For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SALIM RAZA REWA
  • Male
  • REWA
  • India
Share

SALIM RAZA REWA's Friends

  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Tasdiq Ahmed Khan
  • Samar kabeer
  • Nilesh Shevgaonkar
  • वीनस केसरी
  • Saurabh Pandey
  • Rana Pratap Singh

SALIM RAZA REWA's Groups

 

SALIM RAZA REWA's Page

Latest Activity

आशीष यादव commented on SALIM RAZA REWA's blog post ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना   - सलीम 'रज़ा' रीवा
"बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति है। अनेकता मे एकता कायम रखना ही हमारा धर्म होना चाहिए। बहुत बहुत बधाई।"
Jan 2, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना   - सलीम 'रज़ा' रीवा
"आ. भाई सलीम रजा जी, सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 28, 2019
SALIM RAZA REWA posted a blog post

ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना   - सलीम 'रज़ा' रीवा

ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना  दिल में ईमान की शम्अ' को जलाए  रखना-  इस नए साल में खुशियों का चमन खिल जाएसबको मनचाही  मुरादों का सिला मिल जाएइस नए साल में खुशियों की हो बारिश घर घरइस नए साल को ख़ुश रंग बनाए रखना-जान पुरखों ने लुटाई है वतन की ख़ातिरगोलियाँ सीने में खाई है वतन की ख़ातिरसारे धर्मों से ही ताक़त  है वतन  की मेरेसारे धर्मों की मोहब्बत को बनाए रखना-  ज़ात के नाम पे दंगों को कराने वालोबाज़ आ जाओ मोहब्बत को मिटाने वालोधर्म के नाम पे यूँ आग लगाने वालोख़ुद के दामन को भी जलने से बचाए…See More
Dec 26, 2019
SALIM RAZA REWA posted a blog post

कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'

 221 2121 1221 212        कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया              राधा को श्याम श्याम को राधा बना दिया                उस बेर की मिठास तो बस जाने राम जी      सबरी ने जिसको चख के है मीठा बना दिया  यूसुफ़ नहीं था चाहने वाला था जो मेरा लेकिन उसी ने मुझको  ज़ुलेख़ा बना दिया        खिलता रहे ख़ुलूस-ओ-वफ़ा प्यार का चमनये सोच के ख़ुदा ने है दुनिया बना दिया ये इश्क़ है जुनूं है मोहब्बत  है या नशा                  मजनू बना दिया कभी राँझा  बना दिया  "मौलिक व अप्रकाशित" See More
Dec 13, 2019
vijay nikore commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"बहुत ही सुन्दर रचना पेश की है, मित्र सलीम जी।हार्दिक बधाई।"
Dec 13, 2019
SALIM RAZA REWA posted blog posts
Dec 12, 2019
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"नज़रे इनायत के लिए बहुत शुक्रिया नीलेश भाई , आप सही कह रहें हैं कुछ मशवरा अत फरमाएं।"
Dec 10, 2019
Nilesh Shevgaonkar commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"आ. सलीम साहब,अच्छा प्रयास है। . पोस्ट करने की जल्दबाज़ी में यूसुफ़ तो नहीं था वो मेरा चाहने वाला..बहर चूक गए इस मिसरे में ये सोच के ख़ुदा ने है दुनिया बना दिया.. दुनिया स्त्रीलिंग है। .बना दिया में पुल्लिंग का भाव है सादर "
Dec 10, 2019
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"आदरणीय शुशील सरना जी आपकी पुरख़ुलूस महब्बत का बेहद शुक्रिया।"
Dec 9, 2019
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब आपकी पुरख़ुलूस महब्बत का बेहद शुक्रिया।"
Dec 9, 2019
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब आपकी पुरख़ुलूस महब्बत का बेहद शुक्रिया।"
Dec 9, 2019
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"आ. भाई सलीम जी, उम्दा गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
Dec 9, 2019
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"आ. भाई सलीम जी, इस बेहतरीन मार्मिक ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई।"
Dec 9, 2019
SALIM RAZA REWA posted blog posts
Dec 8, 2019
Sushil Sarna commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है बेटी मुफ़लिस की खुले घर मे भी सो लेती है मेरे दामन से लिपट कर के वो रो लेती है मेरी तन्हाई मेरे साथ ही सो लेती है वाह आदरणीय सलीम साहिब वाह क्या खूब दर्दीले अहसासों को आपने लफ्ज़ अता किये हैं। इस बेहतरीन…"
Dec 5, 2019
SALIM RAZA REWA posted blog posts
Dec 4, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
REWA M.P.
Native Place
REWA (M.P.)
Profession
MANAGER
About me
GAZAL WRITER

SALIM RAZA REWA's Photos

  • Add Photos
  • View All

SALIM RAZA REWA's Blog

ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना   - सलीम 'रज़ा' रीवा

ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना  

दिल में ईमान की शम्अ' को जलाए  रखना

-  

इस नए साल में खुशियों का चमन खिल जाए

सबको मनचाही  मुरादों का सिला मिल जाए

इस नए साल में खुशियों की हो बारिश घर घर

इस नए साल को ख़ुश रंग बनाए रखना

-

जान पुरखों ने लुटाई है वतन की ख़ातिर

गोलियाँ सीने में खाई है वतन की ख़ातिर

सारे धर्मों से ही ताक़त  है वतन  की मेरे

सारे धर्मों की मोहब्बत को बनाए रखना

-  

ज़ात के नाम पे दंगों को…

Continue

Posted on December 24, 2019 at 7:00pm — 2 Comments

रुख़ से जो मेरे यार ने पर्दा हटा दिया  - सलीम रज़ा

221 2121 1 221 212  

रुख़ से जो मेरे यार ने पर्दा हटा दिया   

महफ़िल में हुस्न वालों को पागल बना दिया

उसकी  हर एक अदा पे तो क़ुर्बान जाइए        

मौसम को जिसने छू के नशीला बना…

Continue

Posted on December 11, 2019 at 10:16pm

चाहे  दुनिया में कहीं और चले जाएंगे  - सलीम रज़ा

2122 1122 1122 22

चाहे  दुनिया में कहीं और चले जाएंगे            

चाह कर भी वो मुझे भूल नहीं पाएंगें             

 

उनके एल्बम में है तस्वीर पुरानी मेरी        

अब वो देखेंगे तो पहचान नहीं पाएंगे…

Continue

Posted on December 11, 2019 at 10:00pm

कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'

 221 2121 1221 212      

  

कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया              

राधा को श्याम श्याम को राधा बना दिया               

 

उस बेर की मिठास तो बस जाने राम जी      

सबरी ने जिसको चख के…

Continue

Posted on December 8, 2019 at 5:00am — 4 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उसके हिस्से में क्यों रास्ता कम है- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"//क्या इस बह्र को किसी और प्रचलित बह्र में बदला जा सकता है?// बिल्कुल बदला जा सकता है, आपका मतला…"
5 hours ago
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 123 in the group चित्र से काव्य तक
"मात शारदे वंदन करती रोज आपको शीष नवाय धार लेखनी मे तुम भरदो,बैठो अब लेखन मे आय। बैठे-बैठे पाती…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 123 in the group चित्र से काव्य तक
"आकाश लाल है सूर्य उदित, जनता उठी सवेरा जान।सत्ता के सारे झूठ मिटा, वो गढ़ने अब नव प्रतिमान।।पाये…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 123 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर अभिवादन.."
6 hours ago
Samar kabeer posted a blog post

एक ताज़ा ग़ज़ल

ग़ज़ल2212 1122 1212 22/112सुख़न में पैदा तेरे किस तरह कमाल हुआसुख़न में तेरे बता कैसे ये कमाल हुआहज़ार…See More
6 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 123 in the group चित्र से काव्य तक
"आल्हा   / वीर छंद  :  विषय  :जनसंख्या विस्फोट  जनसंख्या सीमित …"
8 hours ago
सालिक गणवीर commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उसके हिस्से में क्यों रास्ता कम है- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर अभिवादन अच्छी  ग़ज़ल  हुई…"
14 hours ago
सालिक गणवीर commented on Md. Anis arman's blog post ग़ज़ल
"भाई अनीस अरमान जी आदाब बहुत उम्दः ग़ज़ल कही है आपने. बधाइयाँँ स्वीकार करें."
14 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post मंज़िल की जुस्तजू में तो घर से निकल पड़े..( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदरणीय  Chetan Prakash जी सादर प्रणाम ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए आपका शुक्रगु़ज़ार…"
14 hours ago
Chetan Prakash commented on सालिक गणवीर's blog post मंज़िल की जुस्तजू में तो घर से निकल पड़े..( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदाब,  सालिक गणवीर साहब,  छोटी  सी किन्तु  खूबसूरत ग़ज़ल  कही आपने,…"
16 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 123 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक स्वागत है, सुधीजनो !"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . .
"वाह .. आपकी छांदसिक यात्रा के प्रति साधुवाद  शुभातिशुभ"
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service