For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लघुकथा की कक्षा

Information

लघुकथा की कक्षा

समूह का उद्देश्य : लघुकथा विधा और उसकी बारीकियों पर चर्चा.

समूह प्रबंधक : श्री योगराज प्रभाकर

Members: 85
Latest Activity: Mar 22, 2019

समूह का उद्देश्य
लघुकथा प्रेमियों के अनुरोध पर लघुकथा विधा की बारीकियां सीखने और सिखाने के उद्देश्य से ही यह समूह बनाया गया है। "लघुकथा की कक्षा" समूह में लघुकथा विधा से सम्बंधित तमाम छुए-अनछुए पहलुओं पर जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। यहाँ नवोदित लघुकथाकारों को लघुकथा के मूलभूत नियमों की जानकारी दी जायेगी, इसकी संरचना, रूप एवं शिल्प विधान पर बिन्दुवत चर्चा कर उनकी सभी शंकाओं का निवारण किया जायेगा। अत: रचनाकारों से अनुरोध है कि वे इस विधा से जुडी जो भी जानकारी चाहते हैं, उन्हें खुलकर यहाँ पूछें।

हमारा उद्देश्य है नवांकुरों को एक छत के नीचे एकत्र कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान करना ताकि नवोदित लघुकथाकार इस मंच से प्रशिक्षण प्राप्त कर भविष्य के स्थापित हस्ताक्षर बने, तथा इस विधा एवं ओबीओ परिवार का झंडा हिंदी साहित्य में बुलंद करें । 

लघुकथा विधा से सम्बंधित एक अतिमहत्वपूर्ण एवं पठनीय पोस्ट ओ बी ओ पर प्रकाशित है, सुविधा हेतु लिंक निम्नलिखित है ...

लघुकथा विधा : तेवर और कलेवर

योगराज प्रभाकर 

समूह प्रबंधक सह प्रधान सम्पादक

ओपन बुक्स ऑनलाइन

Discussion Forum

लघुकथा लेखन प्रक्रिया 82 Replies

एक लघुकथाकार जब अपने इर्द गिर्द घटित घटनाओं के नेपथ्य में विसंगतियों या असंवेदनशीलता को अंदर तक महसूस करता है तब लघुकथा लिखने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान वह उस घटना का हर…Continue

Tags: लघुकथा-शिल्प

Started by योगराज प्रभाकर. Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Sep 24, 2017.

लघुकथाकारों के ध्यान योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें 29 Replies

यदि मैं यह कहूँ कि आज लघुकथा का युग चल रहा है, तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी I आज बहुत से नवोदित रचनाकार इस विधा पर कलम आजमाई कर रहे हैं I  ओबीओ परिवार भी बहुत गंभीरता से नवांकुरों को शिक्षित और…Continue

Started by योगराज प्रभाकर. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Nov 6, 2016.

ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी

Loading… Loading feed

Comment Wall

Comment

You need to be a member of लघुकथा की कक्षा to add comments!

Comment by kanta roy on July 12, 2015 at 7:01pm
सर जी , क्या हम अपने निर्माणाधीन कथाओं पर यहाँ आपसे विचार ले सकते है ????
Comment by kanta roy on July 12, 2015 at 6:57pm
हृदय तल से शत शत आभार आपको हमें यह सार्थक मंच प्रदान करने के लिये । सच में हम भटक रहे थे यहाँ वहाँ ..।
अब इस मंच के साये तले हमारी बहकती हुई लघुकथा की डाँवा डोल तकनीक की जानकारी को अब एक स्थिर संबल मिलेगा । हमारी प्रश्नों के भँवर अब गोल गोल घुमना बंद कर सही दिशा में जायेंगे इसकी हम आशा करते है । नमन श्री

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on July 12, 2015 at 6:02pm

आपका हार्दिक स्वागत है आ० ज्योत्सना जी। 


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on July 12, 2015 at 6:01pm

आ० सौरभ भाई जी, ओबीओ के स्वर्ण मुकुट में शायद इसी मणि की कमी हम सब काफी देर से महसूस कर रहे थे न ?बहरहाल, मंच ने मुझे इस समूह की कप्तानी के लायक समझा, मैं उपकृत महसूस कर रहा हूँ।  


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on July 12, 2015 at 5:57pm

भाई मिथिलेश जी, पिछले एक साल में बहुत से उदीयमान नवोदित लघुकथाकारों से सम्पर्क का मौका मिला। मैंने एक बात बहुत शिद्दत से महसूस की कि उचित मार्गदर्शन के आभाव में वे लोग सही दिशा पकड़ने में असमर्थ रहे। इसी मक़सद से मैंने अपने स्वभाव के विरूद्ध काफी समय सोशल मीडिया के विभिन्न लघुकथा समूहों में सर्फ किया। यथा शक्ति उन नवोदितों का मार्गदर्शन करने का प्रयास किया और उन्हें लघुकथा के मूलभूत सिद्धांतों से अवगत भी करवाया। उनमें से चुनिंदा गंभीर लोगों को ओबीओ की राह दिखाई। ऐसे में उन्हें एक मज़बूत मंच का साया प्रदान करना हमारा परम कर्तव्य बन जाता है। बस इसी उद्देश्य से इस समूह की स्थापना की गई है। 

Comment by jyotsna Kapil on July 12, 2015 at 4:06pm
आदरणीय सर सादर नमन।मेरे जैसे नौसिखियों के लिए ये कक्षा अत्यावश्यक थी।बहुत आभार मुझे यहाँ दाखिला देने के लिए।

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 12, 2015 at 3:13pm

आदरणीय योगराजभाईजी, इस कक्षा की प्रतीक्षा एक अरसे से थी. लेकिन कहते हैं न, जब-जब जो-जो होना है.. तब-तब सो-सो होता है..

ओबीओ के अश्वत्थ में एक और प्रभावी शाखा अँखुआयी है. इसके उत्तरोत्तर सुदृढ होते जाने के प्रति पूर्ण आश्वस्ति है. सर्वोपरि, यह कक्षा आपकी सरपरस्ती में लग रही है, यह अधिक आश्वस्तिकारी है.
हार्दिक शुभकामनाएँ


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on July 12, 2015 at 2:07pm

आदरणीय योगराज सर, लघुकथा की कक्षा में प्रवेश देने के लिए हार्दिक आभार. इस विधा के निये मैं बिलकुल नया अभ्यासी हूँ इसलिए इस कक्षा की आवश्यता महसूस हो रही थी. मंच पर लघुकथा की कक्षा देखकर मन झूम गया. यकीनन इस कक्षा से लाभान्वित होकर, इस विधा के अभ्यासी, सशक्त लघुकथाकार बनेंगे. इस शुभारम्भ पर ओबीओ के समस्त सदस्यों को हार्दिक बधाई.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"प्रिय रुपम बहुत शुक्रिया ,बालक.ऐसे ही मिहनत करते रहो.बहुत ऊपर जाना है. सस्नेह"
9 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post "तरही ग़ज़ल नम्बर 4
"जनाब रूपम कुमार जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका बहुत शुक्रिय: ।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"जनाब रूपम कुमार जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका बहुत शुक्रिय: ।"
14 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह posted a blog post

परम पावनी गंगा

चन्द्रलोक की सारी सुषमा, आज लुप्त हो जाती है। लोल लहर की सुरम्य आभा, कचरों में खो जाती है चाँदी…See More
14 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Samar kabeer's blog post "तरही ग़ज़ल नम्बर 4
"दर्द बढ़ता ही जा रहा है,"समर" कैसी देकर दवा गया है मुझे  क्या शेर कह दिया साहब आपने…"
14 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Samar kabeer's blog post एक मुश्किल बह्र,"बह्र-ए-वाफ़िर मुरब्बा सालिम" में एक ग़ज़ल
"समर कबीर साहब आपकी ग़ज़ल पढ़ के दिल खुश हो गया मुबारकबाद देता हूँ इस बालक की बधाई स्वीकार करे !!! :)"
14 hours ago
Rupam kumar -'मीत' posted a blog post

ये ग़म ताजा नहीं करना है मुझको

१२२२/१२२२/१२२ ये ग़म ताज़ा नहीं करना है मुझको वफ़ा का नाम अब डसता है मुझको[१] मुझे वो बा-वफ़ा लगता…See More
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गंगादशहरा पर कुछ दोहे
"आ. भाई छोटेलाल जी, सादर अभिवादन । दोहों पर उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद ।"
14 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( हम सुनाते दास्ताँ फिर ज़िन्दगी की....)
"खूब ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद हार्दिक बधाई सालिक गणवीर  सर "
14 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गंगादशहरा पर कुछ दोहे
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी बहुत बढ़िया दोहे मन प्रसन्न हो गया सादर बधाई कुबूल कीजिए"
15 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( नहीं था इतना भी सस्ता कभी मैं....)
"मुझे भी तुम अगर तिनका बनाते हवा के साथ उड़ जाता कभी मैं बनाया है मुझे सागर उसीने हुआ करता था इक…"
15 hours ago
Rupam kumar -'मीत' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"क्या रदीफ़ ली है सालिक गणवीर  सर आपने वाह!"
15 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service