For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Usha Awasthi
  • Female
  • UP
  • India
Share

Usha Awasthi's Groups

 

Usha Awasthi's Page

Latest Activity

Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"आभार रक्षिता जी।"
Jun 15
Rakshita Singh commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"आदरणीया ऊषा जी, नमस्कार बहुत सुन्दर पंक्तियाँ ....हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 15
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"आभार महेन्द्र जी।"
Jun 13
Mahendra Kumar commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"//तेज इस रफ्तार से घात से प्रतिघात से वक्त रहते , सम्भल जाओजरा धीरे चलो// इस बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आदरणीया उषा अवस्थी जी. सादर. "
Jun 13
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"धन्यवाद नीलम जी।"
Jun 13
Neelam Upadhyaya commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"आदरणीया उषा अवस्थी जी, नमस्कार । सुंदर भावपूर्ण रचना के लिए हार्दिक बधाई ।"
Jun 13
बसंत कुमार शर्मा commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"सुंदर भाव पूर्ण सृजन "
Jun 13
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"धन्यवाद आपका बसंत कुमार जी।"
Jun 13
बसंत कुमार शर्मा commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"सुंदर भाव पूर्ण सृजन "
Jun 13
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
" आभार आपका श्याम नारायण जी।"
Jun 13
Shyam Narain Verma commented on Usha Awasthi's blog post जरा धीरे चलो
"सुन्दर भाव पूर्ण रचना के लिये आपको बधाइयाँ । सादर "
Jun 13
Usha Awasthi posted a blog post

जरा धीरे चलो

जिन्दगी थोड़ा ठहर जाओ जरा धीरे चलो तेज इस रफ्तार से  घात से प्रतिघात से  वक्त रहते , सम्भल जाओ जरा धीरे चलो जिन्दगी - - - - कामना के ज्वार में मान के अधिभार में डूबने से बच , उबर जाओ जरा धीरे चलो जिन्दगी - - - - शब्दाडम्बरों के उत्तरों प्रत्युत्तरों के जाल से बच कर , निकल जाओ  जरा धीरे चलो जिन्दगी - - - -(मौलिक एवम अप्रकाशित)See More
Jun 13
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post कितने रोगों से बच जाते
"शुक्रिया मोहम्मद आरिफ़ जी"
May 24
Mohammed Arif commented on Usha Awasthi's blog post कितने रोगों से बच जाते
"आलरणीया ऊषा अवस्थी जी आदाब, बहुत ही साधारण अंदाज़ की कविता । नोटों के बदले सिक्कों की महिमा का बखान करती कविता । काश ! बिम्बों-प्रतीकों का भी प्रयोग देखने को मिलता । बधाई स्वीकार करें ।"
May 22
Usha Awasthi posted a blog post

कितने रोगों से बच जाते

जब कागज के ये रुपये सुन्दर सिक्कों में ढल जाते तब सचमुच अच्छा होता कितने रोगों से बच जाते कम से कम गंदे नोटों को हमें नहीं छूना पड़ता जिनमें गुटखा पीक लगा हो और हिसाब लिखा चुभता तभी पुराने महाराजे सुन्दर सिक्के गढ़वाते थे जो भी हो , गंदे सिक्केपानी  से तो धुल जाते थेसिक्कों की प्राचीन प्रथा सचमुच में कितनी अच्छी थी स्वस्थ रहे जनता अपनी यह सुभग भावना सच्ची थीनोट छापना बहुत जरूरी उनको ऐसे छपवाएँ साफ रह सकें , लगें सुहाने और हमारे मन भाएँस्वच्छ रहे भारत अपना यह सुघट कल्पना अच्छी है उज्ज्वल…See More
May 22
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला
"नीलेश शिवगांवकर जी, हर्ष महाजन जी, बृजेश कुमार 'ब्रज' जी, समर कबीर जी, मोहम्मद आरिफ़ जी, बबिता गुप्ता जी एवं लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी, आप सभी का हार्दिक आभार ।"
May 6

Profile Information

Gender
Female
City State
Lucknow
Native Place
Uttar Pradesh
Profession
Author

Usha Awasthi's Blog

जरा धीरे चलो

जिन्दगी थोड़ा ठहर जाओ
जरा धीरे चलो
तेज इस रफ्तार से 
घात से प्रतिघात से 
वक्त रहते , सम्भल जाओ
जरा धीरे चलो
जिन्दगी - - - -
कामना के ज्वार में
मान के अधिभार में
डूबने से बच , उबर जाओ
जरा धीरे चलो
जिन्दगी - - - -
शब्दाडम्बरों के
उत्तरों प्रत्युत्तरों के
जाल से बच कर , निकल जाओ 
जरा धीरे चलो
जिन्दगी - - - -

(मौलिक एवम अप्रकाशित)

Posted on June 12, 2018 at 10:27pm — 11 Comments

कितने रोगों से बच जाते

जब कागज के ये रुपये

सुन्दर सिक्कों में ढल जाते

तब सचमुच अच्छा होता

कितने रोगों से बच जाते



कम से कम गंदे नोटों को

हमें नहीं छूना पड़ता

जिनमें गुटखा पीक लगा हो

और हिसाब लिखा चुभता



तभी पुराने महाराजे

सुन्दर सिक्के गढ़वाते थे

जो भी हो , गंदे सिक्के

पानी  से तो धुल जाते थे

सिक्कों की प्राचीन प्रथा

सचमुच में कितनी अच्छी थी

स्वस्थ रहे जनता अपनी

यह सुभग भावना सच्ची…

Continue

Posted on May 21, 2018 at 7:30pm — 2 Comments

रोगी मन का शब्दों से उपचार नहीं होने वाला

चाहे जितने लेख लिखें हम

और लिखें कितनी कविता

नहीं समझ आती कामी को

अब कोई भी मर्यादा



रोगी मन का शब्दों से

उपचार नहीं होने वाला

सद्गुण , संस्कार के बिन

उद्धार नहीं…

Continue

Posted on April 28, 2018 at 7:30pm — 9 Comments

समता दीपक जलना होगा

राजनीति करते वोटों की

कुत्सित चाल चला करते

अपना स्वार्थ सिद्ध करने को

आपस में झगड़ा करते

भीड़ जुटाकर आग उगलते

वाक्-वाण वे चलवाते

धर्म जाति का जहर घोल

भड़काकर नफरत फैलाते

कर दें विफल योजना इनकी

जो जन धन लूटा करते

इन्हें नहीं है प्यार राष्ट्र से

यह अपना ही घर भरते

जाने कितने शकुनि यहाँ पर

अनगिन चालें चलवाते

लड़वाते जन को आपस में

खुद बेदाग निकल जाते

इनके…

Continue

Posted on February 22, 2018 at 6:40pm — 4 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:01pm on September 9, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है.

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे.

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सव, छंदोत्सव, तरही मुशायरा व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohammed Arif commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकू
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी आदाब,                  …"
1 hour ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आदाब,                  …"
1 hour ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश जी आदाब,                      …"
1 hour ago
Afroz 'sahr' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"बहुत खू़ब जनाब क्या कहने वाह,,,,"
2 hours ago
Arpana Sharma posted a blog post

"धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल

मैं तृषित धरा , आकुल ह्रदया, रचती हूँ ये पाती, मेरे बदरा, तुम खोए कहाँ, मुझसे रूठे क्यों, हे जल…See More
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"सुधीजनो ! सत्य तो यह है कि मैं कल मिली नीरज जी के गोलोकवासी होने की सूचना के कारण इस बार छंदोत्सव…"
5 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 श्याम नारायण वर्मा साहब तहे दिल से शुक्रिया"
5 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ नीलम उपाध्याय जी"
5 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ शेख सहजाद उस्मानी साहब"
5 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post हिचक--लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ तस्दीक़ अहमद खान साहब"
5 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक बधाई चित्र के अनुरूप इस सुंदर सार्थक प्रस्तुति के लिए। प्यारे मुखड़े पर…"
6 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"मुह तरमा प्रतिभा साहिबा, प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुकुभ छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
6 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service