं मिट गया बुझती हुई शमा' सा वो तकते रहे मुझे //३ सौते ग़ज़ल से मेरी निकलती थी यूँ फ़ुगाँ महफ़िल में सब ख़मोशी से सुनते रहे मुझे //४  बस थीं हया की चादरें आँखों पे दरमियाँ कपड़ों के कब सुराख़ ये ढंकते रहे मुझे //५ नीयत पे मेरे कॉलों के उठते हैं अब सवाल ताउम्र जबकि लोग समझते रहे मुझे //६ दस्ते बुताँ न कोई मेरा हो…See More
Feb 6
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९३
"आद0 राज़ नवादगी सादर अभिवादन। काफ़िया दोष को अगर छोड़ दिया जाए तो अच्छी ग़ज़ल है। बधाई स्वीकार कीजिये।"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९२
"आ. भाई राज नवादवी जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई । मिसरे को यूँ करने से भाव स्पष्ट हो जायेगा ' वो ग़ैर सा हुआ है तो पूछेगा हाल क्यों '"
Feb 5
Samar kabeer commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९३
"ब्लाग पर जनाब दयाराम मैठानी जी की ग़ज़ल पर इस दोष के बारे में विस्तृत चर्चा है ,उसे पढ़ लें ।"
Feb 4
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९३
"आदरणीय समर कबीर साहब, आदाब. आपकी इस्लाह का बहुत बहुत शुक्रिया. मुझे कुछ ऐसा ही आभास हो रहा था. कृपा कर दोष को थोड़ा विस्तार से समझाएं, और इसे कैसे दूर किया जा सकता है, इसे बताने की कृपा करें. बहुत मेहरबानी होगी. सादर."
Feb 4
Samar kabeer commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९३
"जनाब राज़ नवादवी साहिब आदाब,पूरी ग़ज़ल में क़ाफ़िया दोष है,देखिये ।"
Feb 4
Samar kabeer commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९२
"जनाब राज़ नवादवी साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'है जो नहीं वो ग़ैर तो पूछेगा हाल क्यों ' ये मिसरा स्पष्ट नहीं लगता । 'आसाईशों की चाह की फिर हो मज़ाल क्यों' इस मिसरे में 'मज़ाल' को…"
Feb 4
राज़ नवादवी posted blog posts
Feb 4
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९२
"कृपया मक़ते को इस प्रकार पढ़ें-  तुम 'राज़' के कलाम के ग़र हो नहीं मुरीद देते हो उसके शेर की सबको मिसाल क्यों //८"
Feb 3
dandpani nahak left a comment for राज़ नवादवी
"आदरणीय राज़ जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका"
Jan 27
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह साहब, आदाब. ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफज़ाई का दिल से शुक्रया. आपकी मुहब्बतों का ह्रदय से आभार. सादर"
Jan 26
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"आदरणीय महेंद्र कुमार साहब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफज़ाई का दिल से शुक्रया. आपकी मुहब्बतों का ह्रदय से आभार. सादर"
Jan 26
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"आदरणीय दंडपाणी साहब, मुशायरे में अच्छी ग़ज़ल की पेशकश पे दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें. सादर. "
Jan 26
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"आदरणीय मुनीश तनहा साहब, मुशायरे में सहभागिता पे मुबारकबाद क़ुबूल करें. सादर. "
Jan 26
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब, मुशायरे में सुन्दर ग़ज़ल की पेशकश पे दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें. सादर. "
Jan 26
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"आदरणीय अमित कुमार साहब, मुशायरे में ग़ज़ल की पेशकश पे दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें. सादर. "
Jan 26

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, Madhya Pradesh
Native Place
Nawada, Bihar
Profession
Education, Training, and Community Development. Hybrid Value Chain Entrepreneur (HVCE) at Ashoka Innovators for the Public
About me
Main shayar to nahin, magar ai zindgee, jab se tum ko samjha, shayari aa gai.

राज़ नवादवी's Photos

  • Add Photos
  • View All

राज़ नवादवी's Blog

राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९३

२२१ २१२१ १२२१ २१२



अपनी गरज़ से आप भी मिलते रहे मुझे

ग़म है कि फिर भी आशना कहते रहे मुझे //१ 



दिल की किताब आपने सच में पढ़ी कहाँ

पन्नों की तर्ह सिर्फ़ पलटते रहे मुझे //२ 



मिस्ले ग़ुबारे दूदे तमन्ना मैं मिट गया

बुझती हुई शमा' सा वो तकते रहे मुझे //३ 



सौते ग़ज़ल से मेरी निकलती थी यूँ फ़ुगाँ

महफ़िल में सब ख़मोशी से सुनते रहे मुझे…

Continue

Posted on February 4, 2019 at 10:13am — 4 Comments

राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९२

२२१ २१२१ १२२१ २१२



मिलना नहीं जवाब तो करना सवाल क्यों

मेरी ख़मोशियों पे है इतना मलाल क्यों //१

दामाने इंतज़ार में कटनी है ज़िंदगी

मरने तलक है हिज्र तो होगा विसाल क्यों //२ 

यारों को कब पता नहीं कैसे हैं दिन मेरे

है जो नहीं वो ग़ैर तो पूछेगा हाल क्यों //३ 



जब है ज़रीआ कस्ब का कोई नहीं मेरा

आसाईशों की चाह की फिर हो मज़ाल…

Continue

Posted on February 3, 2019 at 12:09pm — 3 Comments

राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९१

२२१ २१२१ १२२१ २१२



आके तेरी निगाह की हद में मिला सुकूँ

हल्क़े को वस्ते बूद की ज़द में मिला सुकूँ //१



थी रायगाँ किसी भी मुदावे की जुस्तजू

दिल के मरज़ को दर्दे अशद में मिला सुकूँ //२



आशिक़ को अपनी जान गवाँ कर भी चैन था

जलकर अदू को पर न हसद में मिला सुकूँ //३



दामे सुख़न की अपनी हिरासत को तोड़कर

लफ़्ज़ों को ख़ामुशी की सनद में मिला सुकूँ…

Continue

Posted on January 10, 2019 at 1:04am — 10 Comments

राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९०

२१२२ ११२२ ११२२ ११२/२२



अस्ल के बाद तो जीना है निशानी के लिए

ज़िंदगी लंबी है दो रोज़ा जवानी के लिए //१



यूँ ज़बां ख़ूब है ये तुर्रा बयानी के लिए

उर्दू मशहूर हुई शीरीं ज़बानी के लिए //२



लोग क्यों दीनी तशद्दुद के लिए मरते हैं

जबकि जीना था उन्हें जज़्बे रुहानी के लिए //३



नफ़्स के झगड़े हैं ने'मत से भरी दुन्या में

चंद रोटी के लिए तो, कभी पानी…

Continue

Posted on January 6, 2019 at 1:18pm — 12 Comments

Comment Wall (14 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:42am on January 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय राज़ जी
बहुत बहुत शुक्रिया आपका
At 9:54pm on August 28, 2017, Samar kabeer said…
जनाब राज़ साहिब,कृपया फोन कर लें,मुझे ओबीओ पर चेट करना नहीं आता ।
At 2:14am on July 31, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें.

At 3:21pm on July 18, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari
said…

जी आप कुछ कुछ ठीक कह रहे हैं त्रुटी वश ये न की जगह ना लिखा गया 'केवल दो किलोमीटर पीछे हुए एक्सीडेंट का वो बेचारा पेशेंट साइकिल वाला था न  और ये कार वाला, क्या ये  अंतर मैं नहीं समझती'----ये इस तरह लिखा था मेरी मूल लघु कथा में ----हम दैनिक बोलचाल में न शब्द का इस्तेमाल ? के साथ करते हैं  इसमें न के बाद ? मार्क लगाना भूल गई बहुत बहुत आभार इस और ध्यान दिलाने के लिए 

At 12:30pm on July 18, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari
said…

सादर आभार तहे दिल से शुक्रिया ग़ज़ल आपको पसंद आई राज़ जी 

At 5:36pm on October 11, 2012, Deepak Sharma Kuluvi said…

welcome sir

At 2:36pm on October 11, 2012, Deepak Sharma Kuluvi said…

aapki rachnaen behatreen hain

At 4:38pm on October 8, 2012, नादिर ख़ान said…

मुझको तिरी बेजारियों का कुछ गिला नहीं

मेरी भी ज़िंदगी अना दिखला के रह गई  

मैं भी न मिल सका उसे पिछले बरसके बाद

तनहा कली कहीं कोई मुरझा के रह गई

बहुत ही उम्दा गज़ल है राज़ भाई  बहुत ख़ूब

At 11:45am on September 21, 2012, प्रमेन्द्र डाबरे said…

राज़ साहब आपने मुझ नाचीज़ की भी रचना पढ़ी मैं धन्य हो गया, आपकी दाद मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा है और कुछ और अच्छा लिखने की प्रेरणा अब मुझे मिलती रहेगी.... आपका तलबगार  प्रमेन्द्र डाबरे

At 10:24am on September 21, 2012, लोकेश सिंह said…

राज भाई तहे दिल से मेरा शुकराना स्वीकार करे ,आपके स्नेहिल वचन मुझे और अच्छे काव्य की रचना की प्रेरणा देंगे ,सराहना के लिए बहुत -बहुत साधुवाद ......लोकेश सिंह

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

"ओ आली, कौन अली; कौन महाबली?" (लघुकथा) :

छकपक ... छकपक ... करती आधुनिक रेलगाड़ी बेहद द्रुत गति से पुल पर से गुजर रही थी। नीचे शौच से फ़ारिग़ हो…See More
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल

मापनी २२१२ १२१ १२२ १२१२ हमने रखा न राज़ सभी कुछ बता दियाखिड़की से आज उसने भी परदा हटा दिया बंजर जमीन…See More
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर जी सादर नमस्कार, जी कर देता हूँ ,आपकी हौसलाअफजाई के लिए दिल से शुक्रिया "
1 hour ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post प्रतीक्षा लौ ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post कनक मंजरी छंद "गोपी विरह"
"जनाब बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी आदाब,अच्छे छन्द लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post आम चुनाव और समसामायिक संवाद (लघुकथाएं) :
"जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,अच्छी लघुकथाएं हुईं,बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post कोई तो दीद के क़ाबिल है आया
"जनाब आमोद बिंदौरी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । शिल्प और व्याकरण पर क़ाबू पाना…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल
"जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'वंजर जमीन दिल…"
3 hours ago
Samar kabeer commented on दिगंबर नासवा's blog post गज़ल - दिगंबर नास्वा - 4
"जनाब दिगंबर नासवा जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सीढ़ी हो उनके वास्ते कुर्सी की राह पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'मत…"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,अच्छे कुण्डलिया छन्द हुए हैं,बधाई स्वीकार करें ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post एल.ओ.सी (लघुकथा)
"बहना कल्पना भट्ट रौनक़ जी आदाब,अच्छी लघुकथा हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
3 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service