For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बारिश के हाइकु


(1) ख़त्म तपन
हरा हुआ चमन
मचले मन ।
******
(2) भीगी है रात
बादलों की बारात
हो मुलाक़ात ।
******
(3) खेत-मैदान
हरियाली मचले
जीवन चले ।
******
(4) कहीं बरसे
मन मौजी बादल
धरा को बल ।
******
(5) नदियों में है
लहरों का यौवन
जल का धन ।
******
(6) घर-आँगन
जल की मनमानी
जीने की ठानी ।
******
(7)ककड़ी-भुट्टे
मन को ललचाते
सबको भाते ।
*******
(8) बूँदें सुनाती
हमें राग मल्हार
आई बहार ।
******
(9) आओ बदरा
स्वागत ,वंदन है
तन-मन है ।
*****
(10) खूब बरसो
गाँव ,महानगर
भीगे डगर ।
*****
मौलिक एवं अप्रकाशित ।


Views: 994

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by vijay nikore on July 13, 2018 at 9:52am

भाई मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब, बारिश के मौसम पर अच्छे हाइकू के लिए बधाई।

Comment by Mohammed Arif on July 8, 2018 at 9:41am

हार्दिक आभार आदरणीया बबीता गुप्ता जी ।

Comment by Mohammed Arif on July 8, 2018 at 9:40am

हार्दिक आभार आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on July 7, 2018 at 11:42pm

समसामयिक बेहतरीन सृजन। हार्दिक बधाइयाँ आदरणीय मोह़म्मद आरिफ़ साहिब।

Comment by babitagupta on July 7, 2018 at 8:05pm

चंद पंक्तियों   में बारिश के मौसम  का विस्तृत  वर्णन ,हार्दिक  स्वीकार कीजियेगा आदरणीय  सर जी.

Comment by Mohammed Arif on July 5, 2018 at 6:36pm

हार्दिक आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी ।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on July 5, 2018 at 5:49pm

बहुत ही खूब आदरणीय आरिफ जी शानदार मौसमी रचना...

Comment by Mohammed Arif on July 5, 2018 at 5:06pm

हार्दिक आभार आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी ।

Comment by Mohammed Arif on July 5, 2018 at 5:05pm

हार्दिक आभार आदरणीया नीलम उपाध्याय जी ।

Comment by नाथ सोनांचली on July 5, 2018 at 3:48pm

आद0 मोहम्मद आरिफ जी सादर अभिवादन। बढ़िया हाइकू लिखी आपने। बहुत बहुत बधाई आपको। सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
10 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service