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अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on babitagupta's blog post विश्व पटल पर हिन्दी का परचम लहराया
"मुहतरमा बबीता जी, हिन्दी दिवस के अवसर पर अच्छा लेख प्रस्तुत किया है आपने, बधाई स्वीकार करें।  सादर। "
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on babitagupta's blog post विश्व पटल पर हिन्दी का परचम लहराया
"आ. बबीता बहन, सादर अभिवादन। हिन्दी दिवस पर सारगर्भित आलेख हुआ है । हार्दिक बधाई।"
Tuesday
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विश्व पटल पर हिन्दी का परचम लहराया

विश्व पटल पर हिन्दी का परचम लहरायासंप्रभूभाषा हिन्दी भारत की मिट्टी में उपजी किसी की मोहताज नहीं है। इसकी अपनी प्राणवायु,प्राणशक्ति व उदारभाव होने के कारण ये शब्दसंपदा का अनूठा उपहार हैं।130 करोड़ की आबादी वाले भारत देश में करीब 44% से ज्यादा लोगों द्वारा बोली जाने वाली राष्ट्र भाषा हिन्दी को दुनिया में बोलने वालों का प्रतिशत 18.5% हैं।दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली हिन्दी भाषा विश्व की पांच भाषाओं में से एक हैं। भूतपूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने 2006 में दस जनवरी को विश्व हिन्दी…See More
Tuesday
Chetan Prakash commented on babitagupta's blog post वक्त से आगे चलने वाली....अमृता प्रीतम
"नमन आदरणीया,  अमृता प्रीतम के साहित्य और  काव्य  का सही चित्रण किया  है, आपने  ! किन्तु उनके जीवन वृत्त  पर  अमिट  छाप  छोड़ने  वाली प्रेरक घटनाओं को कदाचित  आप  छूती तो आलेख …"
Sep 10
Chetan Prakash commented on babitagupta's blog post गुरवै: नमों नमः
"नमस्कार, महोदया, प्रेरक आलेख है, गुरु की महत्व पर  ! लेकिन माननीया आलेख शोध परक विधा है, तथ्य सौ फीसदी सही होने चाहिए! विधवा-विवाह की सर्वप्रथम पैरवी करने वाले और स्त्री-शिक्षा हेतु आंदोलन का बिगुल फूंकने वाले बंगाल में स्वतंत्रता आंदोलन को धार…"
Sep 8
babitagupta posted a blog post

गुरवै: नमों नमः

अनेकानेक देशो की संस्कृति में शिक्षकों क़े सम्मान में पूरी दुनिया झुकती हैं। भारतीय संस्कृति में जहाँ शिष्य अपने गुरु के पैर धोते हैं वही दक्षिण कोरिया में शिष्यों के पैर शिक्षक घुटने के बल बैठकर धोते हैं। शिक्षक ज़िंदगी की पाठशाला में सबक पढ़ाने- सिखाने और व्यवहारिक जीवन में उतारने वाले,हर अक्षर को शब्द मूल्यो में सार्थक कर कामयाबी की सीढ़ी पार कराते हैं। जीवन जीने की कला सिखाने वाला शिक्षक बच्चे को सामाजिक बनाने में अहम् भूमिका निर्वहन कर आने वाले समाज का निर्माण कर्ता हैं। हालांकि जीवन संघर्ष…See More
Sep 6
babitagupta posted a blog post

वक्त से आगे चलने वाली....अमृता प्रीतम

पंजाबी साहित्य की प्रथम कवयित्री, निबंधकार, उपन्यासकार, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अमृता प्रीतम का जन्म 31 अगस्त, 1919 गुजरांवाला, पंजाब में हुआ था। अपनी रचनाओं में विभिन्न रूपो मे नारी चित्रण करने वाली अमृता प्रीतम के साहित्य संसार की नारी अपनी स्वतंत्रता के प्रति सजग रह्ती हैं। सामाजिक परंपराओं के जाल को काटकर अपना अस्तित्व गढ़ती हैं। हिंदी भाषा में सरलता, सौंदर्यता से अंतर्मन की भावनाओं को पहुंचाने में कामयाब रहीं। गद्य-पद में समान रूप से ख्याति प्राप्त बहुमुखी प्रतिभा की धनी अमृता प्रीतम…See More
Aug 31

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on babitagupta's blog post सुभद्रा कुमारी चौहान
"सुभद्रा कुमारी चौहान की जीवनी को लेकर सार्थक आलेख हेतु हार्दिक धन्यवाद, आदरणीया बबिता जी"
Aug 22
babitagupta posted blog posts
Aug 16
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post सुभद्रा कुमारी चौहान
"दुरुस्त कर लें ।"
Aug 16
babitagupta commented on babitagupta's blog post सुभद्रा कुमारी चौहान
"जी।भूलवश गलती लिख गया"
Aug 16
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post सुभद्रा कुमारी चौहान
"मुहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें । 'बुन्देलें हरबोले के मुंह हमने सुनी  यह कहानी थी,खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी की रानी थी' कविता की ये पंक्तियाँ आपने ग़लत लिखी हैं,इन्हें दुरुस्त कर…"
Aug 16
Samar kabeer commented on babitagupta's blog post आज़ादी में आधी आबादी का योगदान....जंग अभी भी जारी हैं....
"मुहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 16
babitagupta posted a blog post

आज़ादी में आधी आबादी का योगदान....जंग अभी भी जारी हैं....

आज़ादी में आधी आबादी का योगदान....जंग अभी भी जारी हैं.....महात्मा गांधी जी ने कहा, आंदोलनों में महिलाओं की भागीदारी के बिना स्वराज्य प्राप्ति असंभव हैं। शारीरिक-मानसिक रूप से कमजोर समझने वाले लोगों के खिलाफ जाकर महिलाओं को राष्ट्रीय आंदोलन की मुख्य धारा से जोड़ा।और महिलाओं ने लोगों के कहने की परवाह किए बिना अपने आपको तौले मानसिक दृढ़ता के दस्तावेज,संघर्ष के संवेदनशील चित्रण पर डर को खारिज करते हुये समय के फलक पर अपनी कहानी लिख दी।पूर्वाग्रही सोच में जकड़े नकारात्मक मानसिकता पर पर्दा डालकर मजबूत…See More
Aug 15
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-76
"कलम का कहरमोहल्ले के महिला प्रशिक्षण केन्द्र पर आने वाली महिलाओं को स्वावलंबी बनने के साथ उन्हें  अपनी जिन्दगी में अधिकारों की ताजी हवा में जीने की उम्मीद की रोशनी भी दिखाई जाती हैं। महिलाओं का बेड़ियां तोड़कर अपना स्वतंत्र अस्तित्व को रेखांकित…"
Jul 30
babitagupta posted a blog post

रूंद गया बचपन...

गुमनाम अंधेरे में देखो भारत का भविष्य पल रहा दो जून रोटी की खातिर कोमल बचपन सुबक रहा कलम चलाने वाले नन्हे हाथ झूठन साफ कर रहे बस्ते उठाने वाले कंधे परिवार का बोझ उठा रहे माँ के आंचल का फूल दरबदर की गाली खा रहा भूखे पेट अपमान का घूंट पीकर जीवन गुजार रहा हंसने-खेलने-पढ़ने की उम्र में मजदूर बन गये बचपन की किलकारी खो गई मांझते-धोते निरीह तरस्ती ऑखें उठ रही कुछ आस में... इंसानियत के ठेकेदारों नियमों को मान लो मंझवाने से अच्छा कल का भविष्य मांझ दो.... बर्तन चमकाने से अच्छा उसका कल चमका दो.... निजी…See More
Jun 10

Profile Information

Gender
Female
City State
chhattisgarh
Native Place
Bilaspur
Profession
Retired teacher
About me
Simplicity

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At 11:36pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीया बबिता गुप्ता जी बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का

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विश्व पटल पर हिन्दी का परचम लहराया

विश्व पटल पर हिन्दी का परचम लहराया

संप्रभूभाषा हिन्दी भारत की मिट्टी में उपजी किसी की मोहताज नहीं है। इसकी अपनी प्राणवायु,प्राणशक्ति व उदारभाव होने के कारण ये शब्दसंपदा का अनूठा उपहार हैं।130 करोड़ की आबादी वाले भारत देश में करीब 44% से ज्यादा लोगों द्वारा बोली जाने वाली राष्ट्र भाषा हिन्दी को दुनिया में बोलने वालों का प्रतिशत 18.5% हैं।दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली हिन्दी भाषा विश्व की पांच भाषाओं में से एक हैं। भूतपूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने 2006 में दस जनवरी…

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Posted on September 14, 2021 at 7:51am — 2 Comments

गुरवै: नमों नमः

अनेकानेक देशो की संस्कृति में शिक्षकों क़े सम्मान में पूरी दुनिया झुकती हैं। भारतीय संस्कृति में जहाँ शिष्य अपने गुरु के पैर धोते हैं वही दक्षिण कोरिया में शिष्यों के पैर शिक्षक घुटने के बल बैठकर धोते हैं। शिक्षक ज़िंदगी की पाठशाला में सबक पढ़ाने- सिखाने और व्यवहारिक जीवन में उतारने वाले,हर अक्षर को शब्द मूल्यो में सार्थक कर कामयाबी की सीढ़ी पार कराते…

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Posted on September 6, 2021 at 1:30pm — 1 Comment

वक्त से आगे चलने वाली....अमृता प्रीतम

पंजाबी साहित्य की प्रथम कवयित्री, निबंधकार, उपन्यासकार, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अमृता प्रीतम का जन्म 31 अगस्त, 1919 गुजरांवाला, पंजाब में हुआ था। अपनी रचनाओं में विभिन्न रूपो मे नारी चित्रण करने वाली अमृता प्रीतम के साहित्य संसार की नारी अपनी स्वतंत्रता के प्रति सजग रह्ती हैं। 

सामाजिक परंपराओं के जाल को काटकर अपना अस्तित्व गढ़ती हैं। हिंदी भाषा में सरलता, सौंदर्यता से अंतर्मन की भावनाओं को पहुंचाने में कामयाब रहीं। गद्य-पद में समान रूप से ख्याति प्राप्त बहुमुखी प्रतिभा की धनी…

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Posted on August 31, 2021 at 1:30pm — 1 Comment

सुभद्रा कुमारी चौहान

राष्ट्रीय चेतना की सजग प्रहरी और मणिकर्णिका की वीरता को घर-घर पहुंचाने वाली सुभद्रा कुमारी चौहान की सुप्रसिद्ध कविता झांसी की रानी की पंक्तियाँ

'बुन्देले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी

खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी...

'सुप्त जनता के दिलों में आजादी का अलाव जगाने आयी सुभद्रा कुमारी चौहान की ये पंक्तियाँ सुभद्रा जी द्वारा रचित कई कविताओं से ज्यादा ख्याति प्राप्त हैं। 



नौ साल की उम्र में पहली कविता ’नीम’ लिखने वाली सुभद्रा जी का…

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Posted on August 16, 2021 at 2:00pm — 4 Comments

 
 
 

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