For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manan Kumar singh
  • बिहार
  • India
Share

Manan Kumar singh's Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • Dipu mandrawal
  • Nidhi Agrawal
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • somesh kumar
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • MUKESH SRIVASTAVA
  • गिरिराज भंडारी
  • Meena Pathak
  • Dr.Prachi Singh
  • MAHIMA SHREE
  • rajesh kumari
  • मिथिलेश वामनकर
 

Manan Kumar singh's Page

Latest Activity

Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी,शुक्रिया एवं नमन।"
18 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"जनाब मनन कुमार जी, आदाब। अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। "
19 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"इस जानकारी के लिए धन्यवाद।"
22 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"आभार और नमन आदरणीय समर जी।मैंने नहीं बनाया करोना को स्त्रीलिंग,बल्कि हिंदी व्याकरण के नियमानुसार वह स्त्रीलिंग ही है; आकारांत शब्द।जानने की बात है।"
22 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें । मतले में आपने 'करोना' को स्त्रीलिंग बना दिया:-)))"
23 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"आभार आदरणीय लक्ष्मण भाई,नमन।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manan Kumar singh's blog post गजल( कैसी आज करोना आई)
"आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
yesterday
Manan Kumar singh posted a blog post

गजल( कैसी आज करोना आई)

22 22 22 22कैसी आज करोना आईकरते है सब राम दुहाई।आना जाना बंद हुआ है,हम घर में रहते बतिआई!दाढ़ी मूंछ बना लेते हैंसिर के बाल करें अगुआई।बंद पड़े सैलून यहां केरोता फिरता अकलू नाई।डर के मारे दुबके हैं सबनाई कहता, 'आओ भाई!मास्क लगाकर मैं रहता हूंतुम क्योंकर जाते खिसियाई?मुंह ढको,फिर आ जाओ जी,घर जाओ तुम बाल कटाई।एक दिवस की बात नहीं यहआगे बढ़ती और लड़ाई।झाड़ू पोंछा,बर्तन बासन,अपना कर,अपनी सुथराई।वैक्सीन अगर कोई आए, भागे कोरो ना हरजाई।'"मौलिक व अप्रकाशित"See More
yesterday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post सफेद कौवा(लघुकथा)
"सादर आभार आदरणीय लक्ष्मण भाई जी।"
Monday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post सफेद कौवा(लघुकथा)
"सादर आभार आदरणीय समर जी।"
Monday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post खुश हुआ तू बोलकर....(गजल)
"आपका दिली आभार आदरणीय छोटेलाल जी।"
Monday
डॉ छोटेलाल सिंह commented on Manan Kumar singh's blog post खुश हुआ तू बोलकर....(गजल)
"आदरणीय मनन कुमार जी बहुत ही शानदार गजल लिखने के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिये"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manan Kumar singh's blog post सफेद कौवा(लघुकथा)
"आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन । अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Monday
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post सफेद कौवा(लघुकथा)
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब, अच्छी लघुकथा हुई, बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Manan Kumar singh posted a blog post

सफेद कौवा(लघुकथा)

कौवा तब सफेद था।बगुलों के साथ आहार के लिए मरी हुई मछलियां, कीड़े वगैरह ढूंढ़ता फिरता। फिर बगुलों ने जीवित मछलियों का स्वाद चखा।वह उन्हें भा गया। अब वे जीवित मछलियां ही उड़ाने लगे।सोचते कि भला कौन मुर्दों की खिंचाई करे।उन्हें भी तो चैन नसीब हो।जिंदगी भर हुआ कि नहीं,किसे पता।अहले सुबह वे कुछ मरी हुई छोटी छोटी मछलियां और कीड़े मकोड़े लिए तालाब के ऊपर मंडराने लगते।उनके टुकड़े कर पानी में फेंकते...मछलियां अपने आहार की खातिर झुंड के झुंड पानी की सतह पर आतीं....फिर बगुले झपट्टा मारते.....चोंचभर दाना…See More
Sunday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post खुश हुआ तू बोलकर....(गजल)
"आपका तहे दिल से आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी।"
May 20

Profile Information

Gender
Male
City State
Mumbai
Native Place
E 52 Krishna Apt , Patna
Profession
Service
About me
A poet/ Writer

Manan Kumar singh's Photos

  • Add Photos
  • View All

Manan Kumar singh's Blog

गजल( कैसी आज करोना आई)

22 22 22 22

कैसी आज करोना आई

करते है सब राम दुहाई।

आना जाना बंद हुआ है,

हम घर में रहते बतिआई!

दाढ़ी मूंछ बना लेते हैं

सिर के बाल करें अगुआई।

बंद पड़े सैलून यहां के

रोता फिरता अकलू नाई।

डर के मारे दुबके हैं सब

नाई कहता, 'आओ भाई!

मास्क लगाकर मैं रहता हूं

तुम क्योंकर जाते खिसियाई?

मुंह ढको,फिर आ जाओ जी,

घर जाओ तुम बाल कटाई।

एक दिवस की बात नहीं यह

आगे बढ़ती और लड़ाई।

झाड़ू पोंछा,बर्तन बासन,

अपना कर,अपनी…

Continue

Posted on May 27, 2020 at 1:15pm — 7 Comments

सफेद कौवा(लघुकथा)



कौवा तब सफेद था।बगुलों के साथ आहार के लिए मरी हुई मछलियां, कीड़े वगैरह ढूंढ़ता फिरता। फिर बगुलों ने जीवित मछलियों का स्वाद चखा।वह उन्हें भा गया। अब वे जीवित मछलियां ही उड़ाने लगे।सोचते कि भला कौन मुर्दों की खिंचाई करे।उन्हें भी तो चैन नसीब हो।जिंदगी भर हुआ कि नहीं,किसे पता।अहले सुबह वे कुछ मरी हुई छोटी छोटी मछलियां और कीड़े मकोड़े लिए तालाब के ऊपर मंडराने लगते।उनके टुकड़े कर पानी में फेंकते...मछलियां अपने आहार की खातिर झुंड के झुंड पानी की सतह पर आतीं....फिर बगुले झपट्टा…

Continue

Posted on May 24, 2020 at 6:30am — 4 Comments

खुश हुआ तू बोलकर....(गजल)

2122 2122 2122

खुश हुआ तू बोलकर,' है जानवर तू'

लग रहा खुद को बताता,बेसबर तू।

सांस बनकर बह रहीं ठंडी हवाएं

आग की लपटें उठा मत बन, कहर तू।

ख्वाब पाले  मौन बैठी हैं सदाएं

कानफाड़ू! ला सके तो,ला सहर तू?

तार होती हो नहीं उम्मीद कोई,

हो अगरचे तो बता,कोई पहर तू?

हर्फ हासिल हो गए तो शायरी कर,

क्यूं अंधेरों को बढ़ाता है बशर तू?

मत बिठा मेरी गजल को हाशिए पर

छटपटाती है बहर,देखे अगर तू।

रुक्न रोते, बुदबुदाते शब्द सारे,

नज़्म कहकर…

Continue

Posted on May 17, 2020 at 11:30am — 11 Comments

ग़ज़ल(अश्क धोकर आदमी....)

2122  2122  2122

अश्क धोकर आदमी थकने लगा है

सोचता - अब और रोना तो बला है।1

गर्दिशों का दौर बढ़ता,देखिए तो

शोर का कुछ भाव ज्यादा ही चढ़ा है।2

गुम हुई - सी जा रही पहचान फिर से

जिंदगी जो दे,उसे मरना पड़ा है।3

डंस रहा जाहिल अंधेरा आदमी को,

क्यूं उजाला रेत बन धुंधला हुआ है?4

कोसते हैं लोग कुछ भगवान को भी

जब संजोई गांठ में विष ही भरा है।5

ख्वाब चकनाचूर, आंखें पूछती हैं…

Continue

Posted on May 10, 2020 at 9:45pm — 6 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 12:51pm on January 23, 2020, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।

At 2:33pm on September 28, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मनन कुमार सिंह जी आदाब बहुत शुक्रिया आपने समय निकाला और मेरा हौसला बढ़ाया मैं ह्रदय से शुक्रगुज़ार हूँ| बहुत शुक्रिया!
At 11:05pm on June 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मनन कुमार सिंह जी बहुत शुक्रिया आपने जो हौसला बढ़ाया है
At 11:03pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीय
श्री मनन कुमार सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन
At 8:47pm on May 24, 2015, kanta roy said…
स्वागत आपका दोस्त
At 5:20pm on April 12, 2015, Manan Kumar singh said…
आदरणीय गोपालजी, आपकी मित्रता मेरे लिए अमूल्य है।
At 8:29pm on April 7, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ0 मनन जी

आपकी मित्रता मेरा गौरव है . सादर .

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

अहसास की ग़ज़ल -मनोज अहसास

2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2अपने ही पापों से मन घबराता हैसीने में इक अपराधों का खाता हैलाचारी से कुछ भारी…See More
15 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma posted a blog post

ग़ज़ल-आ गई फिर से मुसीबत मेरे सर पर कम्बख्त

बह्र-फाइलातुन फइलातुन फइलातुन फैलुनमुँह अँधेरे वो चला आया मेरे घर कमबख्त आ गई फिर से मुसीबत मेरे सर…See More
3 hours ago
Rupam kumar -'मीत' posted blog posts
3 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post आज कल झूठ बोलता हूँ मैं
"आपका बहुत शुक्रिया , आप लोगों की वजह से मेरी अधूरी ग़ज़ल मुक्कमल हुई,, आप से निवेदन है की आगे भी मेरी…"
3 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post टिड्डियाँ चीन नहीं जायेंगी
"आदरणीय डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी, आदाब। मनमोहक रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें। सादर।"
3 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post आज कल झूठ बोलता हूँ मैं
"जनाब रूपम कुमार 'मीत' जी, उस्ताद मुहतरम की इस्लाह के बाद ग़ज़ल निखर गयी है। वाह...…"
4 hours ago
pratibha pande commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post टिड्डियाँ चीन नहीं जायेंगी
"वाह...चीन  टिड्डियाँ  वायरस  और भारतीय सौहार्द सहिष्णुता....सटीक तीर  । बधाई इस…"
4 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव posted a blog post

टिड्डियाँ चीन नहीं जायेंगी

टिड्डियाँ   चीन नहीं जायेंगीवह आयेंगी तो सिर्फ भारतक्योंकि वह जानती हैंकि चीन मेंबौद्ध धर्म आडंबर…See More
4 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"जी, भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी । धन्यवाद। "
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, चलने को जमाने में बहुत कुछ चल रहा है । पर सभ प्रमाणिक ट्रेडमार्क नहीं है ।…"
16 hours ago
AMAN SINHA commented on AMAN SINHA's blog post वो सुहाने दिन
"श्रीमान राम साहब और कबीर साहब, हौंसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद। "
16 hours ago
Samar kabeer commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"आपको जो उचित लगे कीजिये,मुझे और भी काम हैं ।"
16 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service