For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कर्तव्य-बोध(लघुकथा)

कर्तव्य-बोध

मरे कौवे ली लाश तीन दिनों से उस पॉश कॉलोनी के बीचोबीच गुजरनेवाली सड़क पर पड़ी थी। गाड़ियाँ गुजरतीं,उसे रौंदतीं। लोग आते। चले जाते। दो लोग अपने अच्छी नस्ल के कुत्तों को सायंकालीन प्राकृतिक क्रिया से निबटारा कराने के लिए भ्रमण के बहाने वहाँ से गुजरे। कौवे की शेष बची लाश पर अकस्मात एक का पैर पड़ गया।नाक-भौं सिकोड़ते हुए वह गुर्राया,

कैसे लोग इधर रहते हैं! सड़ी लाश के परखच्चे उड़ रहे हैं। किसी को कोई चिंता ही नहीं।

नगर निगम वाले भी क्या करते हैं,पता नहीं।दूसरे ने अपने नागरिक-अधिकार का परिचय दिया।

वे सब भी तो कल से हड़ताल पर हैं।पहले ने अपनी जागरूकता जताई।

तब तो वे लोग भी मरे जानवर सड़कों पर फेंकेंगे।दूसरे ने ज्ञान बघाड़ा।

सारी स्वच्छता यहाँ हवा है,समझो।

और क्या?कोई कुछ करे तब न।

अबतक दोनों कुत्ते निवृत होकर भौं-भौं करने लगे थे। नाक पर रुमाल चिपकाए दोनों नागरिक अपने-अपने कुत्तों संग प्रस्थान कर गए। ठीक उसी क्षण बगल के घर की मालकिन बालकनी में हाजिर हुई। स्थिति भाँपकर वह तमतमाई हुई बोलने लगी,

सब गंदगी फैलाते हैं। सड़क पर चलेंगे,पर मरे कुत्ते को उठाकर कहीं फेंक नहीं सकते।

फिर उसने एक पॉलिथीन में लपेटा हुआ फलों का छिलका अपनी बाउंडरी के किनारे सड़क पर उछाला और अंदर चली गई।

"मौलिक एयवन अप्रकाशित"

Views: 226

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manan Kumar singh on November 29, 2022 at 10:01am

आपका हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानीजी।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on November 29, 2022 at 5:50am

आदाब। कथनी और.करनी में यही अंतर सभी समस्याओं की जड़ है। स्वयं की उपेक्षा और दूसरे से अपेक्षा। बढ़िया रचना हेतु हार्दिक बधाई जनाब मनन कुमार सिंह जी।

Comment by Manan Kumar singh on November 16, 2022 at 6:39pm

आपका आभार आदरणीय लक्ष्मण भाई जी।नमन।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 16, 2022 at 6:28pm

आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन। अच्छी समसामयिक कथा हुई है। यह हम सब के व्यवहार का दर्पण भी है। हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय, अमित जी आप सही कह रहे हैं। ऐसी अवस्था, सभी, में / पर / पे महर्षि पाणिनी की व्याकरण के…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. रिचा जी, अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
11 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय Aazi जी  बहुत शुक्रिया आपका, मतला सुधार का प्रयास करती हूँ सादर"
11 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय लक्ष्मण जी नमस्कार बहुत शुक्रिया आपका सादर"
11 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय महेन्द्र जी नमस्कार बहुत शुक्रिया आपका सादर"
11 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय शकूर जी  जी शुक्रिया संज्ञान लेने के लिए जी ठीक है सुधार का प्रयास करती हूँ सादर"
11 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय अमित जी शुक्रिया इस जानकारी के लिए सादर"
11 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय लक्ष्मण जी नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार कीजिये सादर"
11 hours ago
Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"मा’ना बहुत से ऐब हैं इस ख़ाकसार में मा’ना बहुत से ऐब हैं इस ख़ाकसार में लेकिन वफ़ा के गुल…"
12 hours ago
Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी ठीक है "
12 hours ago
Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"मज़ार में inside Mazaar मज़ार के अंदर  मज़ार पे/पर  on the Mazaar मज़ार के उपर"
12 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. भाई महेंद्र जी, अभिवादन। उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
12 hours ago

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service