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बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
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  • Tinsukia
  • India
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बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Friends

  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"
 

बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Page

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बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 तस्दीक साहिब बहुत शुक्रिया।"
Oct 26, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 आसिफ़ ज़ैदी जी आपका बहुत बहुत आभार।"
Oct 26, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 समर साहिब आपका तहे दिल से शुक्रिया।"
Oct 26, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 अमित कुमार जी आभार।"
Oct 26, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"गिर्दाब में सफ़ीना है पतवार भी नहीं,चारों तरफ अँधेरा, मददगार भी नहीं। इंकार गर नहीं है तो इक़रार भी नहीं,नफ़रत भले न दिल में हो पर प्यार भी नहीं। जो अम्न के पुजारी हैं, फ़ितरत ये उनकी है,लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं। रिश्तों से कट के दुनिया बसाओ…"
Oct 26, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"जनाब नादिर खान जी अच्छी ग़ज़ल कही है, बधाई स्वीकार कीजिए।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"अमित कुमार जी अच्छी ग़ज़ल, बाकी गुणीजन की इस्लाह पर ध्यान दें।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 अजय गुप्ता जी सुंदर ग़ज़ल की बधाई स्वीकार कीजिए।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 दण्डपाणि जी अच्छी ग़ज़ल।  बहुत बहुत बधाई।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 सुरेंद्र नाथ जी बहुत अच्छी ग़ज़ल। हृदय से बधाई।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 तस्दीक़ अहमद साहिब बहुत अच्छी ग़ज़ल। बहुत बहुत बधाई।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-112
"आ0 आसिफ़ ज़ैदी जी अच्छी ग़ज़ल बधाई स्वीकार करें। बाकी गुणीजन ने बता ही दिया है।"
Oct 25, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आदरणीय अखिलेश जी आपका हृदय तल से आभार।"
Oct 13, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ0 लक्ष्मण धामी जी जल पर सुन्दर दोहे हुए हैं"
Oct 12, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ0 लक्ष्मण धामी जी बहुत आभार"
Oct 12, 2019
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"जनक छंद (जल-संकट) सरिता दूषित हो रही,व्यथा जीव की अनकही,संकट की भारी घड़ी।*** नीर-स्रोत कम हो रहे,कैसे खेती ये सहे,आज समस्या ये बड़ी।*** तरसै सब प्राणी नमी,पानी की भारी कमी,मुँह बाये है अब खड़ी।*** पर्यावरण उदास है,वन का भारी ह्रास है,भावी विपदा की…"
Oct 12, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
Tinsukia
Native Place
Tinsukia
Profession
कवि
About me
परिचय -बासुदेव अग्रवाल 'नमन' नाम- बासुदेव अग्रवाल; शिक्षा - B. Com. जन्म दिन - 28 अगस्त, 1952; स्थान - सुजानगढ़ (राजस्थान) रुचि - हर विधा में कविता लिखना। मुक्त छंद, पारम्परिक छंद, हाइकु, मुक्तक इत्यादि। गीत ग़ज़ल में भी रुचि है। परिचय - वर्तमान में मैँ असम प्रदेश के तिनसुकिया नगर में हूँ। मैं नारायणी साहित्य अकादमी से जुड़ा हुवा हूँ। हमारी नियमित रूप से मासिक कवि गोष्ठी होती है जिनमें मैं नियमित रूप से भाग लेता हूँ। नारायणी के माध्यम से मैं देश के प्रतिष्ठित साहित्यिकारों से जुड़ा हुवा हूँ। whatsup के कई ग्रुप से जुड़ा हुवा हूँ जिससे साहित्यिक कृतियों एवम् विचारों का आदान प्रदान गणमान्य साहित्यकारों से होता रहता है। Blog - narayanitsk.blogspot.com बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Blog

ग़ज़ल (तीर नज़रों का उनका चलाना हुआ)

212*

तीर नज़रों का उनका चलाना हुआ,

और दिल का इधर छटपटाना हुआ।

हाल नादान दिल का न पूछे कोई,

वो तो खोया पड़ा आशिक़ाना हुआ।

ये शब-ओ-रोज़, आब-ओ-हवा आसमाँ,

शय अज़ब इश्क़ है सब सुहाना हुआ।

अब नहीं बाक़ी उसमें किसी की जगह,

जिनकी यादों का दिल आशियाना हुआ।

क्या यही इश्क़ है, रूठा दिलवर उधर,

और दुश्मन इधर ये जमाना हुआ।

जो परिंदा महब्बत का दिल में बसा,

बाग़ उजड़ा तो वो बेठिकाना…

Continue

Posted on September 30, 2019 at 5:49pm — 4 Comments

असबंधा छंद "हिंदी गौरव

असबंधा छंद "हिंदी गौरव

भाषा हिंदी गौरव बड़पन की दाता।

देवी-भाषा संस्कृत मृदु इसकी माता।।

हिंदी प्यारी पावन शतदल वृन्दा सी।

साजे हिंदी विश्व पटल पर चन्दा सी।।

हिंदी भावों की मधुरिम परिभाषा है।

ये जाये आगे बस यह अभिलाषा है।।

त्यागें अंग्रेजी यह समझ बिमारी है।

ओजस्वी भाषा खुद जब कि हमारी है।।

गोसाँई ने रामचरित इस में राची।

मीरा बाँधे घूँघर पग इस में नाची।।

सूरा ने गाये सब पद इस में प्यारे।

ऐसी थाती पा कर हम सब से…

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Posted on September 14, 2019 at 9:10am — 3 Comments

ग़ज़ल (देते हमें जो ज्ञान का भंडार)

गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर:-

बह्र:- 2212*4

देते हमें जो ज्ञान का भंडार वे गुरु हैं सभी,

दुविधाओं का सर से हरें जो भार वे गुरु हैं सभी।

हम आ के भवसागर में हैं असहाय बिन पतवार के,

जो मन की आँखें खोल कर दें पार वे गुरु हैं सभी।

ये सृष्टि क्या है, जन्म क्या है, प्रश्न सारे मौन हैं,

जो इन रहस्यों से करें निस्तार वे गुरु हैं सभी।

छंदों का सौष्ठव, काव्य के रस का न मन में भान…

Continue

Posted on July 16, 2019 at 3:30pm — 2 Comments

बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम (ग़ज़ल)

ग़ज़ल (वो जब भी मिली)

बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम (12112*2)

वो जब भी मिली, महकती मिली,

गुलाब सी वो, खिली सी मिली।

हो गगरी कोई, शराब की ज्यों,

वो वैसी मुझे, छलकती मिली।

दिखाई पड़ीं, वे जब भी मुझे,

उन_आँखों में बस, खुमारी मिली।

लगाने की दिल, ये कैसी सज़ा,

वफ़ा की जगह, जफ़ा ही मिली।

कभी वो मुझे,बताए ज़रा,

जो मुझ में उसे, ख़राबी मिली।

गिला भी किया, ज़रा भी अगर,

पुरानी…

Continue

Posted on July 14, 2019 at 3:30pm — 5 Comments

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At 11:03pm on June 27, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय हौसला बढ़ने का
At 7:13pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
श्री बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी,

सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:42pm on August 21, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

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