For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

PHOOL SINGH
  • Male
  • India
Share

PHOOL SINGH's Friends

  • Yogi Saraswat
  • Rekha Joshi
  • Dr.Prachi Singh
  • Ashok Kumar Raktale
  • PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA
  • rajesh kumari
  • Naval Kishor Soni
  • Shubhranshu Pandey
  • DR SHRI KRISHAN NARANG
  • वीनस केसरी
  • Deepak Sharma Kuluvi
 

PHOOL SINGH's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post शिकायत-एक अद्रश्य अपराध
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 30
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post सच-एक मौन
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 29
PHOOL SINGH posted a blog post

शिकायत-एक अद्रश्य अपराध

शिकायत कभी भी खत्म ना होतीकोई जीवन चाहे कुर्बान करें  खाली दिमाग का सब फितूर हैये सोच के अपना काम करें || हर तरह के लोग जहां मेंबस मेहनती लोगो की बात करेंकष्ट सहकर भी हार ना मानेजज्बे को उनके सलाम करें || पद मिले तो अभिमान में भरतेना बड़े-छोटे का सम्मान करेंसंस्कारों की बात कहीं नाबस अपने कर्मो का गुणगान करें || कुछ लोगो की आदत बुरी हैउनकी कभी ना बात करें  हर शख्स में नुक्स निकालतेना खुद बड़ा कोई काम करें ||मौलिक व अप्रकाशित See More
Jan 28
PHOOL SINGH posted a blog post

सच-एक मौन

मौन रहता सच सदा ही, आवाज झूठ ही करता हैकर्म दिखाता सच का चेहरा, झूठ भ्रम को पैदा करता है || प्रमाण देता झूठ सदा ही, खूब खोखले दावे करता हैपरवाह ना सच को किसी बात की, वो तो हौंसले की उड़ान को भरता है || तकलीफ होती झूठ को हरदम, ना खुशी बर्दास्त ही करता हैआग लगाता कहीं ना कहीं, जब भी शोर वो करता है || सच सागर सी शक्ति का मालिक, सदा मर्यादा धारण करता हैगमगीन रहता तह हृदय से, नए मुकाम वो हासिल करता है || झूठ तो जलता अपनी आग में, सच शांति की आंहे भरता हैविनर्मता रहती वाणी में सच की, हृदय में सीधा…See More
Jan 21
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post पैसा- दूसरा ईश्वर
"आ. भाई फूलसिंह जी, सादर अभिवादन । अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 23, 2020
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post पैसा- दूसरा ईश्वर
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 22, 2020
PHOOL SINGH posted a blog post

पैसा- दूसरा ईश्वर

धन, दौलत तो उपयोग की वस्तु, जाती कभी भी साथ नहींकद्र ना होती उस शख्स की, पैसा जिसके पास नहीं || आज बचा लो कल मिलेगा, इसे बचाना दोष नहींदर-दर की वो ठोकर खाता, गरीब की कोई औकात नहीं || सुख-वैभव उसके दर विराजे, पैसो की ना जिसके पास कमीअनकहे रिश्ते खुद बन जाते, आदर्श बनती हर बात कही || कुछ दोष तो यूं छिप जाते, उम्मीद जिसकी होती नहींगरीब के आँसू झूठे लगते, अमीर के ना होते दोष कभी || साथ भले ही पैसा ना जाता, पर पैसे वाले बर्बाद नहींइस जहां में राज करेगा, चाहे धर्म-कर्म में विश्वास नहीं || नियत तेरी…See More
Dec 22, 2020
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post भाई-एक विश्वास
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 21, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post भाई-एक विश्वास
"आ. भाई फूलसिंह जी, सादर अभिवादन । उत्तम रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 16, 2020
PHOOL SINGH posted a blog post

भाई-एक विश्वास

एक भ्रात है भरत के जैसा,जिसमें कुछ पाने का भाव नहींसमर्पित करता भ्रात चरण में,राज्य संग सुख, चैन सभी || तिलभर भी छल ना मन में,जग भी उसके साथ नहींकठोरता/ताने सहता सारे जन की,मातृ की करनी उसकी सभी || विभीषण भी एक भ्रात उधर हैसिंहासन पर जिसकी आँख लगीकठिन समय में भ्रात छोड़ता,शत्रुओं को बताता भेद सभी || ना अंतक्रिया भी भ्रात की करतासुख-भोग से भी इंकार नहींमौका मिले तो विवाह भी करलेमाँ समान अपनी भाभी अभी || गूढ ज्ञान है दोनों भ्रात मेंये देव-दानव की बात नहींएक बना सदा शक्ति भ्रात कीदूजे को चाहिए सुख…See More
Dec 16, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post एक प्रश्न ?
"आ. भाई फूल सिंह जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 5, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post वृक्ष की पुकार
"आ. भाई फूलसिंह जी, सादर अभिवादन । अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 5, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post धूप-छांव
"आ. भाई फूल सिंह जी, सादर अभिवादन । अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 5, 2020
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post धूप-छांव
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 4, 2020
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post वृक्ष की पुकार
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 4, 2020
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post एक प्रश्न ?
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई, बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 4, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI
Native Place
DELHI
Profession
KALSHANIA CONSULTANCY
About me
NOTHING MUCH

जीवन संगिनी

हार हार का टूट चुका जब

तुमसे ही आश बाँधी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

मजबूर नहीं मगरूर नहीं मैं 

मोह माया में चूर नहीं मैं

साथ तुम्हारा मिल जाए तो

लक्ष्य से भी दूर नहीं मैं ||

 

सुख दुःख की घटना तो

जीवन में घटती रहती है

छोटी छोटी नोक झोंक भी

हर रिश्ते में होती है 

छोड़ न देना साथ निभाना

तुमसे, प्रेम की डोर जो बाँधी है||

 

गलत किये थे कुछ निर्णय

ये बात भी स्वीकारी है

मैं  गलत और तुम सही

गलती मैंने मानी है

मझधार में फसीं जिंदगी की

नैया पार लगानी है||

 

जीवन संगिनी बनकर,

मेरी जिंदगी, सँवारी है

घर नहीं मेरे दिल में रहना

बस ख़्वाहिश ये हमारी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

PHOOL SINGH's Blog

शिकायत-एक अद्रश्य अपराध

शिकायत कभी भी खत्म ना होती

कोई जीवन चाहे कुर्बान करें  

खाली दिमाग का सब फितूर है

ये सोच के अपना काम करें ||

 

हर तरह के लोग जहां में

बस मेहनती लोगो की बात करें

कष्ट सहकर भी हार ना माने

जज्बे को उनके सलाम करें ||

 

पद मिले तो अभिमान में भरते

ना बड़े-छोटे का सम्मान करें

संस्कारों की बात कहीं ना

बस अपने कर्मो का गुणगान करें ||

 

कुछ लोगो की आदत बुरी है

उनकी कभी ना बात करें  

हर…

Continue

Posted on January 27, 2021 at 6:30pm — 1 Comment

सच-एक मौन

मौन रहता सच सदा ही, आवाज झूठ ही करता है

कर्म दिखाता सच का चेहरा, झूठ भ्रम को पैदा करता है ||

 

प्रमाण देता झूठ सदा ही, खूब खोखले दावे करता है

परवाह ना सच को किसी बात की, वो तो हौंसले की उड़ान को भरता है ||

 

तकलीफ होती झूठ को हरदम, ना खुशी बर्दास्त ही करता है

आग लगाता कहीं ना कहीं, जब भी शोर वो करता है ||

 

सच सागर सी शक्ति का मालिक, सदा मर्यादा…

Continue

Posted on January 20, 2021 at 9:59pm — 1 Comment

पैसा- दूसरा ईश्वर

धन, दौलत तो उपयोग की वस्तु, जाती कभी भी साथ नहीं

कद्र ना होती उस शख्स की, पैसा जिसके पास नहीं ||

 

आज बचा लो कल मिलेगा, इसे बचाना दोष नहीं

दर-दर की वो ठोकर खाता, गरीब की कोई औकात नहीं ||

 

सुख-वैभव उसके दर विराजे, पैसो की ना जिसके पास कमी

अनकहे रिश्ते खुद बन जाते, आदर्श बनती हर बात कही ||

 

कुछ दोष तो यूं छिप जाते, उम्मीद जिसकी होती…

Continue

Posted on December 19, 2020 at 1:44pm — 2 Comments

भाई-एक विश्वास

एक भ्रात है भरत के जैसा,

जिसमें कुछ पाने का भाव नहीं

समर्पित करता भ्रात चरण में,

राज्य संग सुख, चैन सभी ||

 

तिलभर भी छल ना मन में,

जग भी उसके साथ नहीं

कठोरता/ताने सहता सारे जन की,

मातृ की करनी उसकी सभी ||

 

विभीषण भी एक भ्रात उधर है

सिंहासन पर जिसकी आँख लगी

कठिन समय में भ्रात छोड़ता,

शत्रुओं को बताता भेद सभी ||

 

ना अंतक्रिया भी भ्रात की करता

सुख-भोग से भी इंकार…

Continue

Posted on December 15, 2020 at 6:58pm — 2 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आद.चेतन जी आपने अच्छी कोशिश की है मगर कई मिसरे बहर से खारिज़ हैं तीसरे शेर का ऊला, चौथे शेर का…"
2 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"सादर प्रणाम आदरणीय रचना जी सहृदय धन्यवाद ग़ज़ल पर हौसला अफ़ज़ाई के लिये"
8 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"हसरत-ए-दीद कभी उनसे जताई न गई;आज तक हम से भी चिलमन ये हटाई न गई। वो समंदर में चलाएंगे सफीने…"
10 minutes ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल ~ " है स्याही सुर्ख़ फिर अपनी क़लम है ख़ूँ-चकाँ अपना "
"सादर प्रणाम गुरु जी गौर फरमायियेगा चले जाता है अक्सर डूबकर मस्ती में कुछ ऐसे नहीं रोके रुका है फिर…"
10 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय चेतन जी नमस्कार खूब ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार कीजिए।"
34 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय आज़ी जी नमस्कार खूब ग़ज़ल हुई बढ़ी स्वीकार कीजिए।"
36 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय नीलेश जी नमस्कार खूब ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार कीजिए।"
37 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय नाथ जी नमस्कार बहुत खूब ग़ज़ल हुई,बधाई स्वीकार कीजिये। चश्मे वाले शेर पे ख़ास दाद।।"
38 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय संजय जी नमस्कार बहुत ही खूब ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार कीजिये।"
42 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय रवि जी नमस्कार बहुत खूब ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार कीजिए।"
44 minutes ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"2122 1122 1122 22/112 चोट जो दिल पे लगी हमसे दिखाई न गईबात जो सच थी कभी उनसे बताई न गई1 बेवफ़ाई तो…"
47 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आदरणीय रुपम जी सादर प्रणाम कोई बात नहीं "कभी भी" को "कभी यूँ" कर सकते…"
1 hour ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service