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TEJ VEER SINGH
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post कुंठा - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, बेहतरीन कथा हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post कुंठा - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय राज नवादवी जी।"
7 hours ago
राज़ नवादवी commented on TEJ VEER SINGH's blog post कुंठा - लघुकथा -
"आदरणीय तेज वीर सिंह साहब, बड़े घटनाक्रम वाली एक लघु कथा. बाल एवं अपराध मनोविज्ञान को सफलता पूर्वक चित्रित करती इस ज्वलंत लघु कथा की प्रस्तुति पे हार्दिक बधाई. सादर. "
10 hours ago
TEJ VEER SINGH posted a blog post

कुंठा - लघुकथा -

कुंठा - लघुकथा -आदरणीय मामाजी,आपने मेरे लिये जो किया वह मैं जीवन भर नहीं भूल सकता। आपने अपना भविष्य दॉव पर लगा दिया| आपकी बी ई की पढ़ाई छूट गयी। वह घटना मेरे जीवन की भयंकर भूल थी।जिसके अपराध बोध से आज तक ग्रसित हूँ।उस समय मैं केवल  सात साल का था अतःइतना डर गया था कि सच नहीं बोल सका।इतने साल बाद आज मैं आपको सच बताने का साहस जुटा पाया हूँ|दिवाली की उस रात  खाने के बाद आप जब पान खाने जाने लगे तो मैं भी जिद करके आपके साथ चल दिया था।आपने पान वाले को पान लगाने का आर्डर दिया और उसके काउंटर पर सौ का नोट…See More
16 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post अख़बारों की बातें छोड़ो कोई ग़ज़ल कहो (ग़ज़ल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय धर्मेंद्र कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। आग उगलने लगी सियासत जलते हैं मासूममिल जुलकर इसका मुँह तोड़ो कोई ग़ज़ल कहो"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ८०
"हार्दिक बधाई आदरणीय राज नवादवी जी।बेहतरीन गज़ल। है पता उनके सियासी फ़न की भी बाज़ीगरी रहनुमा जो हैं वो पहले रहनुमाई तो करें //५  "
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।बेहतरीन गज़ल। बहुत हो चुकी अब यहाँ जुमले बाजी ।तुम्हारे मुख़ालिफ़ चली है हवा कुछ ।।"
yesterday
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"डॉ उदय मणि जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल -15 (हस्ती ही मिट गई है तेरे इस ग़ुलाम की )
"हार्दिक बधाई आदरणीय क़मर जौनपुरी जी।बेहतरीन गज़ल। अब ज्ञान बाँटने का है ठेका उन्हें मिलाजो खा रहे हैं मुफ़्त में बिल्कुल हराम की/५"
Friday
TEJ VEER SINGH commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post दिल भी मिलाना है
"हार्दिक बधाई आदरणीय बसंत कुमार जी।बेहतरीन गज़ल। हों लाख कड़े पहरे, दरिया के’ किनारों पर पर प्रेम के’ दरिया में, डुबकी तो’ लगाना है"
Friday
TEJ VEER SINGH commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७९
"हार्दिक बधाई आदरणीय राज नवादवी जी।बेहतरीन गज़ल। उस माहरू का 'राज़' मैं कैसे करूँ इलाज तीमारदारी में मैं ख़ुद बीमार हो गया //१० "
Friday
TEJ VEER SINGH commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७८
"हार्दिक बधाई आदरणीय राज नवादवी जी।बेहतरीन गज़ल। कभी तो बख्त ये मुझपे भी मेहरबाँ होगा मेरी ज़मीन के ऊपर भी आस्माँ होगा //१"
Friday
TEJ VEER SINGH commented on rajesh kumari's blog post मुझको मंजूर क़यामत से महब्बत होना (ग़ज़ल "राज")
"हार्दिक बधाई आदरणीय राजेश कुमारी जी।बेहतरीन गज़ल। दिल्लगी भूल से करना न कभी मुझसे सनम मार डालेगा तेरे  दिल में  अदावत होना"
Wednesday
TEJ VEER SINGH commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल -12( जब मुल्क़ में नफ़रत का ये बाजार नहीं था)
"हार्दिक बधाई आदरणीय क़मर जौनपुरी जी।बेहतरीन गज़ल। मिट जाएं सभी जंग में हिन्दू व मुसलमाँऐसा तो मेरे हिन्द का त्यौहार नहीं था//४"
Wednesday
TEJ VEER SINGH commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल -13( फिर भी नादान कलेजे में ज़हर रखता है)
"हार्दिक बधाई आदरणीय क़मर जौनपुरी जी।बेहतरीन गज़ल। पहले शैतान से डरने की ख़बर आती थीआज इंसान ही इंसान से डर रखता है//५"
Wednesday
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।बेहतरीन गज़ल। तरक्की देख ली मैंने तुम्हारी ।यहाँ मुद्दे दिखे फिर भुखमरी के ।।"
Wednesday

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कुंठा - लघुकथा -

कुंठा - लघुकथा -

आदरणीय मामाजी,

आपने मेरे लिये जो किया वह मैं जीवन भर नहीं भूल सकता। आपने अपना भविष्य दॉव पर लगा दिया| आपकी बी ई की पढ़ाई छूट गयी। वह घटना मेरे जीवन की भयंकर भूल थी।जिसके अपराध बोध से आज तक ग्रसित हूँ।

उस समय मैं केवल  सात साल का था अतःइतना डर गया था कि सच नहीं बोल सका।

इतने साल बाद आज मैं आपको सच बताने का साहस जुटा पाया हूँ|

दिवाली की उस रात  खाने के बाद आप जब पान खाने जाने लगे तो मैं भी जिद करके आपके साथ चल दिया था।

आपने पान वाले को…

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Posted on December 8, 2018 at 7:28pm — 3 Comments

सन्नाटा  -  लघुकथा  -

सन्नाटा  -  लघुकथा  - 

सोनू ने स्कूल से आते ही, स्कूल बैग  पटक कर, सीधे दादा जी के कमरे का रुख किया, "दादा जी, ये ब्लफ मास्टर क्या होता है?"

 दादाजी अपने दोस्तों के साथ वर्तमान राजनीति पर चर्चा में मशगूल थे।जिनमें कुछ लोकल लीडर भी थे| अतः सोनू को टालने के लिये कहा,"सोनू, अभी तुम स्कूल से आये हो। ड्रेस बदल कर कुछ खा पी लो। फिर बात करते हैं।"

"नहीं दादाजी, मुझे पहले यह जानना अधिक जरूरी है।"

"सोनू, अभी हम लोग देश के मौजूदा हालात के बारे में कुछ आवश्यक बात कर रहे…

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Posted on November 20, 2018 at 10:34am — 15 Comments

पहल - लघुकथा -

पहल - लघुकथा -

सुखदेव जी का पांच साल का बेटा आइने के आगे खड़े होकर सिगरेट मुंह में लगाकर अपने पापा की सिगरेट पीने की स्टाइल की नक़ल कर रहा था।

सुखदेव जी की नज़र जैसे ही उस पर पड़ी, उनकी खोपड़ी भन्ना गयी।गुस्से में तमतमा गये।

"यह क्या कर रहा है बबलू?"

"पापा, देखो आप ऐसे ही पीते हो ना सिगरेट। मैं बिलकुल कॉपी कर लेता हूँ।"

"मगर इसमें धुआँ तो निकल ही नहीं रहा।" उसकी बहिन ने तंज कसा।

"वह भी निकलेगा,  थोड़ा बड़ा हो जाने दो।"

"मैं अभी निकालता हूँ तेरा…

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Posted on November 13, 2018 at 10:49am — 11 Comments

मेरी धरोहर - लघुकथा -

मेरी धरोहर - लघुकथा -

"सुधा, मेरा सफेद कुर्ता पाजामा निकाल दो। शीघ्रता से।"

"अरे विनोद, यह क्या सुन रहा हूँ? यहाँ सब लोग दिवाली की पूजा की तैयारी में व्यस्त हैं और तुम ये क्या सफेद कपड़ों की फरमाइश कर रहे हो?"

"जी दादाजी, आपने सही सुना। मुझे मेरे दोस्त अकबर के घर जाना है। उसके अब्बू का इंतकाल हो गया है।"

"तुम्हें पता है आज इस दीपावली के शुभ अवसर पर मैं अपनी वसीयत भी बनाने वाला हूँ। अभी हमारे परिवार के वक़ील आने ही वाले हैं। हो सकता है जो उस वक्त मौजूद ना हों, उन्हें…

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Posted on November 5, 2018 at 4:58pm — 14 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

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 ग़ज़ल की बातें 

 

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