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.........

सात दशक से आज़ादी की केसरिया चादर को ओढ़े
हम बैठे हैं मौन
किंतु अगर अब भी ना बोले तो असली मुद्दों की बातों
पर बोलेगा कौन

........
मद तंद्रा में जो बैठे हैं उनको हमें जगाना होगा....
जलते हुए सभी प्रश्नों को उनसे हल करवाना होगा....
‘नया सवेरा आएगा’ यह स्वप्न अगर मन में ज़िंदा है
तब हमको सबसे पहले ख़ुद को ही सूर्य बनाना होगा.....

मस्तक पर हम संविधान का तिलक लगा कर,
मौलिक अधिकारों की बात किया करते हैं....
लेकिन प्रश्न ज़रा पूछें अपने समाज से,
घर में ही क्या सम-अधिकार दिया करते हैं ???

भेदभाव की कालिख ख़ुद मुट्ठी में बाँधे,
मनमुटाव रखते हैं सीने से चिपकाए....
बात खुलेपन की करते हैं चौबारों पर,
पर व्यवहारों में क्या उसे जिया करते हैं ???

अपने ही प्यारे आँगन के, श्वेत-श्याम दोनों हिस्सों को
बैर मिटा कर, प्रेम भाव से, हमको अब अपनाना होगा....
‘नया सवेरा आएगा’ यह स्वप्न अगर ज़िंदा है मन में
तब हमको सबसे पहले ख़ुद को ही सूर्य बनाना होगा....

अनगिन बलिदानों से पायी है आज़ादी,
हर बलिदानी को अर्पित शत बार नमन है....
सरहद पर जो वीर डटे हैं सीना ताने,
उनका क़र्ज़दार भारत का हर इक कण है....

लेकिन विषबेलों से बढ़ते भ्रष्ट आचरण,
औ’ कुरीतियाँ में जकड़ी कुछ परम्पराएँ....
इन सब से भी एक लड़ाई लड़नी होगी,
इनसे ज़ख़्मी आज तलक अपना आँगन है....

सामाजिक बदलाव दिखेगा केवल तब जब हम बदलेंगे
यही मूल मन्त्र है जिसको हम सबको दोहराना होगा....
‘नया सवेरा आएगा’ यह स्वप्न अगर ज़िंदा है मन में
तब हमको सबसे पहले ख़ुद को ही सूर्य बनाना होगा....

~डॉ० प्राची
(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 561

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 27, 2018 at 9:25am

आ. प्राची बहन, सुंदर रचना हुयी है हार्दिक बधाई ।

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on August 26, 2018 at 2:01pm

आदरणीया डॉ प्राची जी सुंदर रचना के लिए बहुत बहुत बधाई

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 25, 2018 at 9:04pm

बड़ी ही सुन्दर और सार्थक रचना आदरणीया...

Comment by Sushil Sarna on August 24, 2018 at 3:43pm

आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी वर्तमान हालात पर अंतर्वेदना की गहन अनुभूति को चित्रित करती इस सृजन के हार्दिक बधाई।

Comment by प्रदीप देवीशरण भट्ट on August 24, 2018 at 3:11pm

बेहतरीन ख़याल 

लेकिन क्या सिर्फ शिकायतें ?

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on August 24, 2018 at 4:56am

स्वाधीनता वर्षगांठ सुअवसर पर बेहतरीन चिंतन-मनन-मार्गदर्शन कराती रचना के लिए हार्दिक बधाइयाँ और आभार आदरणीया डॉ. प्राची  सिंह  साहिबा।

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