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ओबीओ की सातवीं सालगिरह का तोहफ़ा

फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन
(एक शैर में तक़ाबुल-ए-रदीफ़ नज़र अंदाज़ कर दें)


जो कहूँ जो लिखूँ ओबीओ के लिये
यूँ समर्पित रहूँ ओबीओ के लिये

माँगता हूँ यही आजकल मैं दुआ
जब तलक भी जियूँ ओबीओ के लिये

वक़्त इसके लिये कुछ निकालो ज़रा
ये गुज़ारिश करूँ ओबीओ के लिये

दूसरा काम कोई नहीं है मुझे
जब रुकूँ ,जब चलूँ ओबीओ के लिये

आप आऐं हमारे परिवार में
जो मिले ये कहूँ ओबीओ के लिये

अब ग़ज़ल या कथा ही नहीं दोस्तो
छन्द भी मैं लिखूँ ओबीओ के लिये

ज़िक्र इसका रहे हर ज़बाँ पर "समर"
काम ऐसे करूँ ओबीओ के लिये

समर कबीर
मौलिक/अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on April 5, 2017 at 5:51pm
जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिये आपका तहे दिल से शुक्रिया । आपने सही कहा,ओबीओ ज़िंदाबाद ।
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 5, 2017 at 5:25pm
आदरणीय समर साहब सादर नमन..बेहतरीन ग़ज़ल हुई..
Comment by Ravi Shukla on April 5, 2017 at 3:12pm

वाह वाह आदरणीय समर साहब क्‍या कहने एक बार फिर कमाल कर दिया ( पहले भी ओ बी ओ केा आधार बना कर एक गजल कही थी आपने जिसका पहला हर्फ ओ बी ओ से शुरू होता था ) आपने बहुत ही अच्‍छे भावों के साथ आपने ओ बी ओ के प्रति अपने समपर्ण को व्‍यक्त किया है दिली दाद ओ तहसीन कुबूल करें । ओ बी ओ जिंदाबाद

Comment by नाथ सोनांचली on April 4, 2017 at 4:35am
आद0 समर कबीर साहब सादर अभिवादन, वाकई में ओ बी ओ जैसा अनूठा मंच मिलना मुश्किल हैं, आपने बहुत उम्दा तरीके से आपने जज़्बात ओ बी ओ के लिए कहें, आपको हम सबकी अनन्त शुभकामनायें और बधाइयाँ
Comment by नाथ सोनांचली on April 4, 2017 at 4:35am
आद0 समर कबीर साहब सादर अभिवादन, वाकई में ओ बी ओ जैसा अनूठा मंच मिलना मुश्किल हैं, आपने बहुत उम्दा तरीके से आपने जज़्बात ओ बी ओ के लिए कहें, आपको हम सबकी अनन्त शुभकामनायें और बधाइयाँ
Comment by Samar kabeer on April 3, 2017 at 2:23pm
जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,

'है बुरी या भली ओबीओ के लिये
वक़्फ़ है ज़िन्दगी ओबीओ के लिये'

सुख़न नवाज़ी के लिये आपका शुक्रगुज़ार हूँ ।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 3, 2017 at 7:31am
है बहुत लाज़मी ओ बी ओ के लिए।--आपकी रहबरी ओ बी ओ के लिए।------मुहतरम जनाब समर साहिब आदाब, ओ बी ओ की मुहब्बत में डूबी खूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं ----
Comment by Samar kabeer on April 2, 2017 at 11:43pm
जनाब महेन्द्र कुमार जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिये आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूँ,ओबीओ ज़िंदाबाद ।
Comment by Samar kabeer on April 2, 2017 at 11:41pm
जनाब बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी आदाब,

मैं अकेला नहीं मंच पर देखिये
और भी हैं यहाँ ओबीओ के लिये

सुख़न नवाज़ी के लिये आपका बहुत बहुत शुक्रिया,दुआ कीजिये इसी तरह ओबीओ की सेवा करता रहूँ,ओबीओ ज़िंदाबाद ।
Comment by Samar kabeer on April 2, 2017 at 11:35pm
जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिये आपका शुक्रगुज़ार हूँ,ओबीओ ज़िंदाबाद ।

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