For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

KALPANA BHATT ('रौनक़')
Share

KALPANA BHATT ('रौनक़')'s Friends

  • santosh khirwadkar
  • Mohammed Arif
  • अलका 'कृष्णांशी'
  • Kalipad Prasad Mandal
  • Arpana Sharma
  • Rahila
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Sunil Verma
  • Ravi Shukla
  • pratibha pande
  • Samar kabeer
  • VIRENDER VEER MEHTA
  • Sulabh Agnihotri
  • शिज्जु "शकूर"
  • annapurna bajpai
 

KALPANA BHATT ('रौनक़')'s Page

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post शील्डिंग ( ढाल) [लघुकथा]
"हार्दिक बधाई इस लघुकथा के लिए| "
Apr 16
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"कुछ उड़ानों की तमन्ना को लिए था जिन्दा ।क्या हुआ आपको जो पर को कतर जाते हैं ।। मत बयां कीजिये अपने भी सितम के किस्से ।दर्द बनकर वो यहां दिल में ठहर जाते हैं ।। इस मुहब्बत पे है इल्जाम का साया मुमकिन ।वो सरे आम निगाहों से उतर जाते हैं ।। बहुत…"
Apr 16
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Sunil Verma's blog post किरदार (लघुकथा) - सुनील वर्मा
"आदरणीय सुनील भैया,बहुत बढ़िया लघुकथा कही है आपने , जिसके लिए बधाई स्वीकारें|"
Apr 16
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post विकल्पहीन (लघु कथा )
"हार्दिक बधाई आदरणीय , बेहतरीन लघुकथा हुई है|"
Apr 16
Nita Kasar commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"क़लम की ताक़त ने तख्तोंताज के ताबूत में कील ठोककर सत्ता परिवर्तन करवा दिया  है ।इतिहास गवाह है जनता ने क़लम का भरोसा किया है बधाई आद० कल्पना भट्ट जी ।"
Apr 8
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"एक साहित्यकार ही आईना दिखाने के हिम्मत रखता है | अच्छी लघुकथा के लिए बधाई आदरणीया  "
Apr 5
vijay nikore commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"आप लघु कथा अच्छी लिखती हैं। आपको हार्दिक बधाई।"
Apr 4
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"धन्यवाद आदरणीया नीलम जी |"
Apr 3
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"नमस्ते आदरणीय समर भाई जी, आपको यह प्रयास उम्दा लगा पढ़कर ख़ुशी हुई, प्रयास सफल रहा | :) सादर| "
Apr 3
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"धन्यवाद आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब | आपको कथा पसंद आई और सर्वश्रेस्थ लगी जानकर ख़ुशी हुई और मनोबल भी बढ़ा साथ ही दायित्व भी -/\- | सादर |"
Apr 3
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"धन्यवाद आदरणीय अजय तिवारी जी| "
Apr 3
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"सादर धन्यवाद आदरणीय शहजाद उस्मानी जी |"
Apr 3
Neelam Upadhyaya commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"आदरणीय कल्पना भट्ट जी, नमस्कार । बहुत ही बढ़िया लघुकथा हुई है । प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई ।"
Apr 3
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"बहना कल्पना भट्ट जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 2
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जय ओबीओ"
Apr 1
Mohammed Arif commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post राजनीति की औकात (लघुकथा)
"आदरणीया कल्पना भट्ट जी आदाब,                                 आख़िरकार लगातार प्रयत्न के बाद आपने सर्वश्रेष्ठ लघुकथा की सौग़ात दे ही दी । कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं…"
Apr 1

Profile Information

Gender
Female
City State
BHOPAL
Native Place
MUMBAI
Profession
house wife
About me
was a teacher for about 20 Years. Recently resigned. I am M.A in English,B.Ed ,LLB.. . interested in literature

KALPANA BHATT ('रौनक़')'s Blog

राजनीति की औकात (लघुकथा)

लव कुश के मुख से रामायण का गान सुनकर लोग अचंभित थे। लोगों में बातचीत हो रही थी," अयोध्या का और श्री राम चरित का वर्णन बहुत सुन्दर किया है।"

श्री राम दरबार में सीता जी के वनवास जाने के दृष्टान्त में लोगों की आँखों से झर झर आँसू बहने लगे।

इस वृत्तांत को सुनाते हुए लव और कुश के चेहरे पर क्रोध झलक रहा था।

किसीने पूछा,"बेटा तुम क्रोधित क्यों हुए?"

लव ने प्रतिप्रश्न किया ," ये कैसा न्याय कि किसी व्यक्ति के शक करने पर राजा ने रानी को देश से निष्कासित कर दिया.....!"

सब के झुके… Continue

Posted on April 1, 2018 at 8:24am — 13 Comments

शर्तों की शतरंज (लघुकथा)

"पापा! मुझे मोबाइल चाहिए, और अभी की अभी चाहिए|" सोनू ने जिद्द पकड़ ली थी।



"पागल हो गए हो क्या सोनू? यह क्या मोबाइल की जिद्द लिए बैठे हो, कोई मोबाइल-शोबईल नहीं मिलेगा,चुप-चाप खाना खाओ|" डाँटते हुए सोनू के पापा ने कहा|



लेकिन सोनू नहीं माना और हाथ-पैर पटकते हुए रोने लगा|



"रोता रह! पर तुम्हारी हर जिद्द नहीं मानूंगा | अभी पिछले महीने ही तुम्हें साइकिल दिलवाई है।" पापा का भी पारा चढ़ गया।



सोनू के दादा जी जो अब तक चुप थे,मुस्कुराकर बोले," आखिर बेटा तुम्हारा ही… Continue

Posted on March 27, 2018 at 3:00pm — 4 Comments

ख़ामोशी की ज़ुबान (लघुकथा)

कभी देखा है खुद को आईने में? तुम्हारी सहेली शीला को देखो,खुद को कितना मेन्टेन किया हुआ है उसने| और तुम! तुम्हारी शकल पर हमेंशा  बारह बजते है| तंग आ गया हूँ तुम्हारी मनहूस शकल देखते देखते|" ऑफिस से घर आये शेखर के ऐसे विचार जानकार शीला खुद को न रोक पायी, उसने कुछ कहने को मुँह खोला ही था कि उसकी जेठानी ने कहा," अरे देवर जी! गर यह ऐसा न करेगी तो लोगों को पता कैसे चलेगा कि हमलोग इसको परेशान करते हैं| यह सब इसकी नौटंकी है, मुझे देखो दिन भर काम करती हूँ पर आपके भैया! मजाल है अब तक उन्होंने कुछ कहा…

Continue

Posted on March 25, 2018 at 8:30am — 6 Comments

अंगुलिमाल(लघुकथा)

शिकार की तलाश में घूमते-घूमते अंगुलिमाल को एक साधु दिखा| उनको देखकर उसने कहा," तैयार हो जाओ तुम्हारी मृत्यु आयी है|"

साधु ने निडर होकर कहा," मेरी मौत! या तुम्हारी...?"

साधु का ऐसा उत्तर सुन कर अंगुलिमाल थोड़ा विचलित हुआ,उसने साधु से पूछा," तुमको मुझसे डर नहीं लगता? मेरे हाथ में हथ्यार देखकर भी नहीं?"

"न .... मैं क्यों डरूँ तुमसे, पर तुम हो कौन और यह माला कैसे पहनी है, इतनी सारी उँगलियाँ .......?"

"हाहाहाहाहा! हाँ यह उँगलियाँ ही हैं और मैं अंगुलिमाल…

Continue

Posted on February 21, 2018 at 5:30pm — 5 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:51pm on August 8, 2017, श्याम किशोर सिंह 'करीब' said…

संदेशात्मक लघुकथा। सहज चित्रण के लिए बधाई।

KALPANA BHATT

At 1:55pm on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीया कल्पना जी महीने की सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 1:26pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया 

श्रीमती कल्पना भट्ट जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:34am on May 15, 2016, Rahila said…
बहुत शुक्रिया आदरणीया दी! आपने मुझे दोस्ती के काबिल समझा ।
At 2:10pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

आपकी मित्रता मेरे लिए अमूल्य है , धन्यवाद आदरणीया कल्पना जी 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
शिज्जु "शकूर" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"है सख़्त बर्फ़ मगर ये पिघल तो सकती हैतहों से इसकी नदी भी निकल तो सकती है ज़माने हो गए ख़ुर्शीद का किए…"
1 hour ago
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"किसी के दिल में भी चाहत मचल तो सकती है निगाह-ए-इश्क से शम्मा पिघल तो सकती है ये माना हो न…"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"गर आप चाहें तबीअत बहल तो सकती है कोई मिलाप की सूरत निकल तो सकती है इसी यक़ीन पे कोई अमल नहीं…"
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94
"ख़फ़ा ख़फ़ा ही सही साथ चल तो सकती है ऐ ज़िन्दगी तू ये तेवर बदल तो सकती है. . उठी हुई है जो रिश्ते में…"
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"धन्यवाद आ. श्याम जी "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"धन्यवाद आ. डॉ आशुतोष जी "
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post तन की बात - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी।"
9 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- बहुत आसाँ है दुनिया में किसी का प्यार पा लेना,
"बहुत खूबसूरत अशआर ...दिल से बधाई "
10 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Sushil Sarna's blog post मोहब्बत ...
"बहुत सुन्दर ॥ अतुकांत रचना के लिये हार्दिक बधाइयाँ"
10 hours ago
Shyam Narain Verma commented on vijay nikore's blog post एक उखड़ा-दुखता रास्ता
"सुंदर रचना के लिए बहुत बधाई सादर"
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on vijay nikore's blog post एक उखड़ा-दुखता रास्ता
"दूर की विरहन/तड़प और नज़दीक़ की भी ! बेहतरीन सम्प्रेषण। हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे साहिब।"
12 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post विचार-मंथन के सागर में (अतुकान्त कविता)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर समय देकर अनुमोदन और हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया…"
12 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service