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Sushil Sarna
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Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post शब्द ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post ख़्वाब ... (क्षणिका )
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिका हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Sushil Sarna's blog post ख़्वाब ... (क्षणिका )
"बेहतरीन क्षणिका"
Monday
Sushil Sarna posted blog posts
Sunday
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post ताप संताप दोहे :
"बहुत ही सुन्दर दोहे रचे हैं। बधाई सुशील जी।"
Sunday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,दोहों का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । जनाब सौरभ पाण्डेय जी की बातों का संज्ञान आप ले ही चुके हैं ।"
Sunday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post ताप संताप दोहे :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,गर्मी के मौसम पर अच्छे दोहे रचे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । 'भानु रशिम कर रही, कैसा तांडव आज' इस पंक्ति के पहले चरण में 11 मात्राएँ हो रही हैं,देखियेगा । 'मेघो अपने रहम की, जरा करो बरसात' आप…"
Sunday
Rakshita Singh commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"आदरणीय सुशील जी नमस्कार,  जीवन के सत्य पर आधारित बहुत ही सुंदर दोहे.. बहुत बहुत बधाई ।"
Saturday
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post औरत.....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Saturday
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सूर्यास्त के बाद
"वाह आदरणीय निकोर जी अंतर्मन के भावों को आप जिस तरह शब्दों में बाँध प्रवाह देते हैं ,उसकी तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। इस भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए दिल से बधाई सर।"
Saturday
Sushil Sarna commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post -ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-
"आदरणीय वर्तमान हालात पर तीक्ष्ण कटाक्ष। अब तो अखबार से भी मासूम क्रंदन की आबाजें आती हैं। जाने वहशी पंजों से कब मासूम सुरक्षित हो पाएंगे। इस रचना हेतु हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हुस्न का बेहतर नज़ारा चाहिए ।कुछ तो जीने का सहारा चाहिए ।।हो मुहब्बत का यहां पर श्री गणेश ।आप का बस इक इशारा चाहिए ।। वाह आदरणीय वाह बहुत ही उम्दा ग़ज़ल का सृजन हुआ है। दिल से बधाई स्वीकारें।"
Saturday
Sushil Sarna commented on नयना(आरती)कानिटकर's blog post मैं और मेरा मन
"आदरणीया जी अंतर्मन के भावों को चित्रित करती इस भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए दिल से बधाई।"
Saturday
Sushil Sarna commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post ध्यान योग
"आदरणीय जी योगदिवस पर योग को समर्पित सार्थक सृजन हेतु हार्दिक बधाई।"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"आदरणीय  narendrasinh chauhanजी सृजन पर आपके दिलकश प्रशंसा का दिल से आभार।"
Saturday
Sushil Sarna commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post प्रतीक्षा
"वाह आदरणीय डॉ गोपाल जी वाह ... एक सूक्ष्म अनुभूति की भावपूर्ण अभिव्यक्ति। हार्दिक बधाई स्वीकारें सर।"
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
Jaipur-Rajasthan
Native Place
New Delhi
Profession
Retired from Central Govt.Service as Superintending Officer
About me
I am a simple,sentimental and transparent person.Poetry is my hobby and passion

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Sushil Sarna's Blog

शब्द ....

शब्द ....

शब्द
बतियाते हैं तो
सृजन बन जाते हैं

शब्द
बतियाते हैं तो
वाचाल हो उठती है
अंतस भावों की
पाषाण प्रतिमा

शब्द
बतियाते हैं तो
बन जाते हैं
कालजयी
शिलालेख

शब्द
बतियाते हैं तो
छीन लेते हैं
मौन में दबे दर्द की
मौनता को

इसीलिए
शब्दों का बतियाना
बड़ा अच्छा लगता है

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on June 23, 2019 at 5:02pm — 1 Comment

ख़्वाब ... (क्षणिका )

ख़्वाब ... (क्षणिका )

तैरता रहा तुम्हारा अक्स
मेरे ख़्वाबों के प्याले में
माहताब बनकर
मैं निहारता रहा
अब्र में
बिखरता ख़्वाब
छलिया माहताब में

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on June 22, 2019 at 4:58pm — 2 Comments

कर्म आधारित दोहे :

कर्म आधारित दोहे :

अपने अपने नीड़ की, अपनी अपनी पीर।

हर बंदे के कर्म ही, हैं उसकी तकदीर।।

पाप पुण्य संसार में, हैं कर्मों के भोग।

सुख-दुख पाना जीव का ,मात्र नहीं संयोग।।

हर किसी के कर्म का, दाता रखे हिसाब।

देना होगा ईश को ,हर कर्म का जवाब।।

चाँदी सोना धन सभी, हैं जग में बेकार।

सद कर्मों से जीव का, होता बेड़ा पार।।

जग में आया छोड़कर, जब तू अपना धाम।

धन अर्जन के कर्म में, भूल गया तू…

Continue

Posted on June 20, 2019 at 2:33pm — 10 Comments

ताप संताप दोहे :

ताप संताप दोहे :

सूरज अपने ताप का, देख जरा संताप।

हरियाली को दे दिया, जैसे तूने शाप।।

भानु रशिम कर रही, कैसा तांडव आज।

वसुधा की काया फटी,ठूंठ बने सरताज।।

वसुंधरा का हो गया, देखो कैसा रूप।

हरियाली को खा गई, भानु तेरी धूप।।

मेघो अपने रहम की, जरा करो बरसात।

अपनी बूंदों से हरो, धरती का संताप।।

तृषित धरा को दीजिये, इंद्रदेव वरदान।

हलधर लौटे खेत में, खूब उगाये धान।।

सुशील सरना…

Continue

Posted on June 19, 2019 at 7:04pm — 6 Comments

Comment Wall (34 comments)

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At 11:15pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुशील सरना जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी "कविता : कितना अच्छा होता" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:35am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका मेल बॉक्स ब्लॉक होने के कारण मेल सेंड नहीं हो रहा है. 

At 1:29am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय सुशील सरना सर, विलम्ब से प्रत्युत्तर हेतु क्षमा. आपको मेल कर दिया है. सादर 

At 10:17pm on April 7, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ० सरना भाई जी, सादर  प्रणाम!

आपका हार्दिक स्वागत है.  मित्रता से भाग्योदय होता है ,  मैं धन्य हुआ. सादर

At 9:46am on April 1, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय सुशील जी ..महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 6:02am on March 20, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ०  सुशील सरना भाई जी, सादर प्रणाम!  आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई. सादर

At 4:22pm on March 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुशील सरना जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:00pm on February 17, 2016, Tasdiq Ahmed Khan said…

मोहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब ,  यह  आप सब की हौसला अफ़ज़ाई का नतीजा है  , जिसके लिए   आप का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

At 8:47pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर हार्दिक शुभकामनाएं!
At 2:33pm on January 5, 2016, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

तन स्वस्थ रहे मन में उमंग...सुशील भाईजी आपको भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों  शुभकामनायें

 
 
 

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