For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आशीष यादव
  • 31, Male
  • ghazipur, uttarpradesh
  • India
Share

आशीष यादव's Friends

  • Anvita
  • Dr. Geeta Chaudhary
  • Chetan Prakash
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • Samar kabeer
  • Manan Kumar singh
  • लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
  • Tushar Raj Rastogi
  • वेदिका
  • ram shiromani pathak
  • vijay nikore
  • Pradeep Patel
  • Ashish Srivastava
  • savi
  • Pradeep Kumar Kesarwani

आशीष यादव's Discussions

क्या भारत मेँ अन्तर्माध्यमिक तक हिन्दी एक अनिवार्य विषय नही होनी चाहिए
15 Replies

आज जहाँ सुनिये वहीँ भाषा का बिगड़ा स्वरूप सुनाई देता है। किस पुरुष का कर्ता है और कौन सी क्रिया लग गई पता ही नही। यह भी नही की यह युवा पीढ़ी ढंग से आंग्ल भाषा ही जानती हो। तो क्या हमारी और सरकार की यह…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 28, 2012.

 

Welcome, आशीष यादव!

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"नववर्ष की हारिक शुभकामनाएँ .. इस छांदसिक प्रयास के लिए बधाइयाँ ! शुभकामना स्वीकारिये मेरी भी श्रीमान ..  इस पद के विषम चरण पर ध्यान दीजिएगा.  दूसरे, ब्रह्माण्ड सही अक्षरी है.  शुभातिशुभ"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"बहुत ही सुंदर दोहे हुए आदरणीय यादव जी बधाई"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on आशीष यादव's blog post मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव
"जनाब आशीष यादव जी आदाब, अच्छी रचना हुई है बधाई स्वीकार करें। "
Jan 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on आशीष यादव's blog post मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव
"आ. भाई आशीष जी, सादर अभिवादन। एक अच्छी सकारात्मक रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jan 11
आशीष यादव posted a blog post

मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव

मैं पुलिस हूँ मैं पुलिस हूँ, मित्र हूँ मैं आपका ही प्यार हूँ आपकी खातिर खड़ा हूँआपका अधिकार हूँ मैं पुलिस हूँ शपथ सेवा की उठाया हूँ करूँगा आमरण धीर साहस के लिए मैंने किया वर्दी-वरण जुल्म-अत्याचार से चाहे प्रकृति की मार सेरात-दिन रक्षा करूँगा आपका बन…See More
Jan 5
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी मुसाफिर सर दोहों तक पहुंचने एवम् टिप्पणी देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके लिए नववर्ष के मंगलमय की कामना करता हूं।"
Jan 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"आ. भाई आशीष जी, नववर्ष पर सुन्दर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई। साथ ही नववर्ष की असीम हार्दिक शुभकामनाएँ।"
Jan 1
आशीष यादव posted a blog post

नव वर्ष पर 5 दोहे

सबसे पहले आपको नाथ नवाता शीशयही याचना, आपका मिलता रहे आशीषजीवन मे उत्थान दे मंगलमय नव-वर्षनए साल में छूइए नए-नए उत्कर्षशुभकामना स्वीकारिये मेरी भी श्रीमान शुक्ल पक्ष के चाँद सी बढ़े आपकी शानजैसे इस ब्रम्हांड का नही आदि ना अंत वैसे ही श्रीमान को…See More
Jan 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी ‘मुसाफिर’ जी प्रणाम।  आपकी हौसला अफजाई के लिए वह बेहद शुक्रगुजार हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद।"
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री सालिक गणवीर जी प्रणाम।  आपकी हौसला अफजाई के लिए वह बेहद शुक्रगुजार हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद।"
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री DANDPANI नाहक जी प्रणाम।  गजल पर आमद एवं बधाई के लिए बहुत-बहुत आभार।"
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री रवि शुक्ला सर प्रणाम। सर्वप्रथम मैं आपकी बधाई स्वीकार करता हूं।  सर ‘फुटानी’ शब्द कई अर्थों में प्रयोग किया जाता है। यहां उसका तात्पर्य शेखी बघारने या डींग हांकने से है। "
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री समर कबीर सर प्रणाम।  गजल पर आमद के लिए आपका आभार। मैं कोशिश करूंगा कि और समय दे सकूं। मैं चाहूंगा कि मेरी इस गजल पर गलतियों से अवगत कराएं जिससे कि मैं कुछ सीख कर सही करने का प्रयास करूं।"
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री चेतन सर प्रणाम।  मैं और बेहतर करने की कोशिश करूंगा।"
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीया ऋचा मैम प्रणाम।  ग़ज़ल पर आमद और सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Dec 29, 2021
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय श्री छोटेलाल सिंह सर प्रणाम।  गजल की सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Dec 29, 2021

Profile Information

Gender
Male
City State
GHAZIPUR, U.P.
Native Place
GHAZIPUR
Profession
work in defence
About me
एक सीधा-सादा इन्सान जो जीवन एवँ मानव की सच्चाईयों को जानने मे लगा हुआ है।

आशीष यादव's Photos

  • Add Photos
  • View All

आशीष यादव's Blog

मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव

मैं पुलिस हूँ 

मैं पुलिस हूँ, मित्र हूँ 

मैं आपका ही प्यार हूँ 

आपकी खातिर खड़ा हूँ

आपका अधिकार हूँ 

मैं पुलिस हूँ 

शपथ सेवा की उठाया हूँ करूँगा आमरण 

धीर साहस के लिए मैंने किया वर्दी-वरण 

जुल्म-अत्याचार से चाहे प्रकृति की मार से

रात-दिन रक्षा करूँगा आपका बन आवरण 

मैं अहर्निश कमर कसकर 

वेदना में भी विहँसकर 

कर्म को तैयार हूँ

मैं पुलिस हूँ 

मैं पुलिस…

Continue

Posted on January 5, 2022 at 9:23am — 2 Comments

नव वर्ष पर 5 दोहे

सबसे पहले आपको नाथ नवाता शीश
यही याचना, आपका मिलता रहे आशीष

जीवन मे उत्थान दे मंगलमय नव-वर्ष
नए साल में छूइए नए-नए उत्कर्ष

शुभकामना स्वीकारिये मेरी भी श्रीमान
शुक्ल पक्ष के चाँद सी बढ़े आपकी शान

जैसे इस ब्रम्हांड का नही आदि ना अंत
वैसे ही श्रीमान को खुशियाँ मिलें अनंत

धन-सम्पत से युक्त हों लोभ-मोह से हीन
उनको भी उद्धारिये जो हैं दीन-मलीन 

मौलिक एवं अप्रकाशित


आशीष यादव

Posted on January 1, 2022 at 9:05am — 4 Comments

दीप जलाना

जहाँ दिखे अँधियार वहीं पर दीप जलाना 

छाये खुशी अपार वहीं पर दीप जलाना 

अपने मन के भीतर का जो पापी तम है 

'अयं निजः' का भाव जहाँ पलता हरदम है 

'वसुधा ही परिवार' जहाँ अंधेरे में है 

सबसे पहले यार वहीं पर दीप जलाना 

जहाँ दिखे अँधियार………………..

मुरझाए से होठों पर मुस्कान बिछाने 

छोटी-छोटी खुशियों को सम्मान दिलाने 

जिन दर दीप नहीं पहुँचे हैं उन तक जाकर 

रोशन करना द्वार वहीं पर दीप जलाना 

जहाँ दिखे…

Continue

Posted on November 4, 2021 at 2:30pm — 6 Comments

जो इजाजत हो

122  2122  2122  2122  2

तेरी तस्वीर होठों से लगा लूँ, जो इजाजत हो। 

उसे आगोश में लूँ, चूम डालूँ, जो इजाजत हो।

बहुत नायाब दौलत है तुम्हारे हुस्न की दौलत 

तुम्हारा हुस्न तुमसे ही चुरा लूँ जो इजाजत हो ।

नशीले नैन लाली होंठ की यूँ मुझ पे छाई…

Continue

Posted on September 24, 2021 at 3:30pm — 8 Comments

Comment Wall (45 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:15pm on August 6, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

प्रिय आशीष जी.....मेरी कविता को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार.....

At 12:51am on July 13, 2012, Sachchidanand Pandey said…
 शुक्रिया आशीष जी
At 11:26pm on July 2, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आशीष जी, प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक आभार.......

At 10:46am on June 25, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…
आशीष जी, मेरी रचना को पसंद करने के लिए आपका आभार।
At 10:03am on June 6, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

आशीष जी मित्र बनने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद |

At 10:34am on June 1, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी शुभकमानयों और बधाइयों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

At 9:33pm on May 26, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी दाद के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! अच्छा लिखते हो ! ऐसे ही लिखते रहो और सबका मनोरंजन करते रहो !!

At 8:21pm on May 19, 2012, MAHIMA SHREE said…

swagat hai

At 3:44pm on May 4, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Dhanyavaad Ashish Bhai.

At 7:43pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

thanx ashish ji for liking my post...

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Rachna Bhatia commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (जिसको हुआ गुमाँ कि 'ख़ुदा' हो गया है वो)
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार करें। बहुत अधिक तो नहीं जानती फ़िर भी…"
4 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- भाते हैं कम
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी, ग़ज़ल तक आने तथा सराहना करने के लिए बेहद शुक्रिय:।"
4 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- भाते हैं कम
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी, देर से जवाब देने के लिए क्षमा चाहती हूँ। ग़ज़ल तक आने तथा सराहना करने…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सिर्फ सुख में रहें सब नये वर्ष में - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई बृजेश जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद।  मपनी गलत लिख…"
4 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (जिसको हुआ गुमाँ कि 'ख़ुदा' हो गया है वो)

2212 1211 2212 12जिसको हुआ गुमाँ कि 'ख़ुदा' हो गया है वो रुस्वाई के भंवर में तो ख़ुद जा गिरा है…See More
12 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

शिशिर के दोहे -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

ठण्ड कड़ाके की पड़े, सरसर चले समीर।नित्य शिशिर में सूर्य का, चाहे ताप शरीर।१।*दिखे शिशिर में जो…See More
12 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"नववर्ष की हारिक शुभकामनाएँ .. इस छांदसिक प्रयास के लिए बधाइयाँ ! शुभकामना स्वीकारिये मेरी…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post नये साल का तुहफ़ा
"जनाब बृजेश कुमार ब्रज जी आदाब, सादर धन्यवाद।"
yesterday
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: आख़िरश में जिसकी खातिर सर गया
"सहृदय शुक्रिया आ ब्रज जी सब आप लोगों का मार्गदर्शन है सादर"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-दुख
"बहुत बहुत आभार आदरणीय मनोज जी...सादर"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: आख़िरश में जिसकी खातिर सर गया
"वाह बड़ी ही अच्छी ग़ज़ल कही भाई आजी...बधाई"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो
"बहुतख़ूब आदरणीय नीलेश जी...अच्छी ग़ज़ल कही..."
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service