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DR ARUN KUMAR SHASTRI
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DR ARUN KUMAR SHASTRI's Page

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Samar kabeer commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post सिकुडते हुये सद्भाव
"जनाब डॉ. अरुण कुमार शास्त्री जी आदाब, सुंदर रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' and DR ARUN KUMAR SHASTRI are now friends
Monday
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for Chetan Prakash
"भाई चेतन जी नमन - इस्लाह का सलीका आ जायेगा मैंने आज तलक मुकम्मल तो कोई देखा नहीं गलतियां निकालोगे- तो सीखूंगा ही ।। मैं तो अधूरा था अधूरा रहा और हूँ अब तलकआज आया हूँ आपकी बज्म में कुछ सिखा दोगे - तो सीखूंगा भी ।।"
Sunday
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"प्रिय भ्राता धामी जी सप्रेम नमन आपके शब्द सहरा में नखलिस्तान जैसे - हैं"
Sunday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post मौसम त्योहार का ओर तुम
"आदरणीय चेतन जी ने बिलकुल सही सलाह दी है...अच्छा पढ़ेंगे सुधार अपने आप आ जायेगा।"
Sunday
DR ARUN KUMAR SHASTRI posted a blog post

सिकुडते हुये सद्भाव

छंदमुक्त काव्य  जिंदगी से जिंदगी लड़ने लगी है आदमी को आदमी की शक्ल अब क्यूँ इस तरह अखरने लगी है //आँख में आँख का तिनका चुभेगा बात ये जिसने कही सही ही कही है //आँख में अब तरक्कीयां चुभेंगीं तुम्हारी ये बात अब मुझको बेजा लगने  लगी है //तेरी मेरी इस जात में फ़र्क़ क्या है इंसानियत इंसानियत से ये कहने लगी है // तू है गोरा मैं क्यूँ काला मैं हुँ सूंदर तू है भद्दा क़ाबलियत का पुलंन्दा या नाकारा //छोटी छोटी बात पर आज तलवार क्यूँ अब हर जगह हर किसी में  तनने लगी है //जिसको देखो आजकल  है वही डूबा हुआ नफरत…See More
Friday
Chetan Prakash commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post मौसम त्योहार का ओर तुम
"   भाई, डाॅ अरण कुमार शास्त्री, आपकी कविता अथवा काव्य- लेखन इस्लाह से नही, मुक्त छंद अथवा अतुकांत कविता के अच्छे काव्य के अध्ययन से सुधर सकता है। उदाहरण के लिए अंग्रेजी मे टी. एस एलिएट, हिन्दवी ( हिन्दुस्तानी, उर्दू ) में कैफी आज़मी, साहिर…"
Friday
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for JOSE J VETTIYIL
"happy birthday dear jose !  may god keep u healthy and happy thru life pls accept my friendship thanks "
Nov 19
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for Dr chetan
"happy birthday dear dr chetan may god keep u healthy and happy thru life "
Nov 19
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for Deepa singh
"mujhe abhi ptaa chalaa aaj aapka happy birthday hai / all the very best and god bless pls enjoy full celebrations as per opportunity for the day permits pls take good care and accept my obo member frend req if possible "
Nov 19
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for Atul Chandra Awsathi *अतुल*
"dear atul seen and learnt that its your birth day today , pls accept my best of best happy birthday wish on this very important day god bless u with best happiness for life "
Nov 19
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for Arun kumar Sharma
"dear co earth habitant , seen and learnt that its ur birthday today // i wish to convey my best regards and choicest blessings of the god all the best "
Nov 19
DR ARUN KUMAR SHASTRI commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post मौसम त्योहार का ओर तुम
"परम आदरणीय समर साहेब आभार , आ . चेतन जी की प्रतिक्रिया को आपने सहमती  दी , धन्यवाद , लेकिन संशोधन व सुधार करने का रास्ता तो आपसे ही सीख सकूंगा न // हे अग्रज ! आशा है तत्सम - असीस मिलेगा ! ओइम ओइम !!   "
Nov 19
DR ARUN KUMAR SHASTRI commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post मौसम त्योहार का ओर तुम
"आ ० चेतन जी सादर प्रणाम , आपकी प्रतिक्रिया हेतू आभार - कृपया इसमें सुधार व संशोधन का उपाय भी देते तो ? मै तो एक अपरिपक्क्व लेखक हूँ , आपके वचनो से राहत मिली //  "
Nov 19
Samar kabeer commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post मौसम त्योहार का ओर तुम
"जनाब डॉ. अरुण कुमार शास्त्री जी आदाब, रचना पर बधाई । जनाब चेतन प्रकाश जी से सहमत हूँ ।"
Nov 18
Chetan Prakash commented on DR ARUN KUMAR SHASTRI's blog post मौसम त्योहार का ओर तुम
"डाॅ अरुण कुमार शास्त्री, शुभ प्रभात ! कविता की भाषा असंयमित प्रतीत हुई। और, कदाचित, एकरूपता का अभाव भी भाषा मे जान पड़ा।"
Nov 18

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI NCR
Native Place
DELHI
Profession
EMINENT CONSULTANT
About me
LOVE THY GOD AND HUMANITY VASUDHAIV KUTUMBKAM

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सिकुडते हुये सद्भाव

छंदमुक्त काव्य 

 

जिंदगी से जिंदगी लड़ने लगी है

आदमी को आदमी की शक्ल

अब क्यूँ इस तरह अखरने लगी है //

आँख में आँख का तिनका…

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Posted on November 19, 2020 at 1:00pm — 1 Comment

मौसम त्योहार का ओर तुम

हठ धर्मिता तुम्हारी तुम ही धरो 

मुझ से तो तुम बस सहयोग ही करो 

मानव जनम मिला है तत्सम आचरण करो  

हठ धर्मिता तुम्हारी तुम ही धरो 

प्रेरणा न बन सको तो कोई फरक नही

लेकिन किसी सन्मार्ग में कंटक तो न बनो

हठ धर्मिता तुम्हारी तुम ही धरो 

मै आज हूँ बस आज और अभी

गुजरे हुये पलो  से मेरी तुलना तो न करो 

भविष्य से मेरा कोई सम्बन्ध है कहा 

वर्तमान को ही मैंने जीवन कहा 

हठ धर्मिता तुम्हारी तुम ही धरो 

मुझ से तो तुम बस सहयोग…

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Posted on November 14, 2020 at 6:00pm — 6 Comments

दिल्लगी

जिस इश्क में दिल्लगी नही होती 

उस इश्क की तो जानू  उमर भी नही होती

सिलसिला साँसों का जिस रोज़ थम गया 

रौशनी गई दिये से और प्यार मर गया

धड़कन में अगर खून की लाली नही होती 

उस इश्क की तो जानू  उमर भी नही होती

दिखावा प्यार का तुम खूब कर चुके 

दे दे के तोहफे प्यार में मिरा घर भर चुके

सेंकडो तो आने जाने के बहाने कर चुके 

जोश था जो मिलन का वो आज मर चुका

जिस इश्क में दिल्लगी नही…

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Posted on September 19, 2020 at 3:00am — 2 Comments

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At 12:39pm on September 12, 2020,
प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर
said…

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