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harivallabh sharma
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Anil Chauhan '' Veer" and harivallabh sharma are now friends
Aug 10
harivallabh sharma commented on मिथिलेश वामनकर's event ओबीओ साहित्योत्सव, भोपाल
"हार्दिक धन्यवाद आ मिथिलेश वामनकर जी कल भेंट होगी, सादर"
Apr 15, 2016
harivallabh sharma commented on मिथिलेश वामनकर's event ओबीओ साहित्योत्सव, भोपाल
"हम भाग्यशाली हैं, आपका स्नेह बना रहे सादर आ सौरभ पाण्डेय सर"
Apr 9, 2016
harivallabh sharma commented on मिथिलेश वामनकर's event ओबीओ साहित्योत्सव, भोपाल
"जी त्रुटिबस हो गया था, क्षमा चाहता हूँ, आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी"
Apr 9, 2016
harivallabh sharma commented on मिथिलेश वामनकर's event ओबीओ साहित्योत्सव, भोपाल
"भोपाल में आप सभी विद्वानों के बीच उपस्थित होना गौरवान्वित होगा।"
Apr 9, 2016
harivallabh sharma might attend मिथिलेश वामनकर's event

ओबीओ साहित्योत्सव, भोपाल at भोपाल, मध्यप्रदेश

April 16, 2016 at 2pm to April 17, 2016 at 8:30pm
Apr 9, 2016
harivallabh sharma shared मिथिलेश वामनकर's event on Facebook
Apr 9, 2016
Sushil Sarna left a comment for harivallabh sharma
"नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ। सुशील सरना"
Jan 3, 2016
harivallabh sharma commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी आपकी सुन्दर समीक्षा एवं हौसला अफजाई हेतु हार्दिक शुक्रिया..सादर."
Jan 13, 2015
harivallabh sharma commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"आदरणीय Madan Mohan saxena जी ग़ज़ल पर स्नेहिल प्रतिक्रिया देकर हौसला अफजाई हेतु हार्दिक आभार आपका."
Jan 13, 2015
मोहन बेगोवाल commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"  आज के माहौल को पेश करते  सभी अश'आर लाजवाब -बधाई हो "
Jan 12, 2015
Madan Mohan saxena commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"कर रहे हैं क़त्ल जिसके नाम पर, क्या यही अल्लाह को स्वीकार है. कौम में पैदा हुआ शैतान जो, बन मसीहा आ गया गद्दार है. बेहद उम्दा ग़ज़ल ,वाह वाह ! क्या बात है"
Jan 12, 2015
harivallabh sharma commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"आदरणीय khursheed khairadi साहब आपका स्नेह ग़ज़ल को मिला आपका हार्दिक आभार, कृपया मार्गदर्शन देते रहें, सादर."
Jan 12, 2015
harivallabh sharma commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"आदरणीय ajay sharma जी आपने पोस्ट पर ध्यान देकर उत्साह वर्धन किया आपके मार्गदर्शन का हार्दिक स्वागत एवं आभार ..सादर ."
Jan 12, 2015
harivallabh sharma commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"आदरणीय बागी साहब तीसरे शेर .. क्यों हुआ मजबूर फटने के लिए. लानतें उस जन्म को धिक्कार है.....को परिवर्तित कर बन गया इंसान से बम किस लिए, लानतें उस शख्स को धिक्कार है...करना चाहता हूँ...आप सुधिजन की कृपया देख लें."
Jan 12, 2015
khursheed khairadi commented on harivallabh sharma's blog post ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.
"नेकियाँ हर धर्म के उपदेश में, बदनुमा किस धर्म में किरदार है. आदरणीय हरिवल्लभ सर ,उम्दा ग़ज़ल हुई है |बहुत बहुत बधाई |सादर अभिनन्दन |"
Jan 11, 2015

Profile Information

Gender
Male
City State
Hoshangabad MP
Native Place
Hoshangabad
Profession
retied police officer
About me
having passion of read & write

Harivallabh sharma's Blog

ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.

** ग़ज़ल : वक़्त भी लाचार है.

2122,2122,212

आदमी क्या वक़्त भी लाचार है.

हर फ़रिश्ता लग रहा बेजार है.

आज फिर विस्फोट से कांपा शहर.

भूख पर बारूद का अधिकार है.

क्यों हुआ मजबूर फटने के लिए.

लानतें उस जन्म को धिक्कार है.

औरतों की आबरू खतरे पड़ी,

मारता मासूम को मक्कार है.

कर रहे हैं क़त्ल जिसके नाम पर,

क्या यही अल्लाह को स्वीकार है.

कौम में पैदा हुआ शैतान जो,

बन…

Continue

Posted on January 10, 2015 at 3:47pm — 21 Comments

नवगीत : सूरज रे जलते रहना.

**सूरज रे जलते रहना.

भीषण हों कितनी पीढायें,

अंतस में दहते रहना.

सूरज रे जलते रहना.

 

घिरते घोर घटा तम बादल,

रोक नहीं तुमको पाते,

सतरंगी घोड़ों के रथ पर,

सरपट तुम बढ़ते जाते.

दिग दिगंत तक फैले नभ पर,

समय चक्र लिखते रहना.

सूरज रे जलते रहना.

 

छीन रहे हैं स्वर्ण चंदोवा,

मल्टी वाले मुस्टंडे.

सीलन ठिठुरन शीत नमी सब,

झुग्गी वाले हैं ठन्डे.

फैले बरगद के नीचे…

Continue

Posted on January 7, 2015 at 3:30pm — 22 Comments

ग़ज़ल : आजमाते पंख के फैलाव को.

2122,2122,212

सह सके ना फूल के टकराव को.

हैं मुकाबिल झेलने सैलाव को.

थामना पतवार सीखा है नहीं.

हैं चले खेने बिफरती नाव को.

हौसला उनका झुकाता आसमां.

आजमाते पंख के फैलाव को.

हर सफलता चूमती उनके कदम,

आजमाते वक़्त पर जो दाव को.

भाव उनके भी गिरेंगे एक दिन,

भूल जाते हैं सरे सद्भाव को.

.

हरिवल्लभ शर्मा दि. 04.01.2015

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on January 4, 2015 at 6:30pm — 15 Comments

नवगीत : दिन में दिखते तारे

नवगीत : दिन में दिखते तारे.

तिल सी खुशियों की राहों में,

खड़े ताड़ अंगारे.

कैसे कटें विपत्ति के दिन,

दिन में दिखते तारे.

 

आशा बन बेताल उड़ गयीं,

उलझे प्रश्न थमाकर.

मुश्किल का हल खोजे विक्रम,

अपना चैन गवाँकर.

मीन जी रही क्या बिन जल के.

खाली पड़े पिटारे.

कैसे कटें विपत्ति के दिन..

दिन में दिखते तारे.

 

दर्पण हमको रोज दिखाता,

एक फिल्म आँखों से,

पत्तों जैसे दिवस झर…

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Posted on January 1, 2015 at 3:00pm — 24 Comments

Comment Wall (10 comments)

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At 7:02pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 8:13pm on January 7, 2015, Hari Prakash Dubey said…

आदरणीय सर , बहुत आभार आपका ,सादर !

At 3:28am on September 11, 2014, vijay nikore said…

मित्रता का हाथ बढ़ाने के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय हरिवल्लभ जी। मैं हर्षित हूँ।

At 9:44pm on September 6, 2014, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

आदरणीय हरिवल्लभ जी............

आपने इस योग्य समझा , हृदय से धन्यवाद 

At 1:44pm on August 3, 2014, Dr Ashutosh Mishra said…

आदनीय हरिवल्लभ जी ..आप से मित्रता मेरे लिए सुखद अहसास है ..आपके दोस्तों की सूची में शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात है 

At 1:51pm on July 30, 2014, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

सादर आभार सर जी मित्रता हेतु 

सदैव मार्ग दर्शन अपेक्षित है. स्नेह बनाये रखिये . 

At 6:44pm on July 7, 2014, Sushil Sarna said…

आप जैसे मित्रों का होना मेरे लिए गर्व की बात है। 

At 9:36am on July 7, 2014, Dr. Vijai Shanker said…
Welcome
At 10:16pm on July 6, 2014, कल्पना रामानी said…

आदरणीय हरिवल्लभ जी, आपकी मित्रता पाकर  मन बहुत हर्षित हुआ। आपका इस परिवार में हार्दिक स्वागत

At 10:00pm on July 6, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरनीय

आपकी मित्रता मेरा गौरव i धन्यवाद i

 
 
 

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