For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
Share

Ashok Kumar Raktale's Friends

  • Anamika singh Ana
  • Kalipad Prasad Mandal
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • प्रदीप नील वसिष्ठ
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Dipu mandrawal
  • TEJ VEER SINGH
  • Hari Prakash Dubey
  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • Amit Kumar "Amit"
  • अनिल कुमार 'अलीन'
  • Pradeep Kumar Shukla
  • गिरिराज भंडारी
 

Ashok Kumar Raktale's Page

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय भाई शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी सादर, प्रदत्त विषय पर कबूतरों के माध्यम से आपने बहुत कुछ कह दिया है. इस सुंदर और सार्थक प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी सादर, प्रदत्त विषय पर सुंदर प्रस्तुति आपकी. हार्दिक बधाई स्वीकारें. बाकी तो आदरणीय समर साहब ने कह ही दिया है. सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"अपने मन का  राजा बादल करता रहता है मनमानी............वाह ! सुंदर मुखड़ा और प्रदत्त विषय पर सार्थक अंतरों से सजा उत्तम गीत रचा है आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें आदरणीया प्रतिभा पांडे जी. सादर "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, प्रदत्त विषय पर आपकी बहुत सुंदर और सार्थक प्रस्तुति. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त विषय को आपने दोहों के माध्यम से पूरी तरह चित्रित कर दिया है. प्रदत्त विषय पर इस अनुपम दोहावली के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें.सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी सादर, प्रदत्त विषय को एक नया ही रंग देते हुए बहुत सुन्दर और प्रभावी अतुकांत रचा है आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी सादर नमस्कार, प्रस्तुत रचना को सराहने के लिए आपका हृदयातल से आभार. सादर "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीया रचना भाटिया जी सादर, प्रस्तुत रचना को सराहने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार.  आदरणीय मुझे लगता है       जब तक बारिश... नहीं तब तक बारिश होना चाहिए ।......................आदरणीया जी यदि आप जब तक की जगह तब तक करने को कह…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह जी सादर, प्रस्तुत रचना आपको विषयानुकूल लगी. मेरा रचनाकर्म सफल हुआ है. आपका हार्दिक आभार. सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर, प्रस्तुत रचना पर उत्साहवर्धन करती आपकी प्रतिक्रिया पाकर रचना सफल हुई है. हार्दिक आभार. सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय भाई जवाहर लाल सिंह जी सादर, प्रस्तुत रचना पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से आभार. सादर "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार, प्रस्तुत रचना आपको प्रदत्त विषय पर सार्थक लगी. मेरा रचनाकर्म सफल हुआ है. हार्दिक आभार आपका. सादर "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रस्तुत रचना को सराहने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार. सादर. "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय वासुदेव अग्रवाल साहब सादर, प्रस्तुति को सराहने केलिए आपका ह्रदय से आभार. सादर."
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, प्रस्तुत रचना को सराहने के लिए आपका हार्दिक आभार. सुर्ख का प्रयोग लाल के लिए न कर मैंने यहाँ दमक के लिए किया है. सादर "
Saturday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी सादर नमस्कार, प्रदत्त विषय पर सुंदर अभिव्यक्ति है यह आपकी. सादर. "
Saturday

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

Ashok Kumar Raktale's Photos

  • Add Photos
  • View All

Ashok Kumar Raktale's Blog

सावन आया है

फेलुन फेलुन फेलुन फेलुन

 

गुपचुप उसपर मन आया है

लगता है सावन आया है

 

महका है हर कोना-कोना

अम्बर से चन्दन आया है

 

देखो नभ पर छाये बादल

दूल्हा ज्यों बनठन आया है 

 

भीग रही है प्यासी धरती

ज्यों बीता यौवन आया है

 

रह-रह नाच रही हैं बूँदें

राधा का मोहन आया है

 

झूला झूल रही हैं सखियाँ

सज रक्षा बंधन आया है

 

कागज़ की नैया ले आओ

याद मुझे बचपन आया…

Continue

Posted on November 30, 2018 at 9:00am — 9 Comments

रसाला छंद एक प्रयास – (भ न ज भ ज ज ल)

जीवन विषम अबोध , जानकर ना डर मानव |

प्राप्त प्रथम कर ज्ञान, ज्ञान बिन पार न हो भव ||

अंतर तल अँधियार , दूर कर रोशन हो मग |

हो जगमग हर पंथ , पंथ अति रोशन हो जग ||

 

श्रेष्ठ जटिल हर कर्म, है मनुज उन्नति दायक |

भूल बिसर मत कृत्य, सत्य हर भूपति नायक ||

भूमि सतह पर स्वर्ग, कर्म बिन हो कब संभव |

जीवन पथ पर कर्म , धर्म सम भूल न मानव ||

 

मानव परहित कार्य , हैं न बस दाहकता दुख |

कष्ट सहन कर लाख, एक यदि जीवन का सुख…

Continue

Posted on September 22, 2017 at 1:30pm — 2 Comments

आया मधुमास (अति बरवै पर आधारित गीत)

सजनी ने साजन को, खींच लिया पास |

अमराई फूल गई, आया मधुमास ||

  

धूप खिली निखरी-सी, आयी मुस्कान |

बागों में छेड़ दिया, भँवरों ने तान ||

कलियों के मन जागी, खिलने की आस......... 

खिड़की से झाँक रही, जिद्दी है धूप |

रंग बिना लाल हुआ, गोरी का रूप  ||

सखियों की सुधियों में, कौंधा परिहास........... 

 

डाली है अल्हड पर , फिरभी है भान |

बौराए महुए के , खींच रही कान ||

महक रहे वन-कानन, महका…

Continue

Posted on February 2, 2017 at 11:00pm — 21 Comments

‘वागीश्वरी’ सवैया पर एक प्रयास

१२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२२ १२

भजो राम को या भजो श्याम को या, भजो नित्य ही मित्र माँ बाप को |

चुनों धर्म का मार्ग सच्चा हमेशा , बढ़ावा न देना कभी पाप को,

सिखाना सभी को सिखाना स्वतः को, भुलाना यहाँ व्यर्थ संताप को,

नई ये हवाएं कहें क्या सुनो तो, सुनो थाप को वक्त की चाप को ||

तजो लाज सारी करो कर्म अच्छे, रहोगे जहां में तभी शान से |

न लेना किसी का न देना किसी का, जिलाता यही मार्ग सम्मान से,

बिना कर्म पाते सभी दुःख देखो,…

Continue

Posted on November 5, 2016 at 10:53pm — 9 Comments

Comment Wall (25 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:20pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने का
At 3:43pm on September 4, 2016, kanta roy said…
सार्थक रचना का सम्मानित होना अच्छा लगता ही है।
"मन उस आँगन ले जाय" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित होने के लिये बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय अशोक जी।
At 11:52pm on August 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  गीतिका : मन उस आँगन ले जाय को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

At 1:51pm on February 27, 2013, Meena Pathak said…

सादर आभार 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore commented on vijay nikore's blog post आज फिर ...
"सरहाना के लिए हार्दिक आभार, आदरणीय सुशील जी।"
48 minutes ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post एक और खंडहर
"सराहना के लिए हार्दिक आभार, भाई समर कबीर जी। सुझाव के लिए भी धन्यवाद। सही कर रहा हूँ।"
1 hour ago
vijay nikore commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post अपने आप में
"रचना अच्छी लगी। बधाई, आदरणीय प्रदीप जी।"
1 hour ago
vijay nikore commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post चक्र पर चल (छंदमुक्त काव्य)
"कविता बहुत ही अच्छी लगी। बहुत समय के बाद आपकी कविता पढ़ने को मिली।  हार्दिक बधाई  शैख…"
1 hour ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post अहसास .. कुछ क्षणिकाएं
"बहोत लाजवाब रचना सर"
4 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर साहब वेहतरीन इस्लाह हेतु हार्दिक आभार और नमन।"
5 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Abha saxena Doonwi's blog post ग़ज़ल: हर शख़्स ही लगा हमें तन्हा है रात को
"बहुत खूब बधाई"
6 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Abha saxena Doonwi's blog post on Facebook
6 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' posted a blog post

ग़ज़ल (देते हमें जो ज्ञान का भंडार)

गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर:-बह्र:- 2212*4देते हमें जो ज्ञान का भंडार वे गुरु हैं सभी,दुविधाओं…See More
7 hours ago
Abha saxena Doonwi posted a blog post

ग़ज़ल: हर शख़्स ही लगा हमें तन्हा है रात को

२२१ २१२१ १२२१ २१२चंदा मेरी तलाश में निकला है रात को!शायद वो मेरी चाह में भटका है रात को !! होती है…See More
13 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 1212 22.पूछिये मत कि हादसा क्या है । पूछिये दिल मेरा बचा क्या है।।दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है।…See More
13 hours ago
pratibha pande commented on amita tiwari's blog post आई थी सूचना गाँव में
"प्रश्न उबल रहा था मगर उत्तर मौन था कि युद्ध घोषित हुआ नहीं तो कैसे घोषित हो गए शहीद होरी…"
13 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service