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आज मौसम बड़ा आशिकाना रहा

212 212 212 212

मुद्दतों बाद फिर मुस्कुराना रहा ।

आज मौसम बड़ा आशिकाना रहा ।।

आप आये यहां ये थी किस्मत मेरी ।

इक मुलाकत से दिन सुहाना रहा ।।

मुफ़लिसी में सभी छोड़ कर चल दिये ।

इस तरह से मेरा दोस्ताना रहा ।।

वो मुकर ही गए आज पहचान से ।

जिनके घर तक मेरा आना जाना रहा ।।

आपकी इक अदा कर गई है असर ।

आपका तो गज़ब का निशाना रहा ।।

जाम उसने कहा हुस्न को देखकर ।

इश्क़ में तजरिबा कुछ सयाना रहा ।।

कह दिया है खुदा उसने महबूब को ।

उसका अंदाज तो सूफियाना रहा ।।

क्या करेंगे मेरा हाल अब पूछकर ।

कोई रिश्ता कहाँ अब पुराना रहा ।।

अजनबी बनके गुजरें हैं वो आज फिर ।

याद उनको कहाँ वो ज़माना रहा ।।

मान लूँ कैसे उनको खबर ही नहीं ।

बेसबब क्या नजर का झुकाना रहा ।।

दौलते हुस्न सब को मयस्सर कहाँ ।

आपके पास ही यह खज़ाना रहा ।।

तोड़ कर दिल मेरा वो चले जा रहे ।

कल तलक जिनका दिल में ठिकाना रहा ।।

--नवीन मणि त्रिपाठी

मौलिक अप्रकाशित

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Comment by somesh kumar on February 8, 2018 at 10:24am

बहुत खूब 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 7, 2018 at 6:32pm

अच्छी ग़ज़ल कही आदरणीय त्रिपाठी जी..सादर

Comment by Naveen Mani Tripathi on February 6, 2018 at 3:10pm

आ0 कबीर सर नमन । चेक करता हूँ सर।

Comment by Naveen Mani Tripathi on February 6, 2018 at 3:09pm

आ0 लक्ष्मण धामी साहब आभार 

Comment by Naveen Mani Tripathi on February 6, 2018 at 3:08pm

आ0 रक्षिता सिंह जी आभार ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 6, 2018 at 1:02pm

हार्दिक बधाई

Comment by Samar kabeer on February 4, 2018 at 9:37pm

जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन कई अशआर में रदीफ़ से इंसाफ़ नहीं हो सका, इसे जांचने का बहतर तरीक़ा ये है कि अपनी कही हुई पंक्ति को गद्ध में पढ़के देख लें ।

Comment by रक्षिता सिंह on February 4, 2018 at 2:53pm

आदरणीय नवीन जी, बहुत ही  खूबसूरत गज़ल ।

दिलीमुबारकबाद कुबूल करें।

Comment by Naveen Mani Tripathi on February 4, 2018 at 11:02am

बहुत बहुत शुक्रिया मु0 आरिफ़ साहब ।

Comment by Mohammed Arif on February 4, 2018 at 10:37am

आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,

                                  बढ़िया अश'आरों से सुसज्जित ग़ज़ल । बेहतरीन शे'र । हर शे'र कुछ कहता है । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।

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