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प्यार पर चंद क्षणिकाएँ : .......(. 500 वीं प्रस्तुति )

प्यार पर चंद क्षणिकाएँ : .......(. 500 वीं प्रस्तुति )

प्यार
सृष्टि का
अनुपम उपहार

प्यार
जीत गर्भ में
हार

प्यार
तिमिर पलों का
शरमीला स्वीकार

प्यार
अंतस उदगारों का
अमिट शृंगार

प्यार
यथार्थ का
स्वप्निल
अलंकार

प्यार
नैन नैन का
मधुर अभिसार

प्यार
यौवन रुत की
लजीली झंकार

प्यार
बिम्बों का
संसार

प्यार
कभी जीत
कभी हार

प्यार
प्रतीक्षा का
उपहार

प्यार
तृषा तृप्ति और
स्वीकार

प्यार
चाहतों की नाद
जीवन की
बहार

प्यार
रोम रोम में गुंजित
अकथ भाव का
स्वराधार


सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 820

Comment

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Comment by Sushil Sarna on November 13, 2019 at 7:41pm

आदरणीया  vijay nikoreजी , सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।

Comment by vijay nikore on November 5, 2019 at 7:33pm

बहुत ही सुन्दर क्षणिकाएँ लिखीं। हार्दिक बधाई, मित्र सुशील जी।

Comment by Sushil Sarna on November 5, 2019 at 4:42pm

दरणीया शेख़ उस्मानी साहिब , आदाब। . सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है ।

Comment by Sushil Sarna on November 5, 2019 at 4:41pm

आदरणीया सुरेन्द्र नाथ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है ।

Comment by नाथ सोनांचली on November 1, 2019 at 1:20pm

आद0 सुशील सरना जी सादर अभिवादन। 500वी क्षणिकाएँ,, वाह वाह। इस कामयाबी पर आपको मुबारकबाद। यह क्षणिका भी बेहतरीन। 

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 31, 2019 at 10:47pm

अर्धसहस्त्रीय-रचना पोस्ट/भावपूर्ण सटीक, सार्थक व सारगर्भित क्षणिकाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई आदरणीय सुशील सरना साहिब।

Comment by Sushil Sarna on October 29, 2019 at 2:15pm

आदरणीय ऊषा जी सृजन के भावों को आत्मीय सम्मान से अलंकृत करने का तहे दिल से शुक्रिया।

Comment by Usha on October 29, 2019 at 12:42pm

आदरणीय श्री सुशील सरना जी, अति सुन्दर । सरल, सौम्य व् हृदय के उस अहसास का सुन्दर चित्रण जो प्रत्येक व्यक्ति कुछ इसी प्रकार करता होगा किन्तु इतनी खूबसूरती से इन्हे प्रस्तुत करने के लिये बधाई स्वीकार करें सर। सादर।

Comment by Sushil Sarna on October 28, 2019 at 6:39pm

आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब ... सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। 

Comment by Samar kabeer on October 28, 2019 at 3:53pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब,पहले तो 500 वीं प्रस्तुति के लिए बधाई ।

उम्द: क्षणिकाएँ लिखी हैं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

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