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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर
  • Male
  • Patiala, Punjab
  • India
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
6 Replies

(1). आ० मोहम्मद आरिफ़ जी उपाय------------------------------ब्रह्म ज्योतिषी के आगे हाथ बढ़ाते हुए -" इन रेखाओं को देखकर बताइए आखिर ये क्या कहती है ? "ब्रह्म ज्योतिषी ने जैसे ही उसके हाथों की रेखाओं को…Continue

Started this discussion. Last reply by Mahendra Kumar May 14.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-36 में स्वीकृत लघुकथाएं
8 Replies

(1).  आ० तेजवीर सिंह जी  क़ुदरत की मार  कल लगने वाली साप्ताहिक हाट के लिये,  भीकम अपने खेत की सब्जियों पर एक नज़र मार कर देख रहा था कि कौन कौन सी सब्जियाँ हाट में ले जाने के लिये तैयार हैं। फिर उसने…Continue

Started this discussion. Last reply by योगराज प्रभाकर Apr 9.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-35 में स्वीकृत रचनाएँ
7 Replies

(1). आ० सुनील वर्मा जी. विलयन सेवानिवृत्त देवदत्त बाबू। उम्र के उस ढलान बिंदु पर खड़ा हुआ आदमी जहाँ गाड़ी चलती नही लुढ़कती है। अक्सर अपने कमाये ज्ञान को कंधे पर लिए ऐसे घूमते रहते कि जैसे नये लहसुन…Continue

Started this discussion. Last reply by Omprakash Kshatriya Mar 1.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-34 में शामिल सभी लघुकथाएँ
19 Replies

(1)  आ० महेंद्र कुमार जी  ज़िन्दा क़ब्रेंअफ्रीका के घने जंगल में दो निर्वस्त्र आदमी एक दूसरे के सामने से गुज़र रहे थे। पास आने पर एक ने पूछा, ‘‘इतिहास से छेड़छाड़...’’, दूसरे ने कहा ‘‘...नहीं होनी…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by सतविन्द्र कुमार राणा Feb 3.

 

योगराज प्रभाकर's Page

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babitagupta replied to योगराज प्रभाकर's discussion लघुकथा विधा : तेवर और कलेवर
"सादर नमस्ते सर जी ,बहुत ही विस्तृत जानकारी से अवगत करवाने के लिए आभार ."
Thursday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मोहतरम आली जनाब समर कबीर साहिब, आदाब. मँच आपके धार्मिक फ़राईज़ से बखूबी वाकिफ़ है. और यह बात भी सभी को मालूम है कि आप इस मौक़े पर बाकायदा इत्तेला देकर जाते है, यह अन्य सदस्यों के लिए एक उदाहरण है. हालाकि आपकी इस आरज़ी अदम मौजूदगी से यहाँ रौनक आधी रह…"
May 14
Mahendra Kumar replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"समयाभाव के कारण इस बार न तो मैं साथी रचनाकारों की लघुकथाओं पर टिप्पणी कर पाया और न ही अपनी लघुकथा पर आयी टिप्पणियों का प्रत्युत्तर. इस हेतु मैं सभी से क्षमाप्रार्थी हूँ. मेरी लघुकथा को लेकर एक आम राय यह रही कि यह अस्पष्ट है. इसलिए इसे मैंने संशोधित…"
May 14
babitagupta joined Admin's group
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लघुकथा की कक्षा

समूह का उद्देश्य : लघुकथा विधा और उसकी बारीकियों पर चर्चा.समूह प्रबंधक : श्री योगराज प्रभाकरSee More
May 5

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएँ भाई गणेश बागी जी.  "
May 4
Sheikh Shahzad Usmani replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"बेहतरीन समसामयिक और महत्वमहत्त्व विषय पर लघुकथा प्रेमियों और रचनाकारों को मन की बात सम्प्रेषित करने का अवसर प्रदान करने के लिए और शानदार संकलन में सभी सम्मानित रचनाकारों के साथ मेरी रचना को 7 वें स्थान पर स्थापित करने के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत…"
May 3
Samar kabeer replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"जनाब योगराज प्रभाकर साहिब आदाब,लघुकथा गोष्ठी अंक-37 के त्वरित संकलन के लिए बधाई स्वीकार करें ।"
May 1
Tasdiq Ahmed Khan replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"मुहतरम जनाब योगराज साहिब ,ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्टी अंक--37 की कामयाब निज़ामत और त्वरित संकलन के लिए मुबारक बाद क़ुबूल फरमायें।"
May 1
Mohan Begowal replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"सर जी , मेरी लघु कथा को संकलन का हिस्सा बनाने के लिए , आप जी का बहुत धन्यवाद"
May 1
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक - ३७ के सफल संचालन, शानदार संपादन एवम त्वरित संकलन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी।"
May 1

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ

(1). आ० मोहम्मद आरिफ़ जी उपाय------------------------------ब्रह्म ज्योतिषी के आगे हाथ बढ़ाते हुए -" इन रेखाओं को देखकर बताइए आखिर ये क्या कहती है ? "ब्रह्म ज्योतिषी ने जैसे ही उसके हाथों की रेखाओं को देखा तो उन्हें चक्कर आने लगे । कुछ देर संभलने के बाद बोले -" मैं पहली बार ऐसी रेखाओं को देखकर अभिभूत हूँ । बताने में संकोच हो रहा है ।"" कैसा संकोच ? संकोच की कोई आवश्यकता नहीं है , खुलकर बताइए ।"" सच सहन कर सकोगे ।"" क्यों नहीं !"" तो सुनो , सभी रेखाएँ भीषण संक्रमण-काल के दौर से गुजर रही है और संकट…See More
May 1
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion लघुकथा विधा : तेवर और कलेवर
"हार्दिक आभार आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी। अति महत्वपूर्ण और बेहद उम्दा जानकारी।मेरी निजी रॉय में यह आलेख लघुकथा विधा से जुड़े हर व्यक्ति को कंठस्थ कर लेना चाहिये।एक सफल लघुकथा लेखक बनने के लिये यह एक अनिवार्य पाठ है।आपके द्वारा समय समय पर लघुकथा…"
May 1

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 (विषय: भारत)
"आ० तेजवीर सिंह जी, प्रदत्त विषय को लेकर बिला-शुबा आपने एक सशक्त लघुकथा रची है जिस हेतु आपकी उत्कृष्ट कल्पनाशक्ति हेतु आपको हार्दिक बधाई देता हूँ. लेकिन जैसा कि मैं पहले कई बार अर्ज़ कर चुका हूँ कि जब तक 'कथ्य' को 'तथ्य' का कुशन…"
Apr 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 (विषय: भारत)
"पौराणिक पात्रों /घटनाओं को विषय बनाकर लघुकथा कही जाती रही है, लेकिन उसमे अपनी कल्पनाशीलता का पुट डालकर. मगर इस लघुकथा में आपकी कल्पनाशीलता कहाँ है प्रिय शशि जी? आपने तो सती अनुसुईया जी का किस्सा लगभग हूबहू वैसे  ही चस्पाँ कर दिया है जैसा…"
Apr 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-37 (विषय: भारत)
"प्रदत्त विषय पर आपको लघुकथा कहते हुए देखना बहुत अच्छा लगा भाई निलेश नूर जी. आपने जो कहना चाह है वह बिलकुल साफ़-शफ्फाक़ है जिस हेतु मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें. लेकिन शुरुयात थोड़ी गड्ड-मड्ड हो गई है, क्योंकि इसमें कौरव सभा का ज़िक्र बेमानी हो…"
Apr 30

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to babitagupta's discussion प्रशनोत्तर in the group सुझाव एवं शिकायत
"ऐसे ड्राफ्ट आपके ब्लोग में ही सेव होंगे. लेकिन उन्हें आपके अतिरिक्त और कोई नही देख पाएगा. "
Apr 30

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तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
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Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 18 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 14 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (79 comments)

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At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
At 12:39am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

परम आदरणीय योगराज प्रभाकर सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 10:21am on July 12, 2015, kanta roy said…
सर जी , मेरा कमेंट बाॅक्स नहीं खुल पा रहा है लघुकथा की कक्षा में । क्यों ???
At 4:05pm on January 3, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

नए वर्ष में         नए हर्ष में

सुधियों     का      मकरंद i

जीवन का परिमल बन जाए

महकाये      हर      छंद I

      -गोपाल नारायन  श्रीवास्तव

At 10:08pm on December 8, 2014, poonam dogra said…

Thank you so much Yograj ji for adding me..

 
 
 

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