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सत्यमेव् जयते - डॉo विजय शंकर

सत्य के प्रति उनका समर्पण
झुठलाया नहीं जा सकता ,
सफलता उन्होंने चाहे कैसे ,
कितने ही झूठों से पायी हो ,
श्रेय सदैव सत्य को ही दिया।
अपनी हर जीत को सदैव
सत्य की जीत ही बताया।

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Dr. Vijai Shanker on October 17, 2017 at 10:35am
आभार , आदरणीय लक्ष्मण धामी जी , सादर।
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on October 16, 2017 at 7:36pm
बहुत खूब हार्दिक बधाई ।
Comment by Dr. Vijai Shanker on October 16, 2017 at 10:46am
आदरणीय सलीम रज़ा रीवा साहब, नमस्कार , आपका मेरी किसी प्रस्तुति पर प्रथम आगमन है , ह्रदय से आपका स्वागत है। आपने मेरी रचना को पसंद किया , उसमें सार्थक रूचि ली , मैं आपका आभारी हूँ। बधाई के लिए धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on October 16, 2017 at 10:42am
आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , आपने अपने शेर से बहुत बड़ी और सच्ची बात कह दी। लाजवाब। आपकी प्रशस्ति के लिए आभार और ह्रदय से धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on October 16, 2017 at 10:34am
आदरणीय शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी, आपके विद्व्तापूर्ण विवेचन के लिए ह्रदय से आभार एवं धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on October 16, 2017 at 10:34am
आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी , आपकी विशद व्याख्या के लिए ह्रदय से आभार एवं बधाई के लिए धन्यवाद , सादर।
Comment by SALIM RAZA REWA on October 15, 2017 at 8:43pm
आली जनाब डॉ.विजय शंकर जी आदाब,आपकी कविता इस बहतरीन कविता के लिए दिल से मुबारकबाद पेश करता हूँ
Comment by Samar kabeer on October 15, 2017 at 5:11pm
आली जनाब डॉ.विजय शंकर जी आदाब,आपकी कविता पढ़कर मुझे अपना एक शैर याद आ गया:-
'उम्र भर उसने सच नहीं बोला
और सच का हिमायती भी है'
हक़ीक़त से क़रीब इस बहतरीन कविता के लिए दिल से मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 14, 2017 at 7:40pm
अपने अपने सत्य, अपने अपने लक्ष्य, अपने अपने साधन, अपने अपने साध्य और साधक। बेहतरीन यथार्थ पूर्ण, कटाक्षपूर्ण रचना। हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ. विजय शंकर जी।
Comment by Mohammed Arif on October 13, 2017 at 11:38am
आदरणीय विजय शंअर जी आदाब, बहुत ही गूढ़ व्यंजना । हमारे शास्त्रों में भी सत्य और असत्य की व्याख्या बड़ी बारीकी से की गई है । इस प्रस्तुति पर आपको हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए ।

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