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TEJ VEER SINGH
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on TEJ VEER SINGH's blog post विकास - लघुकथा -
"आ0 तेजवीर सिंह जी सादर अभिवादन। बड़े ही अच्छे ढंग से आपने व्यग्य कस दिया है लघुकथा के माध्यम से। बधाई स्वीकार कीजिये "
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post खंडित नसीब - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । बेहतरीन लघुकथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post पिता (लघुकथा)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अति उत्तम कथा हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post विकास - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मौत से कह दो न रोके -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी। बेहतरीन गज़ल। हैं बहुत  कानून  अपनी  पोथियों  में  यूँ मगररुक न पाया भ्रष्ट होते आदमी का सिलसिला।४।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post पीड़ा के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी। बेहतरीन दोहे। मन को इतना  दे  गये, अपने  ही अवसादनाम पते सड़कें गली, क्या रक्खें अब याद।१।"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मगर हम स्वेद के गायें - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी। बेहतरीन गज़ल। कहीं पर भूख  पसरी  है  फटे कपड़े पुराने हैंभला मैं कैसे कह दूँ ये सभी के दिन सुहाने हैं।१।**"
Tuesday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post वर्षा के दोहे -१
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी। बेहतरीन दोहे। भीगी मिट्टी की महक, नित्य बढ़ाये प्यास सावन सूखा रह गया, क्या भादौ से आस।९।**"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post विकास - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई।"
Monday
TEJ VEER SINGH posted a blog post

विकास - लघुकथा -

विकास - लघुकथा -दद्दू अखबार पढ़ रहे थे। दादी स्टील के गिलास में चाय लेकर आगयीं,"सुनो जी, विकास की कोई खबर छपी है क्या?""कौनसे विकास की खबर चाहिये तुम्हें?""कमाल की बात करते हो आप भी? कोई दस बीस विकास हैं क्या?""हो भी सकते हैं। दो को तो हम ही जानते हैं।""दो कौन से हो गये। हम तो एक को ही जानते हैं।""तुम किस विकास को जानती हो?""अरे वही जिसको पूरे प्रदेश की पुलिस खोज रही है।और आप किस विकास की बात कर रहे हो?""हम उस विकास की बात कर रहे हैं जिसको पूरे देश की जनता पिछले छह साल से खोज रही है।"मौलिक,…See More
Monday
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय डॉ अंजु लता सिंह जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर सदैव सुख, शाँति और समृद्धि प्रदान करें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु बनें।जीवन में हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।  "
Jul 2
TEJ VEER SINGH left a comment for Dr. Anju Lata Singh
"आदरणीय डॉ अंजु लता सिंह जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर सदैव सुख, शाँति और समृद्धि प्रदान करें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु बनें।जीवन में हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।  "
Jul 2
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post बाप (लघुकथा) -(पितृ दिवस के उपलक्ष में)
"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।"
Jul 1
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post लोटा है साँप फिर से जो उसके कलेजे पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। लोटा है साँप फिर से जो उसके कलेजे परकहता  है  कौन  घर  मेरे  रातें  नहीं खिली।४।"
Jul 1
TEJ VEER SINGH left a comment for Divya Rakesh Sharma
"आदरणीय दिव्या शर्मा जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर सदैव सुख, शाँति और समृद्धि प्रदान करें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु बनें।जीवन में हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।"
Jul 1
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय दिव्या शर्मा जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर सदैव सुख, शाँति और समृद्धि प्रदान करें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु बनें।जीवन में हमेशा उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।"
Jul 1

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विकास - लघुकथा -

विकास - लघुकथा -

दद्दू अखबार पढ़ रहे थे। दादी स्टील के गिलास में चाय लेकर आगयीं,

"सुनो जी, विकास की कोई खबर छपी है क्या?"

"कौनसे विकास की खबर चाहिये तुम्हें?"

"कमाल की बात करते हो आप भी? कोई दस बीस विकास हैं क्या?"

"हो भी सकते हैं। दो को तो हम ही जानते हैं।"

"दो कौन से हो गये। हम तो एक को ही जानते हैं।"

"तुम किस विकास को जानती हो?"

"अरे वही जिसको पूरे प्रदेश की पुलिस खोज रही है।और आप किस विकास की बात कर रहे हो?"

"हम उस विकास की…

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Posted on July 6, 2020 at 6:30pm — 3 Comments

पिता (लघुकथा)

रघुनाथ  ट्यूर से लौटा तो पिताजी  दिखाई नहीं दिये।  वे बरामदे में ही बैठे अखबार पढ़ते रहते थे। उनके कमरे  में  भी नहीं थे।रघुनाथ का नियम था कि वह कहीं  से आता था तो पिता के चरण स्पर्श  करता था।

"शीला, पिताजी नहीं दिख रहे। कहीं गये हैं क्या?"

"मुझे कौनसा बता कर जाते हैं? तुम हाथ मुंह धोलो। चाय पकोड़े लाती हूँ।" शीला के लहजे से रघुनाथ को कुछ शंका हुई।

इतने में उसका सात वर्षीय बेटा बिल्लू भी आगया।

"बिल्लू, बाबा तुम्हारे साथ गये थे क्या?"

"बाबा तो गाँव वापस चले…

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Posted on June 26, 2020 at 9:00am — 5 Comments

बाप (लघुकथा) -(पितृ दिवस के उपलक्ष में)

सुलेखा दौड़ती हांफ़ती घर में घुसी।

"क्या हुआ बिटिया? क्यों ऐसे हांफ़ रही हो?"

"कुछ नहीं पापा। एक कुत्ता पीछे लग गया था।"

"तो इसमें इतने परेशान होने की क्या बात है? तुम तो मेरी बहादुर बेटी हो।"

"पापा आप नहीं समझोगे।ये दो पैर वाले कुत्ते बहुत गंदी फ़ितरत वाले होते हैं।"

"दो पैर वाले कुत्ते? तुम ये क्या ऊल जलूल बोल रही हो।"

तभी सुलेखा का भाई सूरज हाथ में हॉकी लेकर बाहर की ओर लपका,"अरे बेटा सूरज इतनी रात को यह हॉकी लेकर.......?"

"पापा मैं उस कुत्ते को…

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Posted on June 22, 2020 at 8:00pm — 4 Comments

खंडित नसीब - लघुकथा -

खंडित नसीब - लघुकथा -

बिंदू का तीन साल का इकलौता बेटा नंदू सुबह से चॉकबार आइसक्रीम खाने की रट लगाये हुए था। पता नहीं किसको देख लिया था चॉकबार आइसक्रीम खाते। इंदू के पास पैसे नहीं थे इसलिये  वह बार बार उसे आइसक्रीम खाने के नुकसान समझा रही थी। लेकिन बिना बाप का बच्चा जिद्दी हो चला था। किसी भी तरह बहल नहीं रहा था।

इंदू को बाबू लोगों के घर झाड़ू पोंछा बर्तन का काम करने जाना था लेकिन नंदू  उसे जाने नहीं दे रहा था ।

इंदू कुछ समझ नहीं पा रही थी कि क्या करे।फिर उसे याद आया कि…

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Posted on June 13, 2020 at 6:30pm — 3 Comments

Comment Wall (10 comments)

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At 5:41pm on November 18, 2019, JAWAHAR LAL SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी!

At 10:17am on September 8, 2019, Samar kabeer said…

जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,आपकी महब्बतों के लिए दिल की गहराई से धन्यवाद ।

At 9:51pm on August 31, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय तेजवीर सिंह जी नमस्कार ! बहुत धन्यवाद् आपका आपने समय निकाला मेरी पहली ही लघुकथा के लिए और मेरा हौसला बढ़ाया आपका बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
At 10:43pm on August 15, 2019, Dr T R Sukul said…
हार्दिक धन्यवाद आदरणीय तेजवीर सिंह जी।
At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

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