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आशीष यादव
  • 31, Male
  • ghazipur, uttarpradesh
  • India
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आशीष यादव's Discussions

क्या भारत मेँ अन्तर्माध्यमिक तक हिन्दी एक अनिवार्य विषय नही होनी चाहिए
15 Replies

आज जहाँ सुनिये वहीँ भाषा का बिगड़ा स्वरूप सुनाई देता है। किस पुरुष का कर्ता है और कौन सी क्रिया लग गई पता ही नही। यह भी नही की यह युवा पीढ़ी ढंग से आंग्ल भाषा ही जानती हो। तो क्या हमारी और सरकार की यह…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 28, 2012.

 

Welcome, आशीष यादव!

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आशीष यादव posted a blog post

जो इजाजत हो

122  2122  2122  2122  2तेरी तस्वीर होठों से लगा लूँ, जो इजाजत हो। उसे आगोश में लूँ, चूम डालूँ, जो इजाजत हो।बहुत नायाब दौलत है तुम्हारे हुस्न की दौलत तुम्हारा हुस्न तुमसे ही चुरा लूँ जो इजाजत हो ।नशीले नैन लाली होंठ की यूँ मुझ पे छाई है इन्हें मैं…See More
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"रास्ता किस संदर्भ में आदरणीय?  आप लोगों का सुझाया रास्ता बिल्कुल ठीक है। "
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"भुजंगप्रयात छंद आधारित बेहतरीन गीत रचना पर मेरी ओर से बधाई स्वीकार कीजिए।"
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय श्री अमीरुद्दीन 'अमीर' सर, सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Tuesday
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"आदरणीय श्री दयाराम मेठानी सर, रचना पसंद करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Tuesday
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"आदरणीय श्री लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' सर, सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Tuesday
आशीष यादव commented on AMAN SINHA's blog post नास्तिक
"आदरणीय श्री अमन सिन्हा जी नमस्कार। भावों को कविता में ढालने का बेहतर प्रयास किया है आपने। बधाई स्वीकार करें।"
Tuesday
आशीष यादव commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (हुस्न तो  मिट जाएगा...)
"आदरणीय श्री अमीरुद्दीन 'अमीर' साहब सादर नमस्कार।  बेहतरीन गजल पर मुबारकबाद स्वीकार कीजिए।"
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत धन्यवाद सर।"
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"सर आपकी बात से पूर्णतया सहमत हूँ। चूंकि लिखते समय मेरा आशय था कि "जो पहले रास्ता था अब बाढ़ के कारण नदी हो चुका/गया है इसलिए रास्ते के अनुरूप क्रिया को 'गया' लिखा था। हालांकि आपका सुझाव बिल्कुल उपयुक्त है। यदि हम इसका अर्थ यह लें कि…"
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी, उत्साह वर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Tuesday
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"सर, गया शब्द रस्ता के लिए प्रयोग किया था। 'गई' या 'चुकी' शब्द का प्रयोग भी शायद उचित होगा और वह नदी के लिए जुड़ेगा।  सादर"
Tuesday
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"आदरणीय श्री सौरभ पांडेय सर नमस्कार एवं बहुत बहुत धन्यवाद। सुबह सुबह जल्दबाजी में रचना पोस्ट कर दिया इसलिए कुछ कमियाँ रह गई हैं। यदि 'गया' शब्द की जगह 'चुका' पढ़ा जाय तो शायद उचित लगे।"
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय दयाराम मेठानी जी नमस्कार।  प्रदत्त विषय पर अनुकूल छंद रचना के लिए बहुत बहुत बधाई।  "रहे दूर सब ही बढ़ी है अकेली" में 'दूर सब ही' छंद से शायद न्याय नहीं कर पा रहा है।  विद्वज्जनों की राय की अपेक्षा…"
Tuesday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया दीपांजलि दुबे जी नमस्कार,  प्रदत्त चित्र एवं छंद पर बढ़िया प्रयास है।  बाकी आदरणीय समर कबीर साहब ने विस्तार से बताया है उस पर ध्यान दीजियेगा।  बहुत बहुत बधाई।"
Monday
आशीष यादव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 125 in the group चित्र से काव्य तक
"नदी हो गया है यहाँ एक रस्ता  यही सोचती पीठ पे लाद बस्ता  यहाँ मैं खड़ी हूँ वहाँ पाठशाला चलूँ नाव से ये तरीका निकाला चली ज्ञान लेने सुता खानदानी  नहीं रोक पाये नदी बाढ़ पानी  लिए हाथ चप्पू चढ़ी नाव बाला  वहाँ जा रही है जहाँ…"
Monday

Profile Information

Gender
Male
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GHAZIPUR, U.P.
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GHAZIPUR
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work in defence
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एक सीधा-सादा इन्सान जो जीवन एवँ मानव की सच्चाईयों को जानने मे लगा हुआ है।

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आशीष यादव's Blog

जो इजाजत हो

122  2122  2122  2122  2

तेरी तस्वीर होठों से लगा लूँ, जो इजाजत हो। 

उसे आगोश में लूँ, चूम डालूँ, जो इजाजत हो।

बहुत नायाब दौलत है तुम्हारे हुस्न की दौलत 

तुम्हारा हुस्न तुमसे ही चुरा लूँ जो इजाजत हो ।

नशीले नैन लाली होंठ की यूँ मुझ पे छाई…

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Posted on September 24, 2021 at 3:30pm

कहो सूरमा! जीत लिए जग?

कहो सूरमा! जीत लिए जग? 

तुम्हें पता है जीत हार का? 

केवल बारूदों के दम पर 

फूँक रहे हो धरती सारी 

नफरत की लपटों में तुमने 

धधकाई करुणा की क्यारी 

कितना आतंकित है…

Continue

Posted on September 2, 2021 at 1:00am — 5 Comments

स्वयं को आजमाने को तू खुलकर आ जमाने में

स्वयं को आजमाने को

तू खुलकर आ जमाने में

बहुत अनमोल है जीवन

गवाँता क्यों बहाने में

नदी के पास बैठा है

दबा के प्यास बैठा है

तुझे मालूम है, तुझमें

कोई एहसास बैठा है

किनारे कुछ न पाओगे

मिलेगा डूब जाने में

तुम्हारे सामने दुनिया

सुनो रणभूमि जैसी है

स्वयं का तू ही दुश्मन है

स्वयं का तू हितैषी है

कहीं पीछे न रह जाना

स्वयं से ही निभाने में

कहाँ दसरथ की दौलत …

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Posted on July 1, 2021 at 2:30am — 4 Comments

वरना पीठ दिखाने से तो अच्छा है तुम मर जाओ

रणभेरी बजने से पहले अच्छा है तुम घर जाओ

वरना पीठ दिखाने से तो अच्छा है तुम मर जाओ

कितनी ही आशाएं तुमसे लगी हुई है, टूटेंगीं

कितनी ही तकदीरें तुमसे जुड़ी हुई हैं, रूठेगीं



तेरे पीछे मुड़ जाने से कितने सिर झुक जाएंगे

कितने प्राण कलंकित होंगे कितने कल रुक जाएंगे



उतर गए हो बीच समर तो कौशल भी दिखला जाओ

हिम्मत के बादल बन कर तुम विपदाओं पर छा जाओ

तप कर और प्रबल बनकर तुम शोलों बीच सँवर जाओ

वरना पीठ दिखाने से तो अच्छा है तुम…

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Posted on May 28, 2021 at 12:11am — 7 Comments

Comment Wall (45 comments)

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At 11:15pm on August 6, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

प्रिय आशीष जी.....मेरी कविता को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार.....

At 12:51am on July 13, 2012, Sachchidanand Pandey said…
 शुक्रिया आशीष जी
At 11:26pm on July 2, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आशीष जी, प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक आभार.......

At 10:46am on June 25, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…
आशीष जी, मेरी रचना को पसंद करने के लिए आपका आभार।
At 10:03am on June 6, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

आशीष जी मित्र बनने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद |

At 10:34am on June 1, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी शुभकमानयों और बधाइयों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

At 9:33pm on May 26, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी दाद के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! अच्छा लिखते हो ! ऐसे ही लिखते रहो और सबका मनोरंजन करते रहो !!

At 8:21pm on May 19, 2012, MAHIMA SHREE said…

swagat hai

At 3:44pm on May 4, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Dhanyavaad Ashish Bhai.

At 7:43pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

thanx ashish ji for liking my post...

 
 
 

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