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है देशों में वो देश महान,अपना प्यारा हिंदुस्तान (देशभक्ति गीत)

छोड़ शहर की रौनक,जिसके
गाँव में बसते प्राण।
जिसकी पावन धरती ने है
जने वीर संतान।
जिसकी गौरव-गाथा का
करे विश्व गुणगान।

है देशों में वो देश महान।
अपना प्यारा हिन्दुस्तान।।

सूरत से भी ज़्यादा उनकी
होती सीरत प्यारी।
हृदय में जिनके बहती है
करुणा जग की सारी।
वक़्त पड़े तो रणभूमि में
जौहर दिखलाती नारी।

अत्याचार को देख के जिनके
दिल में उठता है तूफ़ान।।

राजतंत्र को मिटा जिन्होंने
गणतंत्र हमें बनाया।
जान गँवा के अपनी, हमको
राष्ट्रप्रेम सिखलाया।
उनको नमन करें,जिन्होंने
मुक्ति-मार्ग दिखलाया।

देश की खातिर,लिए मिटे जो
अधरों पर मीठी मुस्कान।।

लें संकल्प,बलिदान उनका
व्यर्थ नहीं जाएगा।
चीर के रख देंगे सीना,जो
दुश्मन आँख उठाएगा।
यही तिरंगा झंडा अपना
सदियों तक लहरायेगा।

लाज रखेंगे मातृभूमि की
भले जाएँ तो जाएँ प्राण।।

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by vijay nikore on December 16, 2015 at 1:31pm

 देशभक्ति के लिए ऐसी अच्छी भावनाएँ.... इस अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीय जयनित जी।

Comment by जयनित कुमार मेहता on December 14, 2015 at 1:37pm
रचना पर आपकी प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत-बहुत आभार,आ.सुशील जी।।
Comment by जयनित कुमार मेहता on December 14, 2015 at 1:28pm
रचना पर आप गुणीजनों की उत्साहवर्धक टिप्पणी पाकर आश्वस्त हुआ आ.समर कबीर जी एवं आ.लक्ष्मण धामी जी। हार्दिक धन्यवाद क़ुबूल करें।।
Comment by Sushil Sarna on December 14, 2015 at 1:28pm

देशभक्ति से ओत-प्रोत इस गीत की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय। 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 14, 2015 at 11:54am

बहुत ही सुन्दर गीत हार्दिक बधाई l

Comment by Samar kabeer on December 14, 2015 at 10:43am
बहुत शानदार गीत है,बधाई हो |

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