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surender insan
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dandpani nahak left a comment for surender insan
"आदरणीय सुरेंदर इंसान जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए"
Jun 29
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"जी आदरणीय बहुत बहुत शुक्रिया आपका।  सादर नमन जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय तस्‍दीक साहब बहुत बढ़िया गजल कही आपने। दिली मुबारकबाद पेश है । सादर जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय सादर नमन। वाह जी वाह बेहतरीन मतला। एक एक शेर बेहतरीन । बहुत अच्छी गिरह हुई है। दिली मुबारकबाद कबूल करें जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय बासुदेव जी आदाब। ग़ज़ल के अच्छे प्रयास के लिए बधाई स्वीकार करें।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय अरुण जी आदाब। ग़ज़ल  के बहुत अच्छे प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई  हो जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"वाह जी वाह बेहतरीन मतला, दिली मुबारकबाद कबूल करें। ग़ज़ल के बहुत अच्छे प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई हो जी। सादर जी"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय मुनीश जी आदाब। ग़ज़ल के अच्छे प्रयास के लिए बधाई स्वीकार करें।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"वाह वाह बहुत बढ़िया प्रयास ग़ज़ल का दीदी। बहुत बहुत बधाई हो।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय मनन कुमार जी आदाब। ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है। बहुत बहुत बधाई हो।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय दंडपाणि जी आदाब। ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है , गिरह भी अच्छी हुई है। सादर जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय आसिफ जैदी साहब आदाब। ग़ज़ल के प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई। लगातार प्रयास करते रहे धीरे धीरे निखार आ जायेगा। बाकी आद.समर साहब सब कह ही चुके है। सादर जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय Md. Anis sheikh जी आदाब। बहुत बहुत आभार और शुक्रिया जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय अमित जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका। सादर नमन जी।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"जी आदरणीय मुनीश तन्हा जी आदाब। बहुत बहुत शुक्रिया आपका।"
Jun 28
surender insan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-108
"आदरणीय दंडपाणि जी आदाब। बहुत बहुत शुक्रिया आपका जी।"
Jun 28

Profile Information

Gender
Male
City State
sirsa (haryana)
Native Place
india
Profession
self work
About me
a simple parson. give respect take respect .always be happy & let others be happy.

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दोहे

रक्षा करते देश की,दे कर अपनी जान।

वीर जवानों का करो,दिल से तुम सम्मान।।

बाहर से उजले दिखें, मन में भरे विकार।

ऐसे लोगों पर कभी,करना न ऐतबार।।

ये माना मैं जी रहा,तेरे जाने बाद।

लेकिन मुझको हर समय,तेरी आती याद।।

जीवन के पथ पर तुम्हें,छाँव मिले या धूप।

हर पल आगे ही बढ़ो,सुख दुख में सम रूप।।

मदिरा बहुत बुरी बला,किसने की ईजाद।

इसके कारण हो रहे,कितने घर बरबाद।।

थोड़े से भी हो…

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Posted on April 4, 2019 at 2:30pm — 6 Comments

"किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें"

 1222 1222 1222


सुकूँ वो उम्र भर पाया नहीं करतें।
बड़ों की बात जो माना नहीं करतें।।

बुजुर्गों की नसीहत ये पुरानी है।
बिना सोचे कभी बोला नहीं करतें।।

सफल होते हमेशा लोग वो ही जो।
किसी की बात सुन बहका नहीं करतें।।

जिन्हें आदत हमेशा जीतने की हो।
वो मैदां छोड़ कर भागा नहीं करतें।।

हमेशा से रहा इक ही उसूल अपना।
किसी के साथ भी धोखा नहीं करतें।।

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on December 11, 2018 at 4:30pm — 14 Comments

"गर अदब में नाम की दरकार है"

2122 2122 212

गर अदब में नाम की दरकार है।

तो ग़ज़ल कोई नयी दरकार है।।

तू किसी को देख ले ग़मगीन तो।

आँख में तेरी नमी दरकार है।।

प्यार करते हो मुझे तुम भी अगर

इक नज़र चाहत भरी दरकार है।।



एक दूजे पे हमेशा हो यकीं।

दोस्ती में बस यही दरकार है।।

ये अँधेरा दूर होगा एक दिन।

इल्म की बस रौशनी दरकार है।।

बात सच्ची ही कहें हर शेर में।

शाइरी में ये रही दरकार है।।

तुम बढ़ा…

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Posted on October 1, 2018 at 12:00pm — 6 Comments

"दर्द वो इस तरह छुपाता है"

2122 1212 22

हर समय खूब मुस्कुराता है।

दर्द वो इस तरह छुपाता है।।

वक़्त अच्छा बुरा जो आता है।

कुछ न कुछ तो सबक सिखाता है।।

दोस्त सच्चा उसे कहा जाता।

साथ जो हर कदम निभाता है।।

वो सकूँ से कभी नहीं रहता।

दिल किसी का भी जो दुखाता है।।

एक दिन ख़ुद मज़ाक बनता वो।

जो किसी का मज़ाक उड़ाता…

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Posted on July 24, 2018 at 9:00pm — 8 Comments

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At 7:46am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय सुरेंदर इंसान जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए
At 11:48pm on July 7, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

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 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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