For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

seemahari sharma
Share on Facebook MySpace

Seemahari sharma's Friends

  • Ashish Painuly
  • Hari Prakash Dubey
  • khursheed khairadi
  • Chhaya Shukla
  • harivallabh sharma
  • पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"
  • पवन प्रताप सिंह राजपूत 'पवन'
  • Dr. Vijai Shanker
  • Dr.Vijay Prakash Sharma
  • kalpna mishra bajpai
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • savitamishra
  • अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव
  • गिरिराज भंडारी
  • Sulabh Agnihotri
 

seemahari sharma's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
Hoshangabad MP
Native Place
Hoshangabad
Profession
house wife
About me
having fond of reading & writing.

Seemahari sharma's Blog

कितना तामझाम...(नवगीत ) सीमा हरि शर्मा

कितना तामझाम....(नवगीत)



कितना तामझाम पसराया

जीवन आँगन में।



स्वर्णिम किरणें सुबह जगाती

दिन भर आपाधापी है।

साँझ धुँधलके से घिर जाती

रात तमस ले आती है।

तम को रोज झाड़ बुहरया

जीवन आँगन में।....कितना तामझाम पसराया



गजब मुखोटे मुख पर सजते

तन मशीन के कलपुर्जे।

जीने का दम भरने वाले

मानव ने ये खुद सरजे।

दूर खड़ा मन है खिसियाया

जीवन आँगन में।.....कितना तामझाम पसराया



रेलम पेला धक्का मुक्की

चलती…

Continue

Posted on December 26, 2014 at 12:00pm — 14 Comments

गज़ल ज़िन्दगी जाती सरकती..... सीमा हरि शर्मा

जिंदगी जाती सरकती

ज़िन्दगी जाती सरकती।
लाख पकड़ो कब ठहरती।

जो भी पल समझा मुकम्मल।
फिर नई इक दौड़ चलती।

सूर्य समझा जो सहर का।
शाम थी लाली फिसलती।

थक चुका है जिस्म चलते।
चाह से क्या जां निकलती।

धुन्द जब है कुछ पलों की।
रश्मि आखिर क्यों अटकती।

झूमती दिखती जो डाली।
आँधियों से है सिहरती।

रात से लड़ता है दीपक।
आस सुबहा की मचलती।
सीमा हरि शर्मा 24.12.2014
(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on December 24, 2014 at 12:43pm — 18 Comments

नव वर्ष पर ...हों सृजन अब कुछ नये से..

नव वर्ष पर....



हों सृजन अब कुछ नये से.....

कुछ नई सी कल्पनाएं।

फिर नया यह वर्ष आओ

हम सभी मिलकर मनाएं।



छोड़ दें हम पंगु सब

परिपाटियों को।

दें नये स्वर से गुँजा

इन वादियों को।

जो सुखद सी सीख गत से

है मिली थाती हमें

साथ ले बढ़ते चले हम

तोड़ कर सब वर्जनाएं।



फिर नया यह वर्ष आओ

हम सभी मिलकर मनाएं।



मुफलिसी सीलन भरे

कोनों पसरती।

जिन्दगी भय लूट के

सायों सिसकती

घूप पर हक है सभी… Continue

Posted on December 19, 2014 at 5:38pm — 12 Comments

बालपन की मस्तियाँ ....(.नवगीत) सीमा हरि शर्मा

* बालपन की मस्तियाँ *



इंद्रधनुषी रंग उतरे

हैं फलक पर से जमीं

बालपन की मस्तियों में

रंग सारे चुन रहे।



मन लुभाती हैं सदा ही

तोतली सी बोलियाँ

बात बेमतलब भले पर

शब्द मिसरी गोलियाँ

फूल झरते ओंठ से सब

तोल मोलों से परे

बस करें अपने दिलों की

ना किसी की सुन रहे।...बालपन की मस्तियों में



सर्द शामें पैर नंगे

फर्श पर जब दौड़ते

घुमती पीछे तभी माँ

चप्पलों को हाथ ले

चूमती है गाल ढककर

माँ कभी आँचल… Continue

Posted on November 22, 2014 at 12:30am — 16 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:51pm on November 18, 2014, Sushil Sarna said…

आदरणीया सीमाहरी शर्मा जी माह की सर्वश्रेष्ठ रचना चुने जाने पर आपको हार्दिक हार्दिक बधाई. 

At 11:40am on November 16, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

महनीया सीमाहरी जी

आपकी कविता का विषय  इतना अच्छा था की i इसे पुरस्कार मिलना ही चाहिये था i एडमिन ने बिलकुल सही निर्णय लिया i आपको हजारों हजार बधाई   सादर i

At 9:39am on November 16, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया सीमाहरी शर्मा जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी रचना " गीत:गलती क्या थी मेरी माई" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 12:17pm on October 9, 2014, Chhaya Shukla said…

 स्वागत है प्रिय बहन सीमा हरी शर्मा जी सादर 

At 12:07pm on September 18, 2014, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

आदरणीया सीमाजी ............ राधे - राधे 

आपने इस योग्य समझा , हृदय से धन्यवाद , आभार ।

At 8:59pm on July 29, 2014, vandana said…

सादर स्वागत आदरणीया 

At 11:23am on July 29, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

आदरणीया  सीमा हरि शर्मा जी, आपके मित्रता निवेदन  हेतु आपका आभारी हूँ 

. सादर!

At 8:27pm on July 20, 2014, Ashok Kumar Raktale said…

सादर स्वागत है आदरणीया सीमा हरि शर्मा जी. 

At 4:33pm on July 19, 2014, seemahari sharma said…
बहुत आभार आपका आदरणीय डॉ.गोपाल नरायन श्रीवास्तव जी।
At 4:31pm on July 19, 2014, seemahari sharma said…
ह्रदय से आभार आपका आदरणीय कल्पना रामानी जी।
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-166

परम आत्मीय स्वजन,ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 166 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का…See More
19 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 155

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ पचपनवाँ आयोजन है.…See More
19 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"तकनीकी कारणों से साइट खुलने में व्यवधान को देखते हुए आयोजन अवधि आज दिनांक 15.04.24 को रात्रि 12 बजे…"
Monday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, बहुत बढ़िया प्रस्तुति। इस प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई। सादर।"
Sunday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"आदरणीय समर कबीर जी हार्दिक धन्यवाद आपका। बहुत बहुत आभार।"
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"जय- पराजय ः गीतिका छंद जय पराजय कुछ नहीं बस, आँकड़ो का मेल है । आड़ ..लेकर ..दूसरों.. की़, जीतने…"
Sunday
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"जनाब मिथिलेश वामनकर जी आदाब, उम्द: रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर posted a blog post

ग़ज़ल: उम्र भर हम सीखते चौकोर करना

याद कर इतना न दिल कमजोर करनाआऊंगा तब खूब जी भर बोर करना।मुख्तसर सी बात है लेकिन जरूरीकह दूं मैं, बस…See More
Saturday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"मन की तख्ती पर सदा, खींचो सत्य सुरेख। जय की होगी शृंखला  एक पराजय देख। - आयेंगे कुछ मौन…"
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"स्वागतम"
Saturday
PHOOL SINGH added a discussion to the group धार्मिक साहित्य
Thumbnail

महर्षि वाल्मीकि

महर्षि वाल्मीकिमहर्षि वाल्मीकि का जन्ममहर्षि वाल्मीकि के जन्म के बारे में बहुत भ्रांतियाँ मिलती है…See More
Apr 10
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल: ग़मज़दा आँखों का पानी

२१२२ २१२२ग़मज़दा आँखों का पानीबोलता है बे-ज़बानीमार ही डालेगी हमकोआज उनकी सरगिरानीआपकी हर बात…See More
Apr 10

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service