For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

2122 1212 22
दरमियाँ    हुस्न    पर्दा    दारी   है ।
कैसे    कह   दूँ  के   बेक़रारी   है ।।

ऐ  कबूतर  जरा  सँभल   के  उड़ ।
देखता  अब   तुझे    शिकारी   है ।।

कौन  कहता  बहुत  ख़फ़ा  हैं  वो ।
आना  जाना  तो  उनका   जारी है ।।

सब   बताता   है   नूर   चेहरे   का ।
रात    उसने   कहाँ    गुजारी    है ।।

कैसे  कर  लूं  यकीन  मैं  तुम  पर ।
साफ   नीयत   कहाँ   तुम्हारी  है ।।

अब  तलक  होश  में  नहीं  हो तुम ।
आंख  में   इश्क़   की  खुमारी   है ।।

उसकी  किस्मत  को   दाद  देता  हूँ ।
जुल्फ   जिसने   तेरी   सँवारी   है ।।

आप   ऐसे   क्यूँ   बात   करते   हैं ।
जैसे  मुझ   पर    कोई   उधारी   है ।।

अब  खजाना  वहाँ  से  निकलेगा ।
रोज   मिलता  जहाँ  भिखारी   है ।।

शर्त   वह  फिर   लगा  के   हारेगा ।
फ़ितरते   इश्क़   तो   जुआरी   है ।।

वोट   की   ख़्वाहिशें   जरा  देखो ।
कोई    नेता   बना    मदारी     है ।।

हिज्र   में  अश्क़  बह  गए   इतने ।
अब  तलक वो  नदी तो  खारी  है ।।

मौत   से   कौन   बच  सका  यारो ।
आज  हम  कल  तुम्हारी  बारी  है ।।

       डॉ नवीन मणि त्रिपाठी
        मौलिक अप्रकाशित










Views: 450

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on March 19, 2019 at 4:47pm

हिज्र में अश्क़ बह गए इतने ।
अब तलक वो नदी तो खारी है ।।

वाह बहुत सुंदर भावों की ग़ज़ल पेश की है सर आपने। दिल से बधाई स्वीकार करें।

Comment by Naveen Mani Tripathi on March 19, 2019 at 2:26pm

आ0 लक्ष्मण धामी साहब हार्दिक आभाव

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 15, 2019 at 6:59pm

आ. भाई नवीन जी, सादर हार्दिक बधाई ।

Comment by Naveen Mani Tripathi on March 12, 2019 at 1:26pm

आ0 कबीर सर सादर नमन और आभार।

Comment by Samar kabeer on March 12, 2019 at 12:10pm

जनाब डॉ. नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'सब   बताता   है   नूर   चेहरे   का'

इस मिसरे में तनाफ़ुर है,'सब' की जगह "ये" कर लें ।

'उसकी  किस्मत  को   दाद  देता  हूँ '

इस मिसरे में तनाफ़ुर देखें,मिसरा यूँ कर सकते हैं:-

'दाद क़िस्मत को उसकी देता हूँ'

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
59 minutes ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
1 hour ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
1 hour ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
2 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
6 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
7 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
8 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक जी सादर अभिवादन  बहुत बहुत धन्यवाद आपका  बहुत अच्छे सुझाव हैं ग़ज़लमें निखार…"
8 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service