For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr Ashutosh Mishra
Share

Dr Ashutosh Mishra's Friends

  • Mohammed Arif
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Samar kabeer
  • maharshi tripathi
  • Hari Prakash Dubey
  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • Dr. Vijai Shanker
  • atul kushwah
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • vibha rani shrivastava
  • Nilesh Shevgaonkar
  • गिरिराज भंडारी
  • Sushil Sarna
  • vandana
 

Dr Ashutosh Mishra's Page

Latest Activity

vijay nikore commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"बहुत ही खूबसूरत लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीय  डॉ.आशुतोष मिश्रा जी"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"लाजवाब कोटि कोटि बधाई"
Nov 29
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरनीय समर सर रचना पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए आशीर्वाद सम होती है ह्रदय से आभारी हूँ आपका सादर"
Nov 28
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी लघु कथा लेखन के आरती झुकाव आपकी रचनाये सतत पढ़कर ही हुआ है आपका मार्गदर्शन मुझे मिलता रहे इस कामना के साथ सादर"
Nov 28
Samar kabeer commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"जनाब डॉ.आशुतोष मिश्रा जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 28
Sheikh Shahzad Usmani commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"वाह। बेहतरीन सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब डॉ.आशुतोष मिश्रा जी। जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब और जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'जी की टिप्पणियों से सहमत हूं।"
Nov 27
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"डॉ आशुतोष मिश्रा जी सादर अभिवादन। बढ़िया विषय लिया है आपने, वैसे गेंहू के साथ घुन भी पीस जाता है, क्योकि ऐसा माहौल बनाने में केवल एक पक्ष दोषी नहीं है, तथापि इसमें अच्छे लोग भी हैं। बढ़िया विषय को लघुकथा के रूप में ढालकर बेहद संजीदगी से आपने इसे…"
Nov 27
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय तेजवीर जी रचना पर आपकी प्रतिक्रिया के लिए ह्रदय से आभारी हूँ सादर"
Nov 27
Dr Ashutosh Mishra commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय आरिफ जी रचना पर आपकी उत्साहवर्धक और मार्गदर्शल प्रतीक्रिया के। लिए ह्रदय से आभारी हूँ पात्र के नाम के सम्बन्ध में आपके अनमोल सुझाव के लिए हार्दिक आभार सादर"
Nov 27
TEJ VEER SINGH commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ आशुतोष जी।बेहतरीन एवम संदेश प्रद लघुकथा।"
Nov 26
Mohammed Arif commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post बदला परिवेश
"आदरणीय आशुतोष जी आदाब, वर्तमान अविश्वास के दौर में बेटियाँ पिता समान अपने शिक्षक और अन्य मार्ग दर्शकों से निर्भय होकर बातचीत भी नहीं कर सकती । हर तरफ बुरी निगाहें खुफिया कैमरे की तरह घूम रही है । हर इक बेटियों को लेकर सशंकित है । बहुत ही बेहतरीन और…"
Nov 26
Dr Ashutosh Mishra posted a blog post

बदला परिवेश

ब“सर, दरवाजा खोलिए” प्रोफेसर राघव की शोध छात्रा नूर ने दरवाजे पर दस्तक देते हुए आवाज दी“अरे! नूर तुम, दोपहर में अचानक, कैसे?” दरवाजा खोलते हुए प्रोफेसर राघव ने आने की वजह जाननी चाही“ हाँ सर, एक रिसर्च पेपर में करेक्शन के लिए आई थी”“ पर अभी तो मैडम घर पर नहीं हैं,और बाज़ार से कब तक लौटें इसका भी अंदाज नहीं है,आखिर तुम कब तक इस धूप में बाहर इंतज़ार करोगी”  प्रोफेसर राघव् ने त्वरित जवाब  दिया“ बाहर क्यों सर ?” नूर ने कौतूहल से पूंछा‘’ बस कुछ विबशता है ““ कैसी विबशता सर “ चौंकते हुए अंदाज में नूर ने…See More
Nov 26
Dr Ashutosh Mishra commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (नाज़ कब वो भी उठा पाते हैं दीवाने का )
"आदरणीय तस्दीक़ जी इस बढ़िया ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर"
Nov 21
Dr. Vijai Shanker commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post जनाजा
"सुन्दर ,सार्थक प्रयास। इस जटिल प्रश्न को उठाने के लिए बधाई , आदरणीय डॉo आशुतोष मिश्रा जी , सादर।"
Nov 17
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post जनाजा
"समाज और साहित्य में चल रहे उठापठक के बीच से कटाक्ष बुनती एक लघुकथा कहने का आपने बढ़िया प्रयास किया है, इसके लिए बधाई आद0 डॉ आशुतोष मिश्रा जी। आद0 रवि प्रभाकर जी के बातों पर गौर कीजियेगा"
Nov 16
vijay nikore commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post जनाजा
"लघु कथा का संदेश बहुत अच्छा लगा। हार्दिक बधाई, आदरणीय आशुतोष जी।"
Nov 14

Profile Information

Gender
Male
City State
Uttar Pradesh
Native Place
Agra
Profession
ACADEMIC
About me
DIRECTOR AT ANDCP BABHNAN GONDA UP

Dr Ashutosh Mishra's Blog

बदला परिवेश

“सर, दरवाजा खोलिए” प्रोफेसर राघव की शोध छात्रा नूर ने दरवाजे पर दस्तक देते हुए आवाज दी

“अरे! नूर तुम, दोपहर में अचानक, कैसे?” दरवाजा खोलते हुए प्रोफेसर राघव ने आने की वजह जाननी चाही

“ हाँ सर, एक रिसर्च पेपर में करेक्शन के लिए आई थी”

“ पर अभी तो मैडम घर पर नहीं हैं,और बाज़ार से कब तक लौटें इसका भी अंदाज नहीं है,आखिर तुम कब तक इस धूप में बाहर इंतज़ार करोगी”  प्रोफेसर राघव् ने त्वरित जवाब  दिया

“ बाहर क्यों सर ?” नूर ने कौतूहल से…

Continue

Posted on November 26, 2017 at 2:30pm — 11 Comments

जनाजा

“क्या पढ़ रही हो बेटा, लैपटॉप पर इस कदर आखें गडाये?”-साहित्यकार मनमोहन ने अपनी बेटी रूपा से सवाल किया

“कुछ नहीं पापा, साहित्य सेवा मंच पर प्रकाशित रुपेश जी की कहानी पढ़ रही हूँ, लेकिन पापा इस शानदार रचना पर किसी की कोई भी प्रतिक्रिया नहीं है” रूपा ने जवाब देते हुए प्रश्न किया

“शानदार रचना! नहीं बेटा बड़ी कमियाँ हैं इसके लेखन में“

“कमियाँ हैं! कमियां हैं तब तो आपको निश्चित रूप से मंच से जुड़े हर सदस्य को इस पर प्रतिक्रिया करनी चाहिए थी”

“ हाँ, बेटा तुम सही कह रही हो, लेकिन ये… Continue

Posted on November 13, 2017 at 11:41am — 13 Comments

डूबता जहाज

"सारा शहर दिवाली के जश्न में डूबा है और तुम किस सोच में डूबे हो" दिवाली की पूजा ख़त्म होने के बाद राहुल से मुलाकात करने गए उसके मित्र रोहित ने उसकी ओर मुखातिब होते हुए पूंछा।

" कुछ नहीं! दिवाली मनाते हुए तो सालों गुजर गए पर आज न जाने क्यों दिवाली मुझे मेरी पहली मुहब्बत सी लगी"

"वो कैसे"

" अरे!पहली बार मुहब्बत में आँखों को जो कुछ भी भाया था उसके खतरे को भी नाक ने सूँघा था और फिर सारा दर्द दिल को ही हुआ था। और आज आतिशबाजी देखकर नाक खतरे से आगाह कर रही है पर सारा दर्द सारी तकलीफ दिल… Continue

Posted on October 20, 2017 at 11:21am — 11 Comments

हुआ क्या आपको जो आप कहती बढ़ गयी धड़कन

मुझे लगता है दिल जलता ये कैसी है मुझे तड़पन

उसे भी लग रहा कुछ तो हुआ जबसे बढ़ी धड़कन



दिखा है जबसे उसकी आँखों में वीरान इक सहरा

मुझे क्या हो गया जाने कहीं लगता नहीं है मन



गले को घेर बाँहों से बदन करती कमानी वो

मुझे भी दर्द सा रहता मेरा भी टूटता है तन



वो रो लेती पिघल जाता हिमालय जैसा उसका गम

मगर सूरज के जैसे जलता रहता है मेरा तन मन



नजर मिलते ही मुझसे झुकती उसकी पलकें औ गर्दन

ये मंजर देख उठती है काशिस क्यूँ खो गया… Continue

Posted on September 26, 2017 at 4:30pm — 14 Comments

Comment Wall (21 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 12:24pm on March 27, 2017, नादिर ख़ान said…

 आदरणीय डा आशुतोष मिश्रा जी आदाब,जनाब समर कबीर साहब का मोबाईल नम्बर 09753845522  है किसी करणवश  समर साहब मैसेज नहीं कर पा रहे हैं | आप उनसे इस नंबर पे रास्ता कायम कर सकते है बाकी शुभ शुभ..... 

At 5:30pm on January 1, 2017, Mohammed Arif said…
आदरणीय आशुतोषजी देश भक्ति से ओतपप्रोत रचना के लिए बधाई कुबूल फरमाये । यह देश सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है । यही इस देश की विशेषता है ।नववर्ष की शुभकामनाएँ स्वीकार करें ।
At 5:30pm on April 1, 2016, Sushil Sarna said…

आ. डॉ. आशुतोष मिश्रा  जी आपकी  बधाई का हार्दिक आभार। ये सब आपके स्नेह का प्रतिफल है। 

At 4:28pm on July 20, 2015, kanta roy said…
आभार आपको आदरणीय डा. आशुतोष मिश्रा जी हृदयतल से ।
At 8:29pm on June 17, 2015, Dr. Vijai Shanker said…

बहुत बहुत बधाई , आदरणीय डॉo आशुतोष मिश्रा जी , सादर।  

At 8:22pm on June 17, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ० आशुतोष जी

आपको सक्रिय सदस्य बनना ही था बस  इन्तजार समय का था . आपको बहुत बहुत बधाई.  

At 4:05pm on June 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
डॉ आशुतोष मिश्रा जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 4:42pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 11:30am on August 10, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
Thank you very much Dr. Ashutosh Misraa ji .
Regards .
Vijai
At 10:16am on August 8, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
You are welcome Dear Dr. Ashutosh Misra ji .
Regards.
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mahendra Kumar commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post पार्षद वाली गली (लघुकथा)
"वाह! उम्दा लघुकथा. दिल से बधाई प्रेषित है. सादर."
21 minutes ago
Mahendra Kumar commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post तलाक की मोहर (लघुकथा)
"बढ़िया लघुकथा है आ. कल्पना मैम. शीर्षक विशेष रूप से पसन्द आया. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. 1.…"
23 minutes ago
Mahendra Kumar commented on Sushil Sarna's blog post आग ..
"इस अच्छी कविता हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ. सुशील सरना जी. सादर."
31 minutes ago
Mahendra Kumar commented on santosh khirwadkar's blog post धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष
"//अपनों की ठोकरों ने गिराया था बारहाग़ैरों ने सीधी राह पे चलना सिखा दिया// बहुत ख़ूब! इस बढ़िया ग़ज़ल…"
37 minutes ago
Mahendra Kumar commented on विनय कुमार's blog post पिंजरा--लघुकथा
"बढ़िया लघुकथा है आ. विनय जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. //कूद फांद कर रहे थे// "कूद-फांद रहे…"
46 minutes ago
Afroz 'sahr' replied to मिथिलेश वामनकर's discussion ओबीओ साहित्यिक मासिक संगोष्ठी भोपाल चैप्टर दिसम्बर 2017
"साहित्यिक गोष्ठी में शिरकत करने और बेहतरीन काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध करने वाले सभी…"
1 hour ago
Afroz 'sahr' replied to मिथिलेश वामनकर's discussion ओबीओ साहित्यिक मासिक संगोष्ठी भोपाल चैप्टर दिसम्बर 2017
"साहित्यिक गोॆष्ठी में काव्य पाठ कर गोष्ठी को सफल"
1 hour ago
Manoj kumar shrivastava posted a blog post

सुंदरता का अहंकार

एक अहंकारी पुष्पअपनी प्रसिद्धि पर इतरा रहा है,भॅंवरों का दल भी,उस पर मंडरा रहा है,निश्चित ही…See More
1 hour ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post नकल (लघु कथा)
"आदरणीय समर साहिब,आदाब एवं बहुत बहुत शुक्रिया।"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post कड़वाहट ....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                    …"
2 hours ago
Mohammed Arif commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " नज़रें ज़माने भर की उस इक गुलाब पर हैं "
"आदरणीय पंकजोम जी आदाब,                      …"
2 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post है बड़ा अच्छा तरीका ज़ुल्म ढाने के लिए
"आ0 कबीर सर नमन । अपने जो शेर भेजा है उसमें यां शब्द न तो हिंदी है न उर्दू है । आज के डेट में यां…"
2 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service