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TEJ VEER SINGH
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TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी।बेहतरीन गज़ल। यह छलकती आंखों से मय देखिए ।कौन  से  प्याले  में  डाली जाएगी ।।"
15 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post अहसास .. कुछ क्षणिकाएं
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बेहतरीन क्षणिकांयें।"
15 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post दूरदृष्टि -  लघुकथा  -
"हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी।"
15 hours ago
Sushil Sarna commented on TEJ VEER SINGH's blog post दूरदृष्टि -  लघुकथा  -
"खुली सोच का प्रदर्शन करती इस सुंदर लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय तेज वीर सिंह जी।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post दूरदृष्टि -  लघुकथा  -
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।आदाब आदरणीय।"
Sunday
Samar kabeer commented on TEJ VEER SINGH's blog post दूरदृष्टि -  लघुकथा  -
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday
TEJ VEER SINGH posted a blog post

दूरदृष्टि -  लघुकथा  -

दूरदृष्टि -  लघुकथा  -"क्या हुआ अंशू, देख आया लड़की, कैसी लगी?""माँ, मुझे नहीं जमी |मैंने इसीलिये आप से भी साथ चलने को कहा था पर आपने तो टका सा जवाब दे दिया कि शादी तो तुझे ही करनी है| आखिरी फ़ैसला तो तेरा ही होगा, फिर मुझे इस बुढ़ापे में क्यों तंग कर रहा है?""पर जब तूने सबके  फोटो और बायोडेटा देखे थे  तो सबसे अधिक इसे ही प्राथमिकता दी थी|""हाँ माँ, उस हिसाब से तो वह अब भी सबसे बेहतर है।""अब उन्हें क्या जवाब देकर आया है?।""मैंने उन्हें बोला कि माँ से सलाह कर फोन कर दूंगा|""कमाल है अंशू, लड़की सुंदर…See More
Friday
TEJ VEER SINGH commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय समर क़बीर साहब जी। आदाब। लाज़वाब गज़ल। ग़मों के सभी, असीर यहाँ किसी को नहीं, किसी की ख़बर"
Jul 6
TEJ VEER SINGH commented on vijay nikore's blog post बूँद-बूँद गलती मानवता
"हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे जी।लाज़वाब प्रस्तुति।"
Jul 3
TEJ VEER SINGH commented on vijay nikore's blog post आज फिर ...
"हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे जी।लाज़वाब प्रस्तुति।"
Jul 3
TEJ VEER SINGH commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- लगती हैं बेरंग सारी तितलियाँ तेरे बिना
"हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ हृदेश चौधरी जी।लाज़वाब रचना।"
Jul 3
TEJ VEER SINGH commented on DR. HIRDESH CHAUDHARY's blog post मन नहीं करता
"हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ हृदेश चौधरी जी।लाज़वाब रचना।"
Jul 3
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-51 (विषय: मुसाफिर)
"हार्दिक बधाई आदरणीय वीर मेहता जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Jun 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-51 (विषय: मुसाफिर)
"हार्दिक बधाई आदरणीय अर्चना त्रिपाठी जी।बेहतरीन लघुकथा।यह घर बहू बेटी वाला है।गज़ब की पंच लाइन।"
Jun 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-51 (विषय: मुसाफिर)
"हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Jun 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-51 (विषय: मुसाफिर)
"हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ अंजु लता सिंह्जी।बेहतरीन लघुकथा।"
Jun 30

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दूरदृष्टि -  लघुकथा  -

दूरदृष्टि -  लघुकथा  -

"क्या हुआ अंशू, देख आया लड़की, कैसी लगी?"

"माँ, मुझे नहीं जमी |मैंने इसीलिये आप से भी साथ चलने को कहा था पर आपने तो टका सा जवाब दे दिया कि शादी तो तुझे ही करनी है| आखिरी फ़ैसला तो तेरा ही होगा, फिर मुझे इस बुढ़ापे में क्यों तंग कर रहा है?"

"पर जब तूने सबके  फोटो और बायोडेटा देखे थे  तो सबसे अधिक इसे ही प्राथमिकता दी थी|"

"हाँ माँ, उस हिसाब से तो वह अब भी सबसे बेहतर है।"

"अब उन्हें क्या जवाब देकर आया है?।"

"मैंने उन्हें बोला कि माँ…

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Posted on July 12, 2019 at 3:15pm — 4 Comments

गंगा - लघुकथा -

गंगा - लघुकथा -

शंकर सेना में  हवलदार था। उसकी पोस्टिंग सिलीगुड़ी में थी। आज उसका अवकाश था तो अपनी साईकिल उठा कर शहर घूमने निकल गया। घूमते घूमते एक घर के दरवाजे पर उसकी निगाहें अटक गयीं। एक खूबसूरत युवती खड़ी थी। उसकी शक्ल हूबहू उसकी बचपन की दोस्त गंगा से मिल रही थी।

गंगा लगभग आठ दस साल की थी कि तभी कोई ठग उसे बहला फ़ुसला कर उड़ा ले गया था। यह घटना दिल्ली में हुई थी। परिवार ने बहुत खोज बीन की लेकिन गंगा का कुछ पता नहीं लगा। पुलिस में भी रिपोर्ट दी गयी थी।

शंकर कुछ देर असमंजस…

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Posted on May 22, 2019 at 10:11pm — 4 Comments

मेरा भारत महान - लघुकथा -

मेरा भारत महान - लघुकथा -

राजू का इस बार वोट देने का पहला अवसर था। वोटर लिस्ट में भी नाम आ गया था। वोटर स्लिप भी घर आ गयी थी। वह बहुत रोमांचित हो रहा था। पहली बार मतदान का कैसा अनुभव होता है, अपने मित्रों से पूछता फिरता था।

वे उसे अपने अपने अनुभवों के आधार पर किस्से सुनाते तथा साथ ही सलाह भी देते कि किसको वोट देना है। लेकिन उसने सोच रखा था कि वोट तो अम्मा द्वारा बताये नेता को ही दूँगा। इस दुनियाँ में उसकी सब कुछ अम्मा ही थी। बापू तो बचपन में ही गुजर गये थे।अम्मा ने बड़े दुख झेल…

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Posted on May 21, 2019 at 10:17am — 8 Comments

बौना आदमी - लघुकथा -

बौना आदमी - लघुकथा -

रहीम ने अपने लंबे कुर्ते की झोली में ढेर सारे गेंहू लेकर जैसे ही घर की देहरी पर क़दम रखा, उसकी अम्मी की तेज़ नज़रों में पकड़ा गया,"रहीम यह क्या है तुम्हारे कुर्ते की झोली में?"

"अम्मीजी, इसमें गेंहू हैं।"

"गेंहू कहाँ से मिले तुम्हें?"

"अम्मीजी,चौधरी काका के खलिहान से उनकी गेंहू की फ़सल बैलगाड़ी से घर लाई जा रही थी।उनकी बोरियों में किसी बोरी में छेद रहा होगा तो उसमें से गेंहू नीचे जमीन पर गिरते जा रहे थे।मैं उस बैलगाड़ी के पीछे आ रहा था।सो मैं वह उठा…

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Posted on May 18, 2019 at 10:36am — 10 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

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