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pratibha pande
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pratibha pande replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी को जन्मदिन की असीम शुभकामनाएँ"
Dec 3
TEJ VEER SINGH left a comment for pratibha pande
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
Nov 18
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 102 in the group चित्र से काव्य तक
" कुण्डलिया छंद _______________ मैडम हाँडी पर चढीं, नीचे जल विस्तार। तन्मयता से खे रहे, दोनों खेवनहार।। दोनों खेवनहार,  खबर पहुँचानी घर घर। पगलाये हैं मेघ, रहो सब आज सँभलकर।। साहस की हैं खान, काम में इनके है दम। करने हर पड़ताल, पहुँच जाती…"
Oct 20
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"ढुलक गया तो आँसू बनता ,सूख गया तो शर्म।प्यास मिटाई प्यासे की तो,खूब कमाया धर्म।// वाह सुन्दर भाव। हार्दिक बधाई आदरणीया सुनन्दा झा जी प्रदत्त विषय पर सुन्दर सृजन के लिये।"
Oct 13
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"वाह ...बहुत सुन्दर सार्थक सृजन कहीं कटाक्ष करता कहीं आगाह करता।हार्दिक बधाई आदरणीय शेख शहज़ाद जी"
Oct 13
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"जल की उपयोगिता बताते हुए सुन्दर छन्दमुक्त रचना का सृजन। हार्दिक बधाई आदरणीय प्रशांत दीक्षित सागर जी"
Oct 13
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"अब है पानी  खूब  तो, व्यर्थ  रहे  हो डोलकिन्तु मिलेगा कल नहीं, देकर बेढब मोल।५।//वाह .... बहुत सुन्दर। सही है जल है तो जीवन है। शानदार दोहावली। हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।"
Oct 13
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"वाह जल संकट की चिंता और भविष्य से आगाह करती शानदार प्रस्तुति। हार्दिक बधाई आदरणीय वासुदेव अग्रवाल नमन जी। "
Oct 13
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"सुन्दर कथा  हार्दिक बधाई आदरणीय बबीता जी"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"हमारे देश में विवाह संस्था बहुत पुख्ता है। छोटी छोटी नोकझोंक उसे कमजोर नहीं करती हैं। बहुत सुन्दर रचना हार्दिक बधाई"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"हार्दिक आभार आदरणीय मोहन बेगोवाल जी"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"हार्दिक आभार आदरणीया नीता जी"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"कथा पर सार्थक टिप्पणी और सराहना के लिये आपका हार्दिक आभार आदरणीया कनक जी"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"हार्दिक आभार आदरणीय ओमप्रकाश जी"
Sep 30
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-54 (विषय: स्त्री)
"हार्दिक आभार आपका"
Sep 30

Profile Information

Gender
Female
City State
Ratlam Madhya Pradesh
Native Place
Almora Uttarakhand
Profession
was a teacher , currently house wife and a social worker
About me
I am from a sahitya premi family ,love to read and write

Pratibha pande's Blog

राज़ [ लघुकथा प्रतिभा पाण्डे ]

“ कब से इंतज़ार कर रहा हूँ तेरा I एक राज़ की बात बतानी है I’’ राधा के बाहर आते ही अब्दुल ड्राईवर झट उसके पास आ गया I

“जल्दी बता, बहुत काम पड़ा है I” झटके का कपड़ा कमर में खोंसती राधा बोली I

“ कल तू बता रही थी ना कि मेमसाब आजकल बदली बदली हैं, बहुत मीठा बोलती हैं , टूट फूट में चिल्लाती  भी नहीं हैं I’’

“ हाँ तो ?’’

“दोनों कड़वे करेलों की दरियादिली का राज़ आज खुल गया है I’’ अब्दुल का अंदाज़ भेद भरा था  I

“दोनों मतलब ?’’

“ साहब भी आजकल मीठे हो रहे हैं I…

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Posted on July 6, 2017 at 6:00pm — 9 Comments

मेरी दादी [गीत ] प्रतिभा पांडे

ऊन सलाई संग दादी का

बहुत पुराना था याराना

चपल उँगलियों का दादी की  

जाड़े ने भी लोहा माना

 

छत पर जब दादी को पाती

धूप गुनगुनी  मिलने आती

ख़ास सहेली बन दादी की  

वो भी फंदों से बतियाती

 

सीधे पर दो उल्टे फंदे

बुनता जाता ताना बाना

 

कल जो था बाबा का स्वेटर

अब छोटू का टोपा मफलर

नई पुरानी ऊनों के संग

चपल उँगलियाँ चलतीं सर सर

 

इस रिश्ते से उस रिश्ते तक

गर्माहट का आना…

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Posted on December 18, 2016 at 1:00pm — 8 Comments

फिर आओ गोपाल [ दोहा गीत जन्माष्टमी पर ]

 

हे पार्थ के सारथी, हे जसुमति के लाल

हरने जन की पीर अब , फिर आओ  गोपाल

 

ध्वस्त किया था कंस का ,इक दिन तुमने मान

निडर हो गया कंस अब ,और हुआ बलवान

घूम रहा है ओढ़ कर ,सज्जनता की खाल

हरने जन की पीर अब ,  फिर आओ  गोपाल

 

पाँचाली के चीर का ,किया खूब विस्तार   

नयनों में भर नीर फिर ,तुमको रही पुकार

अंध सभा में ठोकता , दुःशासन फिर  ताल

हरने जन की पीर अब  ,फिर आओ गोपाल

 

अर्जुन का रथ थाम कर…

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Posted on August 25, 2016 at 8:00am — 14 Comments

‘बेच रहा है आज तिरंगा’

 

चौराहे नाके पर बालक

बेच रहा है आज तिरंगा

 

झंडे लेकर उससे इक दो

कुछ पैसे उसको दे डालो

फिर गाडी में उन्हें लगा कर

आज़ादी की रस्म निभा लो

 

खाली हाथों घर जो लौटा

बाप करेगा पी कर पंगा

 

शनि लेकर कल घूम रहा था

सरसों तेल व जलती बाती

भूखे बच्चे चौराहे पर

कब बीतेगी साढ़े साती

 

रोजी उसकी ही खा जाता 

खादी  जाली का हर दंगा

 

बीते न बस रस्मी…

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Posted on August 15, 2016 at 11:18am — 4 Comments

Comment Wall (21 comments)

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At 9:54am on November 18, 2019, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।

At 3:07pm on November 18, 2018, Sheikh Shahzad Usmani said…

 

आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक बधाई और  शुभकामनाएँ।

At 1:39pm on November 18, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीया प्रतिभा पांडे साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रखे. सादर 

At 12:19pm on November 18, 2018, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय प्रतिभा पांडे जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें।प्रभु आपकी समस्त मनोकामनायें पूर्ण करें।माता रानी का सदैव आशीर्वाद मिले। जीवन में सुख, शाँति,समृद्धि और सेहत से मालामाल रहें।सदैव उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।

At 7:55am on June 24, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आपको कविता पर कविता पसंद आई हार्दिक आभार।
At 7:35pm on June 23, 2016, kanta roy said…
इस बीच मैने महसूस किया है कि कई गहरे आत्मीय संबंध मेरी मित्र सूची में शामिल नहीं है तो अचरज से भर गई । वास्तव में हमारा रिश्ता बहुत गहरा है । अपनी सौम्य ,सहज साझीदार को हृदय से अभिनंदन प्रेषित करती हूँ । :)))
At 6:57pm on November 19, 2015, maharshi tripathi said…

धन्यवाद  आ.प्रतिभा जी |

At 3:58pm on November 19, 2015, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिवस पर शुभ कामनाएं व्यक्त करने अनुग्रहित करने के  लिए ह्रदयतल से आभारी हूँ आपका  आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी, सादर   -
ईश कृपा से ही हुऐ,सात दशक ये पार,
मित्रों इस सद्भाव का, बहुत बहुत आभार ।

- लक्ष्मण रामानुज लडीवाला,जयपुर

At 6:27pm on November 18, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया प्रतिभा जी आपको सपरिवार जन्मदिन की ढेरों बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं। 

At 5:24pm on November 18, 2015, नादिर ख़ान said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीया प्रतिभा जी । 

 
 
 

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