For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

All Blog Posts (19,160)

हमारा देश

स्वर्ग सम है, भू ज़हाँ की, वो हमारा देश है |
इक तिरंगा ही सभी का, मन-पसंद परिवेश है ||
भिन्न-भिन्न हैं प्रांत इसमें, भिन्न-भिन्न इसमें धर्म |
अनेकता मैं एकता का, जग को ये सन्देश है || स्वर्ग सम है, भू ज़हाँ की, वो हमारा देश है |
शान्ति का दूत जग मैं, पंचशील इसका नियम…
Continue

Added by Shashi Mehra on August 17, 2011 at 6:29pm — No Comments

अन्ना हजारे

अन्ना हजारे आज जिस लोकपाल बिल हेतु संघर्ष कर रहे हैं, यह भविष्य में कितना सार्थक होगा यह कहना भविष्य की बात है. परन्तु उनका संघर्ष इस बात को पूरजोर तरीके से एकबार फिर साबित कर दिया है कि इस देश में अपने अधिकार और अपनी बातों को रखने की कहीं से भी आजादी नहीं है. यहाँ अभिव्यक्ति की कोई भी स्वतंत्रता नहीं है. उनको तो बिल्कुल ही नहीं जो देश के शासक वर्ग के खिलाफ आवाज उठाते हैं. भ्रष्टाचार जैसे सर्वव्यापी घृणित रोग के खिलाफ लड़ने वाले जब इस ‘‘आजाद’’ देश में अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं और उन्हें…

Continue

Added by Rohit Sharma on August 17, 2011 at 3:49pm — No Comments

सरकार

शर्मशार किये गाँधी को, नहीं माफ़ करेंगे
लायेंगे वक़्त को , तेरा भी इन्साफ़ करेंगे
माँग रहे बस रास्ता,  दे दो ऎ जंगल मुझे
मज़बूर किये तो तुझे, जड़ से साफ़ करेंगे

Added by VIBHUTI KUMAR on August 17, 2011 at 12:58pm — No Comments

अब नही जागे तो कब......?

भ्रष्टाचार मुक्त देश बनाने के लिए अन्ना हज़ारे आगे आए सरकार का रुख़ हम सबने देखा. अब वो समय आ गया हे की देश मे क्रांति हो और देश नया रूप नया रंग ले एक नई सुबह हो.…

Continue

Added by monika on August 17, 2011 at 1:37am — 1 Comment

भारत माँ को नमन

भारत माँ को नमन अपनी जमीन सबसे प्यारी है ; अपना गगन सबसे प्यारा है ;

बहती सुगन्धित मोहक पवन ;

इसके नज़ारे चुराते हैं मन ;

सबसे है प्यारा अपना वतन ;

करते हैं भारत माँ को नमन

वन्देमातरम !वन्देमातरम !

करते हैं भारत माँ ! को नमन .

उत्तर में इसके हिमालय खड़ा ;

दक्षिण में सागर सा पहरी अड़ा ;

पूरब में इसके खाड़ी बड़ी ;

पश्चिम का अर्णव करे चौकसी ;

कैसे सफल हो कोई दुश्मन !

करते हैं भारत माँ को नमन !

वन्देमातरम !वन्देमातरम !

करते…

Continue

Added by shikha kaushik on August 16, 2011 at 7:52pm — No Comments

शौक (झलकी) भाग-3 एवं अंतिम

शौक (झलकी) भाग-3 एवं अंतिम
.
रंजना-     हाँ , पता नहीं कक्षा ८ से ही क्या हो गया इसे. ये बस कहता है कि हम गायक बनेंगे.
               गाँव में एक श्यामू जी का बेटा है ,वो कितना अच्छा है पढने में और एस साल उसका एडमिशन आई.आई. टी में हुआ है.           मैं भी चाहती हूँ कि...
विनोद जी-   समझ गया. आओ…
Continue

Added by Atendra Kumar Singh "Ravi" on August 16, 2011 at 11:00am — 3 Comments

मानसरोवर - 6

 

राष्ट्र के कर्णधार उठो , मानवता के पहरेदार उठो .

तुमको वतन पुकार रहा , तेरे पौरुष को ललकार रहा.

भारत माँ का उद्धार करो.

भ्रष्टाचार - संहार करो .

नृप ! बैठ तख़्त क्या सोच रहा ? अवमूल्यन में क्या खोज रहा ?

सत्ता की कुछ मर्यादा है , जनतंत्र से कुछ तेरा वादा है.

दृग मूंद लिए सब सपना है.

आँखे खोलो सब अपना है.

यह जग माया का है बाज़ार , जहाँ रिश्तों के कितने प्रकार .

कोई मातु - पिता कोई भाई है , कोई बेटी और जमाई है.

कोई…

Continue

Added by satish mapatpuri on August 16, 2011 at 12:18am — 2 Comments

पन्द्रह अगस्त

माना त्यौहार भारत के, सब मस्त हैं |

सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||

इस पर्व की, अनोखी ही पहचान है |

हर तरफ गूँजता, राष्ट्रीय गान है |

भारतीय करते अपने पे, अभिमान हैं ||

इसकी शोभा बढायें, जो सिद्धहस्त हैं || सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||

इक ख़ुशी की लहर,बन के आता है यह |

सबके मस्तिष्क पर, छा ही जाता है यह ||

हमको पाके सजग, मुस्कुराता है यह |

इसकी रक्षा को तत्पर, सब सशक्त हैं || सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||

इसकी खातिर हुए,… Continue

Added by Shashi Mehra on August 15, 2011 at 12:10pm — 4 Comments

कविता : अबकी बार आजादी कुछ इसतरह मनाये हम.

अबकी बार आजादी कुछ इसतरह मनाये हम.

रोते-बिलखते लोगों को फिर एक बार हंसाये हम.

जो अब तक सही आजादी  पाने  से महरूम है.

जो अपने घर में आज भी बेबस लाचार मजलूम है.

स्वतंत्र देश में जकड़े है जो गुलामी की जंजीरों से.

खेलते है देश के नेता जिनके मासूम तकदीरों से.

जो तन्हा भूखे-नंगे सोते है आसमान के नीचे.

उनके बंजर चेहरों को आओ मिलकर सींचे.

उनके रहने खातिर एक आशिया बनाये हम. 

अबकी बार आजादी कुछ इसतरह मनाये हम.

उखाड़ फेके…

Continue

Added by Noorain Ansari on August 15, 2011 at 9:30am — 5 Comments

आज हिमालय ने हमको ललकारा है

प्यार-एकता की खुश्बू से महके चमन हमारा I



सारी दुनिया में सबसे आगे हो वतन हमारा I

कुर्बानी देकर पायी है आजादी की दौलत I

जाति-धर्म के झगड़े छोड़ो-छोड़ो बैर और नफ़रत I

 

देश के टुकड़े करने को, दुश्मन ने जाल पसारा है I

नींद से जागो, आज हिमालय ने हमको ललकारा है…

Continue

Added by satish mapatpuri on August 15, 2011 at 2:00am — 6 Comments

गर मसले भी जायें खुशबू बन जाते हैं

हम गुल गुलज़ारों के,
यूँ प्यार जताते हैं,
गर मसले भी जायें,
ख़ुशबू बन जाते हैं।

सूरज की वो गरमी,
बारिश की वो झिड़की,
ये ज़ालिम सर्द हवा,
क़ातिल बनकर चलती,
मौसम के तीरों को,
सीने पर खाते हैं।
गर मसले भी जायें,
ख़ुशबू बन जाते हैं।

शाख़ों से छूट गये,
अरमाँ भी टूट गये,
अब खाली आँखों से,
सपने भी रूठ गये,
हम जान गवाँकर भी,
सहरा बन जाते हैं।

गर मसले भी जायें,
ख़ुशबू बन जाते हैं।

Added by इमरान खान on August 14, 2011 at 10:14pm — 1 Comment

ग़ज़ल :- बाढ़ का हद से गुजरना अच्छा

 ग़ज़ल :- बाढ़ का हद से गुजरना अच्छा
 
बाढ़ का हद से गुजरना अच्छा ,
गाँव का फिर से संवरना अच्छा |
 
इस जगह माँ की याद आती है ,
इस जगह थोडा ठहरना अच्छा…
Continue

Added by Abhinav Arun on August 14, 2011 at 3:33pm — 11 Comments

ग़ज़ल :- ये खबर इस शहर पे तारी हुई

 ग़ज़ल :- ये  खबर इस शहर पे तारी हुई 
 
यह खबर इस शहर पे तारी हुई ,
मछलियों  की जाल से यारी हुई |
 
फूल था मधुरस लुटा हल्का हुआ ,…
Continue

Added by Abhinav Arun on August 14, 2011 at 3:30pm — 14 Comments

कविता = कहाँ आज़ाद हैं हम

कविता = कहाँ आज़ाद हैं हम

कहाँ आज़ाद हैं हम

हजारों हर तरफ ग़म

भ्रष्टाचार के टीले - पहाड़

और जनता की नित हार

अवनति…

Continue

Added by Abhinav Arun on August 14, 2011 at 1:39pm — 16 Comments

स्वतंत्रता दिवस पर विशेष गीत: सारा का सारा हिंदी है -----संजीव 'सलिल'

 

स्वतंत्रता दिवस पर विशेष गीत:



सारा का सारा हिंदी है…

Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on August 13, 2011 at 8:30am — 3 Comments

कविता- अनुभूत पपड़ियों का महाकाव्य !

कविता-  अनुभूत पपड़ियों का महाकाव्य !…

Continue

Added by Abhinav Arun on August 12, 2011 at 7:37pm — 8 Comments

शौक (झलकी) भाग-२

गतांक से आगे ...
शौक (झलकी) भाग-२
.
सोनू प्रवेश कर विनोदजी को नमस्ते कर अपने कमरे में प्रवेश कर जाता है.
रंजना-          आप तो इंजिनियर बन गए हैं, वो भी एक बड़ी कम्पनी में.
विनोदजी-     यह सब आप सभी के आशीर्वाद का फल है भाभी जी. वही तो अभी बात हो रही थी कि रामदीन भी तो…
Continue

Added by Atendra Kumar Singh "Ravi" on August 12, 2011 at 9:00am — 1 Comment

१५ अगस्त

फिर आ रहा है १५ अगस्त. फिर से उस दिन सुबह उठते ही हम देश प्रेम के गीत को सुनेगे | सारे समाचार,टीवी चैनल सब जगह देश प्रेम की बाते की जायेगी, स्कुलो में भी गली के सबसे भ्रष्ठ नेता जी को देश प्रेम का भाषण देने के लिए बुलाया जाएगा | टीवी चैनल्स पर देश प्रेम की फ़िल्म लगाई जायेगी,दया करुणा प्रेम भाईचारे के साथ रहने की कसम खाई जायेगी. पूरा देश,देशभक्ति के रंग में डूब जाएगा..और…

Continue

Added by Tapan Dubey on August 12, 2011 at 2:00am — 3 Comments

Monthly Archives

2026

2025

2024

2023

2022

2021

2020

2019

2018

2017

2016

2015

2014

2013

2012

2011

2010

1999

1970

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
13 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
20 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
yesterday
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Mar 5
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service