For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
Share

Nilesh Shevgaonkar's Friends

  • Ajay Tiwari
  • Subodh Bajpai
  • Hemant kumar
  • Gurpreet Singh jammu
  • Anuj
  • मनोज अहसास
  • Krish mishra 'jaan' gorakhpuri
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • harivallabh sharma
  • Amit Kumar "Amit"
  • लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
  • गिरिराज भंडारी
  • Saarthi Baidyanath
  • Sushil Sarna
 

Nilesh Shevgaonkar's Page

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की- ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए

.ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए किस किस को हम पीर बना कर बैठ गए. . यादें हम से छीन के कोई दिखलाओ लो हम तो  जागीर बना कर बैठ गए.   . दुनिया की तस्वीर बनानी थी हम को हम तेरी तस्वीर बना कर बैठ गए.   . मौक़ा रख कर भेजा था नाकामी में आप जिसे तक़दीर बना…See More
17 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: आख़िरश में जिसकी खातिर सर गया
"आ. आज़ी भाई,आख़िरश का अर्थ ही अंतत: हुआ ..फिर इस में //में// का क्या काम .ग़ज़ल के लिए बधाई "
yesterday
Nilesh Shevgaonkar commented on Deepanjali Dubey's blog post ग़ज़ल: लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी
"त थ द ध..... न के हिसाब से मानक शब्द हिन्दी है न कि हिंदी .. हिन्दी के गुणगान करती रचना में हिन्दी ही ठीक न लिखा तो क्या लिखा झूठी तारीफ़ें हम नहीं करते क्षमा करें "
yesterday
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो
"शुक्रिया आ. ब्रज जी "
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो
"बहुतख़ूब आदरणीय नीलेश जी...अच्छी ग़ज़ल कही..."
Jan 17
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो
"शुक्रिया आज़ी तमाम भाई "
Jan 16
Aazi Tamaam commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो
"वाह जनाब बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई"
Jan 15
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो

. कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो सो चाहते हैं कि उन से कोई सवाल न हो. . कोई फ़िराक़ न हो और कोई विसाल न हो उठे वो मौज कि अपना हमें ख़याल न हो.    . तेरी तलब में हमें वो मक़ाम पाना है कि लुट भी जाएँ तो लुट जाने का मलाल न हो. . हमें सफ़र जो ये…See More
Jan 12
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"धन्यवाद आ. मनोज अहसास जी,शे'र का भाव वही है जो शब्दों में है.. कुछ हिडेन नहीं है ..ईश्वर स्वयं मनुष्य का पुजारी है क्यूँ कि ईश्वर को मनुष्य ने बनाया है सादर  "
Jan 12
मनोज अहसास commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"आदरणीय नूर साहब सादर नमस्कार  बहुत सुंदर ग़ज़ल की हार्दिक बधाई अक्सर मिलता है वो ......... इस शेर का भाव मुझे स्पष्ठ नहीं हुआ कृपया थोड़ी व्याख्या से समझाने की कृपा करें सादर"
Jan 12
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"आभार आ. लक्ष्मण जी "
Dec 31, 2021
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"आभार आ. गुरप्रीत जी "
Dec 31, 2021
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"आभार आ. समर सर "
Dec 31, 2021
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं से उड़ के परिन्दे कहीं पे उतरे हैं
"आभार आ. बृजेश जी "
Dec 31, 2021
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"आ. भाई नीलेश जी, बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Dec 31, 2021
Gurpreet Singh jammu commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"वाह आदरणीय नीलेश सर, बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही आपने।"
Dec 31, 2021
Samar kabeer commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो
"जनाब निलेश 'नूर' जी आदाब , अच्छी ग़ज़ल कही आपने, बधाई स्वीकार करें I "
Dec 30, 2021
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- कहीं से उड़ के परिन्दे कहीं पे उतरे हैं
"बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही है आदरणीय नीलेश जी...हरेक शे'र बेमिशाल और मतला कहीं से उड़ के परिन्दे कहीं पे उतरे हैं  ख़ुदा से हो के ख़फ़ा हम ज़मीं पे उतरे हैं...जबरजस्त"
Dec 30, 2021
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय सालिक जी  अच्छी ग़ज़ल हुई है शेर दर शेर हार्दिक बधाई स्वीकार करें."
Dec 29, 2021
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आ. अमीरुद्दीन अमीर साहब,अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें.. हक़-बयानी उन का शेवा सच के पैरोकार हैं  शे'र तो कहिये करेंगे क़द्रदानी आप की ... क़द्र दानी आपने आप में क्रियारूप शब्द है.. इसके साथ करेंगे की क्रिया बेमेल है ..करेंगे क़द्र आपकी…"
Dec 29, 2021

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

Nilesh Shevgaonkar's Photos

  • Add Photos
  • View All

Nilesh Shevgaonkar's Blog

ग़ज़ल नूर की- ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए

.

ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए

किस किस को हम पीर बना कर बैठ गए.

.

यादें हम से छीन के कोई दिखलाओ

लो हम तो  जागीर बना कर बैठ गए.  

.

दुनिया की तस्वीर बनानी थी हम को

हम तेरी तस्वीर बना कर बैठ गए.  

.

मौक़ा रख कर भेजा था नाकामी में

आप जिसे तक़दीर बना कर बैठ गए.

.

मैंने कॉपी में इक चिड़िया क्या मांडी

दुनिया वाले तीर बना कर बैठ गए.

.

चलती फिरती मूरत देख के हम नादाँ

मंदिर की तामीर बना कर बैठ गए.

.

हँसते…

Continue

Posted on January 23, 2022 at 9:02am

ग़ज़ल नूर की- कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो

.

कहीं ये उन के मुख़ालिफ़ की कोई चाल न हो

सो चाहते हैं कि उन से कोई सवाल न हो.

.

कोई फ़िराक़ न हो और कोई विसाल न हो

उठे वो मौज कि अपना हमें ख़याल न हो.   

.

तेरी तलब में हमें वो मक़ाम पाना है

कि लुट भी जाएँ तो लुट जाने का मलाल न हो.

.

हमें सफ़र जो ये बख़्शा है क्या बने इसका

न हो उरूज अगर इस में या ज़वाल न हो.

.

बशर न हो तो ख़ुदा भी न हो जहाँ में कोई 

न हो जहाँ में ख़ुदा तो कोई वबाल न हो.

.

मैं चाहता हूँ ये दुनिया वहाँ…

Continue

Posted on January 12, 2022 at 9:00am — 4 Comments

ग़ज़ल नूर की - उस के नाम पे धोखे खाते रहते हो

,

उस के नाम पे धोके खाते रहते हो

फिर भी उस के ही गुण गाते रहते हो.

.

उस के आगे बोल नहीं पाते हो तुम

मैं बोलूँ तो हाथ दबाते रहते हो.

.

कोई नया इस दुनिआ में कब आता है

तुम ही जा कर वापस आते रहते हो.

.

तुम को वापस अपने घर भी जाना है

क्यूँ दुनिआ से लाग  लगाते रहते हो.

.

अक्सर मिलता है वो इन्साँ पूजता है 

वो जिस को तुम ख़ुदा बताते रहते हो.

.

वाइज़ जी क्या तुम ने वो सब सीख लिया 

हम को जो कुछ तुम समझाते रहते…

Continue

Posted on December 27, 2021 at 8:30am — 8 Comments

ग़ज़ल नूर की- कहीं से उड़ के परिन्दे कहीं पे उतरे हैं

कहीं से उड़ के परिन्दे कहीं पे उतरे हैं  

ख़ुदा से हो के ख़फ़ा हम ज़मीं पे उतरे हैं.

.

तुम्हारे ढब से मिली बारहा जो रुसवाई  

हर एक बात पे हाँ से नहीं पे उतरे हैं.

.

हमारी आँखों की झीलें भी इक ठिकाना है     

तुम्हारी यादों के सारस यहीं पे उतरे हैं.

.

हमारी फ़िक्र से नीचे फ़लक मुहल्ला है  

ये शम्स चाँद सितारे वहीं पे उतरे हैं.  

.

हज़ारों बार ज़मीं ने ये माथा चूमा है

उजाले सजदों के मेरे जबीं पे उतरे हैं.  

.

निलेश "नूर"…

Continue

Posted on December 22, 2021 at 10:30pm — 10 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:53pm on September 27, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय नीलेश जी आदाब बहुत बहुत शुक्रिया मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ आपने मेरी ग़ज़ल को सराहा मेरा तो आज का दिन बन गया ! ह्रदय से शुक्रिया
At 8:17pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
मुआफ़ी चाहता हूँ ! बढ़ाने का
At 8:16pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
हौसला बढ़ने का
At 8:15pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश जी आदाब . बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

आशीष यादव replied to Aazi Tamaam's discussion Secracy in the group English Literature
"Very nice geet"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"आदरणीय श्री सौरभ पांडेय सर प्रणाम।  प्रत्येक रचना पर आपकी टिप्पणियों की प्रतीक्षा रहती है।…"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post नव वर्ष पर 5 दोहे
"आदरणीय श्री बृजेश कुमार ब्रज जी बहुत-बहुत धन्यवाद।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव
"आदरणीय श्री अमीरुद्दीन अमीर सर प्रणाम।  आपकी सराहना से मन प्रसन्न हुआ। बहुत-बहुत धन्यवाद।"
1 hour ago
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post मैं पुलिस हूँ (पुलिस गीत) : आशीष यादव
"आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी मुसाफिर सर प्रणाम। सर गीत तक पहुंचने और उस पर सकारात्मक टिप्पणी देने के…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Admin's group अतिथि की कलम से
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी, शुभस्य शीघ्रम्.  पहल करें. किसी अतिथि से सार्थक रचना प्राप्त कर…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Admin's group अतिथि की कलम से
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहब, आपके विचारों से सहमत हूँ. किन्तु अक्सर हुआ ये है कि किसी…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Anamika singh Ana's discussion समीक्षा -समकालीन मुकरियाँ in the group पुस्तक समीक्षा
"आदरणीया अनामिका सिंह 'अना' जी सादर, त्रिलोक सिंह ठकुरेला जी द्वारा सम्पादित 'समकालीन…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहा सप्तक -६( लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' )
"आ. भाई वृजेशजी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति व प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post शिशिर के दोहे -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद ।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post शिशिर के दोहे -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई आजी तमाम जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
5 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'प्रशांत' updated their profile
6 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service