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सालिक गणवीर
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सालिक गणवीर commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post रातें तमस भरी हैं उलझन भरे दिवस हैं-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आदरणीय भाई सादर अभिवादन बहुत उम्दः ग़ज़ल कही है आपने. बधाइयाँ स्वीकार करें."
yesterday
सालिक गणवीर and Shekhar are now friends
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सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय  दंडपाणि नाहक जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी आमद और सराहना के लिए कोटिशः धन्यवाद"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय  Amit Kumar "Amit"  जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए बहुत शुक्रियः"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय  munish tanha जी सादर अभिवादन बहुत अच्छी तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीया Rachna Bhatia   जी सादर अभिवादन बहुत अच्छी तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय नादिर ख़ान जी सादर अभिवादन बहुत अच्छी तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय dandpani nahak जी सादर अभिवादन बहुत अच्छी तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय  Tasdiq Ahmed Khan   जी सादर अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय  अमित कुमार "अमित"जी सादर अभिवादन  तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें। "
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय DINESH KUMAR VISHWAKARMA   जी सादर अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय Tasdiq Ahmed Khan  जी सादर अभिवादन बहुत उम्दः तरही ग़ज़ल कही आपने ,बधाईयाँ स्वीकार करें"
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"मुहतरम अमीरूद्दीन "अमीर" साहिब आदाब ग़ज़ल पर आपकी शिर्क़त और सराहना के लिए शुक्रियः। इसलिए लो (2122) ग मिलाते (1122) रहे हाँ में (1122) हाँ तेरी (112) अगर तक्तीअ करने में कोई गलती हुई हो तो समझाइश दें मुहतरम."
Feb 26
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीया  Rachna Bhatia जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए बहुत शुक्रियः"
Feb 25
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय  Sanjay Shukla  जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए बहुत शुक्रियः"
Feb 25
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीया Richa Yadav जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए बहुत शुक्रियः"
Feb 25

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhilai, Chhattisgarh
Native Place
Bhilai
Profession
Retired from SAIL,as a Senior Electrical engineer
About me
Reading,writing and photography were my hobbies and after retirement I am totally indulged to fulfill my dreams.

सालिक गणवीर's Blog

यार कब तक डरा करे कोई.........( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

2122 1212 22/112

यार कब तक डरा करे कोई

मौत का सामना करे कोई (1)

मैं तो उनके क़रीब रहता हूँ

दूर मुझसे रहा करे कोई (2)

मुफ़्त में गर किसी को देना हो

मशविर: दे दिया करे कोई (3)

मयकदे से बताओ ऐ यारो

दूर कब तक रहा करे कोई (4)

क्या ज़मींदोज़ करके मानेगा

और कितना दबा करे कोई (5)

वक्त के साथ भर ही जाएँगे

ज़ख़्म जितने दिया करे कोई (6)

यार "सालिक" की अब ये ख़्वाहिश…

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Posted on February 14, 2021 at 10:30pm — 8 Comments

तेरे कहने से ही क्या हो जाएगा......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

2122 2122 212



तेरे कहने से ही क्या हो जाएगा 

जो बुरा है वो भला हो जाएगा (1)

जो पुराना जख़्म माज़ी ने दिया

दो ही दिन में क्या नया हो जाएगा (2)

खाद पानी मिलने से ही क्या शजर

वक़्त से पहले बड़ा हो जाएगा (3)

है अलग सबसे ख़ज़ाना प्यार का

ख़र्च कीजै दोगुना हो जाएगा (4)

दोस्ती में दर्द-ओ-ग़म हो या ख़ुशी

जो भी तेरा है मेरा हो जाएगा (5)

क़द अगर छोटा है उसका दोस्तो

मैं झुका तो वो बड़ा…

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Posted on January 29, 2021 at 10:30pm — 11 Comments

एक पत्थर सा बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

2122 1212 22/112

एक पत्थर सा बस पड़ा हूँ मैं

हूँ मुसाफ़िर या रास्ता हूँ मैं (1)

अब कोई ढूँढता नहीं मुझको

एक मुद्दत से लापता हूँ मैं (2)

ज़िंदगी आजकल जहन्नम है

ख़्वाब जन्नत के देखता हूँ मैं (3)

छोड़ कर सब चले गए हैं या

भीड़ में फिर से खो गया हूँ मैं (4)

अब नहीं इंतिज़ार तेरा पर

रास्ता रोज़ देखता हूँ मैं (5)

हर तरफ है अजीब वीरानी 

खुद में शायद उजड़ रहा हूँ मैं…

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Posted on January 15, 2021 at 8:00pm — 8 Comments

होता नहीं है ख़त्म मेरा काम भी कभी......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

221 2121 1221 212

होता नहीं है ख़त्म मेरा काम भी कभी

कैसे करे ये दिल बता आराम भी कभी  (1)

अब हो न जाँऊ यार मैं बदनाम भी कभी

हो जाए मुफ्त में न मेरा नाम भी कभी  (2)

क्या क्या चुरा लिया है ये मुझसे न पूछिये

लूटा गया है मुझको सर-ए-आम भी कभी  (3)

कुछ इस तरह से छोड़ गए हैं मुझे यहाँ

आते नहीं हैं मुद्दतों पैगाम भी कभी  (4)

करते रहे हवाई सफ़र मुफ़्त में सदा

कुछ लोग तो चुकाते नहीं दाम भी कभी …

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Posted on January 10, 2021 at 11:00pm — 6 Comments

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