For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

OBO लाइव महा इवेंट/महा उत्सव (188)

Discussions Replies Latest Activity

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 108 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

0 on Sunday

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 108 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

75 Nov 10
Reply by Ashok Kumar Raktale

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 107 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

49 Oct 13
Reply by sunanda jha

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 106 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

107 Sep 14
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 105 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

45 Aug 10
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 103 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

86 Jun 15
Reply by Dayaram Methani

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 102 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

135 May 11
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, सादर अभिवादन । पिछले 101 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आ…

Started by Admin

130 Apr 13
Reply by Samar kabeer

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-101

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,सादर अभिवादन ।पिछले 100 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आज़मा…

Started by Admin

241 Mar 9
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,सादर अभिवादन ।              पिछले 99 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़…

Started by Admin

1202 Feb 12
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विमल शर्मा 'विमल' posted blog posts
18 minutes ago
vijay nikore posted a blog post

तुम न आना ...

ज़िन्दगी सपेरे की रहस्यमयी पिटारी हो मानोनागिन-सी सोच की भटकती हुई गलियों मेंहर रिश्ते की कमल-पंखुरी…See More
18 minutes ago
vijay nikore commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपने हर ग़म को वो अश्कों में पिरो लेती है - सलीम 'रज़ा'
"बहुत ही सुन्दर रचना पेश की है, मित्र सलीम जी।हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
SALIM RAZA REWA posted blog posts
23 hours ago
Manan Kumar singh posted a blog post

नागरिक(लघुकथा)

' नागरिक...जी हां नागरिक ही कहा मैंने ', जर्जर भिखारी ने कहा।' तो यहां क्या कर रहे हो?' सूट बूट…See More
23 hours ago
Mahendra Kumar posted a blog post

ग़ज़ल : इक दिन मैं अपने आप से इतना ख़फ़ा रहा

अरकान : 221 2121 1221 212इक दिन मैं अपने आप से इतना ख़फ़ा रहाख़ुद को लगा के आग धुआँ देखता रहादुनिया…See More
23 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

विशाल सागर ......

विशाल सागर ......सागरतेरी वीचियों पर मैंअपनी यादों को छोड़ आया हूँतेरे रेतीले किनारों परअपनी मोहब्बत…See More
23 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post रंग हम ऐसा लगाने आ गये - विमल शर्मा 'विमल'
"आदरणी अग्रज लक्ष्मण धामी जी कोटिशः आभार एवं धन्यवाद"
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"नज़रे इनायत के लिए बहुत शुक्रिया नीलेश भाई , आप सही कह रहें हैं कुछ मशवरा अत फरमाएं।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कठिन बस वासना से पार पाना है-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल के अनुमोदन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Tuesday
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : इक दिन मैं अपने आप से इतना ख़फ़ा रहा
"आपकी पारखी नज़र को सलाम आदरणीय निलेश सर। इस मिसरे को ले कर मैं दुविधा में था। पहले 'दी' के…"
Tuesday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएँ : ....
""आदरणीय   Samar kabeer' जी सृजन पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया का दिल से…"
Tuesday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service