For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani
  • Male
  • SHIVPURI M.P.
  • India
Online Now
Share

Sheikh Shahzad Usmani's Friends

  • Archana Gangwar
  • Mohammed Arif
  • Mirza Hafiz Baig
  • surender insan
  • Kalipad Prasad Mandal
  • Rahila
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • Ashish Painuly
  • Madanlal Shrimali
  • VIRENDER VEER MEHTA
  • शिज्जु "शकूर"
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • Dr Ashutosh Mishra
 

Sheikh Shahzad Usmani's Page

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on SudhenduOjha's blog post तुम जो होते तो हम भी संभल गए होते। ये हालात हैं, कुछ तो बदल गए होते॥
"अनुभवों और अपेक्षाओं को पिरोती बढ़िया रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय सुधेन्दु ओझा जी।"
4 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
"बहुत ही प्रेरक व विचारोत्तेजक रचना के लिये हार्दिक बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी।"
7 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on विनय कुमार's blog post सीख लिया है- एक ग़ज़ल
"जी,बिल्कुल। .... वक़्त/विज्ञान-तकनीक-विकास/विश्व-विकास/सामाजिक-आर्थिक-व्यावसायिक विकास अर्थात वक़्त के साथ, हालात के साथ हमने बदलना सीख लिया है। बेहतरीन यथार्थपूर्ण ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई और आभार आदरणीय विनय कुमार साहिब।"
14 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Arpana Sharma's blog post नीरज जी को श्रृद्धाजंली - अर्पणा शर्मा भोपाल
"बहुत बढ़िया सार्थक भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि। हार्दिक आभार आदरणीया अपर्णा शर्मा जी। (ड़गमगाई= डगमगाई)"
20 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

जनता जस-की-तस! (छंदमुक्त/अतुकांत कविता)

विश्वास-अविश्वास की बहसजगहंसाई के रहस्यफ़िल्मी रसलोकतंत्र को डससंस्कार तहस-नहसरो ले , सो ले या बस हंस!जनता जस-की-तस!*अचरज ही अचरजवर्षों पुराना मरज़डीलें संवेदनशीलअपनों को बस लीलग़रीबों पर तरसधन अमीरों पर बरसफ़िल्मी रसव्यवस्था तहस-नहस!मतदाता जस-का-तस!*राज़ों का संत्रासहिलते स्तंभों के आभासधर्म-गुरुओं के दासबदले राजनीति के अंदाज़जनता पर ग़ाज़गप्पों की झप्पीविवादों की लत्तीबड़बोलेपन की मस्तीहंसी-मज़ाक, ग़रीबी सस्तीविश्वास-अविश्वास की बहसविधि-विधान तहस-नहससंविधान को डस!जनता जस-की-तस!(मौलिक व अप्रकाशित)See More
8 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"बहुत सुंदर अलंकृत शब्द मोतियों से परिपूर्ण रचना हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया अपर्णा शर्मा जी।"
18 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Arpana Sharma's blog post लघुकथा- फर्क (अर्पणा शर्मा)
"अंतर/दोगलापन स्पष्ट करती बहुत बढ़िया प्रस्तुति।हार्दिक बधाइयां आदरणीया अपर्णा शर्मा जी।"
18 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"हमारे प्रिय कवियों में से एक दिवंगत नीरज साहिब को विनम्र श्रद्धांजलि।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत ही सारगर्भित विनम्र श्रद्धांजलिदिवंगत नीरज जी को।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बारिश और वर्षा-धन  पर बेहतरीन शब्द-चित्रमाला। बहुत बढ़िया विचारोत्तेजक क्षणिकाएं। तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार मुहतरम जनाब मोहम्मद आरिफ़  साहिब।"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"लघुता में तीक्ष्णता। बहुत ही विचारोत्तेजक क्षणिका सृजन के लिए हार्दिक बधाई और मार्गदर्शन हेतु हार्दिक आभार मुहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब।"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post खरा सोना - लघुकथा –
"बेहतरीन शीर्षक के साथ बहुत बढ़िया प्रेरक व विचारोत्तेजक रचना।हार्दिक बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी।"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"ज़िन्दगी के एक अहम मोड़ पर सामाजिक सरोकार की समसामयिक सकारात्मक रचना। हार्दिक बधाई और आभार मार्गदर्शन हेतु आदरणीय तेजवीर सिंह  साहिब।"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बढ़िया समापन के साथ बढ़िया रचना।हार्दिक बधाई आदरणीय विनय कुमार  जी।"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post चलती का नाम औपचारिकता (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर समय देकर इसके मर्म तक जाकर अपने विचार व प्रतिक्रिया सांझा करते हुए मेरी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरमा जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब, जनाब समर कबीर साहिब,जनाब विजय…"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सोज़-ए-शहर (लघुकथा)
"एक बार पुनः हार्दिक धन्यवाद आदरणीय राज़ नवादवी साहिब। आपकी रचना ने मेरी रचना के भावव मक़ासिद पर चार चांद लगाये हैं!"
Wednesday

Profile Information

Gender
Male
City State
Shivpuri M.P.
Native Place
Shivpuri
Profession
Radio Announcer
About me
A Private School- teacher, Freelancer and a Casual Radio Announcer. Simlple living, high thinking, fond of reading and writing.

Sheikh Shahzad Usmani's Blog

जनता जस-की-तस! (छंदमुक्त/अतुकांत कविता)

विश्वास-अविश्वास की बहस

जगहंसाई के रहस्य

फ़िल्मी रस

लोकतंत्र को डस

संस्कार तहस-नहस

रो ले , सो ले या बस हंस!

जनता जस-की-तस!

*

अचरज ही अचरज

वर्षों पुराना मरज़

डीलें संवेदनशील

अपनों को बस लील

ग़रीबों पर तरस

धन अमीरों पर बरस

फ़िल्मी रस

व्यवस्था तहस-नहस!

मतदाता जस-का-तस!

*

राज़ों का संत्रास

हिलते स्तंभों के आभास

धर्म-गुरुओं के दास

बदले राजनीति के अंदाज़

जनता पर ग़ाज़

गप्पों की झप्पी

विवादों की…

Continue

Posted on July 20, 2018 at 7:58pm

'स्वावलंबन, भारतीयता या आज़ादी' (लघुकथा)

अपने इस मुकाम पर वह अब अपनी डायरी और फोटो-एलबम के पन्ने पलट कर आत्मावलोकन कर रही थी।

"सांस्कृतिक परंपरागत रस्म-ओ-रिवाज़ों को निबाहती हुई मैं सलवार-कुर्ते-दुपट्टे से जींस-टॉप के फैशन की चपेट में आई और फिर आधुनिक कसी पोशाकों को अपनाती हुई वाटर-पार्क व स्वीमिंगपूलों के लुत्फ़ लेती हुई अत्याधुनिक स्वीमिंग सूट तक पहुंच ही गई!" तारीख़ों पर नज़रें दौड़ाती हुई एक आह सी भरती हुई उसने अपनी आपबीती पर ग़ौर फ़रमाते हुए अपने आप से कहा - "ओह, धन-दौलत और नाम कमाने की लालच में फैशनों का अंधानुकरण…

Continue

Posted on July 14, 2018 at 7:27pm — 8 Comments

'दो सितारों का मिलन' (लघुकथा)

"हैलो! आदाब! ठीक तो हैं न! कहां तक पहुंच गईं आप? ज़रा अपनी घड़ी साहिबा पर भी इक नज़र तो डालियेगा!" शायर 'राज़' साहिब ने साहित्यिक सम्मेलन परिसर के मुख्य द्वार पर अगली सिगरेट का अगला लम्बा कश लेते हुए मोबाइल फ़ोन पर एक बार में ये सवाल दाग़ दिये!



"आदाब राज़ साहिब! मैं वहीं हूं अपनी क़लम संग, जहां मुझे इस वक़्त होना चाहिए!" दूसरी तरफ़ से चिर-परिचित सुरीली आवाज़ में सोशल मीडिया की आभासी सहेली शायरा शबाना ने आश्चर्य-मिश्रित लहज़े में कहा - "माना कि आप घड़ी नहीं पहनते, लेकिन अपने मोबाइल पर मेरे…

Continue

Posted on July 8, 2018 at 9:19pm — 6 Comments

'गुड टाइम, बैड टाइम' (लघुकथा)

"अब तो बता दो कि 'गुड टेररिज़्म (आतंकवाद)' और 'बैड टेररिज़्म' में वाक़ई क्या फ़र्क है?" एक धर्मावलंबी ने कहा।



"वही फ़र्क है न, जो इंसां की ज़िन्दगी में 'गुड टाइम' और 'बैड टाइम' में है; जो 'गुड ह्यूमन' और 'बैड ह्यूमन' के बीच में है!" दूसरे ने जवाब दिया।



"जी नहीं, अंतर वही है, जो 'गुड ह्यूमन' के 'बैड टाइम' और 'बैड ह्यूमन' के 'गुड टाइम' के बीच में है!" एक हारे हुए परेशां शिक्षित बेरोज़गार ने अपनी पथराई आंखों से दो बूंदे टपकाते हुए कहा - "नासमझी या दुर्भाग्य से 'गुड टाइम' किसी…

Continue

Posted on July 7, 2018 at 6:30pm — 2 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:43am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

"आदरणीय Sheikh Usmani साहब, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर "

At 11:59am on April 12, 2018, MD SHAFIQUE ASHRAF said…

जी बहूत  बहुत शुक्रिया जनाब ... नया हूँ .... थोड़ा सीखने का मौका दीजिये  

At 10:23am on January 8, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय शेख भाई जी आपके मित्रों की सूची में खुद को शामिल पाकर मैं सुखद अनुभूति कर रहा हूँ आपकी लघु कथाएं इस मंच पर मेरे बिशेष आकर्षण का केंद्र है आपकी हर लघु कथा मैं पढता हूँ आपकी कलम सृजन के नए आयाम स्थापित करती रहे ऐसी अपनी शुभकामनाओं के साथ सादर
At 8:23pm on August 5, 2016, pratibha pande said…

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ  आदरणीय उस्मानी जी  ,आपका रचनाकर्म हर दिन नई बुलंदियां छुएँ ,ये कामना करती हूँ 

At 7:30am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
श्रद्धेय शेख शहजाद उस्मानी साहब ये सब तो आप जैसे मित्रों के सहयोग से ही हुआ है और आशा करता हूं कि भविष्य में भी मेरा मार्गदर्शन करते रहेंगे। हृदय की गहराईयों से धन्यवाद ।
At 8:42am on May 24, 2016, महिमा वर्मा said…

आभार आपका आ.शेख उस्मानी सर जी,अभी जानकारी  पूरी नहीं है ,तो आपको जवाब देने में देर हो गई.पुनः आभार आपका .

At 2:11pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

मित्रता के लिए आभार 

At 8:41am on November 18, 2015, pratibha pande said…

हार्दिक आभार आपका आदरणीय 

At 9:27am on November 4, 2015, kanta roy said…

देखी वफ़ा-ए-फ़ुरसत-ए-रंज-ओ-निशात-ए-दहर

ख़मियाज़ा यक दराज़ी-ए-उमर-ए-ख़ुमार था---- 

मिर्ज़ा ग़ालिब साहब का ये शेर आज आपके लिए
असीम शुभकामनाएँ आपको आदरणीय शहजाद जी।

 

At 3:47pm on October 17, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
आदरणीय Er. Ganesh Jee "Bagi" जी सूचना अनुसार वांछित जानकारी एडमिन की ई-मेल परआज प्रेषित कर दी है ।सादर सधन्यवाद
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
"बहुत ही प्रेरक व विचारोत्तेजक रचना के लिये हार्दिक बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी।"
7 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on विनय कुमार's blog post सीख लिया है- एक ग़ज़ल
"जी,बिल्कुल। .... वक़्त/विज्ञान-तकनीक-विकास/विश्व-विकास/सामाजिक-आर्थिक-व्यावसायिक विकास अर्थात वक़्त…"
14 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"आदरणीय समर कबीर साहिब आदाब सर सृजन आपकी मधुर प्रशंसा का एवं सुझाव का दिल से आभार। मैं इसे अभी एडिट…"
19 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी सृजन पर आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से आभार।"
19 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Arpana Sharma's blog post नीरज जी को श्रृद्धाजंली - अर्पणा शर्मा भोपाल
"बहुत बढ़िया सार्थक भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि। हार्दिक आभार आदरणीया अपर्णा शर्मा जी। (ड़गमगाई=…"
20 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"आदरणीय तेज तेज वीर सिंह जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।"
21 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"आदरणीय बसंत कुमार जी सृजन आपकी मधुर प्रशंसा का आभारी है।"
21 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"आदरणीय नरेंद्र चौहान जी सृजन को मान देने का दिल से आभार।"
21 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"आदरणीय मो.आरिफ साहिब आदाब , सृजन आपकी आत्मीय काव्यात्मक प्रशंसा का दिल की असीम गहराईयों से हार्दिक…"
22 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका - तूफ़ान ....
"आदरणीय   Samar kabeerजी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।"
30 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका - तूफ़ान ....
"आदरणीय  Shyam Narain Vermaजी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।"
31 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय शिज्जू शकूर जी आदाब,                    …"
33 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service