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Sheikh Shahzad Usmani
  • Male
  • SHIVPURI M.P.
  • India
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Sheikh Shahzad Usmani commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकू
"आदाब। बेहतरीन समसामयिक व शिल्पबद्ध सारगर्भित सृजन के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया नीलम उपाध्याय साहिबा।"
Jun 11
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जनाब तेजवीर साहिब, बहुत ही दुःखद समाचार प्राप्त हुआ, इस दुःख की घड़ी में हम सभी आपके साथ हैंं, ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें ।"
Jun 11
Sheikh Shahzad Usmani added a discussion to the group बाल साहित्य
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चुन्नी की बाजीजान (बाल-कविता)

कबूतर बाजी आ गईंबालकनी पर बैठ गईं।लू-लपटें चल रहींआसरा वो ढूंढ रहीं।कबूतर बाजी अंदर आईंफ्लैट पूरा जब घूम आईं।मिला न कोई अड्डा मन कापंखों से था ख़तरा तन का।कौने में दुबक कर बैठ गईंजैसे-तैसे प्राण बचा पाईं।चुन्नी ने पंखे ऑफ़ कियेकबूतरनी के फोटो लिये।सेल्फ़ी भी ख़ूब ली गईंखाना-पानी ही भूल गईं।रात जब होने को आईचुन्नी को अब याद आई।भोजन-पानी भर कटोरीपास कबूतरनी रख आईं।बड़े सबेरे दुपट्टा फैंकाकबूतरनी पकड़ न पाईं।पंख ताक़त से फड़फड़ाकरकबूतर बाजी अब उड़ पाईं।नज़र गई दरवाज़े पर जबठंडी हवा में वो भाग पाईं।चुन्नी खड़ी…See More
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदाब। संकल्पोंं और नेक कामों और इबादत के मासिक प्रशिक्षण सेमिनार माह-ए-रमज़ान के फाइनल डे की ख़ुशी, फ़ितरा--जक़ात अदा कर सामाजिक संतुलन अभ्यास की ख़ुशी के दिवस ई़द-उल-फ़ित्र  की आप सभी परिवारजन को तहेेे दिल से बहुत-बहुत मुुुबारक़़बाद और शुभकामनाएं।"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani commented on मोहन बेगोवाल's blog post इक कदम (लघुकथा)
"आदाब। कथानक व कथ्य बेहतरीन है। पात्रों को एकदम स्पष्ट न कर, सरप्राइज एलीमेंट बरकरार रखने वाली शैली में बढ़िया कथोपकथन कराते हुए बढ़िया अंत के साथ ढेर सारा अनकहे में छोड़ा गया है पाठक को बालश्रम के मुख्य मुद्दे को उभारते हुए। हार्दिक बधाई जनाब मोहन…"
Jun 4
Sheikh Shahzad Usmani added a discussion to the group बाल साहित्य
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चुन्नी की बाजीजान (बाल-कविता)

कबूतर बाजी आ गईंबालकनी पर बैठ गईं।लू-लपटें चल रहींआसरा वो ढूंढ रहीं।कबूतर बाजी अंदर आईंफ्लैट पूरा जब घूम आईं।मिला न कोई अड्डा मन कापंखों से था ख़तरा तन का।कौने में दुबक कर बैठ गईंजैसे-तैसे प्राण बचा पाईं।चुन्नी ने पंखे ऑफ़ कियेकबूतरनी के फोटो लिये।सेल्फ़ी भी ख़ूब ली गईंखाना-पानी ही भूल गईं।रात जब होने को आईचुन्नी को अब याद आई।भोजन-पानी भर कटोरीपास कबूतरनी रख आईं।बड़े सबेरे दुपट्टा फैंकाकबूतरनी पकड़ न पाईं।पंख ताक़त से फड़फड़ाकरकबूतर बाजी अब उड़ पाईं।नज़र गई दरवाज़े पर जबठंडी हवा में वो भाग पाईं।चुन्नी खड़ी…See More
Jun 3
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"रचना पर समय देकर मुझे प्रोत्साहित करने के लिए हार्दिक धन्यवाद आदरणीया बबीता गुप्ता जी।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"आदाब। बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद आदरणीया राजेश कुमारी जी।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"आदाब। इस हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब तस्दीक़ अहमद खान साहिब।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब ओमप्रकाश प्रकाश क्षत्रीय 'प्रकाश' जी।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"शुक्रिया।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"आदाब। हौसला अफ़ज़ाई के लिए हार्दिक धन्यवाद जनाब तस्दीक़ अहमद ख़ान साहिब।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया.जी। "
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"बहुत बढ़िया। हार्दिक बधाई आदरणीया भूपिन्दर कौर जी।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"बहुत बढ़िया प्रस्तुति। हार्दिक बधाई आदरणीया कनक हरलाल्का जी।"
May 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" स्वर्ण जयंती अंक-50
"बहुत बढ़िया सकारात्मक संदेशवाहक रचना हार्दिक बधाई आदरणीय मृणाल आशुतोष जी। "
May 31

Profile Information

Gender
Male
City State
Shivpuri M.P.
Native Place
Shivpuri
Profession
Radio Announcer
About me
A Private School- teacher, Freelancer and a Casual Radio Announcer. Simlple living, high thinking, fond of reading and writing.

Sheikh Shahzad Usmani's Blog

छुट्टियों में हिंदी (संस्मरण)

विद्यालयीन हिंदी विषय पाठ्यक्रमों में हिंदी साहित्य की विभिन्न गद्य या काव्य विधायें बच्चे क्यों पसंद नहीं करते/कर सकते? यह सवाल मेरे मन में अक्सर उठता है।

मैं मानता हूँ कि यदि विद्यालयीन पाठ्यक्रमों में हिंदी साहित्य विधाओं की छोटी रचनायें कहानियां आदि/अतुकांत कविताएं/ क्षणिकाएं/कटाक्षिकायें आदि सम्मिलित की जायें; योग्य हिंदी शिक्षकों द्वारा बढ़िया समझाई जायें, तो विद्यार्थी उन्हें अधिक पसंद करेंगे।

अभी विद्यालयों में हिंदी पाठ भलीभांति कहाँ समझाये जा रहे हैं? मुख्य कठिन विषयों…

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Posted on May 26, 2019 at 9:30am

अथ अभिकल्पित-आचार-संहिता (आलेख)

बच्चों को शुरू से अध्यात्म, आराधना,  वंदना आदि का व्यावहारिक अभ्यास 'लर्न विद़ फ़न, लर्न विद़ कर्म' या 'देखो, करो और सीखो' पद्धति से कराया जा सकता है। प्रवचन, भाषण, गायन, पुस्तकीय पठन-पाठन मात्र से नहीं। इसके लिए तो हर सरकारी दस्तावेज़ जारी या उपलब्ध कराने, विवाह, गर्भधारणा और उपाधियां देने से पहले, नागरिकता, आधार कार्ड, राशनकार्ड, परिचय पत्र, बैंक अकाउंट, सिमकार्ड, मताधिकार, ड्राइविंग लाइसेंस आदि उपलब्ध कराने से पहले भारत में जन्मे हर भारतवासी को भारत की सर्वधर्म समभाव वाली, …
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Posted on May 19, 2019 at 11:31pm — 4 Comments

'कौन अनाड़ी, कौन खिलाड़ी?' (कविता)

हुन-हुना रे हुन-हुना

गुण गिना के गुनगुना

ज़ोर लगा के हय्शा

वोट-पथ पर नैया

अनाड़ी-खिलाड़ी खेवैया

मुश्किल में वोटर भैया

हुआ-हुआ जो बहुत हुआ

अपशब्दों का खेल हुआ

जुआ-जुआ सा हो गया

मतदाता खप-बिक गया

जनतंत्र पर क्या मंत्र हुआ

दुआ-दुआ करो, न बददुआ

संविधान का कर दो भला

कर भला , सो सबका भला

टाल सको, तो अब टाल बला

हुन-हुना रे हुन-हुना

गुण गिना के गुनगुना

ज़ोर लगा के हय्शा

वोट-पथ पर नैया

अनाड़ी-खिलाड़ी खेवैया…

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Posted on May 14, 2019 at 9:00am — 3 Comments

माँ और मैं (चोका)

माँ बहुरूपी

मौजूद इर्द-गिर्द

पहचाना मैं!

ममता बरसाती

नि:स्वार्थ वामा

प्रकृति महायोगी

रोगी-भोगी मैं!

है त्यागी, चिकित्सक

सहनशील

सामंजस्य-शिक्षिका

शिष्य, लोभी मैं!

व्यक्तित्व बहुमुखी

चरित्रवान

परोक्ष-अपरोक्ष

लाभान्वित मैं!

विवादित-शोषित

कोमलांगिनी

अग्निपथ गमन

स्वाभिमानी माँ

यामिनी या दामिनी

अभियुक्त मैं!

बहुजन सुखाय

आत्म-दुखाय

उर्वीजा देवी तुल्य

है पूज्यनीय

पाता माता में…

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Posted on May 10, 2019 at 3:00am — 1 Comment

Comment Wall (13 comments)

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At 12:50am on October 5, 2018, mirza javed baig said…

आली जनाब शहज़ाद उस्मानी साहिब आदाब, 

मुझे अपनी दोस्तों की फ़ेहरिस्त में जोड़ने का शुक्रिया 

At 6:43am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

"आदरणीय Sheikh Usmani साहब, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर "

At 11:59am on April 12, 2018, MD SHAFIQUE ASHRAF said…

जी बहूत  बहुत शुक्रिया जनाब ... नया हूँ .... थोड़ा सीखने का मौका दीजिये  

At 10:23am on January 8, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय शेख भाई जी आपके मित्रों की सूची में खुद को शामिल पाकर मैं सुखद अनुभूति कर रहा हूँ आपकी लघु कथाएं इस मंच पर मेरे बिशेष आकर्षण का केंद्र है आपकी हर लघु कथा मैं पढता हूँ आपकी कलम सृजन के नए आयाम स्थापित करती रहे ऐसी अपनी शुभकामनाओं के साथ सादर
At 8:23pm on August 5, 2016, pratibha pande said…

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ  आदरणीय उस्मानी जी  ,आपका रचनाकर्म हर दिन नई बुलंदियां छुएँ ,ये कामना करती हूँ 

At 7:30am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
श्रद्धेय शेख शहजाद उस्मानी साहब ये सब तो आप जैसे मित्रों के सहयोग से ही हुआ है और आशा करता हूं कि भविष्य में भी मेरा मार्गदर्शन करते रहेंगे। हृदय की गहराईयों से धन्यवाद ।
At 8:42am on May 24, 2016, महिमा वर्मा said…

आभार आपका आ.शेख उस्मानी सर जी,अभी जानकारी  पूरी नहीं है ,तो आपको जवाब देने में देर हो गई.पुनः आभार आपका .

At 2:11pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

मित्रता के लिए आभार 

At 8:41am on November 18, 2015, pratibha pande said…

हार्दिक आभार आपका आदरणीय 

At 9:27am on November 4, 2015, kanta roy said…

देखी वफ़ा-ए-फ़ुरसत-ए-रंज-ओ-निशात-ए-दहर

ख़मियाज़ा यक दराज़ी-ए-उमर-ए-ख़ुमार था---- 

मिर्ज़ा ग़ालिब साहब का ये शेर आज आपके लिए
असीम शुभकामनाएँ आपको आदरणीय शहजाद जी।

 

 
 
 

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