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बाल साहित्य

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बाल साहित्य

यहाँ पर बाल साहित्य लिखा जा सकता है |

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Members: 158
Latest Activity: yesterday

इस समूह में सभी रचनाकारों द्वारा बाल साहित्य के साथ-साथ ही, बच्चों द्वारा रचित कवितायेँ, कहानियाँ और चित्र भी सादर आमंत्रित है.

Discussion Forum

आलस ( कथा)

अनुष्का एक आलसी लड़की थी | लाख समझाने पर भी वह टस से मस नहीं होती थी | सुबह देर से उठना ,अपने कमरे में ही चाय दूध पीना , नाश्ता करना , और फिर सब बर्तन वहीँ रख देना | कमरे की न तो वह सफाई करती और सामान भी सब अस्तव्यस्त रखती थी |उसकी माँ और भाभी उसके…Continue

Started by KALPANA BHATT yesterday.

मोबाइल संस्कृति ( कथा)

सन्देश ने अपने पापा से मोबाइल की जिद्द की , उन्होंने बहुत समझाया -" बेटा , अभी तुम बहुत छोटे हो , अभी तो तुम पाँचवी में हो , अभी से मोबाइल का क्या करोगे ?"सन्देश ने पापा को समझाते हुए कहा , " पापा, मेरे बहुत सारे दोस्तों के पास मोबाइल है , आज कल तो…Continue

Started by KALPANA BHATT on Friday.

गजल(कद्दू)

#गजल#(कद्दू)^^^^^सब्जी चाहे सूप बनाओकद्दू खाओ, रोग भगाओ।1कहता--सेवन कर लो साथी!दिल का रोगी मत कहलाओ।2चाप चढ़ायेगा क्या बीपी?डाईबीटिज को भी सरकाओ।3कब्ज-हरण कर लेगा कद्दू,मुखड़े पर खुशियाँ बिखराओ।4नींद नहीं आती है,फिर तोबीज चबाओ, पास बुलाओ।5लौह…Continue

Started by Manan Kumar singh Jul 5.

गजल(पेड़)

बच्चो! मीठी बोली बोलोबातों में कुछ मिसरी घोलो।1काँटे लाख तुम्हे भटकायें,फूलों का उपहार सँजो लो।2पेड़ लगाओ,पानी दो फिरउनके अच्छे साथी हो लो।3फल-फूलों से घर भर देंगेछाँव तले मस्ती में डोलो।4पी जाते जहरीली गैसेंऑक्सीजन में खुद को तोलो।5काट रहे जो, उनको…Continue

Started by Manan Kumar singh Jun 19.

गजल(आम)

22 22 22 22आम बनाता काम सुनो जीरोग रहें सुरधाम सुनो जी।1भिन्न बने सब,रंग अलग हैंइनके कितने नाम, सुनो जी।2बीजू की बलिहारी जाऊँबंबइया अभिराम सुनो जी।3पेड़ झुके जाते हैं लदकरटपकें, खाओ आम सुनो जी।4लटके ऊँचे,ढ़ेला मारो,गिरते,पूरनकाम सुनो जी।5रखवाला…Continue

Started by Manan Kumar singh Jun 13.

‘गिलहरी दोहे’ (बाल रचना )

एक गिलहरी चुनमुनी,पहने भूरा कोट|कुट कुट करके शान से ,खाती है अखरोट|| बच्चों को प्यारी बहुत,लगती उनको ख़ास|   आती मटक मटक कभी,फुदक-फुदक कर पास||   कतरन कपड़े की मिले ,या धागों का जाल|मुँह में लेकर भागती ,इस डाली उस डाल|| बिस्तर सुन्दर गदबदा,अच्छा…Continue

Started by rajesh kumari Jun 13.

गजल(सेबों की है बात निराली)

22 22 22 22सेबों की है बात निरालीइनके बिन कब पूरी थाली?1इनका सेवन कर लो,वरनाडॉक्टर करते हैं घर खाली।2कहते,एक अगर नित खाओरोगों की बज जाये ताली।3खेती भी कर सकते इनकीसुधरेगी हालत यूँ माली।4लाल लटकते,पात हरे सबकरते रहते हैं रखवाली।5झोंके खाकर गिरते…Continue

Started by Manan Kumar singh Jun 11.

गजल(केले की महिमा) 5 Replies

22 22 22 22केले की है महिमा,भाईउसकी होती देख बड़ाई।1कच्चा, सब्जी में आ जातापक जाये फिर गटको भाई।2छिलके दूर कहीं रखना जी,पाँव पड़ें, तो राम दुहाई।3कब्ज हरेगा, रक्त बढ़ेगा,लौह करेगा तन, हरषाई।4बाबाजी ने गज्ल बनायीगाते चलते महिमा भाई।5नाम न आने पर देखा…Continue

Started by Manan Kumar singh. Last reply by Manan Kumar singh Jun 6.

हौले हौले बोल चिरैया.....लोरी //डॉ० प्राची 4 Replies

हौले-हौले बोल चिरैया, हौले-हौले बोलपलने में कान्हा सोया है, तू मत इत-उत डोलचिरैया हौले-हौले बोल...पलकों पर सपने थिरके हैं, अधरों पर मुस्कानचाँद हिण्डोला बन बैठा है, परियाँ देतीं तानटूट न जाएँ मीठे सपनें, ये तो हैं अनमोलचिरैया हौले-हौले बोल...कच्ची…Continue

Started by Dr.Prachi Singh. Last reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला May 4.

क्लास में सफाई ( कथा) 1 Reply

स्कूल में आते ही बच्चों का ध्यान मुख्य पटल पर पड़ा जिसपर लिखा हुआ थाइस माह से स्कूल प्रबन्धक कमिटी ने तय किया है कि स्वछता अभियान के तहत जो क्लास सबसे ज्यादा साफ़ मिलेगी उस क्लास को इनाम के तौर पर एक ट्रॉफी मिलेगी साल के अंत में और जो क्लास सबसे…Continue

Started by KALPANA BHATT. Last reply by KALPANA BHATT Mar 5.

 
 
 

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