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Noorain Ansari
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Male
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New Delhi
Native Place
Gopalganj, Bihar
Profession
Software Developer and Lyricst
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Noorain Ansari's Blog

गज़ल: पूछने पे अगर आये तो सवाल बहूत है.

पूछने पे अगर आये तो सवाल बहूत है.

तेरे काले करतूतों की मिशाल बहूत है.


सियासत तूने जबसे गोद ली बेईमानों कों,

तब से मेरी भारत माँ, बदहाल बहूत हैं.

 

हमारी वोट से तुम नोट का बिस्तर सजाते हो,
हमारी सब्र और तुम्हारे ऐश के 5 साल बहूत है


बेबस,मजलूमों के आहों का सौदा करनेवालों,

मजबूर खामोशियों के तह में भूचाल बहूत…

Continue

Posted on May 3, 2013 at 4:00pm — 14 Comments

ग़ज़ल :दो कदम ही सही साथ,चलकर के देखों.

दो कदम ही सही साथ,चलकर के देखों.

हम गरीबों की हालात, चलकर के देखों.



ऊँचे महलों से बारिस का मज़ा लेनेवालों,

तंग गलियों की बरसात,चलकर के देखों.



संसद के सोफे क्या समझेगे गावों का मर्म,

बेबस जनता की मुश्किलात,चलकर के देखों.



सुहागन से सदा बेवा का दर्द जाननेवालों,

कभी बिरह में एक रात, जलकर के देखों.



झूठे कसमों से इन्तखाब जीत जानेवालों,

छली जनता का जज्बात,चलकर के देखों.



ऐशों-आराम तय करते है मुकद्दर किल्लतों का,

सता से बाहर अपनी…

Continue

Posted on November 22, 2012 at 3:13pm — 4 Comments

कविता : हालत हो गयी है अपनी भूटान की तरह.

आमदनी घट रही है,होंठों से मुस्कान की तरह.

और खर्चे बढ़ रहे है, चौराहे पे दूकान की तरह.

भले ही रहते है यारों हम आलीशान की तरह.

पर हालत हो गयी है अपनी भूटान की तरह.



अरे किस से सुनाये दर्द,जब सबका यही हाल है.

ये बेबस जिंदगी उधार की,बस जी का जंजाल है.

बड़ी मुश्किल से लोग,हंसने का रस्म निभाते है.

वरना चुटकुले भी आँखों में आंसू भर के जाते है.

खुशिया लगती है सुनी,मातम के सामान की तरह.

और हालत हो गयी है अपनी, भूटान की तरह.



महंगाई के…

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Posted on September 27, 2012 at 9:30am — 6 Comments

कविता: कहा आ गया है, हे भगवन मेरा भारत देश महान.

आज लड़ रहे है भाई-भाई,बन के हिन्दू मुसलमान.

कहा आ गया है, हे भगवन मेरा भारत देश महान.



काबा और कैलाश के रोज मुद्दे उछल रहे है.

इनके आंच पे गावं-नगर-कसबे जल रहे है.

सिसक रही है इंसानियत,खोकर अपना आत्मसम्मान.

कहा आ गया है, हे भगवन मेरा भारत देश महान.



इस्मत लूटी जा रही है,सरेआम आज नारी की.

बढ़ रही है रोज आबादी, गुंडे बलात्कारी की.

बेबस लाचार जनता की,बड़ी मुश्किल में है प्राण.

कहा आ गया है, हे भगवन मेरा भारत देश महान.…



Continue

Posted on August 22, 2012 at 8:00am — 1 Comment

Comment Wall (5 comments)

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At 3:25pm on January 2, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 7:26pm on October 17, 2010, SYED BASEERUL HASAN WAFA NAQVI said…
salam bhai ap ki shairi qabile tareef hai mubarak ho.
At 3:35pm on September 30, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 3:22pm on September 30, 2010, Admin said…

At 3:06pm on September 30, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

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