For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,

सादर अभिवादन ।

पिछले 106 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आज़माई की है. जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी सिलसिले की अगली कड़ी में प्रस्तुत है :

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107

विषय - "चाँद और विज्ञान"

आयोजन की अवधि- 13 सितम्बर 2019, दिन शुक्रवार से 14 सितम्बर 2019, दिन शनिवार की समाप्ति तक

(यानि, आयोजन की कुल अवधि दो दिन)

बात बेशक छोटी हो लेकिन ’घाव करे गंभीर’ करने वाली हो तो पद्य- समारोह का आनन्द बहुगुणा हो जाए. आयोजन के लिए दिये विषय को केन्द्रित करते हुए आप सभी अपनी अप्रकाशित रचना पद्य-साहित्य की किसी भी विधा में स्वयं द्वारा लाइव पोस्ट कर सकते हैं. साथ ही अन्य साथियों की रचना पर लाइव टिप्पणी भी कर सकते हैं.

उदाहरण स्वरुप पद्य-साहित्य की कुछ विधाओं का नाम सूचीबद्ध किये जा रहे हैं --

तुकांत कविता
अतुकांत आधुनिक कविता
हास्य कविता
गीत-नवगीत
ग़ज़ल
नज़्म
हाइकू
सॉनेट
व्यंग्य काव्य
मुक्तक
शास्त्रीय-छंद (दोहा, चौपाई, कुंडलिया, कवित्त, सवैया, हरिगीतिका आदि-आदि)

अति आवश्यक सूचना :-

रचनाओं की संख्या पर कोई बन्धन नहीं है. किन्तु, एक से अधिक रचनाएँ प्रस्तुत करनी हों तो पद्य-साहित्य की अलग अलग विधाओं अथवा अलग अलग छंदों में रचनाएँ प्रस्तुत हों.

रचना केवल स्वयं के प्रोफाइल से ही पोस्ट करें, अन्य सदस्य की रचना किसी और सदस्य द्वारा पोस्ट नहीं की जाएगी.
रचनाकारों से निवेदन है कि अपनी रचना अच्छी तरह से देवनागरी के फॉण्ट में टाइप कर लेफ्ट एलाइन, काले रंग एवं नॉन बोल्ड टेक्स्ट में ही पोस्ट करें.
रचना पोस्ट करते समय कोई भूमिका न लिखें, सीधे अपनी रचना पोस्ट करें, अंत में अपना नाम, पता, फोन नंबर, दिनांक अथवा किसी भी प्रकार के सिम्बल आदि भी न लगाएं.
प्रविष्टि के अंत में मंच के नियमानुसार केवल "मौलिक व अप्रकाशित" लिखें.
नियमों के विरुद्ध, विषय से भटकी हुई तथा अस्तरीय प्रस्तुति को बिना कोई कारण बताये तथा बिना कोई पूर्व सूचना दिए हटाया जा सकता है. यह अधिकार प्रबंधन-समिति के सदस्यों के पास सुरक्षित रहेगा, जिस पर कोई बहस नहीं की जाएगी.
सदस्यगण बार-बार संशोधन हेतु अनुरोध न करें, बल्कि उनकी रचनाओं पर प्राप्त सुझावों को भली-भाँति अध्ययन कर संकलन आने के बाद संशोधन हेतु अनुरोध करें. सदस्यगण ध्यान रखें कि रचनाओं में किन्हीं दोषों या गलतियों पर सुझावों के अनुसार संशोधन कराने को किसी सुविधा की तरह लें, न कि किसी अधिकार की तरह.

आयोजनों के वातावरण को टिप्पणियों के माध्यम से समरस बनाये रखना उचित है. लेकिन बातचीत में असंयमित तथ्य न आ पायें इसके प्रति टिप्पणीकारों से सकारात्मकता तथा संवेदनशीलता अपेक्षित है.

इस तथ्य पर ध्यान रहे कि स्माइली आदि का असंयमित अथवा अव्यावहारिक प्रयोग तथा बिना अर्थ के पोस्ट आयोजन के स्तर को हल्का करते हैं.

रचनाओं पर टिप्पणियाँ यथासंभव देवनागरी फाण्ट में ही करें. अनावश्यक रूप से स्माइली अथवा रोमन फाण्ट का उपयोग न करें. रोमन फाण्ट में टिप्पणियाँ करना, एक ऐसा रास्ता है जो अन्य कोई उपाय न रहने पर ही अपनाया जाय.

(फिलहाल Reply Box बंद रहेगा जो - 13 सितम्बर 2019, दिन शुक्रवार लगते ही खोल दिया जायेगा)

यदि आप किसी कारणवश अभी तक ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से नहीं जुड़ सके है तो www.openbooksonline.com पर जाकर प्रथम बार sign up कर लें.

महा-उत्सव के सम्बन्ध मे किसी तरह की जानकारी हेतु नीचे दिये लिंक पर पूछताछ की जा सकती है ...
"OBO लाइव महा उत्सव" के सम्बन्ध मे पूछताछ

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" के पिछ्ले अंकों को पढ़ने हेतु यहाँ क्लिक करें

मंच संचालक
मिथिलेश वामनकर
(सदस्य कार्यकारिणी टीम)
ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम.

Views: 1131

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107 में आप सभी का हार्दिक स्वागत है.

धरती चंदा ज्ञान विज्ञान और मान्यता

[ कुकुभ छंद ]
..............................

गोल कभी अद्धा पौना है, हरदिन घटता बढ़ता है।
किन्तु किसी बच्चे से पूछो, चंदा मामा कहता है॥
धरती को हम मैया कहते, और गाय भी माता है।
हमें पालती है माँ जैसी, जनम जनम का नाता है॥

साहस बुद्धि और चतुराई, खोज मनुज की जारी है।
धरती को हम जान गये अब, आसमान की बारी है॥
सत्य ज्ञान विज्ञान अधूरा, पर प्रयास भी करना है।
धरा प्रदूषण मुक्त रहे यह, बात ध्यान में रखना है॥

ऊबड़ खाबड़ दागी है पर, कितना प्यारा लगता है।
स्त्री के सौन्दर्य की तुलना, कवि चंदा से करता है॥
खोज करे विज्ञान निरंतर, सत्य चाँद का रखने दो।
पर कोई मासूम कहे तो, चंदा मामा कहने दो॥

.................................
(मौलिक एवं अप्रकाशित)

आदरणीय मंच संचालक - योगराज भाईजी हर चार पँक्तियों के बाद गैप दे दीजिए। एडिट में जाने पर भी नहीं हो पाया !!!

खोज करे विज्ञान निरंतर, सत्य चाँद का रखने दो। 
पर कोई मासूम कहे तो, चंदा मामा कहने दो॥//  वाह  बहुत सुन्दर और प्यारे भाव। इस भावमय प्रस्तुति से आयोजन का शुभारंभ करने के लिये हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय अखिलेश जी

हृदय से धन्यवाद आभार आपका आदरणीया प्रतिभाजी

आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी विषयानुकूल बहुत ही सुंदर छंद लिखा इसके लिए बहुत बहुत बधाई

आदरणीय  छोटेलालजी

हृदय से धन्यवाद आभार आपका

आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, छंद का मुझे अधिक ज्ञान नहीं किन्तु आपने अंग्रेज़ी साहित्य के महान निबंधकार फ्रांसिस बेकन की भांति बड़ी सारी बातों को अत्यंत कुशलता से चंद पंक्तियों में व्यक्त कर ख़ूबसूरत रचना की है। बधाई स्वीकार करें सर।

हृदय से धन्यवाद आभार आपका आदरणीया उषाजी

आदरणीय अखिलेश जी सादर नमन, हार्दिक बधाई इस प्रस्तुति के लिए। जय जय

आदरणीय  सतविंद्र भाई

हृदय से धन्यवाद आभार आपका

आ. भाई अखिलेश जी, सादर अभिवादन। इस मनभावन रचना से शुभारम्भ के लिए ढेरों हार्दिक बधाई ।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post पीपल वाला गाँव नहीं है-ग़ज़ल
"आ. भाई बसंत जी, सादर अभिवादन । उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
56 minutes ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

पीपल वाला गाँव नहीं है-ग़ज़ल

मापनी 22 22 22 22पंछी को अब ठाँव नहीं है,पीपल वाला गाँव नहीं है.   दिखते हैं कुछ पेड़ मगर,उनके नीचे…See More
3 hours ago
Dr. Vijai Shanker posted a blog post

हिसाब-किताब— डॉO विजय शंकर।

उम्र साठ-सत्तर तक की , आदमी पांच पीढ़ियों से रूबरू हो लेता है। देखता है , समझ लेता है कि कौन कहाँ…See More
3 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (क्या नसीब है)

2212 /1212 /2212 /12क्या आरज़ू थी दिल तेरी और क्या नसीब हैचाहा था  टूट कर  जिसे वो अब  रक़ीब …See More
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

550 वीं रचना मंच को सादर समर्पित : सावनी दोहे :

550 वीं रचना मंच को सादर समर्पित :सावनी दोहे :गौर वर्ण पर नाचती, सावन की बौछार।श्वेत वसन से झाँकता,…See More
3 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post लोटा है साँप फिर से जो उसके कलेजे पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आदरणीय सादर नमस्कार, बहुत खूब ग़ज़ल कही आपने बधाई स्वीकारें "
4 hours ago
Profile Iconदीपक झा रुद्रा and Purushottam Dass joined Open Books Online
6 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post तुरंत ' के चन्द विरही दोहे(११४ )
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी ,  इस उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिये दिल…"
7 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post खो बैठे जब होश
"आ. हार्दिक धन्यवाद आपको"
12 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय डॉ अंजु लता सिंह जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर…"
12 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha Awasthi's blog post खो बैठे जब होश
"“ कलियुग इसको ही कहें ” समयानुकूल प्रस्तुति , आदरणीय सुश्री उषा अवस्थी जी , बधाई , सादर।"
12 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for Dr. Anju Lata Singh
"आदरणीय डॉ अंजु लता सिंह जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम असीमित शुभ कामनायें। ईश्वर…"
12 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service