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KALPANA BHATT commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल - वफ़ाओं के बदले वफ़ा चाहता हूँ
"कुछ अशआर बेहद खुबसूरत लगे | हार्दिक बधाई आपको | इतनी बड़ी ग़ज़ल लिखी जा सकती है क्या ? आदरणीय समर साहब ने बहुत अच्छे से बाते समझाई हैं जिसके लिए उनको साधुवाद | आपको बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल के लिए |"
Sep 13
KALPANA BHATT commented on SALIM RAZA REWA's blog post ग़ज़ल - शर्मिन्दा कर रहा है कोई " सलीम रज़ा
"ये ज़िंदगी तिलिस्म की तरहा है दोस्तो ” क्या देखते नहीं हो बिखरते हुबाब को ” . जुगनू मुक़ाबले पे न आ जाएं अब कहीं ” इस बात ने परेशां किया आफ़ताब को ” बहुत खूब आदरणीय | हार्दिक बधाई |"
Sep 13
KALPANA BHATT commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आदरणीय कुमार नुसरत जी बहुत प्यारी ग़ज़ल कही है आपने | हार्दिक बधाई आपको |"
Sep 13
VIRENDER VEER MEHTA and KALPANA BHATT are now friends
Sep 10
KALPANA BHATT commented on KALPANA BHATT's blog post बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)
"धन्यवाद आदरणीय समर भाई जी ।"
Sep 2
KALPANA BHATT posted a blog post

बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)

" यार ,वहां जो चर्चा चल रही है , उसके बारे में कोई जानता है क्या ?" कैंटीन में बैठे हुए करण ने अपने साथियों से पूछा |"" , क्या वही चर्चा जिसमें इतिहास की बातें चल रही हैं ? सुना है वहां भारत में पहले कौन आया इस विषय पर चर्चा हो रही है |" साथी मित्र ने उत्तर दिया |दूसरा बोला , ", मुझे तो बचपन से लगता रहा है कि, उफ्फ् कितनी सारी तारीखें , कितने देश और उनके साथ जुड़ा उनका इतिहास | "" जो भी हो पर यह है तो बड़ा दिलचस्प , समय बदला तारीखें बदली , राजा महाराजा बदले , राज करने के तरीके बदले , कितना कुछ…See More
Sep 2
KALPANA BHATT replied to Seema Singh's discussion ओबीओ कानपुर चैप्टर द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता एवं सेमीनार: एक रपट
"बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें । आपकी मेहनत और लगन और आपका अपनी विधा के लिए समर्पण,जिसके लिए आपको साधुवाद । स्नेहाशीष सीमा । बेहद ख़ुशी होती है आपकी इन गतिविधियों को देखकर ।"
Sep 2
Chandresh Kumar Chhatlani commented on KALPANA BHATT's blog post बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)
"बहुत अच्छी लघुकथा कही है आदरणीया कल्पना दी| अंतिम पंक्ति का कटाक्ष अपना प्रभाव छोड़ने में सक्षम है| सादर बधाई स्वीकार करें इस सृजन हेतु|"
Sep 2
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT's blog post बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)
"बहना कल्पना भट्ट जी आदाब,बहुत अच्छी लगी आपकी लघुकथा,प्रयास करती रहें,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 1
KALPANA BHATT commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -दिल ने थोड़ा मलाल रक्खा है
"बेहतरीन ग़ज़ल हुई है आदरणीय निलेश जी | हार्दिक बधाई आपको |"
Sep 1
KALPANA BHATT commented on vijay nikore's blog post एक दुखता फोड़ा ---- अमृता प्रीतम जी संस्मरण
"बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण संस्मरण आदरणीय विजय जी | सादर धन्यवाद् आपको , जो इतने सुंदर पल आपने साझा किये हैं | इतनी महान हस्ती से आपने हमें भी मिलवा दिया | नमन सर |"
Sep 1
KALPANA BHATT commented on KALPANA BHATT's blog post बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)
"धन्यवाद् आदरणीय शहजाद भाई | "
Sep 1
KALPANA BHATT commented on KALPANA BHATT's blog post बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)
"धन्यवाद् आदरणीय फूल सिंह जी |"
Sep 1
KALPANA BHATT replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 में शामिल सभी रचनाएँ
"लघुकथा गोष्ठी अंक २९ के सफल आयोजन और त्वरित संकलन के लिए आपको ढेरों बधाई सर | इस बार भी गोष्ठी समाप्त होते ही आपने संकलन पोस्ट कर दिया | आपके इस जज्बे को नमन आदरणीय |  मेरी लघुकथा को स्थान देने हेतु आपका सादर धन्यवाद सर | जो कमी रह गयी है…"
Sep 1
KALPANA BHATT replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 (विषय: अनकहा)
"सादर धन्यवाद आदरणीय सीमा जी आपके सुझाव सर आँखों पर | प्रयास करुँगी आपको भी पसंद आये ऐसा कुछ लिखने का | "
Aug 31
KALPANA BHATT replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-29 (विषय: अनकहा)
"सर आपने प्रश्नों का जवाब दिया और मेरी उत्सुकता का समाधान किया , आपका दिल से धन्यवाद आदरणीय |"
Aug 31

Profile Information

Gender
Female
City State
BHOPAL
Native Place
MUMBAI
Profession
house wife
About me
was a teacher for about 20 Years. Recently resigned. I am M.A in English,B.Ed ,LLB.. . interested in literature

KALPANA BHATT's Blog

अधकटा पेड़(लघुकथा)

सुंदर से बाग़ के एक कोने में एक अधकटा पेड़ लोगों को आकर्षित तो कर रहा था पर उसकी बदसूरती पर लोग तरह तरह की बातें कर रहे थे |

और क्यों न हो चर्चा उसकी , एक बड़ा सा पेड़ जिसकी छाँव में कभी लोग बैठा करते थे आज उसकी ऐसी हालत ! एक तरफ से लग रहा थे मानो किसीने उसकी टहनियों को तोड़ कर उसकी खूबसूरती को उससे छीन लिया था |" पर ऐसा कोई क्यों करेगा ?" एक राहगीर ने दूसरे से पूछा |

" मुझे लगता है यह काम माली का ही होगा | बड़ा पागल होगा यह माली , पेड़ की कटाई करनी हो तो ढंग से तो करता |" मुँह बिचकाते…

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Posted on September 14, 2017 at 4:30pm — 11 Comments

बदल रहा है इतिहास (लघुकथा)

" यार ,वहां जो चर्चा चल रही है , उसके बारे में कोई जानता है क्या ?" कैंटीन में बैठे हुए करण ने अपने साथियों से पूछा |"

" , क्या वही चर्चा जिसमें इतिहास की बातें चल रही हैं ? सुना है वहां भारत में पहले कौन आया इस विषय पर चर्चा हो रही है |" साथी मित्र ने उत्तर दिया |

दूसरा बोला , ", मुझे तो बचपन से लगता रहा है कि, उफ्फ् कितनी सारी तारीखें , कितने देश और उनके साथ जुड़ा उनका इतिहास | "

" जो भी हो पर यह है तो बड़ा दिलचस्प , समय बदला तारीखें बदली , राजा महाराजा बदले , राज करने…

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Posted on August 29, 2017 at 3:00pm — 7 Comments

ग़ज़ल (प्रथम प्रयास)

१२२ १२२ १२२ १२२

नहीं है यहाँ पर मुझे जो बता दे
सही रास्ता जो मुझे भी दिखा दे

ये कैसी हवा जो चली है यहाँ पर
परिंदा नहीं जो पता ही बता दे

चले थे कभी साथ साथी हमारे
पुरानी लकीरों से यादें मिटा दें

कभी तो मिलेगी ज़िन्दगी पुरानी
वफ़ा की ज्वाला यहाँ भी जला दे

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on August 24, 2017 at 9:00pm — 24 Comments

बरखा ( सार छंद- १६,१२)



छन्न पकैया छन्न पकैया , आयी बरखा रानी

बोली बच्चों अंदर बैठो  , मेरी बूढ़ी नानी |

छन्न पकैया छन्न पकैया , भूख लगी है नानी

गरमा गरम पकौड़े खाएं , बोली गुड़ियाँ रानी |

छन्न पकैया छन्न पकैया , सबर रखो तुम मुनिया

मंडी से लाना होगा अब , प्याज , मिर्च औ धनियाँ|

छन्न पकैया छन्न पकैया , मिलकर खाओ भैया

आओ फिर हम नाचे गायें, करके ता ता थैया |

छन्न पकैया छन्न पकैया , जब जब भरता पानी

छप छप करते हैं पानी…

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Posted on August 19, 2017 at 11:30pm — 14 Comments

Comment Wall (5 comments)

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At 10:51pm on August 8, 2017, श्याम किशोर सिंह 'करीब' said…

संदेशात्मक लघुकथा। सहज चित्रण के लिए बधाई।

KALPANA BHATT

At 1:55pm on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीया कल्पना जी महीने की सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 1:26pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया 

श्रीमती कल्पना भट्ट जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:34am on May 15, 2016, Rahila said…
बहुत शुक्रिया आदरणीया दी! आपने मुझे दोस्ती के काबिल समझा ।
At 2:10pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

आपकी मित्रता मेरे लिए अमूल्य है , धन्यवाद आदरणीया कल्पना जी 

 
 
 

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