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Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (4,943)

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"जी।"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"सादर नमस्ते। प्रदत्त विषय को भिन्न कोण से रोचक रचना में लेते हुए ग्रामीण परिवार की च…"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदाब। हार्दिक स्वागत । विवरणात्मक/आत्मकथ्यात्मक शैली में उम्दा रचना हेतु हार्दिक बधा…"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"सादर नमस्कार। स्वागत है विषयांतर्गत आपकी अनुपम मानवेतर बढ़िया रचना का। हार्दिक बधाई आ…"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"समीक्षात्मक टिप्पणी लिखने का एक अभ्यास। कृपया मार्गदर्शन अवश्य प्रदान कीजिएगा इस प्र…"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"रज़्ज़ाक़ (अल्लाह... शब्द का पर्यायवाची है। अतः. रज़्ज़ाक़ ही लिखा जाये, रज्जाक नहीं, तो ह…"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"/जोशीमठ आपदा से प्रेरित/... यह कोष्ठक में न भी लिखा जाता, तो भी रचना का कथानक और कथ्…"

Sheikh Shahzad Usmani replied on Tuesday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"सादर नमस्कार। इस बार आपकी लेखनी भी भिन्न तरह से चली है विषयांतर्गत। सत्तासीन, सड़क और…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदाब। सहभागिता और प्रयास हेतु बधाई आदरणीय नाथ सोनांचली जी। आपदा को आपने अपनी भिन्न द…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"सादर नमस्कार। वाह। आरंभिक लघु वाक्यों से अंतिम लघु वाक्यों तक परिस्थितियों का पुनराव…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-94

80 on Tuesday
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

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"आ. बृजेश जी, बहुत आभार आपका।"
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उषा अवस्थीमन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?वे घर ,जो दिखते नहींमिलते हैं धूल में, टिकते नहींपर "मैं"…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
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