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Mohammed Arif
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Mohammed Arif commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकू
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी आदाब,                                       अच्छे हाइकु । एक बात कहना चाहूँगा कि हाइकु का जितना शिल्प मारक होगा वह उतना…"
1 hour ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आदाब,                             प्रदत्त चित्र का बहुत ही सुंदर और सारगर्भित चित्रण । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश जी आदाब,                               शासकीय विद्यालयों तथा शिक्षा के गिरते स्तर और प्रदत्त चित्र का अच्छा चित्रण । आपसे और बेहतर की उम्मीद रहती है । कहने का…"
1 hour ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह! वाह! वाह! मज़ा आ गया , मज़ा आ गया। क्या ख़ूब पैनी क़लम चलाई है । हज़ाऱों दाद आपको इस शानदार और सीख देती पेशकश पर । आयोजन का लाजवाब आगाज़ करने , प्रदत्त चित्र का शब्दांकन के लिए दिली मुबारकबाद आदरणीय तस्दीक़ अहमल साहब । पुन: ज़िंदाबाद ! ज़िंदाबाद !…"
11 hours ago
Mohammed Arif commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - ढूँढ रहा हूँ
"आदरणीय बसंत कुमार जी आदाब,                            बचपन, नदी,माँ , खिलौने गुड्डे-गुड़ियाँ सबकुछ समा दिया बेहतरीन शे'रों । लाजवाब ग़ज़ल के लिए दिली मुबारकबाद । बाक़ी गुणीजन…"
yesterday
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान जी ।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"आ. भाई आरिफ जी, मन को सराबोर करती बारिश पर सुंदर क्षणिकाएँ हुई हैं , हार्दिक बधाई ।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बारिश और वर्षा-धन  पर बेहतरीन शब्द-चित्रमाला। बहुत बढ़िया विचारोत्तेजक क्षणिकाएं। तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार मुहतरम जनाब मोहम्मद आरिफ़  साहिब।"
yesterday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"मुहतरम जनाब आरिफ साहिब आ दाब   , बारिश के विभिन्न रूपों के दर्शन करातीं सुंदर क्षणिकाएं हुई हैं, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l"
yesterday
Samar kabeer commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"जनाब नरेंद्रसिंह चौहान साहिब आदाब,आप जब भी किसी रचना पर अपनी टिप्पणी देते हैं तो लगता है जैसे कोई बोझ उतार रहे हों, भाई इतनी छोटी टिप्पणी करना ओबीओ की परिपाटी नहीं है, कुछ तो मंच की गरिमा का ध्यान करें,उम्मीद है आप मेरी बात को अन्यथा नहीं लेंगे ।"
Wednesday
narendrasinh chauhan commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
" खूब  सुन्दर रचना "
Wednesday
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"एक लम्हा जो तेरा हुआ एक लम्हा जो मेरा हुआ कुछ तुझको दे गया कुछ मुझको दे गया बहुत कुछ जीने को दे गया जाने अब उसकी आस है हरदम रहती बस! प्यास है अजब लम्हों का ताना-बाना होता है जो बुनता रहता है कभी ख्व़ावों को जगाता है हसीन रातों में    …"
Wednesday
Mohammed Arif commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी आदाब,                              बहुत ही उम्दा, बेजोड़ और दिलकश ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Wednesday
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"बहुत-बहुत हार्दिक आभार आदरणीय बसंत कुमार जी ।"
Wednesday

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बारिश की क्षणिकाएँ



(1) बूँदें नहीं

चाँदी के सिक्के गिरते हैं

बादलों की झोली से

और धरती लूट लेती है ।

*******

(2) वर्षा कुबेर

दोनों हाथों से लुटाता है

वर्षा -धन

नदियाँ, सरोवर और तालाब

लूटकर संग्रहित कर लेते हैं ।

*******

(3) बारिश की आत्मकथा

साल भर लिखते रहते हैं

पेड़-पौधे और हरियाली ।

*******

(4) बारिश की बूँदें

नई धुनें

तैयार करने लगती है

राग-मल्हार के लिए ।

*******

(5) बारिश का

अहसास कब होता है ?

जब…

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Posted on July 17, 2018 at 8:36am — 27 Comments

बारिश के हाइकु



(1) ख़त्म तपन

हरा हुआ चमन

मचले मन ।

******

(2) भीगी है रात

बादलों की बारात

हो मुलाक़ात ।

******

(3) खेत-मैदान

हरियाली मचले

जीवन चले ।

******

(4) कहीं बरसे

मन मौजी बादल

धरा को बल ।

******

(5) नदियों में है

लहरों का यौवन

जल का धन ।

******

(6) घर-आँगन

जल की मनमानी

जीने की ठानी ।

******

(7)ककड़ी-भुट्टे

मन को ललचाते

सबको भाते ।

*******

(8) बूँदें…

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Posted on July 4, 2018 at 8:54am — 21 Comments

ग़ज़ल बह्र फेलुन×5+फा



शैतानों की देखो दावत करता है

पापी है पर जन्नत जन्नत करता है ।

*******

कोई तुझे न देखे अच्छी नज़रों से

क्यों तू ऐसी वैसी हरकत करता है ।

*******

क्या होता है हाथों की रेखाओं में

मिहनत कर क्यों क़िस्मत क़िस्मत करता है ।

*******

काली काली बदली जब भी छाये तो

दहक़ाँ फिर बारिश की हसरत करता है ।

********

भेद नहीं है कोई उसकी नज़रों में

फिर क्यों तू औरों से नफ़रत करता है ।

*******

अता किया सबकुछ क़ुदरत ने उसको पर

वो तो…

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Posted on July 1, 2018 at 4:22pm — 14 Comments

कविता---बेबस क़लम और हम

क़लम लाचार है

विरोध की तेज़ धार है

घोषणाएँ जारी हैं

ग़रीब का भूखा पेट भी आभारी है

झोंपड़ियों के ऐब सारे ढँक गए

ग़रीब के घर बेबसी की बीमारी है

संसद में भूख का आँकड़ा गरमा रहा है

रहनुमा विकास का तराना गुनगुना रहा है

धर्म के ठेकेदारों की दबंगई है

ईमान की बोली सस्ती लगी है

दहशत में सबकुछ फलफूल रहा है

मदारी ख़ुद झूठ के बाँस पर चल रहा है

बहुत तरक़्की हो चुकी है

चैन की बाँसुरी भी सुर खो चुकी है

सरकार का चरित्र साफ़-साफ़ नज़र आ रहा है…

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Posted on June 26, 2018 at 8:30am — 17 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 8:39pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ मोहम्मद साहब प्रणाम
बहुत शुक्रिया
आपकी सलाह पर तुरंत अमल होगा
At 8:57am on March 6, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ सर
आपको कविता अच्छी लगी मेरा लिखना सार्थक हुआ बहुत शुक्रिया
At 2:08pm on January 18, 2018, dandpani nahak said…
जनाब मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब
शुक्रगुज़ार हूँ की आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई और गुणी जनों की राय जानने को बेक़रार भी हूँ आशा है गुणीजन मेरी गलतियों को बताएं ताकि मैं आगे सुधर कर सकूँ! आपका बहुत शुक्रिया
At 5:05pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आदाब ,नमस्कार
ये मेरा परम सौभाग्य की मेरी पहली ही रचना हेतु आपने अपना बहुमूल्य समय निकाला,पढ़ा और सराहा .निश्चित ही मुझमें अभी बहुत कमियाँ हैं आशा करता हूँ आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख सकूँगा
बहुत बहुत शुक्रिया तथा देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ
At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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Afroz 'sahr' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"बहुत खू़ब जनाब क्या कहने वाह,,,,"
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Arpana Sharma posted a blog post

"धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल

मैं तृषित धरा , आकुल ह्रदया, रचती हूँ ये पाती, मेरे बदरा, तुम खोए कहाँ, मुझसे रूठे क्यों, हे जल…See More
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"सुधीजनो ! सत्य तो यह है कि मैं कल मिली नीरज जी के गोलोकवासी होने की सूचना के कारण इस बार छंदोत्सव…"
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Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 श्याम नारायण वर्मा साहब तहे दिल से शुक्रिया"
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विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ नीलम उपाध्याय जी"
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विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ शेख सहजाद उस्मानी साहब"
5 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ तस्दीक़ अहमद खान साहब"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक बधाई चित्र के अनुरूप इस सुंदर सार्थक प्रस्तुति के लिए। प्यारे मुखड़े पर…"
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Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"मुह तरमा प्रतिभा साहिबा, प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुकुभ छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
6 hours ago

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