For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Samar kabeer Online Now
Share

Samar kabeer's Friends

  • श्याम किशोर सिंह 'करीब'
  • santosh khirwadkar
  • Ambesh Tiwari
  • आशीष सिंह ठाकुर 'अकेला'
  • Mirza Hafiz Baig
  • surender insan
  • Kalipad Prasad Mandal
  • KALPANA BHATT
  • रामबली गुप्ता
  • Abhishek Kumar Amber
  • Arpana Sharma
  • डॉ पवन मिश्र
  • रोहिताश्व मिश्रा
  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Mahendra Kumar
 

Samar kabeer's Page

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"सतविन्दर जी भाये तुमको,मेरे सरसी छन्द । बाग़ बाग़ ये दिल कर डाला,बहुत मिला आनन्द ।। सदा बनाये रखना भाई,मुझ पर ये उपकार । दिल की गहराई से कहता, मैं तुमको आभार ।।"
22 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"दिया आपने इन छन्दों पर,मुझको इतना मान । मेरे जैसा नहीं जगत में, कोई भी धनवान ।। इतना सुंदर इतना प्यारा, दिया मुझे उपहार । दिल की गहराई से कहता, प्राची जी आभार ।।"
28 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेश अग्रवाल जी आदाब,सराहना के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।"
33 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब मोहित मुक्त साहिब आदाब,सरसी छन्द की सराहना के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।"
34 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी,रचना की सराहना के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।"
36 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,ज़रूर प्रयास करें,आपका स्वागत है,सराहना के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।"
38 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"इस गुलशन को सँवारने में,शामिल सबका ख़ून । इसके लिये सभी लोगों का,दिल से हूँ ममनून ।। ओबीओ में बस्ती देखो, हम सब की है जान । इसी लिये तो रहता सबको,सदा इसी का ध्यान ।।"
44 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,सराहना के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद । एक बात ये कि ओबीओ पर उस्ताद और शागिर्द की कोई परम्परा नहीं है,यहाँ सब गुरु हैं और सब शिष्य,इसलिये निवेदन है कि ऐसे सम्बोधन का इस्तेमाल न किया करें ।"
50 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"बीते हुए ज़माने को तुम,क्यों करते हो याद । ओबीओ का पटल अभी है, छन्दों से आबाद ।। यही निवेदन यही कामना,करता हूँ मैं अर्ज़ । मिलजुल कर हम सब इस पट पर,चलो निभाएं फ़र्ज़ ।।"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"छन्दों पर दोबारा आकर,किया बड़ा उपकार । योगराज भाई का करता,मैं दिल से आभार ।। यही हमारी दुनिया भाई, यही एक संसार । अमर रहे रहती दुनिया तख़, ये आपस का प्यार ।।"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत धन्यवाद सराहना के लिये भाई अशोक कुमार रक्ताले जी ।"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जी,हिन्दी के बारे में मुझे जानकारी नहीं थी,शुक्रिया आपका,मालूमात में इज़ाफ़ा हुआ ।"
7 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"शुक्रिया जनाब ।"
7 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,सरसी छन्द पर अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । 'मान'और 'सम्मान' की तुकान्तता सही नहीं है,बाक़ी जनाब अरुण निगम साहिब बता ही चुके हैं ।"
7 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सतविन्द्र कुमार जी आदाब,प्रदत्त चित्र को सार्थक करता बढ़िया सारछन्द गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
10 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"बहना कल्पना भट्ट जी आदाब,प्रदत्त चित्र पर सरसी छन्द का अच्छा प्रयास हुआ है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । जनाब अरुण निगम साहिब की बातों का संज्ञान लें ।"
10 hours ago

Profile Information

Gender
Male
City State
ujjain
Native Place
ujjain
Profession
Poet
About me
poet

Samar kabeer's Blog

तरही ग़ज़ल नम्बर 2

नोट :-"तरही मुशायरे में जितनी ग़ज़लें शामिल हुईं, इस ग़ज़ल के क़वाफ़ी उन सबसे अलग हैं"



मफ़ऊल फ़ाइलातु मुफ़ाईल फ़ाइलुन



लेकर गई है हमको जिहालत कहाँ कहाँ

मांगी है तेरे वास्ते मन्नत कहाँ कहाँ



ये आज तेरे पास जो दौलत के ढेर हैं

सच बोल तूने की है ख़ियानत कहाँ कहाँ



अब तक भरी हुई थी जो तेरे दिमाग़ में

फैलाई है वो तूने ग़िलाज़त कहाँ कहाँ



तूने वतन को बेचा है अपने मफ़ाद में

होती है देखें तेरी मज़म्मत कहाँ कहाँ



फ़हरिस्त इसकी अब तो बताना… Continue

Posted on August 2, 2017 at 3:00pm — 23 Comments

'महब्बत कर किसी के संग हो जा'

मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन फ़ऊलुन



हिमाक़त छोड़ दे फ़रहंग हो जा

महब्बत कर किसी के संग हो जा



ग़ज़ल मेरी सुना लहजे में अपने

मैं गूँगा हूँ मेरा आहंग हो जा



यहाँ घुट घुट के मरने से है बहतर

निकल मैदाँ में मह्व-ए-जंग हो जा



करे अपना के दुनिया फ़ख़्र जिस पर

वफ़ा का वो निराला ढंग हो जा



चढ़े इक बार जिस पर फिर न उतरे

महब्बत का तू ऐसा रंग हो जा



ये दुनिया सीधे साधों की नहीं है

उदासी छोड़ शौख़्-ओ-शंग हो जा



जुदा ता उम्र कोई कर न… Continue

Posted on July 24, 2017 at 12:00am — 24 Comments

'ये लहू दिल का चूस्ती है बहुत'

फ़ाइलातुन मफ़ाइलुन फ़ेलुन/फ़इलुन/फ़ेलान

ज़ह्न में यूँ तो रौशनी है बहुत
पर जमी इसमें गंदगी है बहुत

इतना आसाँ नहीं ग़ज़ल कहना
ये लहू दिल का चूस्ती है बहुत

एक एक पल हज़ार साल का है
चार दिन की भी ज़िन्दगी है बहुत

चींटियाँ सी बदन पे रेंगती हैं
लम्स में तेरे चाशनी है बहुत

फ़न ग़ज़ल का "समर"सिखाने को
एक 'दरवेश भारती'है बहुत
---
लम्स-स्पर्श
समर कबीर
मौलिक/अप्रकाशित

Posted on July 18, 2017 at 11:03am — 25 Comments

'अदब की मुल्क में मिट्टी पलीद कैसे हो'

मफ़ाइलुन फ़्इलातुन मफ़ाइलुन फ़ेलुन/फ़इलुन

ख़ुलूस-ओ-प्यार की उनसे उमीद कैसे हो

जो चाहते हैं कि नफ़रत शदीद कैसे हो



छुपा रखे हैं कई राज़ तुमने सीने में

तुम्हारे क़ल्ब की हासिल कलीद् कैसे हो



बुझे बुझे से दरीचे हैं ख़ुश्क आँखों के

शराब इश्क़ की इनसे कशीद् कैसे हो



हमेशा घेर कर कुछ लोग बैठे रहते हैं

अदब पे आपसे गुफ़्त-ओ-शुनीद कैसे हो



इसी जतन में लगे हैं हज़ारहा शाइर

अदब की मुल्क में मिट्टी पलीद कैसे… Continue

Posted on July 13, 2017 at 11:41am — 44 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:54am on October 9, 2016, सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' said…
आदरणीय समर कबीर साहिब प्रणाम आपको।

गजल विधा सिखने का इच्छुक हूँ और मैंने दूसरी गजल आज इस पटल पर रखी है।

आपके आने से मेरा घर जग जगमगाया।

आपक नजर कर मुझे कुछ सुझाव देंगे तो आगे से मुझे कुछ सीखने में मदद मिलेगी। सादर
At 11:29am on September 26, 2016, Kalipad Prasad Mandal said…

आदरणीय समीर कबीर साहिब आदाब , आपको थोड़ा कष्ट दे रहा हूँ क्योंकि ग़ज़ल में जितनी जानकारी आपको है शायद मेरी जानकारी में और कोई नहीं है | मैं कुछ शे'र ग़ालिब के पढ़ रहा था और उनके बहर जांच कर रहा था अपनी जानकारी केलिए | दो शेर में अटक गया हूँ ,नीचे लिखा है :-

बेनिया/जी हद से गुज/री , बन्दा पर/वर कब तलक 

२१२/ २२१ २/           1222        / २२१२ 

हम कहें/गे हाले  दिल, और आ/प फरमाएं/गे क्या 

२१२/     २२१    २ /   २१२ /    १  222   /२२(१२)

गर किया /नासेह ने/ हमको कै/द ,अच्छा यूं स/ही 

२१२/      २२१२/      212     /२२ २१/२ 

ये जुनू/ने -इश्क के /अंदाज़ छुट /जायेंगे क्या 

212/   २२१२/        221२/       2212

कृपया आप इस्नके सही बहर बताने का कष्ट करें |

सादर 

At 11:08pm on September 24, 2016, Samar kabeer said…
सरिता जी आप किस विषय में
पूछ रही हैं ?
At 9:14pm on September 24, 2016, sarita panthi said…
आदरणीय सर क्या मैंने अब सही जगह पोस्ट की है ?
At 3:16pm on September 19, 2016, Dipu mandrawal said…
आदरणीय समीर कबीर जी आपने मेरी कविताओं को पढ़ा और पसंद किया इसके लिए मेरा प्रणाम स्वीकार करें । Dipu Mandrawal
At 12:07pm on July 26, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय समर सर मेरे मित्रता के निवेदन को स्वीकार करके आपने मुझे अपना आशीर्वाद दिया है मेरे तकरीबन हर रचना को आपका मार्गदर्शन मिलता  रहा है इससे अगले रचना में एक नयी सोच मिलती है आपका स्नेह और आशीवाद यूं ही सतत मिलता रहे इस कामना के और सदर प्रणाम के साथ सादर 

At 9:46pm on February 1, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय Samar kabeer जी,

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 11:06am on October 24, 2015, Tasdiq Ahmed Khan said…

janab samar kabeer sahab aadab,    hosla afzayi ke liye shukriya ,  1. ar ka matlab hai agar...aur 2.chhar ka matlab hai  ..khayal.

At 6:40pm on March 18, 2015, pratibha tripathi said…

आदरणीय समर कबीर जी आपको माह कि सर्वश्रेष्ठ रचना के हेतु चुने जाने के लिए बधाई प्रेषित करती हूँ । ये सच है कि ग़ज़ल को लिखना और उसमे खिताब पाना बहुत ही प्रशंशनीय है ,आपको एक बार फिरसे बधाई हो सादर । 

At 7:09pm on March 16, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ०समर कबीर जी

सर्वश्रेष्ठ लेखन  कोई हंसी खेल नहीं  .आपको यह पुरस्कार प्राप्य हुआ . आपको मेरी भूरि-भूरि  बधायी .

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा जी, उत्साहवर्द्धन हेतु आभार।"
10 seconds ago

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविंद्र कुमार जी, उत्साहवर्द्धन हेतु आभार। छन्दमय प्रतिक्रिया हेतु विशेष आभार।"
56 seconds ago
KALPANA BHATT replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया दी इतनी गलतियाँ भी तो की हैं :))"
7 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"सरसी छन्द पर क्या खूब कलम चलाई है आपने, हार्दिक बधाई प्रेषित है आदरणीया कल्पना जी"
11 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"चित्र को साकार कर दिया आपके सार छन्दों ने हार्दिक बधाई आदरणीय"
21 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"सतविन्दर जी भाये तुमको,मेरे सरसी छन्द । बाग़ बाग़ ये दिल कर डाला,बहुत मिला आनन्द ।। सदा बनाये रखना…"
22 minutes ago
surender insan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"जी बेहद शुक्रिया आपका आदरणीया प्रतिभा पांडे जी।सादर नमन सँग आभार जी।"
23 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"बेहतरीन सार छंद/छन्नपकैया सृजन के लिए सादर हार्दिक बधाई आपको आदरणीय अरुण कुमार निगम जी"
23 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"छन्न पकैया छन्न पकैया,बातें ख़ास बताई चित्र हुआ यह सार्थक सर जी,ले लो खूब बधाई"
26 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"दिया आपने इन छन्दों पर,मुझको इतना मान । मेरे जैसा नहीं जगत में, कोई भी धनवान ।। इतना सुंदर इतना…"
28 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी,प्रयास आपको पसन्द आया ,यह सार्थक हुआ। तिथि में कोमा का इस्तेमाल…"
30 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 76 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा दीदी,उत्साहवर्धन के लिए बहुत-बहुत हार्दिक आभार,सादर नमन!"
32 minutes ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service